Tuesday, October 4, 2011

Sanjeev Bhatt, Rajbala, Baba Ramdev and Corrput Indian Media

प्रस्तुत दोनों लेख अहमदाबाद निवासी श्री जीतेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा लिखे गये हैं, चूंकि मुझे बहुत पसन्द आए हैं इसलिए अपने पाठकों हेतु, मैं उनकी अनुमति से इसे यहाँ कॉपी-पेस्ट कर रहा हूँ…। दोनों लेख ज्वलंत मुद्दों पर हैं और गम्भीर रूप से विचारणीय हैं…।
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लेख क्रमांक 1
आखिर इस देश की नीच मीडिया संजीव भट्ट की पूरी सच्चाई इस देश को क्यों नहीं बताती ??

मित्रों कांग्रेस और विदेशी ताकतों के फेके टुकड़े पर पलने वाली भांड मीडिया आखिर संजीव भट्ट के बारे मे इस देश के सामने सिर्फ आधी सच्चाई ही क्यों दिखा रही है ?

असल मे संजीव भट्ट एक "विसिल ब्लोव्वर " नहीं बल्कि कांग्रेस के हाथो खेलने वाले एक "खिलौना " भर है .. जैसे कोई बच्चा किसी खिलौने से सिर्फ कुछ दिन खेलकर उसे कूड़ेदान मे फेक देता है ठीक वही हाल कांग्रेस संजीव भट्ट का भी करने वाली है .. एक बार अमर सिंह से पूछ लो कांग्रेस क्या है ?

लेकिन मीडिया जिस तरह से संजीव भट्ट को एक "नायक " दिखा रही है वो एक झूठ है .

मै आपको संजीव भट्ट के बारे मे सच बताता हूँ :-

१- जब ये जनाब १९९६ मे बनासकाठा के एसपी थे तब इन्होने सिपाही पद की भर्ती मे बड़ा घोटाला किया था . इनके खिलाफ बड़े गंभीर आरोप लगे ..इन्होने भर्ती की पूरी प्रक्रिया को नकार दिया था और ना ही उमीदवारों के रिकार्ड रखे थे .

२-ये जनाब २००१ में राजस्तान [पाली ]का एक वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित जो अपनी कार से अहमदाबाद आ रहा था उससे चेकिंग के नाम पर पैसे की मांग की थी जब उसने मना किया तो इन्होने उसके कार में ५०० ग्राम हेरोइन बरामद बताकर उसे नार्कोटिक्स की गंभीर धाराओं में जेल में डाल दिया .. असल में उस वकील के पास उस वक्त कोई सुबूत नहीं था जिससे पता चले की वो एक वकील है ..

बाद में पाली बार एसोसियेसन की अपील पर राजस्थान हाई कोर्ट ने क्राईम ब्रांच से अपने अंडर जाँच करवाई तो संजीव भट्ट को दोषी पाया गया .. जिसके खिलाफ संजीव भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील किया जो आज भी चल रहा है.. लेकिन भारत सरकार के मानवाधिकार आगोग ने अपनी जाचं में संजीव भट्ट को दोषी पाते हुए गुजरात सरकार को सुमेर सिंह राजपुरोहित को एक लाख रूपये हर्जाना अदा करके का आदेश दिया जो गुजरात सरकार के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से अदा किया गया .. ये सारी घटनाये गुजरात दंगे से पहले की है ....

 ३-अहमदाबाद के पास अडालज में नर्मदा नहर के करीब २००० वार की सरकारी जमीन पर कब्जा करके बैठे है .. जब ये बात मीडिया में आई तो उन्होंने बताया की उन्होंने सुरम्य सोसाइटी में १००० वार का प्लाट ख़रीदा है जो उनकी माँ के नाम है ..

