Saturday, December 3, 2011

EVM Hacking exposed, Voting Machines in India

वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ फ़िर उजागर…:- सात में से पाँच वोट हमेशा कांग्रेस को

महाराष्ट्र के अर्धापुर नगर पंचायत चुनाव हेतु निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी राजनैतिक दलों को चुनाव प्रक्रिया एवं मतदान पद्धति तथा मशीनों को चेक करने हेतु एक प्रदर्शन (Demonstration) रखा गया था। इसमें जिस इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर सभी उम्मीदवारों को प्रक्रिया समझाई जानी थी, उसके प्रदर्शन के दौरान सात वोट डाले गये जिसमें से पाँच कांग्रेस के खाते में गये। ऐसा दो-दो बार और हुआ, इसके पश्चात वहाँ उपस्थित सभी राजनैतिक दल हैरान रह गये (कांग्रेस के अलावा)। निर्वाचन अधिकारी डॉ निशिकान्त देशपाण्डे ने "शायद मशीन खराब है…" कहकर मामला रफ़ा-दफ़ा कर दिया और अगली तारीख पर दोबारा प्रदर्शन करने हेतु बुला लिया।

मशीनों के निरीक्षण के दौरान सात अलग-अलग बटनों को दबाया गया था, लेकिन गणना में पाँच मत कांग्रेस के खाते में दर्शाए गये। शिवसेना के निशान धनुषबाण का बटन दबाने पर वह वोट भी कांग्रेस के खाते में ही जा रहा था…। पिछले विधानसभा चुनाव में डॉ निशिकान्त देशपांडे ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के निर्वाचन क्षेत्र में अधिकारी थे, उस समय भी शिवसेना-भाजपा ने चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की थी, जिसका निराकरण पाँच साल होने के बाद भी नहीं हुआ है। शिवसेना ने इस समूचे प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच करवाने हेतु राष्ट्रपति को पत्र लिखा है, एवं आगामी विधानसभा चुनावों में उपयोग की जाने वाली सभी EVM की जाँच की माँग की है…।



वोटिंग मशीनों में हैकिंग और सेटिंग किस प्रकार की जा सकती है, इस सम्बन्ध में हैदराबाद के एक सॉफ़्टवेयर इंजीनयर श्री हरिप्रसाद ने बाकायदा प्रयोग करके दिखाया था, लेकिन सरकार ने उसे भारी परेशान किया था… इस सम्बन्ध में मेरे पिछले लेखों को अवश्य पढ़ें, ताकि मामला आपके समक्ष साफ़ हो सके (सुविधा हेतु लिंक दे रहा हूँ…)


http://blog.sureshchiplunkar.com/2009/06/evm-rigging-elections-and-voting-fraud.html

http://blog.sureshchiplunkar.com/2009/05/electronic-voting-machines-fraud.html

http://blog.sureshchiplunkar.com/2010/08/evm-hacking-hari-prasad-arrested.html


उल्लेखनीय है कि डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी एवं एस कल्याणरमन ने इस विषय पर एक पुस्तक भी लिखी है, जिसमें वोटिंग मशीनों की हैकिंग के तरीके, भारतीय वोटिंग मशीनों की गड़बड़ियों तथा विदेशों में इन मशीनों के हैक होने के विभिन्न प्रकरणों तथा कई प्रमुख देशों द्वारा इन मशीनों को ठुकराये जाने अथवा प्रत्येक मतदाता को उसकी वोटिंग के पश्चात "सही रसीद" देने का प्रावधान किया गया है…(Book :- Electronic Voting Machines - Unconstitutional and Tamperable... ISBN 978-81-7094-798-1)

पिछले आम चुनाव में शिवगंगा लोकसभा सीट से पी चिदम्बरम का निर्वाचन भी अभी तक संदेह के घेरे में है, उस चुनाव में भी पी चिदम्बरम पहली मतगणना में 300 वोटों से हार गये थे, दूसरी बार मतगणना में भी यह अन्तर बरकरार रहा (विभिन्न न्यूज़ चैनलों ने इसकी खबर भी प्रसारित कर दी थी), परन्तु चिदम्बरम द्वारा तीसरी बार मतगणना की अपील किये जाने पर "आश्चर्यजनक रूप से" चिदम्बरम 3354 वोटों से विजयी घोषित हुए थे। विपक्षी उम्मीदवार ने जो शिकायत की थी, उसका निराकरण भी पिछले 3 साल में नहीं हो सका…।

