Wednesday, December 15, 2010

मुम्बई हमलावर का नाम अज़मल कसाब नहीं, अमर सिंह है – दिग्विजय सिंह… Hemant Karkare, Ajmal Kasab, Digvijay Singh and Mumbai Attack

कुछ दिनों पहले, मध्यप्रदेश को “अंधेरे में धकेलने वाले इंजीनियर पूर्व मुख्यमंत्री” श्री दिग्विजय सिंह के “श्रीमुख” से कुछ शब्द उचरे, जिसमें उन्होंने कहा कि शहीद हेमन्त करकरे को हिन्दू संगठनों की तरफ़ से जान का खतरा था, और यह बात खुद हेमन्त करकरे ने उन्हें मृत्यु से दो घण्टे पहले फ़ोन करके बताई थी…। अब आप सोच लीजिये कि दिग्विजय सिंह का दर्जा कितना महान है… यानी अपनी जान पर खतरे और धमकियों के बारे में, पुलिस का एक उच्च अधिकारी इस बात को, न तो अपने विभाग के अधिकारियों, न ही महाराष्ट्र के गृहमंत्री, न ही देश के गृहमंत्री और न ही प्रधानमंत्री को बताता है… वरन तड़ से सीधे दिग्विजय सिंह को फ़ोन लगाता है। इस हिसाब से तो दिग्विजय सिंह साहब, श्रीमती कविता करकरे से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सामान्यतः इस प्रकार की बातें व्यक्ति सबसे पहले अपनी पत्नी से शेयर करता है…

अब एक वीडियो देखिये जिसमें एक जोकरनुमा मसखरा जिसका नाम ज़ैद हामिद है, वह कल्पना की कैसी ऊँची उड़ाने भर रहा है… इस वीडियो मे ज़ैद हामिद नामक यह विदूषक (जिसे पाकिस्तान के चैनल “विचारक” बताते हैं…) फ़रमाता है कि – अज़मल कसाब एक काल्पनिक नाम है, और जिस व्यक्ति को मुम्बई पुलिस ने 26/11 को गिरफ़्तार किया है उसका नाम “अमर सिंह” है और जो आतंकवादी मारा गया है उसका नाम हीरालाल है… यानी कि 26/11 का हमला हिन्दू संगठनों की मिलीभगत से हुआ है… इस वीडियो में यह जोकर यह भी कहता है कि इसे यह सूचना “भारत के खुफ़िया विभाग और पाकिस्तान से सहानुभूति रखने वाले लोगों से हासिल हुई है…” (यह काफ़ी पहले स्पष्ट हो चुका है कि पाकिस्तान के थिंक टैंक के “करीबी लोग” भारत में कौन-कौन हैं…)।



डायरेक्ट लिंक :- http://www.youtube.com/watch?v=0xbrCaTebL0&feature=player_embedded

26/11 हमले के तुरन्त बाद पाकिस्तान से भारत तक फ़ैली हुई यह “सेकुलर”(?) गैंग इस हमले को “इस्लामी हमला” मानने से इंकार करने में जुट गई थी। अज़ीज़ बर्नी नामक एक उर्दू लेखक हैं, इन्होंने 26/11 “संघ का षडयन्त्र” नामक की इस कथित “थ्योरी” को एक पुस्तक लिखकर हवा दी, ज़ाहिर है कि एक अल्पसंख्यक द्वारा लिखी गई ऐसी किसी भी पुस्तक के विमोचन में कोई न कोई “सेकुलर” अवश्य उपस्थित होगा ही, सो दिग्विजय सिंह आगे रहे (चित्र देखिये…) उस पुस्तक विमोचन के “हैंग-ओवर” का ही असर था कि ठाकुर साहब ने अपने “पाकिस्तानी मित्र” को सपोर्ट करने के लिये यह बयान दे मारा…।