उन्होंने उस प्लाट की बाउंड्री करवा कर उनमे दो कमरे भी बनवा दिए लेकिन जब प्लाट को नापा गया तो वो २००० वार का निकला . असल में इन्होने नहर की तरफ सरकारी जमीन को भी अपने कब्जे में ले लिया ..
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा की आपने अपने सम्पति डिक्लेरेशन में इस प्लाट का जिक्र क्यों नहीं किया तो वो चुप हो गए .. और मोदी सरकार पर उलटे ये आरोप लगाने लगे की उनको बदनाम किया जा रहा है ..

४- 1990 में जब संजीव भट्ट जी जाम नगर में डीएसपी थे तो पुलिस की पिटाई से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, संजीव भट्ट समेत छ अन्य पुलिस वाले आरोपी बनाए गए | ये केस आज भी जाम खंभालिया कोर्ट मे चल रहा है ..

५- ये जनाब लगातार १० महीने तक डियूटी से अनुपस्थित रहे ..और सरकार की किसी भी नोटिस का ठीक से जबाब नहीं दिया

६- इनके उपर एक कांस्टेबल के डी पंथ ने बहुत ही गंभीर आरोप लगाये है .. इन्होने मोदी के उपर लगाये गए आरोपों को और मजबूत करने के इरादे से पंथ का अपहरण करके गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोधवाडिया के बंगले पर ले गये और फिर वहा पर उससे जबरजस्ती कई फर्जी कागजो पर साइन करवाया .

७- इनके उपर गुजरात के सहायक अटार्नी जनरल का ई मेल हैक करके कई गोपनीय सुचनाये चुराने का केस दर्ज है ..जिसमे आई टी एक्ट भी लगाया गया है

८- इन्होने मोदी के उपर जिस मीटिंग मे मुसलमानों के उपर हमलेका आदेश देने का आरोप लगाया है तत्कालीन डीजीपी श्री के चक्रवर्ती ने कहा की संजीव भट्ट उस बैठक में शामिल ही नहीं थे जिसका जिक्र संजीव भट्ट ने एफिडेविट में किया है |

९- आखिर इनके एफिडेविट को सुप्रीम कोर्ट ने लेने से ही मना क्यों कर दिया ?

मित्रों , अब मै इस देश की मीडिया जो कांग्रेस के हाथो बिक चुकी है क्या मेरे इन सवालों का जबाब देगी ?

१-आखिर मिडिया संजीव भट्ट या उनके पत्नी से ये क्यों नहीं पूछता कि आखिर इन्होने गुजरात दंगे के १० साल के बाद क्यों अचानक अपना फर्ज याद आया ?

२-आखिर ये १० साल तक चूप क्यों थे ?? क्या इनका जमीर १० साल के बाद जगा जब रिटायरमेंट के बाद केद्र मे कांग्रेस के द्वारा बड़ा पद मिलने का लालच दिया गया ?

३-और एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है कि सादिक हुसैन शेख नामक जिस नोटरी से तीस्ता ने गुजरात दंगों के फर्जी हलफनामे बनवाये, उसी नोटरी से संजीव भट्ट साहब ने भी अपना हलफनामा बनवाया आखिर क्यों??

४- आज की तारीख मे कांग्रेस के द्वारा पंजाब मे १०० से ज्यादा पुलिस कर्मी आतंकवाद ने दौरन मानवाधिकारों के हनन और फर्जी एन्काउंटर के आरोप मे कई सालो से जेल मे बंद है और १२ पुलिस अधिकारी आत्महत्या तक कर चुके है .. जिसमे सबसे दुखद वाकया तरन तारन के युवा और कर्तव्यनिष्ठ एस एस पी श्री अजित सिंह संधू द्वारा चालीस मुकदमे से तंग आकर ट्रेन से आगे कूदकर आत्महत्या करना रहा है . फिर कांग्रेस किस मुंह से मोदी पर आरोप लगा रही है ?

असल मे संजीव भट्ट आज गुजरात कांग्रेस के नेताओ की वजह से जेल मे है ..