अब वक्त आ गया है कि कांग्रेस द्वारा आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों तथा 2014 के लोकसभा चुनावों में मतदाता को वोट डालते ही तत्काल एक पर्ची प्रिण्ट-आउट का प्रावधान किया जाए, ताकि मतदाता आश्वस्त हो सके कि उसने जिसे वोट दिया है, वह वोट उसी उम्मीदवार के खाते में गया है हाल-फ़िलहाल ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने से इन मशीनों को हैक करके इसमें कुल वोटिंग प्रतिशत का 70-30 या 80-20 अनुपात में परिणाम कांग्रेस के पक्ष में किया जा सकता है (बल्कि आशंका यह भी है कि चुनिंदा लोकसभा क्षेत्रों में पिछले लोकसभा चुनाव में शायद ऐसा ही किया गया हो, परन्तु यह कार्य इतनी सफ़ाई और गणित लगाकर किया गया होगा ताकि किसी को शक न हो…)। परन्तु इस धोखाधड़ी का इलाज मतदाता को वोट की रसीद का प्रिण्ट आउट देकर किया जा सकता है…

डॉ स्वामी इस सम्बन्ध में पहले ही माँग कर चुके हैं, चुप्पी भरा आश्चर्यजनक रवैया तो भाजपा का है, जो इस मुद्दे को ठीक से नहीं उठा रही…।

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स्रोत… :- http://www.saamana.com/2011/December/03/Link/Main1.htm

22 comments:

isource services said...

ऐसा भी हो सकता है की printout तो आपको सही मिले लेकिन अन्दर जो vote में register हुआ हो वो कांग्रेस का हो. यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है. मुझे थोड़ी बहुत प्रोग्रम्मिंग आती है और EVM मशीन की ट्विस्ट करना कोई बड़ी बात नहीं है . आपको याद होगा अभी ६-८ महीने पहले ही प. चिदंबरम बड़े दंभ से कह रहे थे की बीजेपी का आने वाले २० सालों में सत्ता में आने का कोई चांस नहीं है . लगता है सारी सेट्टिंग इन्ही की उपज है.

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

अब और कितनी तानाशाही झेलनी पड़ेगी? कांग्रेस को चाहिए कि अब साफ़ साफ़ खुद को तानाशाही गद्दाफी की औलाद घोषित कर दे| भारत की मुर्ख जनता भी शायद इसी तानाशाही के लायक है| अब भी बुद्धिजीवी बनने का का भूत सवार है| खुद को पॉलीटिकली करेक्ट करने का जूनून सवार है| कुत्तों की मौत मर जाएंगे लेकिन खुद के हक़ के लिए लड़ नहीं सकते| सारे बादल छंटने के बाद भी कोई भला क्या उखाड़ लेगा इस कांग्रेस का? क्या है किसी में दम जो किसी भ्रष्टाचारी व धोखेबाज़ को सज़ा दिला सके| बाबा रामदेव ने तो भ्रष्टाचारी के लिए मृत्युदंड माँगा है| सब कुछ साफ़ होने पर क्या सोनिया को सूली पर चढाने की हिम्मत है इस देश में?
भाजपा की तो बात ही छोडिये| ऐसा नपुंसक (क्षमा करें) दुश्मन हो तो दोस्तों की क्या ज़रूरत है?

Mirchi Namak said...

कन्ही ऐसा तो नही कि भाजपा भी बिक गयी कांग्रेस के हाथो क्यौकि राजनीत मे कुछ भी सम्भव है दोनो पार्टीयों का उद्देश्य तो जनता को लूटना ही है फिर तरीका चाहे जो भी क्यों न हो,,,, लेकिन इक बात मेरे समझ मे नही आयी २००९ २०१० के चुनाव मे मै भी प्रथम पोलिंग अधिकारी था और मैने भी वोटिंग मशीन को अच्छे से चलाया था पर मुझे ऐसा कुछ
भी नही दिखा यहां तक फाइनल वोटिंग के दिन अभिकर्ताऔ को भी वोट पडने के ठीक पह्ले मशीन मे
वोट डाल कर के चेक कराकर ही वोटिग प्रारम्भ करायी तो क्या आप बतायेगे कि ये कैसे सम्भव है.....

Harsch Kumar Lall said...

