Wednesday, June 15, 2011

पूर्वोत्तर के आर्चबिशप का नोबल नामांकन - धर्मान्तरण को जायज़ और पवित्र ठहराने का एक भद्दा लेकिन प्रभावशाली तरीका…(एक माइक्रो पोस्ट)… Nobel Nomination for Archbishop

पूर्वोत्तर में "शांति स्थापित करने"(?) के प्रयासों के लिए गुवाहाटी के आर्चबिशप थॉमस मेनमपरामपिल को एक लोकप्रिय "इटालियन मैग्जीन" बोलेटिनो सेल्सिआनो ने नोबल शांति पुरस्कार के लिए "नामांकित"(?) किया है। पत्रिका में बताया गया है कि उन्होंने पूर्वोत्तर में विभिन्न जातीय समुदायों के बीच शांति बनाए रखने के लिए कई बार पहल की।



उल्लेखनीय है कि कोई पत्रिका कभी नोबल पुरस्कार के उम्मीदवार नहीं चुनती। खबर में जानबूझकर "नामांकित" शब्द का उपयोग किया गया है ताकि भ्रम फ़ैलाया जा सके। इन आर्चबिशप महोदय ने पूर्वोत्तर के किन जातीय समुदायों में अशांति हटाने की कोशिश की इसकी कोई तफ़सील नहीं दी गई (यह बताने का तो सवाल ही नहीं उठता कि इन आर्चबिशप महोदय ने कितने धर्मान्तरण करवाए)। ध्यान रहे कि आज़ादी के समय मिज़ोरम, मेघालय और नागालैंड की आबादी हिन्दू बहुल थी, जो कि अब 60 साल में ईसाई बहुसंख्यक बन चुकी है। ज़ाहिर है कि "इटली" की किसी पत्रिका की ऐसी 'फ़र्जी अनुशंसा' उस क्षेत्र में धर्मांतरण के गोरखधंधे में लगे चर्च के पक्ष में हवा बांधने और देश के अन्य हिस्सों में सहानुभूति प्राप्त करने की भद्दी कोशिश है।

इससे पहले भी मदर टेरेसा को शांति का नोबल और "संत"(?) की उपाधि से नवाज़ा जा चुका है, बिनायक सेन को कोरिया का "शांति पुरस्कार" दिया गया, अब इन आर्चबिशप महोदय का नामांकन भी कर दिया गया है…। मैगसेसे हो, नोबल हो या कोई अन्य शांति पुरस्कार हो… इनके कर्ताधर्ताओं के अनुसार सिर्फ़ "सेकुलर" व्यक्ति ही "सेवा"(?) और "शांति"(?) के लिए काम करते हैं, एक भी हिन्दू धर्माचार्य, हिन्दू संगठन, हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाएं कुछ कामधाम ही नहीं करतीं। असली पेंच यहीं पर है, कि धर्मान्तरण के लिये विश्व भर में काम करने वाले "अपने कर्मठ कार्यकर्ताओं" को पुरस्कार के रूप में "सुपारी" और "मेहनताना" पहुँचाने के लिये ही इन पुरस्कारों का गठन किया जाता है, जब "कार्यकर्ता" अपना काम करके दिखाता है, तो उसे पहले मीडिया के जरिये "चढ़ाया" जाता है, "हीरो" बनाया जाता है, और मौका पाते ही "पुरस्कार" दे दिया जाता है, तात्पर्य यह कि इस प्रकार के सभी पुरस्कार एक बड़े मिशनरी अन्तर्राष्ट्रीय षडयन्त्र के तहत ही दिये जाते हैं… इन्हें अधिक "सम्मान" से देखने या "भाव" देने की कोई जरुरत नहीं है। मीडिया तो इन व्यक्तियों और पुरस्कारों का "गुणगान" करेगा ही, क्योंकि विभिन्न NGOs के जरिये बड़े मीडिया हाउसों में चर्च का ही पैसा लगा हुआ है।
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(नोट - रही बात शांति की, तो सेकुलरों को लगता है कि समूचे पूर्वोत्तर से हिन्दुओं को मार-मारकर भगाने और बाकी बचे-खुचे को धर्मान्तरित करने के बाद "शांति" तो आयेगी ही…, हालांकि हकीकत ये है कि शांति सर्वाधिक वहीं पर होती है, जहाँ हिन्दू बहुसंख्यक हैं…नगालैण्ड और कश्मीर में नहीं)

17 comments:

संजय बेंगाणी said...