हालांकि फ़ोन रिकॉर्ड्स से यह बात साफ़ हो चुकी है कि दिग्विजय सिंह की करकरे से कोई बात उस दिन हुई ही नहीं थी… लेकिन "सेकुलर्स" लोगों की फ़ितरत होती है पहले झूठ बोलने की, फ़िर पकड़ा जाने के बावजूद न मानने की…। जिस प्रकार पहले पाकिस्तान ने अज़मल कसाब को पाकिस्तानी मानने से ही इंकार कर दिया, फ़िर सबूत दिए तो मान लिया, करगिल में अपने सैनिकों को पाकिस्तानी सैनिक मानने से ही इंकार कर दिया, फ़िर कुछ सालों बाद बेशर्मी से न सिर्फ़ मान लिया बल्कि उनके नाम सेना की वेबसाइट पर भी चढ़ा दिये…अभी बाबरी ढाँचे को "एक लुटेरे द्वारा किया गया अतिक्रमण" नहीं मान रहे, फ़िर बाद में मान जायेंगे… 

आतंकवादियों तथा इस्लामी उग्रवादियों को बचाने और उनके पक्ष में आवाज़ उठाने के लिये विश्वव्यापी स्तर पर एक गठजोड़ बना हुआ है। किसी भी आतंकवादी घटना या पुलिस मुठभेड़ के बाद सेकुलरों और देशद्रोहियों की यह गैंग एक सुर में उसे फ़र्जी करार देने में जुट जाती है… आईये सिलसिलेवार तरीके से कुछ घटनाओं और संदिग्ध बयानों तथा कार्रवाईयों को देखें…

1) अमेरिका पर हुए 9/11 के हमले के बाद इस गैंग ने यह प्रचार करना शुरु कर दिया था कि यह हमला अमेरिका ने खुद करवाया है, इस विषय पर किताबें लिखी गईं, सेमिनार आयोजित किये गये, विभिन्न उर्दू अखबारों और ब्लॉग्स पर इस सम्बन्ध में बेतुकी और मूर्खतापूर्ण बातें कही गईं… जिनमें से अधिकतर का सार यह था कि अमेरिका ने ही अपने देश के 3000 से अधिक नागरिकों को मार दिया, सिर्फ़ इसलिये कि उसे अफ़गानिस्तान और ईराक पर हमला करना था। यानी जो देश अपने एक नागरिक या एक सैनिक की मौत का बदला लेने के लिये पूरी दुनिया हिला डालता है, वह खुद अपने 3000 नागरिकों की हत्या कर देगा…

2) दिल्ली में शहीद मोहनचन्द्र शर्मा द्वारा बाटला हाउस में कुछ आतंकवादियों का एनकाउंटर किया गया, तो भारत में उपस्थित इस गैंग के लोग चारों तरफ़ से पुलिस-सरकार और मीडिया पर टूट पड़े, जिनका साथ कांग्रेस और सपा ने दिया… बाद में यह सिद्ध हो गया कि वे लड़के आतंकवादी ही थे और उनका आज़मगढ़ से सम्बन्ध था तो तड़ से दिग्विजय सिंह आज़मगढ़ के दौरे पर चले गये और मरहम(?) लगाने का प्रयास करने लगे… ये बात और है कि मुस्लिमों ने ही दिग्गी राजा को वहाँ से भागने पर मजबूर कर दिया था…

3) 26/11 के हमले के तुरन्त बाद अब्दुल रहमान अन्तुले ने भी दिग्विजय सिंह से मिलता-जुलता बयान दिया था कि इस हमले में हिन्दूवादी संगठनों का हाथ हो सकता है, जबकि इस बात को पूरी तरह से गोल कर दिया गया था कि ताज होटल में मौजूद एक सऊदी अरब के नागरिक को बचाने के लिये खुद महाराष्ट्र के मंत्री वहाँ क्यों घुसे? जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी… असल में उस “सेकुलर मंत्री” को डर था कि कहीं पुलिस और आतंकवादियों की “क्रॉस-फ़ायरिंग” मे उसके “अज़ीज़ मेहमान” की जान न चली जाये…

4) आदतन अपराधी सोहराबुद्दीन के एनकाउण्टर के मामले पर तो इतना बवाल मचाया गया कि नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने के लिये मामला जानबूझकर मानवाधिकार संगठनों और न्यायालय तक ले जाया गया…