जी हाँ मित्रों ये सच है .. मेरे बहुत से मित्र गुजरात कांग्रेस मे कई बड़े पदों पर पदाधिकारी है उन्होंने मुझे कई चौकाने वाले खुलासे किये ..
असल मे संजीव भट्ट बहुत ही महत्वाकांक्षी व्यक्ति है .. उन्हें रिटायरमेंट के बाद केन्द्र सरकार मे कोई बड़ी नियुक्ति का लालच कांग्रेस के नेताओ ने दिया ..फिर ये पूरा खेल खेला गया ..  
कांग्रेस ये मान कर चल रही थी कि सुप्रीम कोर्ट मोदी पर एफ आई आर दर्ज करने का आदेश जरुर देगी और फिर मोदी को इस्तीफ़ा देना पड़ेगा जिससे गुजरात मे बीजेपी कमजोर हों जायेगी .. कांग्रेस के नेताओ ने तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन पुरे गुजरात मे बाँटने के लिए कई क्विंटल मिठाई तक इक्कठा कर लिया था . लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तब सब मुंह छिपाने लगे।


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लेख क्रमांक 2 
राजबाला का सबसे बड़ा गुनाह:क्योंकि वो राजबाला थी कोई जकिया जाफरी या जाहिरा शेख नहीं !! 


बेचारी राजबाला १२४ दिनों तक कोमा मे रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गयी . डॉक्टरों ने सरकार को तीन बार पत्र लिखा था उन्हें अमेरिका के पेंसिल्वेनिया मेडिकल इंस्टीट्यूट भेजना चाहिए .. लेकिन आम आदमी का दंभ भरने वाली कांग्रेस कितनी निर्दयी है की उसने अमेरिका तो दूर भारत मे भी उसका इलाज ठीक से नहीं करवाया .


एक तरफ सोनिया गाँधी को सरकार एक खास एयर एम्बुलेंस मे रातो रात अमेरिका इलाज के लिए भेजती है और सोनिया के लिए २५ लाख रूपये प्रतिदिन वाला सेवेन स्टार सुइट बुक करवाती है इस सुइट मे से हडसन नदी , स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी , और अटलांटिक महासागर का दिलकश नज़ारा साफ साफ दिखता है ..

राजबाला की मौत के रिपोर्ट के लिए उनके परिजनों को धरने पर बैठना पड़ा . फिर जब टीम अन्ना से कई सदस्य अस्पताल पहुचे उसके बाद डॉक्टरों ने उनकी मौत की रिपोर्ट उनके परिजनों को सौपे। इस घटना के दो सबसे बड़े शर्मनाक पहलु है ..पहला राजबाला को लेकर मिडिया का रवैया और दूसरा सरकार और कांग्रेस का!.

राजबाला १२४ दिनों तक दिल्ली के एक अस्पताल मे जिंदगी और मौत का संघर्ष कर रही थी लेकिन इस बीच कांग्रेस का एक भी नेता और सरकार का एक भी मंत्री उनका हाल चाल लेने नहीं पंहुचा .. क्या राजबाला की जगह कोई मुस्लिम महिला होती तो भी क्या कांग्रेस इतनी नीच रवैया दिखाती ?

एक तरफ भरतपुर मे हिंसा पर उतारू भीड़ पर पुलिस को मज़बूरी मे गोली चलानी पड़ी जिससे दो मुसलमान मरे .. फिर आनन फानन मे कांग्रेस ने वहाँ के एसपी और डीएम पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया ..तो फिर राजबाला के हत्या के लिए चिदंबरम और दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियो पर हत्या का मुकदमा क्यों नहीं सरकार दर्ज करने का आदेश देती है ? क्या सिर्फ इसलिए कि राजबाला हिंदू है और कांग्रेस हिन्दुओ से अति घृणा करती है ?

