Saturday, August 6, 2011

विकीलीक्स संबंधी पोस्ट का खण्डन एवं स्पष्टीकरण…

मित्रों…
विकीलीक्स द्वारा आधिकारिक ट्वीट में यह कहा गया है कि इस प्रकार की कोई सूची उसके द्वारा जारी नहीं की गई है (जैसा कि भाई नीरज ने अपनी टिप्पणी में बताया)। अतः इस पोस्ट को हटाने की बजाय मैं सबसे ऊपर स्पष्टीकरण देना अपना फ़र्ज समझता हूँ… चूंकि यह पोस्ट अपुष्ट सूचनाओं पर आधारित थी (पोस्ट करते समय), एवं रात होते-होते विकीलीक्स का खण्डन भी आ गया अतः इस पोस्ट को Null & Void समझा जाए…

मैं न तो इस पोस्ट को, न ही सभी टिप्पणियों को हटा रहा हूँ, क्योंकि अब इसकी कोई जरुरत नहीं रह गई है…। पाठकों एवं टिप्पणीकर्ताओं को हुई असुविधा के लिए मैं खेद व्यक्त करता हूँ… अपुष्ट और गलत सूचना के आधार पर हुई यह मेरी पहली गलती है, आशा है कि मित्रगण इसे समझने का प्रयास करेंगे (कई बार मुखबिर की गलत सूचना के आधार पर पुलिस एनकाउण्टर कर डालती है, वैसा ही कुछ हुआ)। चूंकि उल्लिखित सर्वर एवं आईपी पर विकीलीक्स का वह पेज खुल नहीं रहा है अतः जब तक विकीलीक्स स्वयं नहीं कहता, तब तक हमें मानना ही होगा कि यह लिस्ट कभी जारी नहीं की गई…

चूंकि मैं बड़े मीडिया हाउसों की तरह "अड़ियल", "जिद्दी" और "वकीलों की फ़ौज से सक्षम" नहीं हूं जो कि गुजरात दंगों में गर्भवती मुस्लिम युवती का पेट फ़ाड़ने जैसी झूठी व ऊलजलूल खबरों को भी जबरन दिखाता रहे या तीस्ता जावेद के झूठे हलफ़नामों को भी सुर्खियाँ बनाता रहे और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद न अपनी गलती माने और खेद भी व्यक्त न करे…। फ़िलहाल मैं खेद व्यक्त करता हूं। नीरज भाई की टिप्पणी रात्रि 9.19 पर की गई जिसे मैंने रात्रि 9.50 पर देखा, परन्तु बाद में लाइट जाने तथा घर पर इंटरनेट की सुविधा न होने की वजह से इस पोस्ट का खण्डन मैं तत्काल प्रकाशित न कर सका…

फ़िर भी मूल सवाल अपनी जगह पर कायम है कि सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बावजूद केन्द्र सरकार उन नामों का खु्लासा क्यों नहीं कर रही है जो उसे जर्मनी सरकार काफ़ी पहले बता चुकी है… अब हमें विकीलीक्स के "आधिकारिक" खुलासे का इंतज़ार करना होगा…

(बहरहाल, फ़िर भी आप चाहें तो मूल पोस्ट यहाँ क्लिक करके पढ़िए… जिसमें मैंने पहले मिनट से ही इसकी विश्वसनीयता को संदिग्ध माना है)
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14 comments:

सौरभ आत्रेय said...

यह ठीक है कि वो लिस्ट अधिकारिक नहीं है किन्तु उसमें कोई नाम संदिग्ध भी नहीं है. वैसे भी लगभग ६५ वर्षों में तथाकथित स्वतंत्रता से देश की जो दुर्गति हुई है उसके पश्चात भी कांग्रेसियों के अपार काले धन का प्रमाण ढूँढने की आवश्यकता है क्या ? इतनी बदहाल अवस्था क्या स्वयं ही प्रमाण नहीं है इनकी मुग़ल और अंग्रेजों जैसी बल्कि उनसे भी अधिक दुनिया की सबसे बड़ी लूट का. न केवल धन की इन्होने तो भारत की संस्कृति और इतिहास को भी नोच डाला है.

Arvind Mishra said...

आगे से सावधानी बरतें -यह भर्त्सनीय कृत्य है और कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है और आपकी विश्वसनीयता भी गयी समझिये ...इसलिए मैंने आपसे विकीलीक्स का अमूल स्रोत मनगा था ...जिम्मेदार बनिए !

सुनील दत्त said...

धर्मनिर्पेक्ष गिरोह से जुड़े गद्दारों के वारे में सपष्टीकरण देने की कोई जरूरत नहीं

Suresh Chiplunkar said...

