Friday, January 6, 2012

Vote Bank Politics, Supreme Court of India and Masjid Reconstructed

वोट बैंक राजनीति के सामने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की क्या औकात…?

31 जुलाई 2009 को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के पश्चात जस्टिस दलबीर भण्डारी एवं जस्टिस मुकुन्दकम शर्मा ने अपने आदेश में कोलकाता के नज़दीक डायमण्ड हार्बर की एक अदालत के परिसर में स्थित एक मस्जिद को हटाने के आदेश दिये थे। सुप्रीम कोर्ट में आए कागज़ातों के अनुसार यह मस्जिद अवैध पाई गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को लगभग 2 वर्ष बीत चुके, और एक निश्चित समय सीमा में  मस्जिद को हटाने के निर्देश दिये गये थे। आज की तारीख में डायमण्ड हार्बर स्थित उसी क्रिमिनल कोर्ट के परिसर में उसी स्थान पर पुनः एक मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है…। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियाँ उड़ाते हुए डायमण्ड हार्बर के SDO ने इसके निर्माण की अनुमति दे दी है। इस मामले में दक्षिण 24 परगना जिले के मन्दिर बाजार स्थित राइच मोहल्ले के एक मुस्लिम नेता का हाथ बताया जा रहा है। 

सूत्रों के अनुसार राइच मोहल्ले के इन मुस्लिम नेताओं का क्षेत्र के SDO पर इतना दबाव है कि वे अपनी मनमर्जी के टेण्डर पास करवाकर सिर्फ़ मुस्लिम व्यवसाईयों को ही टेण्डर लेने देते हैं (बिहार के रेत खनन माफ़िया की तरह एक गैंग बनाकर)। राइच मोहल्ला के कुछ मुस्लिमों ने डायमण्ड हार्बर स्थित हाजी बिल्डिंग पारा के तीर्थ कुटीर में चलाये जा रहे गोपालजी ट्रस्ट की भूमि पर भी अतिक्रमण कर लिया है, लेकिन SDO के ऑफ़िस में इस हिन्दू संगठन की कोई सुनवाई नहीं हो रही…। राजनैतिक दबाव इसलिए काम नहीं कर सकता, क्योंकि वामपंथी एवं तृणमूल कांग्रेस, दोनों ही मुस्लिम वोटरों को नाराज़ करना नहीं चाहते


पश्चिम बंगाल स्थित संस्था हिन्दू सम्हति के कार्यकर्ताओं ने मस्जिद तोड़े जाने तथा उसके पुनः निर्मित किये जाने के वीडियो फ़ुटेज एकत्रित किए हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा ढहाई गई अवैध मस्जिद के स्थान पर ही दूसरी मस्जिद के निर्माण की गतिविधियाँ साफ़ देखी जा सकती हैं। स्थानीय अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस कार्य की अनुमति प्राप्त करने के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत, उच्चाधिकारियों को दी गई है…

(डायमण्ड हार्बर से हिन्दू सम्हति के श्री राज खन्ना की रिपोर्ट पर आधारित…
http://southbengalherald.blogspot.com/2011/12/illegal-mosque-construction-within.html 

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चलते-चलते एक निगाह इस खबर पर भी…:-
पश्चिम बंग से ही सटे हुए बांग्लादेश के सिलहट में एक स्कूल के वार्षिकोत्सव के दौरान हिन्दू बच्चों एवं उनके पालकों को जानबूझकर गौमांस परोसा गया। भोजन का बहिष्कार करने एवं विरोध प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रबन्धन ने मामला रफ़ा-दफ़ा कर दिया। उल्लेखनीय है कि इस अग्रगामी गर्ल्स स्कूल की स्थापना, ख्यात समाजसेविका देवी चौधरानी ने की थी, परन्तु बांग्लादेश हो या पाकिस्तान, अल्पसंख्यक हिन्दुओं को नीचा दिखाने तथा उनका धार्मिक अपमान करने का कोई मौका गँवाया नहीं जाता

8 comments:

Jeet Bhargava said...

मुझे क्या पडी है, मैं तो मुम्बई, अहमदाबाद, दिल्ली में हूँ. बंगाल में मेरा कोई रिश्तेदार या दोस्त या बिरादरी वाला भी नहीं है. हिन्दू जनता इसी के लायक है. हमेशा जात-पांत, प्रांत-भाषा में बंटी हुई. न कभी एकजुट हो सकती है और ना ही डटकर मुकाबला कर सकती है ना ही अपने समाज के व्यापक हित में विचार कर सकती है.

Jeet Bhargava said...

पश्चिमी बंगाल के सीमावर्ती इलाको में सोनिया सरकार या ममता सरकार का नहीं बल्कि तालिबान का राज चल रहा है. भारत की संप्रभुता खतरे में है. अगर बचानी है तो इस याचिका के समर्थन में हस्ताक्षर करे. हिन्दू भाइयो इसमें कोई खर्च नहीं है. आपकी गठरी से धेला भी ढीला नहीं करना है. कर लो हस्ताक्षर..

I just signed the petition "His Excellency, Hon. Prime Minister of India: Stop the Talibanisation of W.Bengal's border; Protect India's Sovereignty" and wanted to see if you could help by adding your name.

Our goal is to reach 10,000 signatures and we need more support. You can read more and sign the petition here:

http://www.change.org/petitions/his-excellency-hon-prime-minister-of-india-stop-the-talibanisation-of-wbengals-border-protect-indias-sovereignty

Thanks!

जितेन्द्र सिंह : राष्ट्रवादी भारतीय... said...

सुरेश भाई जी आभार... अंग्रेजी नववर्ष के पहले लेख के लिए...
आप तो हिन्दू-जन-जागरण का अपना कर्तव्य बखूबी निभा रहे हो...
मगर हम क्या करें भाई जी...
आखिर कब तक हमारे सीने इस हिन्दू विरोधी आग से धधकते रहेंगे...
और ये आग दावानल की तरह बढ़ रही है... कभी केरला तो कभी बंगाल ये 'मुल्ले' हम पर हावी होते जा रहे हैं...
कोई उपाय तो होना चाहिए..??? और सिर्फ उपाय नही.. उपाय का 'ठोस क्रियान्वयन' भी होना चाहिए...
और कितना जलेंगे हम.. और कितना..??

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

जागो, जागो, जागो.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

इस पोस्ट पर आई टिप्पणियाँ यह नहीं दर्शातीं कि हम हमेशा सोते हैं.

सुलभ said...

वोट बैंक राजनीति की इन्तेहा क्या हो सकती है, ये आसानी से समझा जा सकता है.

hardeep rana said...

raam raam ji,

ham hindu kuchh jyada hi hindu hai,kaise...? is par kar ar vichar karna samay nasht karne jaisa lagta hai kai baar! ham andar se se hi itne sudh-buddh(u) ho chuke hai sab kuchh hame kshma karne yogya lagta hai!sahn karna hamari aisi aadat ho gayi hai ki lagta hai jaise ki sabko maaf karna hamne seekh lya hai,nahi maante ki kuchh karne laayak ham bache hi nahi....to jab dand nahi de sakte to maaf kar hi sakte hai..... to kar rahe hai.... sab kuchh dekh kar sahn kar rahe hai or maaf kar rahe hai.....

kunwar ji,

vipin kumawat_shahpura_bhilwara_rajasthan said...

jamana power ka he or power vote se milta he atah power ke aage aadeso ka kya?rajnetao ne kanun ki aakhe hi nahi hath per bhi bandh rakhe he.