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Thursday 27 January 2011

ब्लॉगिंग के चार वर्ष पूर्ण हुए… सफ़र जारी है (एक माइक्रो-पोस्ट)…… Four years of Blogging, Hindi Blogs and Hindi Writing

प्रिय पाठकों, मित्रों, शुभचिंतकों एवं जलने वालों… आपको सूचित करते हुए अत्यन्त हर्ष होता है कि इस ब्लॉग के 26 जनवरी 2011 को चार वर्ष पूर्ण हुए। जब ब्लॉगिंग शुरु की थी, तब सोचा नहीं था कि यह सिलसिला ज्यादा लम्बा चल सकेगा, लेकिन एक बार सफ़र चल पड़ा तो लोग साथ जुड़ते चले गये, मुझे भी अखबारों में लिखने के मुकाबले, ब्लॉगिंग में अधिक रस आने लगा (भले ही वहाँ के मुकाबले यहाँ पाठक बहुत कम हैं), और मैं इसी में रम गया…

चार वर्ष का यह सफ़र (कुछ) खट्टे – (अधिकतर) मीठे अनुभवों के साथ पूरा हुआ है, कई पाठकों से स्नेहिल, आत्मीय सम्बन्ध बने… कुछ से व्यक्तिगत मुलाकात भी हुई, जबकि कुछ से वर्चुअल “मुक्का-लात” भी हुई। कई हिन्दी-मराठी ब्लॉगर्स से काफ़ी कुछ सीखने को मिला, जोरदार बहस भी हुईं, लोकतांत्रिक वाद-विवाद भी हुए… लेकिन स्थाई मनमुटाव अब तक किसी से भी नहीं हुआ, मत-भेद कईयों से हैं, लेकिन मन-भेद किसी से भी नहीं।

गत एक वर्ष में पाठकों एवं सब्स्क्राइबर्स की संख्या में अचानक उछाल आया है, और ज़ाहिर है कि इससे उत्साह भी बढ़ता है। इस ब्लॉग को अब एक समाचार प्रधान, सूचना विश्लेषण एवं राजनैतिक-सांस्कृतिक विशाल इंटरनेट स्रोत के रूप में अर्थात एक वेबसाइट स्वरूप में विकसित करने की योजना है, इस दिशा में कई व्यक्तियों एवं संगठनों से आरम्भिक बातचीत हो चुकी है… मेरे कई पाठकों ने भी इसमें अपना योगदान देने की सहमति जताई है, सारे पहलुओं पर विचार-विमर्श जारी है, सही समय आने पर यह काम निश्चित रूप से हो ही जायेगा… मैं इस हेतु उन सभी का अग्रिम आभारी हूँ जिन्होंने आर्थिक अथवा तकनीकी समर्थन की प्रेमपूर्ण पावती दे दी है।

मैं फ़िल्मों, सुरीले गीतों, क्रिकेट एवं अन्य सामाजिक विषयों पर अधिकाधिक लिखना चाहता था (शुरुआती दो वर्ष तक इन विषयों पर काफ़ी-कुछ लिखा भी), परन्तु गत एक वर्ष से मैंने राष्ट्रवाद-हिन्दुत्व, छद्म-धर्मनिरपेक्षता सहित वामपंथियों एवं सेकुलरों के दोहरे मानदण्डों एवं जिहादियों तथा चर्च के षडयंत्रों से सम्बन्धित समाचारों व विश्लेषण पर अपना फ़ोकस स्थापित किया है… और बढ़ती पाठक संख्या से लगता है कि इसे पसन्द किया जा रहा है। सिर्फ़ गत एक वर्ष में ही सब्स्क्राइबर्स की संख्या दोगुनी हुई है एवं अब 26 जनवरी 2012 यानी अगले एक साल में 2000 से अधिक सब्स्क्राइबर्स बनाने का लक्ष्य है… इसे प्राप्त करने के लिये मुझे और कड़ी मेहनत, अधिक रिसर्च, अधिक तथ्य जुटाने होंगे…।

जनवरी में अपने व्यवसाय में अधिक व्यस्त रहने की वजह से इस माह अब तक सिर्फ़ पाँच पोस्ट ही लिख सका, परन्तु मुझे विश्वास है कि पाठकगण मेरी मजबूरियाँ समझेंगे एवं स्नेह बनाये रखेंगे।

इस अवसर पर मैं अपने उन मित्रों से भी माफ़ी चाहूँगा, जिनसे चैटिंग करते-करते अचानक मैं बिना किसी सूचना के गायब हो जाता हूँ। कभी पावर कट, कभी किसी ग्राहक के आने, किसी के फ़ोन पर व्यस्त हो जाने अथवा चैट करते-करते अचानक किसी महत्वपूर्ण जानकारी को पढ़ने में व्यस्त हो जाने की वजह से ऐसा होता है… कृपया मेरे इस “कृत्य” को मेरी गुस्ताखी न समझें…

बहरहाल… अधिक विस्तार में न जाते हुए अन्त में एक बार पुनः मैं उन सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि जिन्होंने मेरे सीधी-सादी आम बोलचाल वाली भाषा में लिखे गये, “लुहार स्टाइल” के लेखन को पसन्द किया… सभी का आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं मेरे साथ बनी रहें, यह प्रार्थना है।

धन्यवाद एवं नमन…

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