इस घटना को लेकर मीडिया ने भी अपने दोहरापन का फिर एक उदाहरण पेश किया . जब राजबाला का अंतिम सस्कार मे बाबा रामदेव और सुषमा स्वराज पहुचे तो मीडिया खासकर एनडीटीवी बार बार दिखा रहा था कि राजबाला के अंतिम संस्कार मे भी सियासत। जबकि ये दोगला चैनेल जिसके उपर भष्टाचार के कई आरोप है जिसके मलिक प्रणव रॉय के उपर सीबीआई मे तीन केस दर्ज है जो कांग्रेस के फेके टुकडो पर पलता है वो गुजरात दंगे के १० साल बाद भी उसको बार बार कुरेदता है तो क्या ये सियासत नहीं है ?

4 जून को हुए हादसे के बाद कितने पत्रकारों ने उसकी हालत जानने का प्रयास किया ? कितने चैनल में यह खबर दिखाई गयी कि पुलिस बर्बरता की शिकार एक निरीह महिला को अस्पताल में सही इलाज भी मिल पा रहा है या नहीं ? क्या किसी ने गुड़गांव में उसके घर जाकर परिजनों से कोई प्रतिक्रिया मांगी ?

जब एक मुस्लिम लड़की पर तेजाब फेका जाता है तो कांग्रेस सरकार उसका अमेरिका मे प्लास्टिक सर्जरी करवाती है इसमें मुझे या किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जब किसी हिंदू पीड़ित की बारी आती है फिर कांग्रेस की संवेदनाये क्यों मर जाती है ?

अभी ताजा उदाहरण एक हिंदू दलित महिला भंवरी देवी का है . भारत के इतिहास मे पहली बार हुआ है कि एक मंत्री पर बलात्कार , अपहरण , हत्या जैसे संगीन आरोप मे एफ आई आर दर्ज होता है लेकिन ना तो मंत्री इस्तीफ़ा देता है और ना कांग्रेस उस मंत्री से इस्तीफ़ा लेती है अगर उस भंवरी देवी की जगह कोई मुस्लिम महिला होती तो भी क्या कांग्रेस चुप रहती ?

कांग्रेस के इस रवैये ने ये साफ कर दिया है कि कांग्रेस को हिन्दुओ के दुःख दर्द से कोई मतलब नहीं है अब भी अगर हम हिंदू कांग्रेस को वोट देंगे तो फिर आज राजबाला है कल हमारे घर की माँ और बहने भी कांग्रेस की लाठियो से घायल होकर एक जिन्दा लाश की तरह पड़ी रहेंगी !

29 comments:

संजय बेंगाणी said...

मीडिया की भूमिका मोदीजी के लिए हितकारी रही है. अतः लगे रहो भाँड़ों....

Raj said...

abhi anna team se kuchh sawal -app ke team ke log us mulla ko manane ku gayethy jesne vandematram matbolo ye kaha tha,kya unko vandematram ki history nahi pata,tab apne uske ghar ka gheraw ku nahi kiya jese sansado ka kiya,apki team se bhusan ji ne kaha ki kasmir pak ko de do,kya kasmir gajar ka hulw hy,kya unke purvajo ne kurbani di thi kis huk se vo ye bol rahy hy,apke poster sadbhavana mission pe congres ke tent pe lagi thi tab malika or mahesh bhut kaha thy,agar app ye samj te hy ki aap sachy hy to apko apne aas pass jo gulat log hy usko pehchan na hoga,nahi to bhisma pita ki tarha aap lago gy

Desh Premi said...

maximum media center foiregn se control hote h
wo jante h ki agar modiji PM bante h to unko dharm privartan ka kam thapp pad jayega wo koi muslimo ke hiteshi nahi h wo to khud hi preshan h is kom
Lage Raho Suresh Bhai me aapke sath hun ....!!

Pranay Munshi said...

वन्दे मातरम. आप लगे रहो.

जितेन्द्र सिंह : राष्ट्रवादी भारतीय... said...

