Thursday, January 27, 2011

ब्लॉगिंग के चार वर्ष पूर्ण हुए… सफ़र जारी है (एक माइक्रो-पोस्ट)…… Four years of Blogging, Hindi Blogs and Hindi Writing

प्रिय पाठकों, मित्रों, शुभचिंतकों एवं जलने वालों… आपको सूचित करते हुए अत्यन्त हर्ष होता है कि इस ब्लॉग के 26 जनवरी 2011 को चार वर्ष पूर्ण हुए। जब ब्लॉगिंग शुरु की थी, तब सोचा नहीं था कि यह सिलसिला ज्यादा लम्बा चल सकेगा, लेकिन एक बार सफ़र चल पड़ा तो लोग साथ जुड़ते चले गये, मुझे भी अखबारों में लिखने के मुकाबले, ब्लॉगिंग में अधिक रस आने लगा (भले ही वहाँ के मुकाबले यहाँ पाठक बहुत कम हैं), और मैं इसी में रम गया…

चार वर्ष का यह सफ़र (कुछ) खट्टे – (अधिकतर) मीठे अनुभवों के साथ पूरा हुआ है, कई पाठकों से स्नेहिल, आत्मीय सम्बन्ध बने… कुछ से व्यक्तिगत मुलाकात भी हुई, जबकि कुछ से वर्चुअल “मुक्का-लात” भी हुई। कई हिन्दी-मराठी ब्लॉगर्स से काफ़ी कुछ सीखने को मिला, जोरदार बहस भी हुईं, लोकतांत्रिक वाद-विवाद भी हुए… लेकिन स्थाई मनमुटाव अब तक किसी से भी नहीं हुआ, मत-भेद कईयों से हैं, लेकिन मन-भेद किसी से भी नहीं।

गत एक वर्ष में पाठकों एवं सब्स्क्राइबर्स की संख्या में अचानक उछाल आया है, और ज़ाहिर है कि इससे उत्साह भी बढ़ता है। इस ब्लॉग को अब एक समाचार प्रधान, सूचना विश्लेषण एवं राजनैतिक-सांस्कृतिक विशाल इंटरनेट स्रोत के रूप में अर्थात एक वेबसाइट स्वरूप में विकसित करने की योजना है, इस दिशा में कई व्यक्तियों एवं संगठनों से आरम्भिक बातचीत हो चुकी है… मेरे कई पाठकों ने भी इसमें अपना योगदान देने की सहमति जताई है, सारे पहलुओं पर विचार-विमर्श जारी है, सही समय आने पर यह काम निश्चित रूप से हो ही जायेगा… मैं इस हेतु उन सभी का अग्रिम आभारी हूँ जिन्होंने आर्थिक अथवा तकनीकी समर्थन की प्रेमपूर्ण पावती दे दी है।

मैं फ़िल्मों, सुरीले गीतों, क्रिकेट एवं अन्य सामाजिक विषयों पर अधिकाधिक लिखना चाहता था (शुरुआती दो वर्ष तक इन विषयों पर काफ़ी-कुछ लिखा भी), परन्तु गत एक वर्ष से मैंने राष्ट्रवाद-हिन्दुत्व, छद्म-धर्मनिरपेक्षता सहित वामपंथियों एवं सेकुलरों के दोहरे मानदण्डों एवं जिहादियों तथा चर्च के षडयंत्रों से सम्बन्धित समाचारों व विश्लेषण पर अपना फ़ोकस स्थापित किया है… और बढ़ती पाठक संख्या से लगता है कि इसे पसन्द किया जा रहा है। सिर्फ़ गत एक वर्ष में ही सब्स्क्राइबर्स की संख्या दोगुनी हुई है एवं अब 26 जनवरी 2012 यानी अगले एक साल में 2000 से अधिक सब्स्क्राइबर्स बनाने का लक्ष्य है… इसे प्राप्त करने के लिये मुझे और कड़ी मेहनत, अधिक रिसर्च, अधिक तथ्य जुटाने होंगे…।

जनवरी में अपने व्यवसाय में अधिक व्यस्त रहने की वजह से इस माह अब तक सिर्फ़ पाँच पोस्ट ही लिख सका, परन्तु मुझे विश्वास है कि पाठकगण मेरी मजबूरियाँ समझेंगे एवं स्नेह बनाये रखेंगे।

