Thursday, October 13, 2011

Rahul Gandhi, Telangana Agitation and Gopalgarh

"रॉल विन्ची" के लिए तेलंगाना से अधिक महत्वपूर्ण है गोपालगढ़… (एक माइक्रो पोस्ट)  

आंध्रप्रदेश, विशेषकर हैदराबाद सहित समूचे तेलंगाना क्षेत्र में पिछले 30 दिनों से आम जनजीवन ठप पड़ा है। उस क्षेत्र में रहने वाले मित्र एवं रिश्तेदार बताते हैं कि स्थिति बहुत ही खराब है, कोई भी सार्वजनिक एवं सरकारी सेवा काम नहीं कर रही, बिजली कटौती 6 घण्टे तक पहुँच गई है (हैदराबाद जैसे "IT" शहर में भी), बस सेवाएं, स्कूल-कॉलेज ठप हैं, सभी सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र कर्मचारी पूरी तरह से तेलंगाना आंदोलन का साथ दे रहे हैं…


इतने लम्बे समय तक आंदोलन को लगभग शांतिपूर्ण बनाये रखने के लिए, इसे एक ऐतिहासिक आंदोलन भी कहा जा सकता है। परन्तु राज्य की इतनी अधिक दुरावस्था के बावजूद अभी दिल्ली में "सिर्फ़ बातचीत" ही चल रही है (यह बातचीत पिछले 40 साल से चल रही है)। चूंकि भाजपा ने इस आंदोलन को सक्रिय समर्थन दे रखा है, सो ज़ाहिर है कि कांग्रेस इस पर कोई सकारात्मक रुख आसानी से नहीं अपनाने वाली।

अब यह परम्परा बन चुकी है कि जिस किसी आंदोलन को (चाहे वह कितना भी वाजिब हो) यदि संघ-भाजपा का समर्थन हो, या तो उसे कुचल दिया जाए, या तो उसे साम्प्रदायिक ठहराकर हाथ झाड़ लिए जाएं, या फ़िर पूरी तरह से अनसुना कर दिया जाए।


कांग्रेस और "भावी प्रधानमंत्री"(???) का गुणगान करने वाले पत्रकार (यानी भाण्ड) जरा बताएं, कि आसाराम बापू के "बबलू" उर्फ़ अच्युतानन्दन के "अमूल बेबी" उर्फ़ "बाबा" उर्फ़ डॉ स्वामी के "रॉल विन्ची" उर्फ़ शरद यादव के "बबुआ" उर्फ़ "भोंदू युवराज"… को पहले गोपालगढ़ का दौरा करना चाहिए था या तेलंगाना का? तथा पिछले एक महीने में कभी आपने उनके "मुखारविन्द" से तेलंगाना मुद्दे पर कोई बयान सुना है? लेकिन युवराज तड़ से गोपालगढ़ जरूर पहुँच गये, वहाँ एक खूंखार अपराधी के साथ बाइक पर घूमे। इसके बाद जैसा कि उनके "गुरु दिग्विजय सिंह" ने आजमगढ़ में किया था, ठीक वैसे ही "विंची" महोदय, सिर्फ़ एक ही "समुदाय" के लोगों से मिले…। परन्तु उन्हें पिछले एक माह से तेलंगाना जाने का समय नहीं मिल पाया है। लानत, लानत, लानत…

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नोट :- यह भी एक "नई और विशिष्ट परम्परा" तैयार हो रही है कि देश के किसी भी महत्वपूर्ण मसले पर "युवराज" द्वारा कोई बयान देना, उनकी "शान के खिलाफ़" माना जाए…

14 comments:

Bobby said...

inka aant nischit ha.

पंकज मिश्रा said...

बिचारे युवराज करभी क्या सकते हैं, मम्मीजी ने मना किया है ना हमारे सलाहकार (दिग्विजय, सिब्बल आदि ) का मसोरा ले कर नकसे कदम पर चलना, पेटमें दर्द हो तो सिर का ऑपरेशन करना और पाँवमें हो तो पेट चीर देना..... ये तो भला मानो कि सिर दर्द में सर काट देने कि सलाह नहीं देते....

पवन said...

राउल विन्ची की पोल डॉ० स्वामी जी ने खोल रखी है जिसका हम सभी बड़ी तेजी से प्रचार कर रहे हैं | वैसे भी जनता उसे कोई भाव नहीं देती | दरभंगा (बिहार) और अहमदाबाद (गुजरात) के युवाओं ने तो खुल्लमखुल्ला औकात दिखा दी | बाकि जगह भी यही होगा |

AMIT MISHRA said...