5) इस गैंग की एक माननीय सदस्या तीस्ता सीतलवाड, फ़र्जी दस्तावेजों और अपने ही सहयोगियों से धोखाधड़ी के आरोप में सर्वोच्च न्यायालय की लताड़ खाती रहती हैं, लेकिन उन्हें शर्म आना तो दूर, NDTV उनके बयान अभी भी दिखाता रहता है…

6) महाराष्ट्र में अबू आज़मी नामक सेकुलर ने कुछ दिन पहले ही विधानसभा में कहा कि “संघ के लोग अल-कायदा से भी अधिक खतरनाक हैं…” इसी अबू आज़मी ने काफ़ी समय पहले “भारत माता एक डायन का नाम है…” भी कहा था…। इसी अबू आज़मी को राज ठाकरे की मनसे ने विधानसभा के भीतर थप्पड़ से नवाज़ा था…

7) फ़िर अज़ीज़ बर्नी साहब एक “काल्पनिक पुस्तक” लेकर आते हैं, दिग्विजय सिंह उसके विमोचन समारोह में मौजूद रहते हैं, बाहर आकर करकरे सम्बन्धी बयान देते हैं और खामखा का बखेड़ा खड़ा करते हैं जिससे पाकिस्तान को फ़ायदा पहुँचे…।

एक बात तो कोई नासमझ भी बता सकता है कि जो कांग्रेसी छींकने और जम्हाई लेने के लिये मुँह खोलने से पहले हाईकमान की अनुमति का इंतज़ार करते हों, वह ऐसा “दुष्प्रभावकारी बयान” सोनिया अम्मा से पूछे बिना कैसे दे सकते हैं? ज़ाहिर है कि असम और पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को देखते हुए “ऊपर” से ऐसा बयान जारी करने के निर्देश हुए, फ़िर बदली हवा को देखते हुए तुरन्त दिग्गी राजा से पल्ला झाड़ने का बयान भी जारी हो गया… लेकिन देश की आज़ादी (यानी टुकड़े करके बँटवारा करने) में प्रमुख भूमिका निभाने वाली सौ साल पुरानी “सेकुलरिज़्मग्रस्त” पार्टी को “जो संदेश” - “जिन लोगों तक” पहुँचाना था, वह पहुँचाने में सफ़ल रही… यह बात विकीलीक्स भी मान चुका है कि कांग्रेस पार्टी वोटों (खासकर अल्पसंख्यक वोटों) के लिये किसी भी निचले स्तर तक जा सकती है… फ़िर दिग्विजय सिंह की पीड़ा और बेताबी भी समझी जा सकती है कि मध्यप्रदेश में उनकी छवि वैसे भी “अंधेरा करने वाले और ऊबड़-खाबड़ सड़कों वाले” नेता की है, केन्द्र में उनके पास दिखावे को महासचिव का पद जरुर है लेकिन काम कुछ खास है नहीं…फ़िर राष्ट्रीय परिदृश्य से एक अन्य ठाकुर अमर सिंह के गायब हो जाने के बाद वह जगह खाली है, जिसे दिग्गी राजा भरना चाहते हैं… सो उनके ऐसे बयान आते ही रहेंगे…

अतः अज़मल कसाब को अमर सिंह बताने वाला भले ही ज़ैद हामिद हो… परन्तु यह तीव्र भावना दिग्गी राजा की भी है… वैसे भी ज़ैद हामिद बोलें या दिग्विजय सिंह बोलें, एक ही बात है… क्या फ़र्क पड़ता है।

पेश हैं, दिग्विजय सिंह द्वारा भविष्य में समय-समय पर दिये जाने वाले बयान, जिन्हें पढ़कर-सुनकर आप चौंकियेगा बिलकुल नहीं…

1) संसद पर हमले का मुख्य आरोपी अफ़ज़ल गुरु है ही नहीं…

2) संसद पर हमले की साजिश नागपुर में रची गई…

3) अपनी मौत से पहले राजीव गाँधी ने उन्हें फ़ोन करके बताया था कि नलिनी के सम्बन्ध साध्वी प्रज्ञा से हैं…