इस अवसर पर मैं अपने उन मित्रों से भी माफ़ी चाहूँगा, जिनसे चैटिंग करते-करते अचानक मैं बिना किसी सूचना के गायब हो जाता हूँ। कभी पावर कट, कभी किसी ग्राहक के आने, किसी के फ़ोन पर व्यस्त हो जाने अथवा चैट करते-करते अचानक किसी महत्वपूर्ण जानकारी को पढ़ने में व्यस्त हो जाने की वजह से ऐसा होता है… कृपया मेरे इस “कृत्य” को मेरी गुस्ताखी न समझें…

बहरहाल… अधिक विस्तार में न जाते हुए अन्त में एक बार पुनः मैं उन सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि जिन्होंने मेरे सीधी-सादी आम बोलचाल वाली भाषा में लिखे गये, “लुहार स्टाइल” के लेखन को पसन्द किया… सभी का आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं मेरे साथ बनी रहें, यह प्रार्थना है।

धन्यवाद एवं नमन…

55 comments:

Satish Chandra Satyarthi said...

सच कहूँ तो कभी कभी मुझे आपकी लगन और परिश्रम से इर्ष्या होती है :) मैं तो बड़ी प्रेरणा लेता हूँ आपसे... राष्ट्रवाद अथवा धर्म और धार्मिक विचारधाराओं के ऊपर लिखने वाले और भी ब्लॉग हैं हिन्दी में... पर अपनी बात को पुरी कड़ाई और दम-ख़म के साथ (लोहार स्टाइल में) रखते हुए भी संयम और मर्यादा को बरकरार रखकर और दूसरे धर्मों के विचारों के बारे में अनर्गल गाली-गलौज न करके तथ्यपूर्ण जानकारी देने वाले ब्लॉग आपके अलावा विरले ही हैं...
आपको मेरी करोड़ों बधाइयां और शुभकामनाएं...

संजय बेंगाणी said...

पहले बधाई स्वीकारें, लगातार उत्साह से जुटे रहने के लिए.

अपनी बात कहूँ तो इन दिनों मैनें अनुभव किया है कि राष्ट्रवादी विचारधारा वाले धीरे धीरे लिखना कम कर रहे है और विरोधी विचार वाले बढ़ते जा रहे हैं, यह क्षेत्र जहाँ वर्चस्व था वह खोता जा रहा है, अतः मुझे पूनः सक्रिय होना है... आपकी लगन प्रेरणा देती है.

Rekha Shukla said...

बधाइयाँ !

दिवाकर मणि said...

यहां मैं कुछ लंबा-चौड़ा न लिखने के बजाय "यमला-पगला-दीवाना" में सन्नी पाजी के छोटे बेटे के एक डायलॉग से अपनी बात कहना चाहूंगा। यानि कि- "डिट्टो"।

मतलब कि "सतीश चंद्र सत्यार्थी" और "संजय बेंगाणी जी" की टिप्पणी को ही मेरा भी मंतव्य समझा जाए।

Anil Pendse अनिल पेंडसे said...

सुरेश जी ,
आपके लेख सोचने को मजबूर कर देते है, आखें खोल देते हैं, तथात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं और जाने कितनी खूबियों से भरे होते है |
ढेर सारी शुभकामनायें और बधाइयाँ !!!!
ऐसे ही बने रहें इंतजार रहेगा|

sanjay jha said...

badhai....4 saal poora karne par.....
is asha ke saat ki 40 saal poore hone
par bhi badhaiyan de paoon....

pranam.

दीपक बाबा said...

“लुहार स्टाइल” के लेखन

भई वाह,

बधाई स्वीकार करें.........

रचना said...

aap ko badhaii

sanjay begani kae sakriyae honae kaaa intezaar

aur ek sanjjha blog banaiyae jis mae wo sab sadsyataa lae lae jo fakr sae kehtey haen ki wo hindu haen

us par likhna aavshyak nahin haen bas judna jarurii haen

aativas said...

I came across this blog very recently and I am enjoying your writing. Congratulations for completing four years and best wishes for further writing.

दीर्घतमा said...