आप "नोबल" पुरस्कार लायक आदमी पर ऊँगली उठा रहे है.... :)

बाबू समझो इशारे....

संजय बेंगाणी said...

ये लोग न होते तो भारत में शांति स्थापित ही न होती और ये न होते तो भारत शिक्षित ही न होता. जैसे अंग्रेजी न होती तो विज्ञान ही नहीं होता?

Ruchika Sharma said...

इटली की सोनिया हिंदुस्‍तान में ये सब खेल खेल रही हैं

हंसी के फव्‍वारे

योगेन्द्र सिंह शेखावत said...

नॉबल पुरस्कार ऐसे-ऐसे आदमियों को मिल चुका है कि मुझे लगता है Nobel Prize का नाम अब Savage Prize रख देना चाहिए | मेरा नाम अगर कोई नॉबल पुरस्कार के लिए नामांकित भी कर दे तो मैं तो नहीं लूँगा भाई, नॉबल मिल गया तो रही सही साख भी घट जायेगी मित्रों की नज़रों में | ;-)

ROHIT said...

काश गांधी ने उस रंगीले नेहरु की जगह सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाया होता ?
तो आज ये दिन न देखने पड़ते.

victor unicorn said...

suresh jee pranma kai din baad likh raha hoo , aapko 1 badhiya link bhej raha hoo ,agar aap uchit samjhe to church ka parda fash karne hetu iska prayoug kare

http://en.wikipedia.org/wiki/Th%C3%ADch_Qu%E1%BA%A3ng_%C4%90%E1%BB%A9c
link naa khule to wikipedia english pe type kare
Thích Quảng Đức

victor unicorn said...

Thích Quảng Đức is shabd ko english wikipedia me pest kar ke link nikaley aur use logo ko de

Anonymous said...

सुरेश जी जहाँ आपके लेख राष्ट्रवाद पर आधारित होते है वही http://bhandafodu.blogspot.com/ पर इन इस्लाम के अनुयायियों का भंडाफोड़ किया जाता है जरूर पढ़े

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अब तो लगातार हताशा फैल रही है. और हमारे धर्माचार्य जिन्हें अपने मठों में दौलत इकठ्ठी करने से ही फुरसत नहीं है, वे भी इसके जिम्मेदार हैं. कभी समाज में जाकर जाग्रति फैलाते ही नहीं.

Man said...

वन्देमातरम सर .,
सही हे ,जो अंदर खाने साजीशे चल रही हे वो फ़ैल भी हो रही हे (,लोग इन A*********.गाली नहीं बकूंगा ह), कुल मिला के भाभी विधवा होने वाली हे,इन *******की

Prabhat Kumar Rajan said...

Rahul Gandhi arrested by FBI


Rahul Gandhi was arrested at Boston airport. He had 160,000 dollars in cash. In united states, you cannot enter with more than 10,000 dollars without declaring it. He didn’t declare and got caught. He had with him a girlfriend by name Veronique Cartelli, citizen, passport holder spain, father Colombian. Cartelli, means drug mafia. And something else is there, which has not been identified. 27th September, 2001, they have SPG, like a royal family they have SPG cover. SPG said he is son of former Prime Minister and FBI said we don’t care. It is the law. Nine hours they kept. Government of India intervened, Condelezza Rice was told this will affect Indo-US relationship, and then the FBI was told to let him go. FBI registered a FIR or equivalent of FIR, I don’t know what they call here, criminal case or whatever, and was told anytime we want we can call you and you can go. They let him go. My friends here try to get information using freedom of information act to FBI and FBI said they will give his records, provided we get no objection certification from Rahul Gandhi because it is his personal records. That’s the law. So, I wrote a letter to Rahul Gandhi. If you have nothing to hide, give us the permission. He never replied. Everybody knows. This is in record. Nothing to hide. 160,000 dollars in cash, carry such cash for what for?---------------gandhiheritage.org

