Uttarakhand Rail Project, Sonia Gandhi and BC Khanduri
सोनिया गाँधी की "वैधानिकता" पर अधिकृत रूप से सवाल उठाने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री?
उत्तराखण्ड में ॠषिकेश से कर्णप्रयाग की रेल लाइन के निर्माण का भूमिपूजन विशाल पैमाने पर किया जाना था। उत्तराखण्ड में आगामी चुनाव को देखते हुए इस रेल परियोजना की नींव का पत्थर रखने के लिए सोनिया गाँधी को आमंत्रित किया गया था (ये कोई नई बात नहीं है, कई राज्यों में एक संवैधानिक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अपमान करते हुए सोनिया गाँधी से उदघाटन करवाने की चरणपूजन परम्परा रही है।)। अपनी "रहस्यमयी बीमारी" के बाद सोनिया गाँधी की यह पहली विशाल आमसभा भी होती…।
परन्तु ऐन मौके पर उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री खण्डूरी ने कांग्रेस के रंग में भंग कर दिया। हाल ही में अण्णा की मंशा के अनुरूप जनलोकपाल बिल पास करवा चुके और टीम अण्णा की तारीफ़ें पा चुके भुवनचन्द्र खण्डूरी ने "प्रोटोकॉल" का सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति भवन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय से लिखित में पूछा, कि "आखिर सोनिया गाँधी किस हैसियत से इस केन्द्रीय रेल परियोजना की आधारशिला रख रही हैं?, न तो वे प्रधानमंत्री हैं, न ही रेल मंत्री हैं और UPA अध्यक्ष का पद कोई संवैधानिक पद तो है नहीं?…यह तो साफ़-साफ़ संवैधानिक परम्पराओं का उल्लंघन एवं प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का अपमान है…"।
इसके बाद सोनिया गाँधी का यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और इस आधारशिला कार्यक्रम में एक सांसद ने सोनिया गाँधी का एक संदेश पढ़कर सुनाया, वैसे यदि यह कार्यक्रम अपने मूलरूप में सम्पन्न होता भी तो दिनेश त्रिवेदी (रेलमंत्री), भरतसिंह सोलंकी और केएम मुनियप्पा (दोनों रेल राज्यमंत्री) सोनिया गाँधी के पीछे-पीछे खड़े होकर सिर्फ़ हें-हें-हें-हें-हें करते हुए हाथ भर हिलाते, लेकिन अब रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी को उनका "उचित संवैधानिक सम्मान" मिला।
ज़ाहिर है कि कांग्रेस खण्डूरी के इस वार से भौंचक्की रह गई है, क्योंकि अभी तक किसी मुख्यमंत्री की ऐसे "असुविधाजनक सवाल" उठाने की "हिम्मत"(?) नहीं हुई थी। मजे की बात देखिये कि राज्य की इस महत्वपूर्ण योजना के इस संवैधानिक कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री को ही निमंत्रण नहीं दिया गया था, मानो यह रेल परियोजना "गाँधी परिवार" का कोई पारिवारिक कार्यक्रम हो। अब शर्म छिपाने के लिए कांग्रेस द्वारा "उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे" की तर्ज पर प्रदेश कांग्रेस ने खण्डूरी की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस ने कहा है कि सोनिया गाँधी बीमारी की वजह से उनका यहाँ आना रद्द किया गया है, इसका खण्डूरी के सवालों से कोई लेना-देना नहीं है…।
इस पूरे मामले में खण्डूरी एक हीरो और विजेता बनकर उभरे हैं, क्योंकि आए दिन गाँधी परिवार के नाम से शुरु होने वाली योजनाओं और "सिर्फ़ एक सांसद" की संवैधानिक हैसियत रखने वाली सोनिया गाँधी जब-तब हर राज्य में जाकर केन्द्र की विभिन्न परियोजनाओं को झण्डी दिखाती रही हैं, मंच हथियाती रही हैं…। माना कि भले ही उन्होंने एक प्रधानमंत्री "नियुक्त"(?) किया हुआ है, एक राष्ट्रपति भी "नियुक्त"(?) कर रखा है, लेकिन संविधान तो संविधान है, कम से कम उन्हें उनका उचित अधिकार तो लेने दीजिये।
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से इस "व्यवस्था"(?) पर सवाल उठाया है। कोई भी केन्द्रीय परियोजना जनता के पैसों से ही बनती और चलती है, तो इसकी आधारशिला और उदघाटन का अधिकार प्रधानमंत्री, सम्बन्धित विभाग के मंत्री अथवा राज्य के मुख्यमंत्री का होता है, जो कि संवैधानिक पद हैं, जबकि सोनिया गाँधी 545 में से "एक सांसद भर" हैं (न तो UPA और न ही NAC, दोनों ही संवैधानिक संस्था नहीं हैं), हाँ… वे चाहें तो राजीव गाँधी फ़ाउण्डेशन के किसी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर सकती हैं, क्योंकि वे उस संस्था की अध्यक्षा हैं। परन्तु एक आधिकारिक शासकीय कार्यक्रम में मुख्य आतिथ्य अथवा फ़ीता काटना या हरी झण्डी दिखाना उचित नहीं कहा जा सकता।
सोनिया गाँधी के पिछले दो वर्ष के विदेश दौरों और इलाज पर हुए खर्च का कोई ब्यौरा सरकार के पास नहीं है, अब देखना है कि खण्डूरी के इस वैधानिक और वाजिब सवाल पर "लोकतंत्र के कथित रखवाले" क्या जवाब देते हैं? परन्तु जिस बात को सुनने से कांग्रेसजनों का मुँह कसैला हो जाए, जिस बात को भाण्ड मीडिया कभी नहीं उठाएगा, वह बात कहने की इस "हिम्मत" दिखाई के लिए भुवनचन्द्र खण्डूरी निश्चित रूप से बधाई के पात्र हैं…। लगता है कि अब भाजपाई भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की हिम्मत और प्रयासों से प्रेरणा ले रहे हैं, जो कि अच्छा संकेत है…।
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http://english.samaylive.com/nation-news/676495877/sonia-gandhi-cancels-foundation-laying-ceremony-in-uttarakhand.html




30 comments:
जब कहा जाता है कि भाजपा में कई लोग प्र.मं. पद के लायक है तो कोई गलत नहीं कहते. खंडुरी ने कमाल का काम किया है. बधाई.
