Saturday, November 3, 2012

Secularism in Kerala (Vishal from ABVP)

केरल का "सेकुलरिज़्म"…(एक माइक्रो-पोस्ट)


क्या आपको 19 वर्षीय युवक "विशाल" की याद है? ABVP का युवा नेता विशाल जो कि केरल के एक कॉलेज के गेट पर इस्लामिक गुण्डों द्वारा सरेआम मार दिया गया था, क्योंकि विशाल ने सिमी के आधुनिक रूप PFI और "लव जेहाद" के खिलाफ़ सक्रिय आवाज़ उठाई थी…





विशाल का कत्ल करने वाले हत्यारों की गैंग में से एक "शमीम अहमद" केरल पुलिस की हिरासत में है… और "सेकुलरिज़्म" का उम्दा प्रदर्शन करते हुए केरल के मुख्यमंत्री उम्मन चाण्ड
ी ने परसों शमीम के घर जाकर उसके परिजनों को सांत्वना दी…। मुख्यमंत्री के साथ विधायक विष्णुनाथ भी थे, जिन्होंने हाल ही में कृष्ण जन्मोत्सव पर "बाल गोपाल" का रूप धारण किए हुए बच्चों के परिजनों को यह कहते हुए चेताया था कि "ऐसा करने से बच्चे बड़े होकर हिन्दू आतंकवादी बनते हैं…"।

शमीम अहमद का भाई युवा कांग्रेस का नेता है, जो हाल ही में संघ कार्यकर्ताओं के साथ हुए संघर्ष में घायल हुआ था…। अतः (एक हत्या के आरोप में जेल में तथा दूसरा घायल) ऐसे दोनों ही "सदगुणी" भाईयों को "नैतिक समर्थन" देने के लिए चाण्डी साहब उनके घर पर पधारे थे…

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उल्लेखनीय है कि लव जेहाद के खिलाफ़ हुई विशाल की इस नृशंस हत्या के बाद मुख्यमंत्री की तरफ़ से उसके परिजनों को सांत्वना संदेश तक नहीं भेजा गया था…

"शेखूलरिज़्म की जय हो…" Sick-U-Liar Rocking...

6 comments:

Suresh Chiplunkar said...

मैं जिस नरेन्द्र मोदी "प्रवृत्ति" के सम्बन्ध में लेखमाला लिख रहा हूँ, उसका सम्बन्ध भी ऐसी ही घटनाओं से है…। इस प्रकार की घटनाओं और सेकुलरों द्वारा ऐसा भौण्डा मुस्लिम प्रेम प्रदर्शित करने की वजह से ही "मोदी प्रवृत्ति" उफ़ान पर है। यह भाजपा के उन नेताओं के लिए भी खतरे की घण्टी है, जो सेकुलरिज़्म के चक्कर में पड़कर बड़ी तेजी से अप्रासंगिक होते जा रहे हैं…।

Pratik Jain said...

सेकुलर सुअरों की इस गन्दी जमात से और कोइ उम्मीद भी नहीं की जा सकती है

indian citizen said...

hinduon ko ye pravritti aankh moondne waali badi bhaari padegi..

Ranjan Jain said...

Satya vachan! Maine ye baat pahle bhi kahi hai aur aaj bhi kah raha hoon ki agar kahi bhi hindu aatankwadi (jaisa ki kuch log kahte hain) hain to wo hindu sahishnuta ki ati se paida ho rahe hain ! Agar hamne is secularism naam ke rog ko pahle hi sahi kar diya hota to aaj hindu aatankwaad ki kadvi goliyaa is desh ko nahi jhwlni padti !

English scrpit ke liye kshama! Phone par hindi pad to sakta hoon par abhi likh nahi sakta !

प्रतुल वशिष्ठ said...

आपके विचारों से पूर्णतः सहमत ... आप अपने विचारों से न केवल राष्ट्रप्रेम जगाते हैं अपितु अपने प्रति भी ह्रदय में आस्था पनपा रहे हैं।
प्रभु, चरण-वंदना के लिए आप बाध्य किये रहते हैं।

Subhash Sharma said...

यह आश्चर्यजनक तथ्य है कि हमारे देश में सदा से राष्ट्रविरोधी तत्व ही सत्ता में निर्णायक स्थान पर रहते आये हैं। सनातनधर्मियों की भावनाओं सदा की सदा उपेक्षा और राष्ट्रविरोधी तत्वों का तुष्टिकरण करते रहने का एकमात्र कारण यह है कि इन सत्ताधारियों को बौद्ध युग से आज तक देश की बहुसंख्यक जनता की भावनाओं को कुचलने से कोई हानि नहीं होती दिखाई देती, कि ये हमारा क्या कर लेंगे। दूसरी ओर तथाकथित अल्पसंख्यक इन सत्ताधारियों की हरदम नाक में दम किये रहते हैं, जिन्हें संतुष्ट रखने के लिए ओमन चांडी और विष्णुनाथ छाप लोग किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। अत: हमें इनके आचरण में कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं लगता, बस इनकी बेहयाई ही ही दिखाई देती है।