P K Surya said...

100% satya. parantu hindu jis din se har din Vaid, Upnishad,Geeta, Ramayan padhna suru kar dega us din se apne ap sab thik hone lag jayega, Ishai ho ya muslim dono ka apna Dharm Garanth hai dono esko padhte hain, or ek hum hain humare Ghar me Geeta bhi ho to badi bat hai or padhne lag jaye to usse bhi badi bat hai. viad, upnishad to dur kee bat hai, sab koi na koi guru k thele sorry chele bane huyen hain, sab ne apna ek naukar rakha hua hai Ishwar tak pahuchane k liye, Hindu log apne root pe dhyan den apne dharma grantho ko padhne lage to sab apne ap thik ho jayega... Jay Bharat

Mahendra Gupta said...

Bande Ma Taram! Sir
Aapke sabhi Lekho ki taraha ye bhi hinduwo ki jagi aan ko kohlne wali hai. Lekin Ye sab adhik se adhik logo tak pahuchana chaahiya. Aap sab se anuradh hai ki in bato ko anya logo tak mouth to mouth jarur pahuchaye. Is tarah aap desh ki thori si seva ke bhagidaar ho jayenge.
Bannde ma taram!

Mahendra Gupta said...

Bande Ma Taram! Sir
Aapke sabhi Lekho ki taraha ye bhi hinduwo ki jagi aan ko kohlne wali hai. Lekin Ye sab adhik se adhik logo tak pahuchana chaahiya. Aap sab se anuradh hai ki in bato ko anya logo tak mouth to mouth jarur pahuchaye. Is tarah aap desh ki thori si seva ke bhagidaar ho jayenge.
Bannde ma taram!

Mahendra Gupta said...

Bande Ma Taram! Sir
Aapke sabhi Lekho ki taraha ye bhi hinduwo ki jagi aan ko kohlne wali hai. Lekin Ye sab adhik se adhik logo tak pahuchana chaahiya. Aap sab se anuradh hai ki in bato ko anya logo tak mouth to mouth jarur pahuchaye. Is tarah aap desh ki thori si seva ke bhagidaar ho jayenge.
Bannde ma taram!

vijender said...

suresh ji ram-ram,bilkul sahi likha he apne/ ghuwathi ke archbishop ko shanti ke liye nahi balki hinduo ke dharmantran krane ke liye chuna gane i sifarish ki he/ 1997 me Mizoram me hindu riyang samuday per , waha ki isai (christion)sarkar ne attayachar karnae suru kar diye/90,000 se jayda riyang samuday ne tripura me saran li na parantu na CHURCH niyantrit Mizoram sarkar or na hi central govt ne unki sudh li/ gujrat dango ke bad modi sarkar ne unki surksha/jiwan yapan ke liye kafi subidaye di/ prantu Mizoram ke riyang (Hindu) samuday per na hi.N.H.R.C.or na hi supreme court na hi unki sudh li/sayad hindu hona hi unka abhisap ban gaya he/ sabse nirasajanak baat to ye he ki hindu hit ka dam bharne bali B.J.P. BHI Chup-chap beti he

अवनीश सिंह said...

आदरणीय सुरेश जी तथा पाठकगण ,जरा यहाँ भी गौर फरमाएं
http://www.bhaskar.com/article/NAT-priest-accused-of-raping-killing-2232172.html?HT3=