सुनने में आया है अंधा माफ़ करें अन्ना भी संजीव के साथ आ गए हैं..
सारी सेकुलर रुदालियाँ रोती रहेंगी..
पाप के घड़े फूटते रहेंगे और 'रक्तबीज कांग्रेस' से फिर नए 'संजीवासुर' पैदा होते रहेंगे..
लेकिन पता नहीं कब जन समर्थन आएगा और 'रक्तबीज नाशक' अवतार में मोदी जी अवतरित होंगे..
भारत को शीघ्र आवश्यकता है ऐसे अवतार की..
वन्दे मातरम..
जय हिंद.. जय भारत...

abhishek said...

media alternative is a must. some channels like sudarshan tv, aastha channel, sanskar tv and recently krishna tv(starting on dusherra) should be promoted which shows our cultural history and current affairs according to hindu mindset and nationalist angle. my sincere pranam to rajbala for her sacrifice.

Anonymous said...

गली गली मे शोर है भारतीय मीडिया चोर है आप यहाँ भी देखिये इसमे सब चोर छिपे है https://www.facebook.com/notes/shreshthbharat/%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%82-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE/156665601057473

दीपक बाबा said...

जीतेन्द्र प्रताप सिंह जी को बधाई ... आँखे खोलने वाले आलेख के लिए.

ajeet said...

हाँ हाँ जितेन्द्र भाई आप लोगों की जानकारी सौ टक्के सही है, अब ये अन्ना जहां मर्जी हो कूद पड़ता है, इसके चमचे इमाम बुखारी को मनाने चल पड़ते हैं, बाबा रामदेव को गरियाने लगते हैं, इसका एक सिपहसालार अग्निवेश खुले आम अलगाव वादियों का समर्थन करता है, समझ में नहीं आता ये अन्ना करना क्या चाहता है, कोई मेरा मार्ग दर्शन करे, कभी ये कहता है कोंग्रेस को वोट मत देना कभी कपिल सिब्बल को बुरा भला कहने लगता है, कभी दिग्विजय को पागल खाने भेजने की बात करता है साथ ही साथ मोदी पर भी हमले किये जा रहा है भाइयों मैं तो कुछ समझ ही नहीं पा रहा हूँ आखिर ये अन्ना चाहता क्या है कोई मुझे इस व्यक्ति की एकदम सही भावी योजना को समझाए, हे भगवान् ये आदमी चाहता क्या है.

DEVSACHIN said...

Congressi bhando ko ye samajh me nhi aayega, unke liye soniya mata hi sab kuch hai...media ke kuch kutte hamesha congress ke ghar ki rakhwali karte hai

DEVSACHIN said...

Congressi bhad hai sale, inke liye soniya mata hi sab kuch hai..apni khud ki maa ka khayal kya rakhte hoge..Media ke kuch kutte kewal congress karyalay ki rakhwali karte hai

Anonymous said...

suresh ji ram -ram
Jitendra ji ko unki sandar post ke liy hardik shubkamnay/ kirpya rastvadi vichardhara k logoo se vinarm nibedan he ki wo apne vichar rastvadi patro me bhi bheje jis se un patako me bhi jagrati ki bhavan pada hoo jo internet k istamal nahi karte/ kuch pramukh patra he danik jagran, panchjanya(Hindi),English paper pioneer .
vijender

Rajesh said...

Wah Suresh Ji Kamal Ka Lekh hai. In Hinduo ko kaun samjheye. Inka Khun kabhi nahi kholega. Ye to thanda hi rahega.

Movement against black money said...

From Anti-Marathi Manoos to Anti Graft campaign, is Anna hazare playing cheap electoral politics http://emergingtruths.blogspot.com/2011/10/from-anti-marathi-manoos-to-anti-graft.html

Anonymous said...

chiplu...aapko jab sanjiv bhatt ke bbare me itna pata tha to aapke qatil cm ne kyu kuch nahi kiya.lagta hai tab sanjiv bhatt modi ke nakshe kadm par chal raha tha.aapke lekhon me nafrat aur gandagi ke alawa kuch nahi hai......