सुरेश जी अज आवस्यकता है देश भक्त और राष्ट्र भक्त लेखको की जिसका अभाव खटक रहा है आप जैसे लेखको की बहुत जरुरत है जो भारत माता की अलख जगाये रखे बहुत-बहुत धन्यवाद.

honesty project democracy said...

हार्दिक बधाई और शुभकामनायें.....आप जैसे लोग ब्लोगिंग को एक सही दिशा देने में सहायक रहें हैं और रहेंगे.....

P K Surya said...

jai ho jai ho Suresh Bhaiya kee jai ho 4.5 Arab Suaar ke Or ek Luhar Lekhni Kee,

Kirtish Bhatt, Cartoonist said...

बधाई. और शुभकामनाएं.
संजय जी पुनः सक्रीय हो रहे हैं ये भी प्रसनता की बात है.

Ravindra Nath said...

सुरेश जी जब तक आप हैं हमे पूरा यकीन है कि कुतर्की टिक नही सकेंगे हमारे सामने।

अहसास की परतें - समीक्षा said...

Kindly visit my blog http://ahsaskiparten-sameexa.blogspot.com/2011/01/blog-post_26.html

ePandit said...

ब्लॉग के चार साल पूरे करने पर बधाइयाँ।

मुझे याद है आपने जब लिखना शुरु किया था तो मैं हैरान होता था कि अच्छे लेखन के बावजूद आपके पाठक कम क्यों हैं लेकिन मुझे पूरा विश्वास था कि आप जैसे लेखक एक दिन अवश्य सफल होंगे और वही हुआ। आपके उत्कृष्ट लेखन के चलते मेरे विचार से समय आपके स्बस्क्राइबरों की संख्या सबसे ज्यादा है।

पुनः एक बार बधाई।

शैलेन्द्र कुमार said...

सुरेश जी शुभकामनाये भगवन आपको दिन दुनी रात चौगनी तरक्की दे

उम्दा सोच said...

हार्दिक बधाई और शुभकामनायें.....

Mired Mirage said...

बधाई व शुभकामनाएँ .
घुघूती बासूती

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

बधाई और शुभकामनायें,सुरेश जी !

Sachin Saxena said...

हार्दिक बधाई!
अगले वर्ष २०००+ सबस्क्राइबर्स (जो की होने ही है) होने पर फिर बधाई दूंगा!!

nitin tyagi said...

u r doing great work
but some articles of urs i do not like
but 99% i like urs views

Sanjeet Tripathi said...

badhai "prabhu"

bani rahe yahi oorja

shubhkamnayein

chirag said...

bahut bahut badhai aapako....

सुलभ § Sulabh said...

बधाई और शुभकामनायें !!
आपका ब्लॉग लेखन महज ब्लॉग लेखन नहीं है ये जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन है. सचमुच आपके ब्लॉग से मुझे भी प्रेरणा मिलती है और मैं भी कुछ प्रोजेक्टों पर थोडा बहुत समय देता हूँ. एक अच्छी बात जो मैंने महसूस किया है पिछले एक साल में आपने काफी सजगता से काम किया है, अपने मानवीय कमजोरियों पर लगाम लगाते हुए, जिस साफगोई से बहस किया है मैं इसका कायल हूँ. "प्रतिक्रया में लेख लिखते समय भी यह ध्यान में रखना की मेरी जानकारी अधूरी भी हो सकती है जिस पर विषय विशेषग्य अपनी सलाह दे सकते हैं, टिप्पणी प्रति-टिप्पणियों में सभी से एक जैसा आचरण, कभी भी व्यक्तिगत मसले पर किसी से सहानुभूति की उम्मीद न करना, सदैव अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देना इत्यादि. " इस बात का द्योतक है कि आप एक सफल लेखक हैं. मुहावरे में कहें तो "लम्बी रेस का घोडा" !

# सतीश सत्यार्थी से हाल फिलहाल ही जुड़ा हूँ. मूल विषयों पर हमेशा स्पष्ट रहते हैं. उनकी परिपक्वता सहज ही आकर्षित करती है. सहमत हूँ.

# संजय बेंगानी जी से साल २००९ में जुड़ा. फिर आपसे जुड़ा. कम शब्दों में खड़ी खड़ी "लुहार टाइप" आज वक़्त की मांग है. बेंगानी जी की सक्रियता भी प्रेरित करती है.