आदरणीय मिश्रा जी, मैं बिलकुल ध्यान रखने का प्रयास करूंगा कि आगे ऐसा न हो…
इस बार भी ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि व्यस्तता की वजह से खबर को "क्रास-चेक" करने का ध्यान नहीं रहा और पोस्ट कर दी।
खैर… फ़िर भी 550 से अधिक पोस्ट के सफ़र में पहली बार ही सही, गलती तो हुई है।

रही बात कानूनी कार्रवाई की, तो आपकी जानकारी के लिये बता दूं कि एक ब्लॉगर उसी समय तक कानूनी घेरे में आ सकता है जब तक 1) वह अपनी खबर का मूल स्रोत (लिंक) न दे, (लिंक एवं स्रोत देने पर ब्लॉगर की जिम्मेदारी समाप्त होती है, उसके बाद किसी भी विवाद की स्थिति में आपत्ति लेने वाली पार्टी और मूल लिंक के मालिक के बीच कानूनी दांवपेंच होते हैं)

2) यदि खबर झूठी निकलने पर खेद व्यक्त न करे…
(जबकि मैंने दोनों शर्तों का पालन किया है)

(यह कानूनी जानकारी वर्धा में ब्लागर सम्मेलन के दौरान सायबर लॉ विशेषज्ञ पवन दुग्गल से प्राप्त हुई है)।

Deepesh said...

आपने पहले पैरा में लिखा है कि "रात होते-होते विकीलीक्स का खण्डन भी आ गया" । आगर संभव हो तो उस खण्डन का लिंक अवश्य दे ।

Suresh Chiplunkar said...

भाई दीपेश जी…
यह रहा खण्डन…
WARNING: WikiLeaks and Indian black money: The following is a FAKE image and never appeared on WikiLeaks http://i.imgur.com/bO3dF.png
ये रहा विकिलीक्स का आधिकारिक ट्विटर पेज जहां उन्होंने इसे छाप दिया है और वह इमेज भी जिसमें भारतीय नेताओं के नाम छपे हैं। http://twitter.com/#!/wikileaks

सोनू said...

मुझे तो विकिलीक्स की नीयत में खोट लग रहा है। वे कहते हैं कि स्विस बैंक के खाताधारियों नाम अब देंगे ...अब देंगे। इस बीच तो जूलियन असांज उन मालामाल लोगों से करोड़ों डॉलर का भामाशाही दान ऐंठ सकते हैं। फिर एक कटी-छँटी नामावली जारी हो जाए जिसमें सोनिया गांधी वग़ैरा का नाम शायद ही हो।

Anonymous said...

आपने भी वाह-वाही के चक्कर में फर्जी एनकाउण्टर कर डाला /
आपकी जिन्दगी का मकसद ही कांग्रेस और गांधी परिवार की छवि पर कीचड उछालना भर है /
देश में कहीं भी कुछ भी घटना घटे आप हमेशा ही सोनिया गाँधी और राहुल गांधी को लपेटते रहे हैं /
रही बात खेद व्यक्त करने की तो कोई भी आपको अपनी पोस्ट में अपमानित करे, गालियाँ दे या फर्जी आरोप लगा दे और तीसरे दिन वो एक छोटी सी पोस्ट में खेद व्यक्त कर दे .... सही है न ?

Deepesh said...

जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद । वैसे विकीलीक्स नें अपने फ़ेसबुक पेज

http://www.facebook.com/wikileaks

पर भी खण्डन कर दिया है ।

Suresh Chiplunkar said...

@ बेनामी -
1) गाँधी परिवार की छवि(?)… हा हा हा हा हा हा

2) जैसा आपने कहा, वैसा किया जा सकता है (किया भी गया है, बगैर खण्डन छापे) क्योंकि मैं कोई "तोप" नहीं हूँ… :) :)

आशुतोष की कलम said...

मुझे लगता है की खबर सत्य हो या न हो मगर नाम तो सर्वविदित है की चोरो के ही हैं..
क्या पता भारत के राजनैतिक नेतृत्व से नैतिक समर्थन पाने की छोटी सी कीमत दी हो विकिलीक्स ने...क्युकी पश्चिमी देश उसके पीछे लगे ही हैं..

सुलभ said...

नेट स्रोतों के मद्देनजर इस तरह की चूक/गलतिय हो सकती है. आपने बिना देर किये स्पष्टिकरण पोस्ट लगाया. आप एक जिम्मेदार लेखक और सम्पादक हैं. इस त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद!

Prabhat Kr. Rajan said...

झारखंड से राज्य सभा संसद धीरज साहू ने ६ अगस्त को एक कार्यक्रम मे सोनिया गांधी के लिये २ मिनट का मौन धारण करवा दिया. कहा स्वास्थ्य लाभ के लिये. धन्य है झारखंड के काँग्रेसी

जितेन्द्र सिंह : एक सच्चा भारतीय said...

कोई कुछ भी कहे सुरेश जी..आपका योगदान इस देश के लिए प्रशंसनीय है..और मैं आपका प्रशंसक हूँ..

काला धन तो स्वित्ज़रलैंड में है ही भारत के "कपूतों" का ...अब नहीं तो कुछ दिन बाद सही पोल तो खुलेगी...वैसे भी सरकार के पास तो पूरा ब्यौरा है...वो नहीं बताना चाहती तो कोई कर लेगा..."वेश्या" कब अपना प्रचार करती है, लेकिन लोग तो चले आते हैं.??
एक छोटी कोशिश कर रहा हूँ सच्चाई बताने की..
आप ये विडियो देखिये और जानिये..लिंक दे रहा हूँ-
http://www.youtube.com/watch?v=rWF683xdCtM&feature=relmfu

http://www.youtube.com/watch?v=MKYAoP4nAHg