4) वॉरेन एण्डरसन ने दिग्गी के साथ लंच करते हुए उनसे कहा था कि भोपाल गैस काण्ड के जिम्मेदार प्रवीण तोगड़िया हैं…

5) यहाँ तक कि ज्ञानी जैल सिंह साहब ने मरने से पहले फ़ोन पर कहा था कि सिखों के नरसंहार के लिये शिवसेना जिम्मेदार है…

6) ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला…

7) बड़ बड़ बड़ बड़ बड़ बड़ बड़ बड़…

इन "अखण्ड सेकुलरों" की बातें एक कान से सुनिये और दूसरे से निकाल दीजिये… दिमाग में रखने लायक होती ही नहीं ये बातें…। हाँ लेकिन, अपने मित्रों और जनता के एक बड़े हिस्से तक इन्हें पहुँचा जरुर दीजिये ताकि वे भी इनके मानसिक स्तर का अनुमान लगा सकें…


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38 comments:

संजय बेंगाणी said...

तिस्ता जावेद का जेल जाना तो लगभग तय लग रहा है. शेष लफ्फाजों का हाल समय तय करने वाला है. आज बुरखा, सरदेसाई, दिग्गी की जनता में क्या इज्जत है?

अच्छी तरह से कड़ियाँ एकत्र की है.

Gopal said...

भारत मे दिग्विजय सिंह जैसे नपुंसकों की कमी नही है... ये लोग भारत के लिये कोढ हैं... सिर्फ़ वोट की राजनीति से प्रेरित हो कर अपने बयान जारी करते है...

सुरेश जी आपके लेख भारत राष्ट्र के हिन्दुओं को संगठित करने मे बहुत सहायक हो रहे हैं...

Makarand said...

Digvijay Singh is a NASUR for INDIA he has to ordered by Supreme Coart to leave Our Nation (Desh Nikala) and go to the PAKISTAN forever.

Makarand Gokhale

Rupesh said...

suresh bhaiya, apke lekho ko pad kar rago me khoon tej daudne lagta hai. apke lekh hindu samaj ko ekjut kar rahe hain. dekhiyega yahi lekh ek din ek kranti ki niv ka kaam karenge.

avenesh said...

सब मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीती है और कुछ नहीं.
तकलीफ होती है जब एक परिवार के हितों को देश और जनता के हितों से ऊपर रख कर देखा जाता है. ऐसा कब तक चलेगा? कब आएगा भारत में सही प्रजातंत्र?
सोनिया के इन चमचों की बात करना उनकी महानता का गुणगान ही होगा वहीँ चिदंबरम का कहना है कि दिल्ली का सत्यानाश "बाहरी" लोगों की वजह से हुआ है..!! अरे साहब दिल्ली तो दिल्ली पूरे देश का सत्यानाश इन "इटली" वाली "बाहरी" के आनें के बाद जितना हुआ है उतना तो उनके आनें के पहले 50 सालों में सारे कांग्रेसी मिलकर भी नहीं कर सके थे..

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

"इन "अखण्ड सेकुलरों" की बातें एक कान से सुनिये और दूसरे से निकाल दीजिये… दिमाग में रखने लायक होती ही नहीं ये बातें…।"

दिग्गी जैसो और कौंग्रेस के बारे में तो बात करना ही समय की बर्बादी है, मगर उसके बयान के बाद जिसतरह इस देश के तथाकथित मुस्लिम बुद्धिजीवी उसकी हाँ में हाँ भरते है, यह जानते हुए भी कि यह सिर्फ और सिर्फ झूट और तुष्टीकरण है और देश के हितों के खिलाफ और पाकिस्तान के समर्थन में जा रहा है, उसके बावजूद अगर जानबूझकर देश हितों की अनदेखी कर सिर्फ अपने हितों को सर्वोपरी रखते है , तो आप समझ सकते है कि ये लोग इस देश के दोस्त है या फिर दुश्मन !