फिर भी मैं यही कहूँगा "जी अभी तो शुरुवात है. आगे आगे देखिये होता है क्या"
सभी पाठकों से प्रार्थना है "सहयोग बनाए रखें."

धन्यवाद!!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बस यूं ही निरन्तर, अनथक लगे रहें..

उन्मुक्त said...

बधाई, लिखते चलें।

राहुल पंडित said...

बधाइयाँ

JANARDAN MISHRA said...

सुरेश जी आपको दिल से ढेर सारी सुभ कामना,,,,,,,
आप के साथ मै कुछ महीनो से ही जुड़ा हूँ, लेकिन आप का लेख एक लत (नशा) के बराबर है, जब तक आप का नया लेख पढने को नहीं मिलता, तब तक जाने कुछ अधुरा रह गया है ऐशा मह्सुश होता है, आप और कोई विषय पर लिखने के बदले, "हिन्दुत्व" और "राष्ट्र भक्ति" पर ही लिखा करो, नाचने गाने वालों (फिल्मी दुनिया) वाले पे लिखने कि जरुरत नहीं है क्यूँ के उसमे तो अधिकतर घोषित "खान" है, उनसे तो हमें देश भक्ति कि उम्मीद भी नहीं रखनी चाहिए, लेकिन हिंदुस्तान में जो गलत नस्ल के हिन्दू नाम रख कर राजनीती कर रहें हैं और अपनी माता (?) को खुश करने केलिए हिन्दुओं को गाली देते नहीं थकते ऊन गद्दारों के बारेमें आप कि कलम से जो क्रोद्ध निकलता है उश से जो हिन्दू सो रहें हैं वो जरुर जागें गे.............

Rahul said...

सुरेश जी बधाई हो,आप को बता दूँ कि मै हिन्दूवादी विचार धाराओं वाला हु, आज से नही बचपन से,
आप को यह जान कर शायद अच्छा लगे कि जब मैने पहली बार INTERNET युज किया तो "गुगल" पर मैने सबसे पहले "हिन्दु" सर्च किया ओर छोटी मोटी जानकारी प्राप्त कि लेकिन मजा नही आया कुछ दिनो बाद एसे हि सर्च कर रहा था, कि मुझे आप कि wEB लिन्क मिला ओर मैने आप का एक लेख
धर्मनिरपेक्षता: “माय फ़ुट” पढा वो दिन है ओर आज का दिन है जिस दिन आप की wEB साइड नही खोलकर देखता चैन नही मिलता

Anonymous said...

यार आज मैं सच बोलूँगा
आप आदमी बेहतरीन हो
बहुत कुछ इस देश के लिए कर सकते हो
आपने बहुत बार प्रभावित भी किया है
लेकिन बस दिक्कत एक ही है
आप पर भी बाटा जूते की तरह भी रेट का ठप्पा लगा हुआ है
कई बार आपकी पोस्ट पूर्वाग्रह से ओत-प्रोत पढ़ी हैं... ऐसे में मन खिन्न हो जाता है
आपकी सोच मुक्त नहीं है
अक्सर यह भी लगता रहा है कि कोई है जो आपसे सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल के खिलाफ लिखवाता है
आप मुक्त भाव से क्यूँ नहीं लिखते ?
गलत सिर्फ गलत है चाहे वो कोई भी क्यूँ न हो.

राज भाटिय़ा said...

आप को सब से पहले तो हमारी सब की तरफ़ से शुभकामनायें और बधाइयाँ, आप के कई पाठक तो हमारे यहां भी हे, जो टिपण्णियां तो करना नही जानते लेकिन आप के सभी लेख रुचि से पढते हे, धन्यवाद

Anil Pusadkar said...

भाऊ अनंत शुभेच्छा,

I and god said...

congratulations to this intellectual, patriotic group on the web, and my salute to the hub centre, suresh jee,

i will request him to start a small column on the readers, who are doing something, practical , other than an intellectual kranti.

all good thoughts without action are not as effective.

sorry for the teachings, and for writing in english, as can not type in hindi.
ashok gupta
delhi
98108 90743

प्रवीण शाह said...