वोट डालने का ऐसा सबसे सुरक्षित तरीका जिसमे घपलेबाज़ी की कोई जगह ही नहीं है. इस मतदान प्रक्रिया का उद्देश यह है कि मतदान गोपनीय हो पर हर वोट जांचा भी जा सके.
हर मतदाता सिर्फ अपने दिए हुए वोट की ही जांच कर सके पर दूसरा कोई भी उसके वोट कि जांच नहीं कर सके.
वोटिंग के लिए वोटिंग मशीन की मदद तो ली जाये पर उस पर पूर्ण निर्भरता न हो.
कुंजी यह है कि जब मतदाता वोट डालने जाये तो उसको एक बेलेट फॉर्म दिया जाये जिसमें बायीं ओर उम्मीदवारों की लिस्ट हो तथा दायी ओर उसके सामने ठप्पा लगाने की जगह हो.
अब सोचिये एक चुनाव क्षेत्र के सभी बेलेट फॉर्म है और सभी में उम्मीदवारों की लिस्ट अनिश्चित रूप से अलग-अलग क्रम में है. मतदाता बेलेट फॉर्म में दायी तरफ अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने ठप्पा लगा कर बेलेट फॉर्म के बाएं हिस्से को (जिसमे उमीदवार की लिस्ट है) फाड़ कर अलग कर लेता है.
अब कोई भी नहीं बता सकता की उसने किस उमीदवार को वोट दिया है. हर बेलेट फॉर्म में ऊपर के हिस्से में ठप्पा लगाने वाली तरफ जटिल निशान, एक कूट लिपि (एनक्रिप्टेड) में 2D बारकोड बना है जिसको वोटिंग मशीन स्कैन कर सकती है.

आप इस तरह वोट डालते है:-
मतदान के समय निर्वाचन कर्मचारी को आप अपनी पहचान बता कर मतदान कि प्रक्रिया शुरू करते है. आपको एक बेलेट फॉर्म दिया जाता है जिसमे दायी तरफ....... पूरी प्रक्रिया जानने के लिए कृपया लिंक पर क्लिक करे.... https://www.facebook.com/pages/NECTAR-The-JOY-of-Learning/207492439299677

Vivek Rastogi said...

सब एक ही थाली एक चट्टे बट्टे हैं, कोई कुछ नहीं बोलेगा, उन्होंने भी कही ना कहीं सेटिंग कर रखी होगी ।

ePandit said...

प्रिंटआउट रसीद वाला सुझाव अच्छा है। निश्चित रूप से ईवीऍम में हैकिंग सम्भव है। हाँ मैं ईवीऍम की बजाय दोबारा बैलेट पैपर से मतदान (जैसा कि कुछ राजनैतिक दल माँग करते रहते हैं) के पक्ष में नहीं हूँ, निर्वाचन में लगे कर्मचारियों को इससे अकल्पनीय सुविधा हुयी है। बैलेट पेपर से मतदान पाषाण युग में लौटने जैसा होगा।

Anonymous said...

http://www.voanews.com/english/news/usa/US-Lab-Says-Electronic-Voting-Machines-Easy-to-Hack-132016698.html

Anonymous said...

http://www.nytimes.com/2007/07/28/us/28vote.html

सुलभ said...

.
इ. वी. एम् को शत प्रतिशत हैक प्रूफ नहीं कहा जा सकता है. हाँ, ई-वोटिंग की सुविधा कारगर हो सकती है.
इसमें बहुत सारे EVM की जरुरत भी नहीं होगी. वोट हो जाने के बाद रिकॉर्ड सेन्ट्रल डेटाबेस में सुरक्षित रहेंगे. फिर भी अभी बहुत रीसर्च करने की जरुरत है, इसके बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जा सकता है.

जब सारे के सारे बिकाऊ हों फिर मामला तो पेंडिंग ही रहेंगे. मतदाताओं का जागरूक होना और अपने मौलिक अधिकारों के लिए लड़ना पहली शर्त है.

Man said...

वन्देमातरम सर ,
भारत से ४० साल आगे चलने वाला देश अमेरिका और यूरोप के कई देश आज बेल्लेट पेपर का यूज कर रहे हे तो इसका मतलब ये मशीने विस्वसनीय नही हे

संजय बेंगाणी said...

यह समझ नहीं आया..

इस धोखाधड़ी का इलाज मतदाता को "वोट की रसीद का प्रिण्ट आउट" देकर किया जा सकता है…

बेईमान सही रसीद देगा?

राहुल पंडित said...

सभी धर्म प्रेमी देश भक्त मित्रों, भाईयों और बहनों को यह सूचित किया जाता है कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में अग्निवीर एक विशाल शुद्धि कार्यक्रम करने जा रहा है जिसमें सैकड़ों मुसलमान और ईसाई भाइयों बहनों को वापस वैदिक (हिन्दू) धर्म में लाया जाएगा. अपने सदियों से बिछुड़े भाइयों बहनों की घर वापसी की सूचना देते हुए हमें बहुत हर्ष हो रहा है. आप सब से प्रार्थना है कि agniveer.com पर जाकर अधिक सूचना प्राप्त करें और इस मानवता के कल्याणकारक कार्य में तन मन धन से सहयोग करें. ईमेल से अति शीघ्र संपर्क करें vedas@agniveer.com पर. ईश्वर धर्म के इस कार्य को करने में हमें बल सामर्थ्य प्रदान करे, यही प्रार्थना है. कृण्वन्तो विश्वमार्यम् http://agniveer.com/6087/shuddhi/

Deora Chen Singh said...