Man said...

वन्देमातरम सर ,
ये ओरंग्जेबी नस्ली सियार अब ऐसे ही भोंकने लगे हे ,क्योकि जब शाल्या (सियार )की मोत आती हे गाँव की तरफ मूह करते हे इनका मूह अब गाँव की तरफ हो गया हे |

SHREEKANT said...

यह सोच कर ही कलेजा जी को आ जाता है की यदि इस देश मैं .....नहीं होता तो इस देश की हालत क्या होती. फिर तो इस देश का अल्लाह ही मालिक होता. लेकिन आज के सत्ता लोलुपत और नपुंसक राजनेताओ और उनके स्वार्थी हिन्दू चेलों को देखकर तो लगता है की यदि ऐसा हो ही जाता तो अच्छा था. कम से कम आज की यह पीढ़ी किसी मुगालते मैं तो न होती. यह देश बर्बादी के कगार पर खड़ा अपने आत्म सम्मान की अंत्येष्टि की बात जोह रहा है.

Anonymous said...

ये कौन सी बड़ी बात है।मुसलमानों ने तो खुद अपने गिरने के लिए बड़ा सा गड्ढा खोद रखा है॥इनलोगों ने तो खुद पहले से ही हिंदुओं से भिन्न रहने के चक्कर मे एक बड़ा सा पहचान बना रखा है।अगर कोई कहता है की वो कसाब नहीं अमर सिंह है तो उसका पैजामा खोलकर देख लिया जाय॥दूध का दूध और पानी का पानी तुरंत हो जाएगा।
और कोई आश्चर्य की बात नहीं अगर आए दिन दिग्विजय सिंह जैसे लोग मुसलमानों को खुश करने के लिए तथा अपने आपको उसका हितैषी साबित करने के लिए अपने माँ,पत्नी और बेटियों को मुसलमानों के लिंग के हवाले कर दे।

Pratik Jain said...

वॉरेन एण्डरसन ने दिग्गी के साथ लंच करते हुए उनसे कहा था कि भोपाल गैस काण्ड के जिम्मेदार प्रवीण तोगड़िया हैं…

ajit gupta said...

भारत का पतन क्‍या ऐसे ही होता रहा है? ना जाने कितने दिग्‍गी दलाल या भरे पड़े हैं?

Pratik Jain said...

वॉरेन एण्डरसन ने दिग्गी के साथ लंच करते हुए उनसे कहा था कि भोपाल गैस काण्ड के जिम्मेदार प्रवीण तोगड़िया हैं…
हा हा हा हा
सचमुच ये सेकुलर अगर कोइ अच्छा काम करते हैं तो वो है हंसाना

दिग्गी राजा को तो देखकर ही हंसी आती है

मुझे अच्छे से याद है कि जब भोजशाला मुद्धे पर ये आदमी अकेला पड गया था तो इसके श्रीमुख से निकला था - केन्द्र सरकार चाहे तो मन्दिर पढा दे चाहे तो मस्जिद पढा दे

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

mujhe hinduon kI soch par aashchary hota hai ki itna sab-kuchh jaanane ke baad bhi inhe vote de dete hain..

Anonymous said...

sathiya gaya hai buddha......

राज भाटिय़ा said...

इन कमीनो को वोट कोन दे दे कर जीताता हे, इन्हे तो जुते मारने चाहिये, जो अपनी ही मां का सोदा कर रहे हे दलाल साले, आप का धन्यवाद इस जानकारी के लिये

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

ढेर सारे लोग दिग्गी, अमर, मुलायम जैसे घाघ नेत्ताओं की चाल को समझ भी जाते हैं पर वोट देते वक़्त ही.. ही ... कर पंजे पे ही निसान लगा देते हैं| अब ऐसा होगा तो भारत की दुर्दशा के जिम्मेदार तो हम खुद ही हैं ना ?

सदियों पहले अपने देश में एक जयचंद हुआ था, जिसके चलते हम गुलाम हुए| आज तो जयचंदों की भरमार (दिग्गी, अमर, मुलायम, ....) है, आगे शायद और भी बुरा समय आने वाला है ..

