Monday, June 13, 2011

आप टैक्स चुकाते रहिए, ताकि अब्दुल नासेर मदनी स्वस्थ रह सके… ... Abdul Naser Madni, Terrorism in Kerala

बंगलोर के एक पॉश इलाके व्हाइटफ़ील्ड में स्थित सौख्य इंटरनेशनल होलिस्टिक सेंटर में एक वीआईपी मरीज का आयुर्वेदिक इलाज किया जा रहा है, उसे फ़ाइव स्टार श्रेणी की “पंचकर्म चिकित्सा” सुविधा दी जा रही है, ताकि वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके। यह चिकित्सा उसे माननीय-माननीय (108 बार और जोड़ें) सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप प्रदान की जा रही है। यह वीआईपी मरीज कोई और नहीं, बल्कि कोयम्बटूर एवं बंगलोर बम धमाकों का प्रमुख आरोपी अब्दुल नासेर मदनी है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अब्दुल नासेर मदनी के लश्कर से सम्बन्धों की बात स्वीकार की है और जाँच जारी है, परन्तु इस आतंकवादी को बंगलोर के निकट पाँच सितारा स्पा सेण्टर में इलाज दिया जा रहा है, क्योंकि भारत एक “सेकुलर” देश है। ज़ाहिर है कि अब्दुल नासेर मदनी के 26 दिन के इस आयुर्वेदिक कोर्स का लगभग दस लाख का खर्च भारत के ईमानदार करदाताओं की जेब से ही जाएगा। (चित्र में मदनी का आलीशान सुईट)


सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अब्दुल नासेर मदनी को 7 जून को इस स्पा केन्द्र में भरती किया गया है, क्योंकि “मदनी बचाओ समिति” नाम की “सुपर-सेकुलर संस्था” ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर करके बताया कि फ़िलहाल व्हील चेयर पर जीवन बिता रहे अब्दुल मदनी को डायबिटीज़, पीठ दर्द एवं न्यूराइटिस (तलवों में जलन) की वजह से चिकित्सा सहायता मुहैया करवाना आवश्यक है। कर्नाटक पुलिस अपना मन मसोसकर और खून जलाकर अब्दुल नासेर मदनी की सेवा में पाँच पुलिस वालों को दिन-रात लगाए हुए है, सोचिये कि पुलिसवालों की मनःस्थिति पर क्या गुज़रती होगी?

साध्वी प्रज्ञा भी मालेगाँव बम धमाकों के सिलसिले में मुम्बई पुलिस की हिरासत में हैं, उनके साथ जो सलूक हो रहा है वह आप यहाँ पढ़ सकते हैं (Sadhvi Pragya Hindu Terrorist??), परन्तु अब्दुल मदनी के इलाज की इस “सेकुलर” घटना से सबसे पहला सवाल तो यही खड़ा होता है कि क्या किसी आतंकवादी को इस प्रकार की पंचकर्म चिकित्सा दी जानी चाहिए? और चलो मान लो कि “गाँधीवादी नपुंसक इंजेक्शन” की वजह से “सेकुलर भारतवासी” इस आतंकवादी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर भी लें तब भी इसका खर्च हमें क्यों उठाना चाहिए? सुप्रीम कोर्ट को यह निर्देश देना चाहिए था कि मदनी के इस इलाज का पूरा खर्च उसे और उसकी संस्थाओं को दुबई एवं केरल के मदरसों से मिलने वाले चन्दे से वसूला जाए।

एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने अपनी व्यथा ज़ाहिर करते हुए कहा कि “क्या पूरे देश के लाखों कैदियों में सिर्फ़ अब्दुल मदनी ही इन बीमारियों से पीड़ित है? फ़िर सिर्फ़ अकेले उसी को यह विशेष सुविधा क्यों दी जा रही है?”, परन्तु ऐसे सवाल पूछना बेकार है क्योंकि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ही आदेश दिया है और मदनी को बचाने वाली संस्थाएं “सेकुलर” मानी जाती हैं, और वोट बैंक की इस “घृणित” राजनीति के कारण ही 2006 में केरल विधानसभा (जहाँ सिर्फ़ कांग्रेस और वामपंथी हैं) ने सर्वानुमति से एक प्रस्ताव पारित करके अब्दुल नासेर मदनी को रिहा करने की माँग की थी, और जब स्वयं प्रधानमंत्री भी हमें चेता चुके हैं कि संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का है तो हमें स्वीकार कर लेना चाहिए…