लम्हो ने खता कि और सदियो से सजा पाई. 1947 मे कोग्रेस को भंग न करने का परिणाम तो देश को भुगतना ही पडेगी.

Anonymous said...

ek display laga den, jisme total votes, aur party wise vote aayen.. poore desh me ek hi din matdaan ho..
sena bhi lagayi ja sakti hai...
100 % voting ho... anivarya voting..
ghar ghar jakar bhi kara len to koi dikkat nahi...
shaam tak sarkaar ka bhi pata chal jaayega...

AZFAR JADU KHAN said...

PURI VOTING ONLINE HOJAY VOTER APNA VOTE JESE HI DALY USKO IESCREEN P DIKHY K USNE SAHI VOT DALA H JIS KO USY DALNA H ,IES S TIME BHI BACHY GA COUNTING KA ,PURI IMANDARI S VOTTING HOGI KOI DHOKA NAHI D SKTA JESE SHEAR MARKIT KA ONLINE CHALTA H WESE HI VOTING KA HONA CAHIY TB KOI SUDAHAR AYGA , ESE VOTING MASHIN K BARE M BTA KR BHI VOTTING KO SAHI NAHI K SKTY ,ONLINE VOTING HOGI TO COUNTING BHI SAATH SAATH HOGI JALDI MALUM PDJAYGA K KON POWER M AYGA .,.,.,.,................

abhishek said...

sureshji, dr.swamy has been fighting this case and has got some success but we all have to be united for future also. there are certain elements in bjp who are have become pseudo congressman, but all nationalists should unite to see bharat mata is saved and rebuilt to it's original glory.

Anonymous said...

kongress is 100% sure that they will gain power in 5 assemblay elections because of this EVM and nobody will question?

otherwise there was no chance of kongress winning in general elections..

iluvmyIndia said...

Sabse badhiya aur saaf suthra tarika ye hai par thoda mushkil ...... ki jab bhi hum vote dalne jaye to uski counting samne hi ho ...jaisa ki maine apne area me dekha hai ki .... 1 govt school me vote dalne jate hai .... waha 4 class room ke ander area wise 4 section me voting hoti hai .... waha 1 screen laga deni chaiye 1 us room ke bahar aur 1 ander jo ki us Evm mechine se judi honi chaiye ..... taki jab hum line me khade ho to counting dekhte rahe aur jab andar jaye to hume position ka pata chalta rahe aur jaise hi hum apna vote daale apni aakho ke samne hi vote count hota dekh le us screen par.....aur result bhi usi din diclare ho jane chaiye saath me print out bhi milna chaiye .... mujhe lagte hai ki ye tarika sabse best hai aur sabko pasand aana chaiye ... isme baimani ki koi gunjaish nahi ....

diya shah said...

kyu wahiyat artikals likhte ho? aaj 20 march 2012 hai agar aap sahi ho ki evm ko congress ne hack kiya hai to fir congress harti kyu hai?

supriya said...

That's because congress plays safe. It programs evm to get only sufficient votes to be able to in power. Please open up your mind and research. USA, japan and many other nations have labelled evm machines as unconstitutional and tamper-able and opted for ballot paper instead. Machines can be and are definitely hacked. Please wake up. Our country is going down n down.

"पलाश" said...

प्रिंट देना तो वोट की गोपनीयता को भंग करना हो जायगा । हाँ मशीन पर ही यदि ऐसा सम्भव हो कि वोट लाक होने से पहले आपको आपका चुना हुआ आप्शन दिखाये , और वोट पूरा होने के बाद भी दिखाये कि आपने किसका चुनाव किया है तो इस तहर की गडबडी से कुछ हद तक बचा जा सकता है..

"पलाश" said...

प्रिंट देना तो वोट की गोपनीयता को भंग करना हो जायगा । हाँ मशीन पर ही यदि ऐसा सम्भव हो कि वोट लाक होने से पहले आपको आपका चुना हुआ आप्शन दिखाये , और वोट पूरा होने के बाद भी दिखाये कि आपने किसका चुनाव किया है तो इस तहर की गडबडी से कुछ हद तक बचा जा सकता है..