Friday, October 7, 2011

RSS Path Sanchalan, Rashtriya Swayamsevak Sangh and Media

क्या कभी आपने संघ के पथ-संचलन का राष्ट्रीय मीडिया कवरेज देखा है? (एक माइक्रो-पोस्ट)

संघ की परम्परा में "भगवा ध्वज" ही सर्वोच्च है, कोई व्यक्ति, कोई पद अथवा कोई अन्य संस्था महत्वपूर्ण नहीं है। प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी यह बात रेखांकित हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा उज्जैन में विजयादशमी उत्सव के पथसंचलन समारोह में भाजपा के पार्षद, निगम अध्यक्ष, वर्तमान एवं पूर्व विधायक, सांसद एवं राज्य मंत्री सभी के सभी सामान्य स्वयंसेवकों की तरह पूर्ण गणवेश में कदमताल करते नज़र आए। जिन गलियों से यह संचलन गुज़रा, निवासियों ने अपने घरों एवं बालकनियों से इस पर पुष्प-वर्षा की।


अन्त में सभा के रूप में परिवर्तित, स्वयंसेवकों के विशाल समूह को सम्बोधित किया संघ के युवा एवं ऊर्जावान प्रवक्ता राम माधव जी ने, इस समय सभी "सो कॉल्ड" वीआईपी भी सामान्य स्वयंसेवकों की तरह ज़मीन पर ही बैठे, उनके लिए मंच पर कोई विशेष जगह नहीं बनाई गई थी…। मुख्य संचलन हेतु विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले स्वयंसेवकों के उप-संचलनों को जो समय दिया गया था, वे पूर्ण समयबद्धता के साथ ठीक उसी समय पर मुख्य संचलन में जा मिले। कांग्रेस (यानी एक परिवार) के "चरणचुम्बन" एवं "तेल-मालिश" संस्कृति को करीब से देखने वाले, संघ के आलोचकों के लिए, यह "संस्कृति" नई है, परन्तु एक आम स्वयंसेवक के लिए नई नहीं है।


"परिवारिक चमचागिरी" से ग्रस्त, यही दुरावस्था हमारे मुख्य मीडिया की भी है…। ज़रा दिमाग पर ज़ोर लगाकर बताएं कि क्या आपने कभी किसी मुख्य चैनल पर वर्षों से विशाल स्तर पर निकलने वाले संघ के पथसंचलन का अच्छा कवरेज तो दूर, कोई खबर भी सुनी हो? कभी नहीं…। हर साल की तरह प्रत्येक चैनल रावण के पुतला दहन की बासी खबरें दिखाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है। कल तो हद कर दी गई… भाण्ड-भड़ैती चैनलों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गाँधी ने चाट खाई, उसमें मिर्ची कितनी थी, उसमें चटनी कितनी थी… तथा लालू यादव ने कहाँ तंत्र क्रिया की, कौन सी क्रिया की, क्या इस तंत्र क्रिया से लालू को कांग्रेस के नजदीक जाने (यानी चमचागिरी) में कोई फ़ायदा होगा या नहीं?, जैसी मूर्खतापूर्ण और बकवास खबरें "विजयादशमी" के अवसर पर दिखाई गईं, परन्तु हजारों शहरों में निकलने वाले लाखों स्वयंसेवकों के पथ-संचलन का एक भी कवरेज नहीं…।

असल में मीडिया को यही काम दिया गया है कि किस प्रकार हिन्दू परम्पराओं, हिन्दू संस्कृति, हिन्दू मन्दिरों, हिन्दू संतों की छवि मलिन की जाए, क्योंकि चर्च के पैसे पर पलने वाले मीडिया को डर है कि अनुशासित, पूर्ण गणवेशधारी, शस्त्रधारी स्वयंसेवकों के पथ संचलन को प्रमुखता से दिखाया तो "हिन्दू गौरव" जागृत हो सकता है।

ज़ाहिर है कि मीडिया की समस्या भी कांग्रेस और वामपंथ से मिलती-जुलती ही है… अर्थात "भगवा ध्वज" देखते ही "सेकुलर दस्त" लगना।

29 comments:

Ritu said...

मीडिया तो कांग्रेस की चम्‍मच का काम करता है क्‍यों‍कि कई कांग्रेसियों के अपने खुद के चैनल है और बाकी कांग्रेस का पैसा खाते हैं तो उनकी बजायेंगे ही.....

vatsal said...