हाल ही में चीन गए मोदी ने पहले दिन ही चीन का ध्यान भारत के गलत नक्शे की ओर दिलवाया. वहीं दिल्ली में इसी सवाल पर भारतीय पत्रकार को "सटअप" कहने वाले चीनी राजदूत के आगे भारत के प्र.मं. खिसयाये दिखे.
अब भारत की जनता पर है कि वे नपुंसक धर्मनिरपेक्षता को चाटते है या बहादूरों को देश की कमाल सौंपते हैं.
किसी मुख्य मन्त्री ने यह कह कर आईना दिखाया है कि तुम वास्तव मे क्या हो!!
धन्यवाद सुरेश जी!! ऐसे ही लिखते रहे !!
बहुत सुन्दर लेख सुरेश जी!! किसी मुख्य मन्त्री ने ऐसा कह कर आईना दिखाया है!
खंडूरी ने ठीक एक बहादूर सैनिक की तरह हिम्मत दिखलाई है. कांग्रेस के इन रीढ़विहीन रेंगते हुये कीड़ों में कभी इतना आत्मसम्मान नहीं आ सकता जितना भारत के एक सिपाही में होता है.
संजय बेंगाणीं जी ने भी एकदम सही कहा है. कल मोदी ने चीन जाकर उस तरह बात की जिस तरह भारत के राष्ट्राध्यक्ष को करनी चाहिये.
लेकिन क्या सचमुच हमें इस 'नौकर-शाह' प्रधानमंत्री से कुछ अपेक्षायें रखनी चाहिये यह सोचने योग्य है.
भाजपा को जल्द से जल्द किसी भी एक लायक व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर अपनी रणनीती बनानी चाहिये, लेकिन जीत तभी होगी जब वो नेता दिल्ली में बैठे हुये दलालों में से एक न हो. संघ को भी अब इस बात का फैसला करवा ही देना चाहिये और पार्टी को रेड्डी की मम्मियों और पापाओं से बचाना चाहिये.
Salute To Rt. Major General Khanduri!
सही बात सुरेश जी ऐसा ही ज्ञान थोडा सा हमारे हिमाचल के मुख्यमंत्री को भी देना चाहिए था जब रोहतांग में उन्होंने टनल का उद्घाटन किया था! वो किस हैसियत से वहां थी कुछ समझ में नहीं आया था! यही आजकल भारत निर्माण के विज्ञापन में भी हो रहा है जहाँ सोनिया और मनु की ही फोटो है क्या सोनिया गाँधी सरकार हैं जो DAVP उनका विज्ञापन किये जा रही है? जिधर देखो उधर ही गाँधी पार्क, राजीव विद्यालय, इंदिरा स्टेडीयम, नेहरु गली और पता नहीं क्या क्या ........... क्यूँ नहीं और शहीदों और महान नेताओं के नाम ये लोग स्मारक बनाते /बनवाते?
कमाल है भांड मीडिया ने यह खबर भी गोल कर दी!
@लगता है कि अब भाजपाई भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की हिम्मत और प्रयासों से प्रेरणा ले रहे हैं, जो कि अच्छा संकेत है…।
धीरे धीरे ही सही, अच्छी खबरें आएँगी.
सटीक..........!
श्री भुवनचन्द्र खण्डूरी जी को बधाई!!
धन्यवाद सुरेश जी ..बधाई खंडूरी जी.
पंकज झा.