अफ़ज़ल गुरु हो या अजमल कसाब, भारत सरकार से वीआईपी ट्रीटमेण्ट लेना उनका “पैदाइशी अधिकार” है। वैसे तो “सेकुलरिज़्म” अपने-आप में ही एक घटिया चीज है, लेकिन जब वह कांग्रेस और वामपंथियों के हाथ होती है, तब वह घृणित और बदबूदार हो जाती है… भाजपा भी उसी रास्ते पर चलने की कोशिश कर रही है। ऐसे में “राष्ट्रवादी तत्व” अपना सिर पटकने के लिये अभिशप्त हैं, जबकि “सिर्फ़ मैं और मेरा परिवार” मानसिकता के अधिसंख्य अज्ञानी हिन्दू पैसा कमाने और टैक्स चुकाने में मशगूल हैं, ताकि उस टैक्स के पैसों का ऐसा “सदुपयोग” हो सके…।

(सुप्रीम कोर्ट पर कोई भी टिप्पणी करते समय कृपया “माननीय X 108” शब्द का उपयोग अवश्य करें…)
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अब थोड़ा सा विषयांतर :
चलते-चलते :- बाबा रामदेव के आंदोलन को असफ़ल करने में एक प्रमुख भूमिका निभाने वाले अण्णा हजारे का एक रूप यह भी है, नीचे दी गई लिंक देखें… गाँधीवादी अण्णा, गैर-मराठियों को बाहर करने के मुद्दे पर राज ठाकरे का समर्थन कर रहे हैं…। मैंने पिछली पोस्ट में राज ठाकरे के साथ अण्णा का फ़ोटो दिया था, वह यही इशारा देने के लिए दिया था, कि अण्णा का कोई भरोसा नहीं, ये रामदेव बाबा-भगवाधारियों-संघ-भाजपा का विरोध करते हैं, लेकिन राज ठाकरे की तारीफ़ करते हैं…। महाराष्ट्र में इनके विरोधी इन्हें "सुपारीबाज अनशनकारी" कहते हैं, तो निश्चित ही कोई मजबूत कारण होगा, जो कि जल्दी ही सामने आ जायेगा…
http://newshopper.sulekha.com/hazare-backs-raj-thackeray-s-tirade-against-non-marathis_news_1024638.htm

अग्निवेश नामक “सेकुलर वामपंथी दलाल” को तो सभी लोग अच्छी तरह जानते हैं, इसलिये उसकी बात करना बेकार है…रही बात केजरीवाल और भूषणों की, वे भी जल्दी ही बेनकाब होंगे। रामदेव बाबा (यानी भगवाधारी) को "भ्रष्ट" और "कारोबारी" बताकर उनकी मुहिम का विरोध करने वाले, जल्दी ही सोच में पड़ने वाले हैं… :)

28 comments:

सञ्जय झा said...

........subhkamnayen........bhau.....

pranam.

Manpreet Kaur said...

अच्छा ब्लॉग है आपका !मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है !
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Anonymous said...

दम घुट रहा है इस देश मेँ पर करेँ भी तो क्या? समझ मेँ नहीँ आता कि स्वामी रामदेव जी का एजेँडा 100% इस देश मेँ कैसे लागू हो पायेगा? लगता है कि इसी तरह घुटते-घुटते एक दिन हम मर जायेँगे पर यह देश कभी भी स्वीडन,सिँगापुर,भूटान की तरह भ्रष्टाचार मुक्त आदर्श लोकतंत्र नहीँ बन पायेगा

Deepesh said...

अभी कल ही ख़बर आई थी कि अण्णा भाजपा और संघ का आदमी करार दिए जाने से आहत है जैसे संघ या भाजपा कोई आतंकवादी संगठन है । और हाँ जेल में सुविधा की बात है तो राजकीय लुटेरा ए. राजा को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में सुनेंगे तो आपके होंश उड़ जाएँगे लिंक -

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/8831194.cms

Man said...

वन्देमातरम सर ,........ सेकुलर और राजनितिक दोगलो के कर्म,

ROHIT said...