Suresh ji, aisa kuchh hota hai ye pahli baar pata chala mujhe. Aapne sahi nakari diya. Bahut Bahut Dhanyavaad!!!

Anonymous said...

हिंदुत्व के झंडाबरदारों:
क्या किसी ने ये पोस्टे देखी है ?
http://mohallalive.com/2011/10/05/new-thaught-about-soorpanakha/
http://mohallalive.com/2011/10/06/dalit-interpretation-of-durga-katha/

राकेश साहनी said...

सुरेश जी अगर आप अल्बम अपलोड कर देते तो बढ़िया होता कम से कम इन्टरनेट पर कूल दुड्स को तो दिखा सकते है जो सेकुलर गटर मे दिन रात लेटते रहते है

Puaran Sngh Rathore said...

संघ के पथ संचलन की ख़बरें दिखाकर अपने पेट पर लात कैसे मर सकता है मिडिया??

आखिर सेकुलर मालिक से खाने को विज्ञापन रूपी हड्डी जो मिलती है!!

सुलभ said...

बचपन के स्कूली दिनों में एक शिक्षा मिली थी, मुझ पर आज तक असर है - "अनुशाशन ही देश को महान बनाता है"

Raj said...

ladakh me jo kaam kiya vo kabhi media nahi dikhati ku ke agr dekhaye gi to janta pure trha RSS ke sath hogi,ek baar sab RSS ki site ko dekhly fir bloy ki bhavga atankvad hy ya congres,RSS kabhi publicity keliye kaam nahi karti isliye jyada logo ko patanahi or dusri taraf suchhi khabra denewala nws chenel kaam hy,my name is khan pe film banti hy pur kashmiri hindu pe kabhi bane hy

Raj said...

ek najar digi raja pe bhi-http://www.facebook.com/photo.php?v=178774118868501

Rajesh said...

Suresh Ji Aapne bahut acha likha hai. Media to chamcha hai congress ka. Aabhar

Vivek Rastogi said...

संघ के पथ संचलन में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है, मैंने खुद ही जाने कितनी बार इसमें भाग लिया है |मीडिया कवरेज करे या ना करे कोई फर्क नहीं पड़ता |

abhishek said...

media ka alternative toh dhundna hi hoga. koi aisa desh bhakt channel nahi hai jo sacchai dikhaye. abki baar agar bjp ki sarkar aati hai toh iske liye jor shor se prayas hona hi chahiye. aur in christian missionaries ke paise se chalne wali khabrein band honi chahiye.

koi sun raha hai bjp mein?

Anonymous said...

नईदुनिया के इन्दौर संस्करण में ज़रूर इन्दौर के ही पथ संचलन की बड़ी ख़बर छपी है आज.
http://www.naidunia.com/Details.aspx?id=284816&boxid=29668364

ravikant jaiswal said...

आपने बिलकुल मेरे मन की बात ही कह दी ; कल न्यूज़ देखते हुए मै भी यही सोच रहा था , दिल्ली के रामलीला मैदान का समाचार , मुंबई के ठाकरेजी का दशहरा पर दिया भाषण इसके बाद मुझे उम्मीद थी की अब नागपुर में दशहरा पर मोहन भगवत जी के भाषण दिखाया जायेंगा पर उसका तो नामोनिशान ही नहीं था , विश्व का सबसे बड़ा संगठन और उसका सबसे प्रमुख आयोजन पर मिडिया को तो जैसे इससे कोई मतलब ही नहीं है

Anonymous said...

1. rss walon ko propaganda karna nahi aata unhe seekhna chahiye, anyatha ye sikular yun hi sabko banate rahenge.
2. daliton ne chitran nahi kiya hai balki hindu samaj me foot dalne ke liye unke kandhe par rakhkar bandook chalai ja rahi hai..

Dilip Talukdar said...

kya atalji ke shashankal mi RSS par media ne coverage diya tha?

Meenu Khare said...

vicharotejak lekh.

Man said...

वन्देमातरम सर ,
संघ को वर्तमान भारतीय मिडिया जेसे ""टुकड़े तोड़ भांडो"" की जरूरत नहीं हे @वेसे ही भांड एक ही मालिक के हुवे जाते हे ,ये मिडिया वाले भांड और दलाल दोनों हे |जंहा भी इन्हें हड्डी के टुकड़े मिल जाते हे वंही पूछ हिलाना शुरू कर देते हे |संघ इनकी ओखात जानता हे कुत्तो से ज्यादा नहीं हे |संघ को पता हे की एक बार टुकड़े डाले नहीं की darvaje को apne बाप की jageer समझने लग जायेंगे |वेसे भी इन भांडो की जगह न्यू मिडिया तेजी से ले रहा हे |

ajeet said...

