विकीलीक्स द्वारा स्विस बैंकों में भारतीय खातेदारों की पहली सूची जारी… Wikileaks Black Money of India in Swiss Banks
मित्रों…
विकीलीक्स द्वारा आधिकारिक ट्वीट में यह कहा गया है कि इस प्रकार की कोई सूची उसके द्वारा जारी नहीं की गई है (जैसा कि भाई नीरज ने अपनी टिप्पणी में बताया)। अतः इस पोस्ट को हटाने की बजाय मैं सबसे ऊपर स्पष्टीकरण देना अपना फ़र्ज समझता हूँ… चूंकि यह पोस्ट अपुष्ट सूचनाओं पर आधारित थी (पोस्ट करते समय), एवं रात होते-होते विकीलीक्स का खण्डन भी आ गया अतः इस पोस्ट को Null & Void समझा जाए…
मैं न तो इस पोस्ट को, न ही सभी टिप्पणियों को हटा रहा हूँ, क्योंकि अब इसकी कोई जरुरत नहीं रह गई है…। पाठकों एवं टिप्पणीकर्ताओं को हुई असुविधा के लिए मैं खेद व्यक्त करता हूँ… अपुष्ट और गलत सूचना के आधार पर हुई यह मेरी पहली गलती है, आशा है कि मित्रगण इसे समझने का प्रयास करेंगे (कई बार मुखबिर की गलत सूचना के आधार पर पुलिस एनकाउण्टर कर डालती है, वैसा ही कुछ हुआ)।
चूंकि मैं बड़े मीडिया हाउसों की तरह "अड़ियल", "जिद्दी" और "वकीलों की फ़ौज से सक्षम" नहीं हूं कि गुजरात दंगों में गर्भवती मुस्लिम युवती का पेट फ़ाड़ने जैसी झूठी व ऊलजलूल खबरों को भी जबरन दिखाता रहे, तीस्ता जावेद के झूठे हलफ़नामों को भी सुर्खियाँ बनाता रहे और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद अपनी गलती न माने और खेद भी व्यक्त न करे…। मैं खेद व्यक्त करता हूं। नीरज भाई की टिप्पणी रात्रि 9.19 पर की गई जिसे मैंने रात्रि 9.50 पर देखा, परन्तु बाद में लाइट जाने तथा घर पर इंटरनेट की सुविधा न होने की वजह से इस पोस्ट का खण्डन मैं तत्काल प्रकाशित न कर सका…
फ़िर भी मूल सवाल अपनी जगह पर कायम है कि सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बावजूद केन्द्र सरकार उन नामों का खु्लासा क्यों नहीं कर रही है जो उसे जर्मनी सरकार काफ़ी पहले बता चुकी है… अब हमें विकीलीक्स के "आधिकारिक" खुलासे का इंतज़ार करना होगा…
(बहरहाल, आप चाहें तो मूल पोस्ट पढ़िए… जिसमें मैंने पहले मिनट से ही इसकी विश्वसनीयता को संदिग्ध माना है)
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केन्द्र सरकार इस बात को स्वीकार कर चुकी है कि उसे स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगातार लताड़ लगाए जाने के बावजूद सरकार उन खाताधारियों के नाम उजागर नहीं कर रही है, क्योंकि स्वाभाविक है कि उनमें कई “प्रभावशाली”(?) लोग मौजूद हैं, जिनके नाम उजागर होने (उजागर तो हो चुके हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से सरकार द्वारा मान लेने) पर दिल्ली में राजनैतिक भूकम्प आ सकता है…(हालांकि यह सूची अभी आधिकारिक एवं विश्वसनीय नहीं मानी जा सकती)।
विभिन्न विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा काले धन के बारे में विकीलीक्स द्वारा खुलासे निरन्तर जारी हैं। ताजा खुलासे में विकीलीक्स ने कहा है कि उसके पास स्विस बैंक के पूर्व कर्मचारी रूडोल्फ़ एल्मर द्वारा प्राप्त जानकारी एवं डिस्क के मुताबिक भारतीयों के 2000 नाम हैं, जिसमें से कुछ की लिस्ट विकीलीक्स ने अपने सर्वर 88.80.16.63 पोर्ट क्रमांक 9999 (SSL Enabled) पर रेपिडशेयर के जरिये जारी की हैं। विकीलीक्स के अनुसार इन विशाल रकमों में से अधिकतर स्टॉक मार्केट की हेराफ़ेरियों, नशे के अवैध कारोबार, विभिन्न सरकारी योजनाओं द्वारा प्राप्त किये गये हैं। जूलियन असांजे के अनुसार भारत से आने वाला अधिकतर अवैध पैसा पाकिस्तान, दुबई, मॉरीशस और दक्षिण अफ़्रीका होते हुए स्विस बैंकों में पहुँच रहा है, यदि भारत सरकार इसे रोकने के लिये तथा नाम उजागर करने हेतु तत्काल कोई कदम नहीं उठाती है तो हम एक और लिस्ट जारी करेंगे… (नीचे दी गई सूची 2 अगस्त 2011 को जारी की गई है), जबकि 985 अन्य नामों की लिस्ट जल्दी ही जारी की जाएगी…
डिस्क्लेमर :- उक्त लिस्ट एवं स्नैपशॉट विभिन्न नेट फ़ोरमों एवं साइटों पर विचरण कर रहे हैं।
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स्रोत लिंक –
http://www.rediff.com/business/slide-show/slide-show-1-black-money-wikileaks-may-reveal-indian-names/20110426.htm
http://newsalertindia.com/news_details.php?nid=983
http://i.imgur.com/bO3dF.png
http://www.haindavakeralam.com/HKPage.aspx?PageID=14443&SKIN=B