जब कांग्रेस इस भारत की पहचान जो साधु संत है उन पर हमला कर सकती है.
तो वो कौन सा ऐसा घिनौने से घिनौना काम है जो नही कर सकती है.
और जिस कान्फिडेँस के साथ कांग्रेस ये सब राक्षसी लीला कर रही है.
उसका भी कारण है
क्यो कि कांग्रेस को पता है कि वो वोटिँग मशीनो को हैक कर के दुबारा चुनाव जीत जायेगी.
जैसा उसने पिछले चुनाव मे किया था.

ROHIT said...

जब कांग्रेस इस भारत की पहचान जो साधु संत है उन पर हमला कर सकती है.
तो वो कौन सा ऐसा घिनौने से घिनौना काम है जो नही कर सकती है.
और जिस कान्फिडेँस के साथ कांग्रेस ये सब राक्षसी लीला कर रही है.
उसका भी कारण है
क्यो कि कांग्रेस को पता है कि वो वोटिँग मशीनो को हैक कर के दुबारा चुनाव जीत जायेगी.
जैसा उसने पिछले चुनाव मे किया था.

योगेन्द्र सिंह शेखावत said...

अच्छी पोस्ट | फिलहाल जब तक अनुकूल समय नहीं आता तब तक मदनी जैसों की पोल खोलने में लगे रहिये |
पर जहाँ तक अण्णा हजारे का रूप दिखाने की बात है तो 100% न तो रामदेव निष्कलंक हैं न कोई और नेता या बाबा या आम आदमी | खैर इस आपसी खींचतान का क्या फायदा | आज के जमाने में हम कोई आदर्श नेतृत्व पाताल से भी खोद कर लाएं तो भी बहुत संभव है कि सामने वाला उसमे लूपहोल खोज लेगा |
देश हित के मुद्दों लिए चाहे रामदेव मुहीम चलायें या अण्णा, मैं उन सभी समर्थन करता हूँ जो इस मुहीम को बढ़ाने में किसी भी तरीके से अपना सहयोग करते हैं |

Abhishek said...

आपके लेख पढके खून जलता है समझ नहीं आता क्या किया जाए. आजादी के बाद देश की ये दुर्दशा देख के सारे क्रन्तिकारी स्वर्ग में खून के आंसू रोते होंगे.

ROHIT said...

रही बात अन्ना पार्टी की तो उसे कांग्रेस ने गन्ना पकड़ा दिया है.
और ये वही चूसती रहेगी.
बाबा रामदेव के आन्दोलन को पलीता तो अन्ना लगा ही चुके है.
कल अग्निवेश कह रहा था कि वो बाबा रामदेव से मिलेगा और रणनीति बनायेगा.

मुझे लगता है अब बाबा रामदेव को अन्ना पार्टी से बिल्कुल दूर हो जाना चाहिये .
नही तो अग्निवेश अपनी तरह बाबा को भी चौपट कर देगा.

Er. Diwas Dinesh Gaur said...

“सिर्फ़ मैं और मेरा परिवार” मानसिकता के अधिसंख्य अज्ञानी हिन्दू पैसा कमाने और टैक्स चुकाने में मशगूल हैं, ताकि उस टैक्स के पैसों का ऐसा “सदुपयोग” हो सके…।
सुरेश भाई आपका यह कथन सत्य है, किन्तु बहुत पीड़ादायी भी है...न जाने कब इन्हें अक्ल आएगी?
मदनी के इलाज के लिए हमारा पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है| वहीँ कल बाबा रामदेव के अनशन तोड़ने पर पिग्गी के द्वारा इसे खुली नौटंकी बताया जा रहा है...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

किन्हें जगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो जागते हुये भी सोने का दिखावा कर रहे हैं. हिन्दुओं की आने वाली पीढ़ी आगे चलकर हमें कोसेगी और बस.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

और उधर अमरनाथ यात्रा के लिये कितना हंगामा मचा रखा है. शिवलिंग बनकर तैयार हो गया है लेकिन उमर अब्दुल्ला २९ तारीख से पहले यात्रा प्रारम्भ न करने पर अड़ गये हैं. क्या जमाना आ गया है, दुनिया भर के शुल्क देकर अपने ही देश में तीर्थ यात्रा करो और उस भी इतना बावेला.

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

हमारे पूर्वजों ने कांग्रेस और सेकुलर को पाल कर जो गलती की उसका खामियाजा तो हमें भुगतना ही पडेगा ना?