.
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आदरणीय सुरेश जी,

चार साल पूरे करने की बधाई... आपको अगले चालीस साल तक इसी तरह पोस्टें देने की उर्जा, समय, साहस व इच्छाशक्ति मिले, इसी कामना के साथ...

आभार!


...

अपनी बात said...

सुरेश जी, बहुत बहुत बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ।

Di_ll said...

Respected Suresh Ji
Cngrts for cmplition four yrs but i hv read only resent four blogs Hope that i can read more & more factfull blogs
Dileep Shidhore
Shivpuri (M.P.)

ZEAL said...

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आपको बधाई एवं शुभकामनायें तो खूब मिल चुकीं , इसलिए आपको अपना 'आशीर्वाद' दे रही हूँ।
इसी तरह अपना लेखन जारी रखिये।

.

संजीव कुमार सिन्हा said...

हिंदी चिट्ठाकारिता में चार वर्ष पूर्ण करने पर अग्निधर्मा लेखक सुरेश जी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।

आशा है कि आपकी लेखनी इसी तरह शर्मनिरपेक्षवादियों, कमीनिस्‍टों और आतंकवादियों के करतूतों का पर्दाफाश करती रहेगी।

वंदे मातरम्।

-संजीव कुमार सिन्‍हा
संपादक
प्रवक्‍ता डॉट कॉम

रंजना said...

आपका यह ब्लॉग हमारे लिए सूचना का प्रमुख श्रोत और लोकतंत्र का सबसे मजबूत ,सबसे विश्वसनीय चौथा खंबा है...

आपको अनंत शुभकामनाये और बधाई...

अनवरत आगे बढ़ते रहें,हम आपके साथ हैं...

Man said...

shubh kamnaye sir

Lies Destroyer said...

शुभकामनाएं***

आपकी लेखनी इसी तरह और भी प्रखर बनें।

आपके साहसवर्धक पोषण में कभी कमी न आए।

आपकी कीर्ती चौदिशा में फैले!! करोडों शुभकामनाएं

गौतम राजरिशी said...

मुबारक सालगिरह!

जारी रखें....है तो ये थैंकलेस जाब, लेकिन मेरे जैसे कितनों की दुआयें और कुछ नहीं तो संबल तो देंगी ही इस मुश्किल काम को जारी रखने के लिये।

Udan Tashtari said...

हार्दिक बधाई और शुभकामनायें..

ऐसे वक्त तो हमेशा आपके साथ रहा. :)

Sujeet Singh said...

आप को मेरे ओर से सत् सत् नमन और चार वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में बधाई |
मै पूरी कोशिश करूँगा कि २०११ में २५० पाठक मै आप के ब्लॉग से जोडू, ताकि आप कि बात अधिक से अधिक लोगो तक पहुचे |
एक बार फिर बधाई स्वीकार कि जाय !

धन्यबाद

Sujeet Singh said...

बेनामी जी आप को स्वंयम समझाना चाहिए कि जो दिल से लिखता है उससे किसी के कहने पर किसी के खिलाफ नहीं लिखवाया जा सकता है | जो खुद बिकाऊ मिसिया को गाली दे रहा है वो स्वंय ऐसा काम करेगा ?
आप कि सिओच पर तरस आ रहा है | हो सकता है कि आप पक्के कंग्रेशी हो, सोनिया व् राहुल के भक्त हो|मगर इन सबो ने देश के लिए ऐसा क्या कर दिया कि इनका गुणगान गया जाय ? इन सबो कि तो सिर्फ यही पहचान है कि " ये सब देश कि सबसे पुरानी राजनितिक पार्टी कांग्रेस के वारिस है "| और क्या पहचान है इनकी अपनी ? क्या योग्यता है इनकी देश के विकास के लिए ?
आप से चाहूँगा कि कृपया सुरेश सर के ब्लॉग पर राहुल के बारे पीछे पढ़े और देखे एक विडियो , जिसमे राहुल को ऐसा सवाल नहीं आ रहा है जिसे जुनियर के बच्चे भी आसानी से बता सकते है |लगेगा कि सब बेकार राहुल को विदेशी शिक्षा देना, जो अपने देश के बारे इ नहीं जनता, ओ देस कि क्या सेवा करेगा ?
रही बात सोनिया कि तो सुरेश सर के ब्लॉग में " सुब्रमण्यम जी " के द्वारा लिखी पुस्तक का हिंदी रूपांतरण है | जिससे आप स्वंय जान जायेंगे कि " कौन है सोनिया "|
शेष आप स्वंय समझदार है |

Atul Sharma said...