सुरेश जी देश की अंधी जनता की आंख मिर्च झोंकने का जी करता है। अपनी आंखो से कुछ देखना ही नहीं चाहते। न जाने उन्हें ‘ भोंदू युवराज ’ में क्या दिखाई देता है जो पगला जाते हैं। युवराज भी अंधों को बेवकूफ बनाकर सस्ती लोकप्रियता बटोरने से नहीं चूकता इस काम में मीडिया उनकी मदद में अपनी पूरी ताकत झोंक देता है ‘आखिर सैंया भए कोतवाल तो फिर डर काहे का’। देश की जनता है ही बेवकूफ ये बार-बार छली जाए तो ही ठीक रहती है क्यों की सेकुलरिज्म ने उसके खून में इतनी गहरी पैठ बना रखी है कि वो कुछ देखना ही नहीं चाहती।

संजय बेंगाणी said...

जिस विषय पर बोल नहीं सकते उस पर मौन रहो और मसिहा बनने के लिए जो करना पड़े करो. राहुल या जो भी इसका असली नाम है, बंदा यही कर रहा है. यहाँ कर रहा है, कहना गलत होगा. इसके लिए भी अक्कल चाहिए. तो जो करवाया जा रहा है, कर रहा है.

सुलभ said...

मैं तो यही कहूँगा - विनाशकाले विपरीत बुद्धि

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

बहुत करारा है जी...

Raj said...

abhi bhagat sing ki sena ne apne taqat dikha di ibn7 ke pet me dard esa badha jese 9 mahine pure ho gay or media inko dekha raha hy pur keral oga jaha pura muslim or ckristan hogaya hy vo nahi bata ty,hum ko jald hi en ko majbur karna padage ki jo hum chahty hy vo dikha naki unke foren wale,hindu press club,chennels or satta me hindu log ho jo full suport kare tohi inko sabak miliga

जितेन्द्र सिंह : राष्ट्रवादी भारतीय... said...

मुस्लिम और दलित तुष्टिकरण ही सत्ता स्वाद चखाता है... बीजेपी क्यों नहीं समझती ये सब..??
क्या कर सकते हैं.. बीजेपी ठहरी निरीह गौ.. और भारतीय राजनीति है बहुजन लालू-मुलायम, वामपंथी और कांग्रेसी 'सूअरों का अखाडा'...
भगवान् जनता को कांग्रेस का विरोध करने की शक्ति दे..
वन्दे मातरम्...
जय हिंद...जय भारत...

manoj jaipur said...

suresh bhai good job lage raho

Anonymous said...

chiplu.... chiplu... sudha ja.athwa sidhar ja..

Amitabh said...

Ek chij spast hai ki hinduo ko kayarata ki khub ghutti pilai gai hai. Agar kisi bhi swabhimani desh ( like usa, briten, pakistan) me koi ek pariwar wo bhi dusare dharm ka apne desh ka itna jyada nuksan kar raha hota, jarur koi na koi yuva pure pariwar ko goli maar chuka hota. par hamare ander baat,,baat aur sirf baat karne ke gun hai. ladenge bhi kab jab paise ke liye naukari kar rahe hon. ( us par bhi order milne ka intzar karenge)

Man said...

ओसामा लादेन जेसे जिनके आदर्श रहे हे उन्ही दिग्विजय सिंह जेसे के शागिर्द ""राजनितिक भांजे ""भाग दोड के वंही फट्टे में पैर फसायेंगे जंहा वोट रुपी रोटी का टुकड़ा मिले |गोपालगढ़ जा के वेसे ही अशोक गहलोत के कान में पेशाब कर के आये हे ,पप्पू साहब |कांग्रेसियों की मम्मी के लड़के हे मजाल की कोई दरी उठाऊ कांग्रेसी आह भी निकले |वेसे तेलेंगाना के नाम पर आग लगाने का काम कांग्रेसियों की बड़ी मम्मी ने ही किया हे ,और किसी की क्या बिसात की कोई इस मुद्दे पर पार्टी लाइन से हट कर बयान भी दे दे |कांग्रेस के खिलाफ बी.जे.पी का विरोध भी उलटे जूते मारने जेसा रहता हे आवाज ज्यादा निकलती हे मार कम पड़ती हे @

abhishek said...

media management ki puri team hai raul vinchi ki. isiliye media ko paise milte hain yuvraj ko promote karne ke.

baki rahi baat telangana jaane ki, toh woh jaye ya na jaye kuch khas farak nahi padne wala. woh sirf wahin jata hai, jahan usko lagta hai ki uski image ko fayda hone wala hai.

toh doston, kyun na kuch aisa likho jisse hamari sakarak soch jahir ho aur hamara sangarsh jhalke.