आज जो हम गलती कर रहे हैं उसका खामियाजा अगली पीढ़ी को भुगतना ही पडेगा.

देखिये ना हिंदुत्व के पुरोधा नेता क्या फरमा रहे हैं - Shiv Sena founder’s nephew Raj Thackeray says “MF Husain was an asset to the country. His passing should put an end to all the controversies surrounding his paintings.”
His Chacha Jaan Balasaheb thakre “MF Husain was as strong-willed as he was fantastic. There are differences over his art, but he did not give up his obstinacy … An artist has his peculiar style, and Husain pursued his modern style wilfully. He only slipped up on the depiction of Hindu gods and goddesses. Otherwise, he was happy and content in his field. If his demise is a loss for modern art, then so be it. May his Allah give him peace.”

दर्शन लाल बवेजा said...

चिंताजनक ..

avinash said...

If these people from lokpal committe do wrong things and should not remain transparent people will hit them on road and people will hit these bloody congress people who are nothing but the wicked cunning figures.

ajinkya vishwa

I and god said...

भगवे की क्या कीमत :
गंगापुत्र स्वामी निगमानंद शहीद , रामदेव बाल बाल बचे.

देख लिया, किसी के मरने से सरकारों को कोई फर्क नहीं परता.

यदि अनशन पर जा रहे हो और आपके पीछे , मनाने वाले, मीडिया को बुला कर उनकी खिदमत करने वालों की टीम नहीं है , तो भूख से मरने के लिए तैयार हो जाओ.

अभी १२ घंटे बाद भी किसी नेता , संत समाज, का कोई व्यक्तव्य नहीं . श्री श्री आप ही कुछ बोलो .

अरे सब दर रहे हैं. बाबा रामदेव जी आप ही मुख खोलो ,

हरिद्वार में एक संत गंगा माता के लिए मर जाये , और पूरा देश खामोश है .

भगवान न करे हजारे या रामदेव को कुछ हो जाये तो इनका स्मारक अवश्य बन जायेगा,

पर निगमानंद की शहादत के बाद अवैध खनन भी रुकने की कोई खबर नहीं.

चेतावनी :
भैया, इस अनशन की नक़ल मत करना. ये स्टंट योजनाबद्ध है ,
( ऐसी सुचना भी ख़बरों के साथ देनी चाहिए)

खबर :

34 वर्षीय संत स्वामी निगमानंद गंगा रक्षा की मांग को लेकर गत 19 फरवरी से मातृसदन में अनशन पर बैठे थे। अनशन के 68 वें दिन 27 अप्रैल को स्वामी निगमानंद की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें दो मई को हिमालयन इंस्टीटयूट रेफर कर दिया। यहां भी स्थिति में सुधार नहीं आया और वे कोमा में चले गए। सोमवार रात दो बजे निगमानंद की मृत्यु हो गई।

कविता लिखने वालो कुछ इस पर कविता ही बना डालो .

जो करना है जल्दी करो , फिर मैच करीब हैं. फिर क्या करोगे, प्राइम टाइम , उसमे चला जायेगा .

दीर्घतमा said...

सेकुलर का अर्थ देश द्रोह के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है हम हिन्दू सोते रहेगे तो यही होगा कुछ दिन बाद भारतीय संतो को आतंक बादी बताकर उन्हें समाप्त कर दिया जायेगा ,क्यों की ये बाबा लोग अनुभव हिन् है जब इनके पास महेश जेठमलानी जैसे वाकिल और गुरुमूर्ति जैसे अर्थशास्त्री, गोविन्दाचार्य जैसे लोग थे तो बाबा ही क्यों चारो तरफ बारता कर रहे थे .

PADMSINGH said...

स्थिति जितनी दिख रही है उससे कहीं ज्यादा भयावह है... वही लोग अच्छे हैं जो इंटरनेट समाचार पत्र और संचार साधनों से दूर हैं... कम से कम चैन की नींद तो सो रहे हैं... यहाँ तो स्थिति यह है कि कहना भी मुश्किल और सहना भी मुश्किल...

उफ़!

जीत शर्मा " मानव " said...