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

अगर दिग्गी के पूर्वज जयचंद ही है . यह तो साबित हो ही गया है . आप का कहना सही है बिना सोनिया मम्मी के इशारे के यह ब्यान नही आ सकता

Krishan Pahal said...

एकदम ठीक!
तीस्ता व् दिग्विजय सिंह पर मुकदमे चलने चाहिए देशद्रोह के.
लेकिन इस मीडिया का क्या करें एक से एक बड़े धूर्त है.
देश की बात करने वाला आप जैसा कोई कोई ही दिखाई पड़ता है.

Anonymous said...

यही है कमीनापन अनलिमिटेड! अज़ीज़ बर्नी साहब राष्ट्रीय सहारा (उर्दू) के सम्पादक हैं...

abhishek1502 said...

क्रांति होनी चाहिए , जिस में जनता इन कमीने नेताओ को उन की औकात बता से . इन को मार मार कर इन की बुद्धि शुद्ध कर दे .
अरब साम्राज्यवाद के नौकरों को उन औकात पता चलनी ही चाहिए

राहुल पंडित said...

ये (दिग्विजय सिंह)तो खुद आतंकवादी है...पाकिस्तान से पैसे मिलते हैं इसको.isi का agent है..

mukesh said...

good morning sir,
sir apka blog padkar laga he ki shayad bharat ki rajneeti itni ghatiya hogayi he ki ab wo shaid hue logo ko bhi nahi chodte he !

P K SURYA said...

भारत का पतन क्‍या ऐसे ही होता रहा है? ना जाने कितने दिग्‍गी दलाल या भरे पड़े हैं? suresh bhaiya ye soniya (gadhi)maa ke ladle bigar gayen hen jab tak Soniya (gadhi) maa ka anchal he bol len en digu pigu ko pata nahi kee enkee maa kabi bhi enhe nanga karke itali bhag jayegi ya pata nahi kab enka he bodygd enhe uda dega, papu or babua rajkumar kahan lage rahte hen sab ko pata he YE PABLIC HE SAB JANTI HE. en deshdrohiyon ka waqt bus aa chuka he ab SREE RAM KI NAHIN SREE KRISHNA KEE JARURAT HE DESH KO, jay BHARAT

P K SURYA said...

ये (दिग्विजय सिंह)तो खुद आतंकवादी है...पाकिस्तान से पैसे मिलते हैं इसको.isi का agent है.. suresh bhaiya ye chhoti bat he en kamino ne kuchh nahi chhodna he ye sale sare galat kam karenge par marenge bahut buri maut upar baitha ishwar ek din to saloo ko aisa narak dekhayega kee DUNIYA YAD rakhegi aj sari duniya jan he rahi he kee satya kya he, JAI BHARAT

सुलभ § Sulabh said...

अजमल कसाब को जिंदा रखते हुए जब भारतीय हिंदू बना दिया गया है
तो अब दिग्गी राजा को भी मारकर पाकिस्तानी मुसलमान बना देना चाहिये.


बिना मरे या मारे अब कोई देश को नही बचा सकता.

kaverpal said...

Bhai sahab aapne bahut achha kadion ko piroya hai . is diggi ke bare me mai aapko pahle bhi kah chuka hun ki ye kon hai aur iska kya kaam hai isliye in varn sankar ki baaton me apna dimag kharab mat karo desh ke baare me sochoyeh kamina kal TV par bata raha tha ki ek saal ke baad ka record telecom me nahi hai is liye proof nahi de paya . proof mere paas bhi nahin hai jab ki sab jaante hai iska baap kon hai

PRATUL said...

.

एक जिज्ञासु :
क्या अमर सिंह जी दिग्विजय सिंह जी के छोटे भाई हैं?
यह 'सिंह परिवार' किस देश में निवास करता है?
बहुत पहले सुना था कि अमर सिंह जी मुलायम सिंह जी के भाई हैं.