Anonymous said...

suresh ji lekh ke liye hardik sadhuvad, congressi behanchod hain ye to main janta hoon lekin madarchod bhi hai ye bhi mujhe pata chal gaya hai. ye log bas us italian kutiya ki **** cahtne me hi lage rehte hai. is desh ka ye durbhagya hi hai aur hamara bhi ki hum is yug me janm liye hain lekin abhi bhi agar bharat ke sare hindu ek sath ho jayen to kuch baat ban sakti hai. ishwar aapko apne satkarmo me safal kare.

राहुल पंडित said...

राष्ट्र की चेतना सुप्त हो गयी है.लोग चिर निद्रा में सो रहे हैं.जगाने के लिए लाखो बाबा रामदेव,अन्ना हजारे की जरुरत है.जागिये और आगे बढ़कर राष्ट्रधर्म निभाइए

Anonymous said...

Priya Ajeet Ji
Abhi Aapka Maansik Star Itna Viksit nahi Huva Hain Jo Aap Anna n Unki Team Ko Samajh Paye.
Galti Aap Ki Nahi Hain Her Manushya Ka Apna Apna Maansik Star Hota Hain...
Dhanyavaad.
Jitendra Ji Aap Ne Jo Rahsyoudghatan kiya Hain wo Aap ke Priya Modi ko Nahi Pata Tha Kya ???
Aap Jaise log hi Hindutva ke naam pe apni rajnaitik mahtvakancha ki purti karte hain.

Naveen Tyagi said...

जो धर्म आज तक आया मानवता का पाठ पढाता।
सर्वधर्म-समभाव-प्रेम से हर पल जिसका नाता।
वोटों की वृद्धि से कुछ न सरोकार उसका है।
इसलिए संसद में होता तिरस्कार उसका है।

Naveen Tyagi said...

विषय राष्ट्र के एक वर्ग पर यहाँ ठिटक जाते हैं।
राष्ट्र-प्रेम के सारे मानक यहाँ छिटक जाते हैं।
अर्थ-बजट की द्रष्टि जाकर एक जगह टिकती है।
एक वर्ग की मनुहारों पर संसद यह बिकती है।

Jeet Bhargava said...

भाई जीतेंद्र की प्रतापी लेखनी को नमन।
बहुत ही तार्किक ढंग से लिखा है। उनका रीसर्च काबिले-तारीफ है।

ajeet said...

भैया अनाम जी या गुमनाम जी या बेनामी महोदय जहां तक मैं समझता हूँ मेरा मानसिक स्तर आपसे ऊंचा है, मुझे तो आप इतना बताने का कष्ट करें की दो मुहि बांतों में पहली को सही माना जाया या आखिरी बांतों को.

Anonymous said...

Sanjiv Bhatt is a first rate corrupt official. He used to extort money from businessmen in coastal are of Gujarat where he was posted. Even in the time period of Nineties he used to demand nothing less then 20 - 25 lakhs.If party did not cooperate, he used to fix them under TADA.It is authentic information. He is a crook in uniform.

Anonymous said...

Suresh ji,

There are many comments written in Hindi but in roman script. Can you convert these in devnagari before publishing. that will be highly useful.

I daily log in to your blog to see what is new.

Sadhuvad

JAI MAA KALI said...

bahut dukh hua yeh lakh padkar. mai jindgi mai kabhi bhi congress ko vote nahi dunga. aur congress ke khilaf up mai bjp ka sath dooga.
thank u very much hamari ankhe kholne ke liye.

MyWordsBharat said...

बहुत बढ़िया,,,तरीके से सबकी धज्जियां उधेडी आपने. धन्यवाद. सद्धुवाद. जय नमो.

Balveer Singh Sisodia said...

Well Done...

ali said...

yaar yeh site ko kaun control kartaa hai yaar....well done keep it up......

ali said...

yaar yeh site toh bhut badhiyaa hai yeh toh humare desh ko bhut agea le jayegaa.....kuch BJP le kar jaa rahi hai....kuch RSSS....mind blowing...or fir bachaa kuchaa congress....