नपुंसकों की बड़ी भीड़ है भारत में क्या किसी ने साध्वी प्रज्ञा बचाओं आन्दोलन चलाया है वो भी कुछ इसी तरह से व्हील चेअर पर दिन काट रही है अत्यधिक पीड़ा से हर वक्त करहाती रहती है परन्तु ना तो सरकार और ना ही हम और आप अपने संतों के बचाव के लिए कुछ कर रहे है ना करेगे रामदेव जी को प्रताड़ित किया जा चूका है निगमानंद जी महाराज स्वर्ग सिधार चुके है और साध्वी प्रज्ञा और असीमानंद की मृत्यु का इंतज़ार हम मिलकर बेचैनी से कर रहे है !! जय माँ भारती

रंजना said...

क्या कहें....???????

यथाशीघ्र naash हो इनका...

Mahendra Gupta said...

Bande ma taram!
Congress jo muslimo ke liye karti hia wo to keval tustikaran ke liye karti hia. Lekin jo sachche hindu secular hai we jayada tar aise is liya karte hai kyo ki ve sochate hai ki unke saath achchha karenge to we bhi hamere saath achchha karenge. Lekin wo ye bhool jaate hain ki Prithvi Raaj Chauhan ne Md. Gori ko Kai bar (shayad 14 ya 18 bar)yudhdh me maaf kiya lekin gori jab jita to usne turant prithvi ko giraftaar kar liya aur bad me maar diya. Hum kaise unse sudharne ya badalne ki ummid karte hai. yahi baat pakistan par bhi lagu hota hai. Pakistan sudhar hi nahi sakata kyoki jo wo karta hai wo useke liye uska dharm hai. wo apne dharm ke khilaf kaise jaa sakata hai.
Madani bhi apne dharm ka palan kar raha hai. aur wo sada karta rahega.
Hindu ko hi sochana hoga ky uska dharm kya hai.
Jabki Shri Krishna ne hi mahabharat me kaha hai "saathe saathya samaachret"
Bande ma taram!

कौशलेन्द्र said...

मैं एक ही निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ .....और वह यह कि भारतीय समाज पूरी तरह दिशाविहीन और नेतृत्वविहीन है. जो विवेकशील हैं वे विवश हैं अपनी सीमाओं और परिस्थितियों के निर्मम प्रहार से.
और अंत में यह ......कि काश ! मैं भी मुसलमान और आतंकवादी होता तो जेल में सरकार का वी.वी.वी.आई.पी दामाद होता .........कम से वह ज़िंदगी तो नसीब होती जो एक मेहनतकश इमानदार भारतीय को सपने में भी नसीब नहीं होती.

vijender said...

suresh ji ram-ram, kardatao ke paise se islam ke prodha,secular voto ke brandambassdar madani ka ilaz un imandar kardatao ke gaal per krara tamacha he jo imandari se appna tax jama karate he/un imandar kardatao se prathana he ki jo hindu sangathan hindu samaj ke sewa karya me lage he un sangathano ke jitni ban pade utani madad absay kary taki aap ka paisa attankbadiyo,dusre majahab (Haz subsidey) per na karach ho

ஐआनंदஐ said...

सर मैंने आपके ब्लॉग पे से चोरी की है और इस जानकारी को लेकर मेरे facebook पे डाला है जिससे सब जान पाए की हमारे प्यारे भारत में क्या हो रहा है...
आप बताइए क्या उपाय है...सब पढ़ कर बुरा लगता है... बहुत बुरा लगता है...हिन्दुओ के देश से हिन्दू पराये किये जा रहे है...क्या करे???

Anonymous said...

i have a mix feeling after reading you blog. i have slight doubt that it could be govt/congress sponsored show which try to confuse people between Hindu , Muslim, Ramdev and Anna. To keep away attention from corruption related issue.

I could be wrong.Any way thanks for writing a good blog.

Anonymous said...

Simply VOTE mat do. Pehle jeeto fir kachra saaf karo... TV channelon ko band karo. Khairiyaton ko band karo. our list banao jisne bhi Hinduon ka bura kiya ho use duniya me jeene ka koi adhikaar nahi hai. KHEL KHATAM... Miljulkar kaam karo bas...

सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh said...

सुरेश चिपलुनकर जी नमस्कार!
आपके इस लेख से बहुत प्रभावित हुआ हूँ और अपने फेसबुक खाते पर इसे शेयर कर रहा हूँ...
ऐसे ही लिखते रहिये...