एक उपाय पहचानने के लिये :
उसका अन्तःवस्त्र उतारकर देखा जाये कि वह असली है या नकली ......... काहे की हुज्जत......
हो जाएगा दूध का दूध पानी का पानी. .........
आज फैसला हो जाएगा ........ हम नहीं या तुम नहीं. ...........

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JANARDAN MISHRA said...

अगर इन दिग्विजय, अमर, मुलायम ( सिह लिखना सोभा नहीं देगा ) जैसे गद्दार देस के दुसमन नेताओ का DNA टेस्ट करवाया जाय तो सच्चाई सामने आ जाये गी.....

ashwani jain said...

अगर कोई कहता है की वो कसाब नहीं अमर सिंह है तो उसका पैजामा खोलकर देख लिया जाय॥दूध का दूध और पानी का पानी तुरंत हो जाएगा।
wahhh
Diggi kaha ho ...tumhari bhi pant khol kar check kiya jaye.

प्रतुल वशिष्ठ said...

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एक ताज़ा खबर :
दिग्गी के कमेन्ट ने कसाब को अपना कच्छा कसे रहने को मजबूर किया. ...... [ज़हरीला TV]

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sunil patel said...

बिलकुल सही कह रहे है श्री सुरेश जी. असली आतंकवादी तो देश के अन्दर बठे सफेदपोश है जो परोक्ष रूप से देश को तोड़ / खोकला कर रहे है.

Ravindra Nath said...

दिग्विजय सिंह के कुछ और बयान जो आपको सुरेश जी स्थानाभाव के कारण नही दे सके (और मैने उनकी डायरी से चुरा लिए):-

१. सोनिया के पूर्वजों (दादा) ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम मे भाग लिया था।

२. राजीव गांधी के अंतिम शब्द (पेरुम्बूर मे) थे - "जय हिन्द" (बम विस्फोट के धमाके मे भी ये शब्द सुन लिए गए)

३. राहुल गांधी बचपन मे (जिस उम्र मे सामान्य बच्चे कंचे खेलते हैं) दलित-दलित खेलते थे, इसमे वो दलित के घर जा कर सारा खाना खा लेते थे।

४. सोनिया गांधी को बच्पन मे कन्याकुमारी के तट का दर्शन सपने मे आता था।

५. महात्मा गांधी ने वसीयत कर रखा है कि प्रियंका के बच्चों को इस देश का प्रधानमंत्री बनाया जाए।

६. करकरे रोज रात को मेरे सपने मे आते हैं (मेरा गीला बिस्तर इस बात की गवाही देता है)

७. कल्पना चावला ने स्पेस श्टल के दुर्घटना ग्रस्त होने के दो घण्टे पहले बजरंग दल से अपनी जान को खतरा बताया था, इसके लिए उसने मुझे अंतरिक्ष से विशेष फोन लगाया था।

८. ज्योति बसु की जान को ममता बनर्जी से खतरा था, उनकी मौत भी संदेहास्पद है।

९. २००८ जनवरी मे प्रधान मंत्री को हुए दिल के दर्द के पीछे अशोक सिंघल जिम्मेदार हैं।

१०. क्वात्रोची के बैंक खाते मे पैसा मायावती ने जमा कराया था।

बाकी बाद में

नीरज बसलियाल said...

इस सब पर सिर्फ अफ़सोस जाहिर किया जा सकता है |

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

http://www.thehindu.com/news/national/article956996.ece

इसे अवश्य देखें..

Anonymous said...

इन मुल्लो ने पूरा देश बर्बाद कर दिया .साले
जब हजार कमीने मरते है तब एक मुल्ला पैदा होता है

हिंदीब्लॉगजगत said...

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Amit said...

Sir,
En Logon ka aant samay nikat aa gaya hai jiski wajah se ye pagla gaye hain. aakhir ye bhi to bhatke hue massom log hain ya fir unki najaayaj auladen hain. Apne baap(s) ko bachana enka dharam hai.

Apko Pranaam !!

ZEAL said...

कुछ लोग हिंदुत्व के नाम पर कलंक हैं ।