चार वर्ष पूरे होने पर बधाइयां और आने वाले वर्षों के लिए शुभकामनाएँ। आपके विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे और उनके मानस में कुछ जागरण/परिवर्तन हो, यही कामना है।

VEERU said...

4 साल पूरे करने के लिये आपको बहुत बहुत बधाई

rashmi ravija said...

ब्लॉग की चौथी सालगिरह की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं

अनूप शुक्ल said...

बहुत खूब! बहुत-बहुत बधाई!

जिन्दगी की भाग-दौड़ के बीच रोजी-रोटी जुगाड़ते हुये ब्लॉगिंग के चार साल पूरे करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुझे याद है वर्धा में जब मैं आपसे मिला था तो कहा था कि -आपके लेखों में इतनी आग है कि उसका प्रिंट आउट लेकर किसी बरतन के नीचे रखा जाये तो आराम से खाना बन जायेगा।

आप अपने लेखों के मुकाबले बेहद नरमदिल और भले-भोले आदमी हो। :)

विकीलिंक्स का खुलासा होने से बहुत पहले से ही आप ब्लॉग पर तमाम हिन्दू समर्थक खुलासे करते रहे हैं। कई बार यह लगा भी और आज भी
लगता है कि आपको सूचनायें देने वाले लोग भी काफ़ी हैं मतलब आपका नेटवर्क तगड़ा है।

आपके ब्लॉग की जो ताकत है वही आपकी कमजोरी भी है। आप तो नहीं लेकिन आपके तमाम समर्थक आपकी कही बात से अलग कोई दूसरा विचार सुनना पसन्द नहीं करते। अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर जिस तरह का टिप्पणी हमला होता है उसको देखकर लगता है कि आपके कुछ समर्थक अनुदार और कमजोर लोग हैं।

जिन विरोधियों के खिलाफ़ आप लिखते हैं उनमें तमाम खराबियों के बावजूद कुछ न कुछ अच्छाइयां भीं होंगी। शायद हैं भी। उनके बारे में कभी लिखते तो अच्छा रहता और आपका ब्लॉग इतना कट्टर न रहकर थोड़ा नरमदिल और बेहतर लगता-आपके व्यक्तित्व की तरह।

मैं किसी भी पार्टी और विचारधारा का समर्थक या विरोधी नहीं हूं। एक आम हिन्दुस्तानी हूं। उसी नजर से आपके ब्लॉग के अपनी राय रखी!

एक बार फ़िर से बहुत-बहुत बधाई! कई साल पूरे करें आप-बिन्दास! झकास!

राज said...