अलिखित प्रोटोकॉल भी तो कोई चीज होती है:) दिग्गी राजा को अब फ़ोकस ABC से हटाकर BCK पर करना पड़ेगा। तो तैयार हो जाते हैं एक और हास्यास्पद बयान सुनने के लिये, हम लोग:)
धन्यवाद सुरेशजी - ऐसी जानकारी समाचारपत्र में देर से आती है और कभी तो नहीं भी आती -आप के प्रयास से अच्छी जानकारी जल्दी मिलती है
वन्देमातरम सर
हमें ऐसे ही रीढ़ वाले नेतावो की आवश्यकता हे
is paid media pe bhi anna jesa jordarr andolan hona chahiye abhi suthregy,kuki ye lato ke bhut hy
Sh Khanduri ka virodh bilkul uchit hai. unhi ke pradesh me karyakram ho aur unhe khabar bhi na di jaye ye unka apman hai. Lekin Khanduriji ko is prashn ka jawab bhi dena chahiye ki unhi ki party ne kis haisiyat se apne rashtriya adhyaksha se pradesh ki vibhinn yojnaon ka sarkari kharch par lokarpan karvaya tha aur sarkari vigyapano me unki tasver bhi di gayi thi.
सादर वन्दे !
पुरे लेख की आखिरी लाईन सबसे महत्त्वपूर्ण है "लगता है कि अब भाजपाई भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की हिम्मत और प्रयासों से प्रेरणा ले रहे हैं, जो कि अच्छा संकेत है…।"
विपक्ष की नाकामी से ये सब कामयाब हो रहे हैं ...नहीं तो आज बीजेपी चाह ले तो ...सरकार का एक कदम चलना मुश्किल हो जायेगा ....
हर बार की तरह इस बार भी आपको साधुवाद !
लगता है कि अब भाजपाई भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की हिम्मत और प्रयासों से प्रेरणा ले रहे हैं, जो कि अच्छा संकेत है…।
aapne to kamal kar diya or aap samman ke paatr hain. or dhanywad
आज की यह खबर पढ कर दिल खुश होगा,डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ओर श्री खण्डूरी जी को बधाई
Please write an article about ISKCON also. What are they doing ?
Very nice. Media behaving as Congress workers should be exposed. This should start from those hypocrite politicians who are claiming to provide an alternative to present Govt. This DOUBLE speak also needs to be exposed of all parties and their chiefs who are working hand in glove.
एक सटीक और कांग्रेसी चापलूसों के सीने पर सांप की तरह लोट-पलोटता संपूर्ण सत्य लेख... सुरेश भाई जी शुभकामनायें...
इन लोकद्रोही कांग्रेस के लुटेरे रहनुमाओं को केवल कोई राष्ट्रभक्त या फिर भारतीय सेना का सपूत ही 'चमकता आइना' दिखा सकता है... और श्री भुवन चन्द्र खंडूरी जी ने बेबाक सच कहने की हिम्मत और साहस का परिचय दिया है वो एक एतिहासिक मिसाल है... और तमाचा है अशोक गहलोत जैसे चाटुकारों के मुंह पर जो सामान्य हस्पताल में पैदा हुई बच्ची की माँ को पैसे देकर कहता है कि इसका नाम 'सोनिया' रखो...
वन्दे मातरम्...
जय हिंद...जय भारत...
अंततः एक सुरमा निकल ही आया , जिसने सोनिया और उनके चाटुकारों को उनकी औकात बता दी. ये औकात दिखाने की मशाल जलती रहनी चाहिए.
Suresh ji ram-ram
khanduri ji ka soniya per ? karnaa ek sandar kaam he iske liy unko thatha iss khabar ko appne pathko thak pahuchane k liy app ko , hardik dhanyabad, badhai
Vijender
Bahut Bahut Achchha!
Sabhi Deshbhakto ko badhai!
Tir bahut sahi nisane par laga hai.
Isi tarah Deshbhakt tir chalare rahe to Desh ke dusmano ko bhagana hi parega.
Behatrin aukat dikhYi hai khanduri ji ne.
haa dosto mai puchhna chahta hu ki www.bhandafodu.blogspot.com kyo nhi open ho rha hai...
हमें गर्व है...आभारी हैं हम खंडूरी जी के...
इस बिना रीढ़ की हड्डी वाली 'केंचुआ-सरकार' की strategy तो आउट हो चुकी है . इनका एकसूत्री कार्यक्रम है -देशभक्तों पर आरोप लगाना और अनावश्यक जांच-आयोग बिठाना ताकि बड़े-बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके. ....ऐसे में इनके साथ ' tit for tat ' जाना चाहिए. ....इनकी हर हरकत पर अविलम्ब प्रश्नचिन्ह लगाना चाहिए ताकि ये भी अपनी आदतों से बाज आयें. ...आभार सुरेश जी.
Dr.Subramanian swamy and khanduri ji are true patriots and hindus. rest all bjp gang(d4) advani, jaitley, sushma and anant kumar are pseudo-bjp members and ratify congress.
shame on such hypocrats!!!!!!!!!!
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