विवेक रस्तोगी जी आपकी भावनाओं का सम्मान करते हुए भी मैं यही कहना चाहता हूँ की मैं आपकी बात से सहमत नहीं, आप खुद समझ सकते हैं की मीडिया का आम नागरिक पर बहुत गहरा असर पड़ता है, आर.एस.एस को भी यह बात समझनी ही होगी की उनका एक स्वयं का न्यूज़ चेनल अवश्य ही होना चाहिए इसके लिए ना तो संघ के पास साधनों की कमी है नाही मानव शक्ति की और ना ही आर्थिक संसाधनों की, यह बात बाबा रामदेव बहुत जल्दी समझ गए पर आर.एस.एस अभी तक इसको क्यों नहीं समझ पाया कम से कम मेरे लिए यह अबूझ पहेली है, पूरा हिन्दुस्तान साठ पैसठ साल "अपने को क्या करना है" की तर्ज़ पर चुप बैठा रहा और देश की साड़े तीन सौ से ज्यादा संथाओं का नामकरण एक ही परिवार के ऊपर होता चला गया जैसे इसी परिवार में बड़े वैज्ञानिक हुए हो,खिलाड़ी हुए हो, फौजी हुए हो, सिचाई विशेषग्य हुए हो तो बाँध उनके नाम से कर दिए गए, सड़के उनके नाम से कर दी गयी, विश्व-विद्यालय उनके नाम से कर दिए गए मतलब यह की पूरे देश के लोगों को बल्कि उन लोगों को ठोक बजा कर यह एहसास दिला दिया गया जो वोट देने अवश्य जाते हैं की इस देश को जितना इस परिवार ने दिया है उतना किसी ने नहीं दिया तो मान्यवर फर्क पड़ता है मीडिया से, यह बात संघ को अवश्य ही समझ लेनी चाहिए. और हर हाल में समझनी ही होगी.

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

मीडिया भला संघ को कवरेज क्यों देने लगा, ऐसा करने पर इनकी दुकाने बंद नहीं हो जाएंगी???
और वैसे संघ को इन टटपुन्जिये मीडिया की ज़रूरत भी नहीं है|
संघ का तो काम बोलता है|
वन्देमातरम...

ePandit said...

मीडिया संघ की कवरेज दिखाने लगा तो उसको मिलने वाला हफ्ता बन्द न हो जायेगा।

RAJ PUSHP AWASTHI said...

mai sangh ka swayamsevak hu bachpan se mera bhi ajeet ji ki hi tarah yah manana hai ki apna bhi ek news channel hona chaiye

Anonymous said...

hamesh ki tarh behtarin lekh

Anonymous said...

desh ka sabse bada"CHAMCHA"hai chilu...ha ha ha .

sanjeev.teotia said...

suresh ji. i like your every post. nice post

Anonymous said...

Suresh ji ram-ram
sangh ke esthapna(Foundation day)diwas per her varsh path sanchlan nikalta he aur hindo virodhi media usko nahi dikahta he parantu pichle do-tin saal se sadhna channel per nagpur se sidha prasaran dikhaya ja raha he/bhand channel kitna bhi sangh ka vahiskar kar le parantu janta ko sab pata he ki kon rasth ka saccha saputh he R.S.S YA Dusri hindo virodhi saktiya

jaha tak sangh ka appna channel hone ki baat he to sangh hiteshi logoo ko sangh karyalay me iss visay me patr(letter) bheje ki app hindo samarthak channer chalu karo ham usme jaisa bhi sahyog hogga karne ko tayar he /kewal commputer/blog likhne matar se kuch nahi hooga/ho sakta he unke dimag me koi vichar padha ho jay

Vijender

Desh Premi said...

http://www.bhaskar.com/article/RAJ-JAI-criminals-on-a-motorcycle-traveling-gopalgarh-rahul-gandhi-2497159.html?HT5=

Naveen Tyagi said...

दिया पंथनिरपेक्षता , को इतना सम्मान।
बहुसंख्यक की आस्था, कर दी लहूलुहान ॥ ३ ॥

ankur raisoni said...

bhaiya mai bhi rss se judna chahata hu kuch upay batye

Alakh Bharat said...

sharmnak kritya bhagwa ke khilaf hind ke media ka