सुरेश जी
मुझे इस देश के हिँदुओ की हालत देखकर कितना दुख हो रहा है मै बता नही सकता.
और सबसे बड़ी बात इतना सब होने के वावजूद अधिकतर हिँदु सोये पड़े हुये है. ये हिँदुओ की नपुंसकता का नतीजा है कि जिन मुसलमानो की बटवारे के बाद हिँदुओ के खिलाफ बोलने की हिम्मत तक न होती थी आज वो सरेआम हिँदुओ के खिलाफ बोलते है.
मैने कई जगह इन मुसलमानो की प्रतिक्रिया पढ़ी है जिसमे लिखा है कि"
थोड़ा इंतजार करो एक बार हम हिँदुओ के बराबर जनसंख्या मे आ जाये तो पूरे भारत मे मुसलमानो का शासन होगा.
भारत के सारे मुसलमान ऐसी ही मानसिकता मन मे दबाये हुये है और सही वक्त का इंतजार कर रहे है. और ऐसा हो भी रहा है. इनकी जनसंख्या तीन गुनी ते जी से बढ़ रही है. एक मुसलमान तीन हिन्दुओ के बराबर बच्चे पैदा कर रहा है
लेकिन ये हिँदु पता नही क्यो सो रहे है?
मुझे मुसलमानो से ज्यादा गुस्सा तो हिँदुओ पे आता है .आज इन्ही सोये हुये हिँदुओ के कारण हिन्दु धर्म और हिँदुस्तान खतरे मे है.
मुझे तो ऐसा लगता है कि 2014 मे भी कांग्रेस ही आयेगी क्यो कि कांग्रेस का वोटिँग मशीन का फर्जीवाड़ा सब जानते है. वोटिँग मशीने विदेश से आती है और उसमे कांग्रेस ने ऐसी सेटिँग करवायी है कि जनता चाहे जिस भी पार्टी का बटन दबाये वोट कांग्रेस को ही जायेगा.
अब कुछ लोग पूछेँगे कि अगर ऐसा है तो गुजरात और मध्य प्रदेश मे बीजेपी की या यूपी मे मायावती की सरकार क्यो है?
तो भाई ऐसा इसलिये है क्यो कि कांग्रेस ये फर्जी मशीने केवल अपने शासित राज्यो मे ही भेजती है जिससे कोई इसकी जाँच न कर पाये. इसी लिये विपक्ष कई बार पुराने तरीके से वोटिँग की माँग कर चुका हैँ .फर्जी वोटिँग मशीनो के बारे मे जिसको और जानकारी चाहिये वो सुरेश जी के पिछले लेख पढ़ ले.
कुल मिलाकर इतना कहूंगा
मुसलमानो खुश हो जाओ तुम्हारी सारी योजनाये क्रमबद्व तरीके से कामयाब हो रही है.
और हाँ इटली की सोनिया को उसका इनाम जरुर देना.
बेचारी कितनी मेहनत कर रही है और तुम मुसलमानो की राह के हर रोड़े को साफ कर रही है.

रूपेश मिश्र said...

बहुत बेहतर कार्य इस देश को आप जैसे विचाराधारा की मीडिया हाउस चलाने वालों की जरूरत है तब ये कार्य आप अत्‍यधिक कुशलता और प्रभावशाली तरीके से कर सकते हैंा आप कोशीश जारी रखेंा मैं आपको एक बहुत बडे राष्‍ट़वादी समूह को चलाते देखना चाहते हूं

Jeet Bhargava said...

@ अनूप शुक्लाजी,
आप ने कहा की..''आपके ब्लॉग की जो ताकत है वही आपकी कमजोरी भी है। आप तो नहीं लेकिन आपके तमाम समर्थक आपकी कही बात से अलग कोई दूसरा विचार सुनना पसन्द नहीं करते।''
यहाँ आपसे सहमत नहीं हुआ जा सकता है. जिस तार्किक और बेधड़क ढंग से सुरेशजी की कलम चलती है, और उसमे खुलासे होते हैं..उसे देखकर उनसे सहमत हुआ जाए तो क्या बुराई है. क्या आप नहीं मानते कि, ९०% मीडिया जो लिखता-बताता है उसकी विपरीत धारा में लिखना और किसी भी किन्तु-परन्तु के बिना लिखना हिम्मत का काम ही हो सकता है. और सुरेशजी ठीक वही कर रहे हैं. ऐसे में लोग उनके मुरीद हो जाए तो क्या बुराई है. आखिर लोगो को सच जानना है.

आज दिन तक सुरेशजी की लिखी बाते, कई बार मैंने क्रोस चेक की, अपने तर्कों की कसौटी पर कसा...और वह सही निकली. ऐसे ही अन्य पाठक भी करते होंगे. यानी यहाँ कोई अंध भक्त नहीं है, जैसे सोनिया माता के दरबार में पाए जाते हैं, या कोई ऐसे वामपंथी बुद्धीजीवी भी नहीं , जिनकी बुद्धी पर 'चीनी कलई' चढी हो.
दर असल सुरेशजी एक ब्लोगर से आगे बढ़ चुके हैं और अपने-आप में एक संस्थान बन चुके हैं. उनसे हम जैसे नाचीज ब्लोगरो को भी हौंसला मिला है.

K.R.Baraskar said...

aapki to abhi aur jarurat hai suresh jee..
kitna kachra kar rakha hai logo ne ..
bahut safaayee abhi bakee hai..

avenesh said...

बधाई और शुभकामनायें !!