Wednesday, December 8, 2010

400 फ़ॉलोअर्स, 500 पोस्ट और 1000 सब्स्क्राइबर का महत्वपूर्ण पड़ाव…

सभी पाठकों, मित्रों, शुभचिन्तकों और दुश्मनों को सूचित करते हुए हर्ष होता है कि 06 दिसम्बर के “विशिष्ट दिन” पर महाजाल ब्लॉग के 1000 सब्स्क्राइबर हो गये हैं। इस वर्ष के शुरुआत में (जनवरी 2010) में ब्लॉग के 500 सब्स्क्राइबर थे, जो वर्षान्त तक बढ़कर 1000 हो गये अर्थात पूरे 100% की बढ़ोतरी…

इस अवसर पर मैं अपने सभी पाठकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, और आशा करता हूं कि भविष्य में वे ऐसा ही विश्वास बनाये रखेंगे… और साथ ही उम्मीद करता हूं कि जो विश्वास उन्होंने मुझ पर अब तक दर्शाया है उस पर मैं खरा उतर सकूंगा…

पिछले कुछ दिनों से अन्यत्र व्यस्तता बढ़ गई है, इसलिये लेखन थोड़ा अनियमित हुआ है, लेकिन जैसा कि सभी जानते हैं कि मैं प्रोफ़ेशनल लेखक तो हूं नहीं और ब्लॉगिंग से कोई कमाई होना तो दूर, जेब से ही खर्च हो जाता है… अतः स्वाभाविक रुप से मूल व्यवसाय पर अधिक ध्यान देना भी मेरा फ़र्ज है, अतः कभी-कभार लेखन में अन्तराल आ जाना स्वाभाविक है। बढ़ती महंगाई तथा ब्लॉगिंग से किसी प्रकार की कोई कमाई न होने की वजह से, अब लेखन और व्यवसाय में सन्तुलन बनाना दिनोंदिन मुश्किल होता जा रहा है, फ़िर भी देखते हैं कि यह सिलसिला कब तक जारी रहता है…। आशा करता हूं कि, जिस प्रकार विगत चार साल से पाठकों का स्नेह मिलता रहा है, आगे भी यदि मेरी पोस्टों की संख्या में कमी आ जाये, अथवा लम्बा अन्तराल आ जाये तब भी पाठक यह प्रेम बनाये रखेंगे…

हिन्दी ब्लॉगिंग में “एकल” लिखने वालों तथा यदि इसमें “समूह” ब्लॉग भी जोड़ दिया जाये तो, फ़िलहाल “1000 सब्स्क्राइबर क्लब” के सदस्य गिने-चुने ही हैं, लेकिन जिस रफ़्तार से हिन्दी ब्लॉगरों की संख्या बढ़ रही है और पाठकों की संख्या भी तेजी से विस्तार पा रही है, जल्दी ही 1000 सब्स्क्राइबर की संख्या बेहद मामूली लगने लगेगी और जल्दी ही कई अन्य ब्लॉगर भी इसे पड़ाव को पार करेंगे।

जैसे किसी जमाने में लांस गिब्स और डेनिस लिली के 300 विकेट बहुत ज्यादा माने जाते थे, वैसे ही अभी 1000 सब्स्क्राइबर की संख्या भले ही ज्यादा दिखाई दे रही हो, लेकिन हिन्दी ब्लॉगिंग के उज्जवल भविष्य को देखते हुए अगले 5 वर्ष में कोई ब्लॉगर 10 या 15 हजार सब्स्क्राइबर्स के प्यार का हकदार बन जाये तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिये…

इस अवसर पर नये ब्लॉगर्स को शुभकामनाएं देते हुए इतना ही कहना चाहता हूं कि, जमकर लिखें, खूब लिखें, दिल से लिखें, भ्रष्टाचार को उजागर करें, अनियमितताओं और कदाचार के खिलाफ़ बिगुल बजाये रखें…, कांग्रेस और छद्म सेकुलरिज़्म नामक कैंसर के खात्मे के लिये प्रयासरत रहें… राजनेताओं और भ्रष्ट अफ़सरों की नाक मोरी में रगड़ें…। बरखा दत्त, वीर संघवी और प्रभु चावला जैसे “दल्लों” के कारनामों को देखते हुए हिन्दी ब्लॉगिंग का भविष्य बेहद चमकदार है और जिम्मेदारी भी बड़ी है… यकीन मानिये, जिस दिन हिन्दी ब्लॉगिंग से कमाई के रास्ते खुल जायेंगे, उस दिन इसे बड़े पंख लग जायेंगे।

सभी सब्स्क्राइबर्स के प्रति मेरा एक बार पुनः हार्दिक आभार…

(अगला लक्ष्य :- अगले वर्ष के अन्त तक इस ब्लॉग के सब्स्क्राइबर्स की संख्या दोगुनी अर्थात 2000 करना)


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69 comments:

अन्तर सोहिल said...

हार्दिक शुभकामनायें
इस वर्ष में आपके सब्सक्राइबर का आंकडा 10000 को छुये यही दुआ है।

प्रणाम

फ़िरदौस ख़ान said...

हार्दिक शुभकामनाएं...

विष्णु बैरागी said...

'जिस दिन हिन्दी ब्लॉगिंग से कमाई के रास्ते खुल जायेंगे, उस दिन इसे बड़े पंख लग जायेंगे।' उसी दिन यहॉं भी बरखा दत्‍त, वीर संघवी, प्रभु चावला जैसे लोग पैदा हो जाऍंगे।

जरूरतें तो सबकी पूरी हो जाती हैं लेकिन लालच तो एक का भी पूरा नहीं हो पाता।

बहरहाल, सूचना अच्‍छी और उत्‍साह-प्रेरणादायक है। अभिनन्‍दन और शुभ-कामनाऍं।

महफूज़ अली said...

सुरेश भैया जी.... आपको बहुत बहुत बधाई.... मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है.... यह बात तो सही है कि ब्लॉग्गिंग से कमी नहीं हो रही है... ज़रा इस वेबसाईट को ज्वाइन करिए... अभी मुझे इस वेबसाईट से चार हज़ार रुपये का चेक मिला है.... आपको भी फायदा होगा देखिएगा ज़रूर..

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Regards...


Mahfooz..

हर्षवर्धन said...

सुरेश जी बधाई हो

Deepesh said...

बहुत बहुत बधाई, उम्मीद करता हुँ कि आने वालो वर्ष में सिर्फ संख्या ही नही कुछ कमाई-वमाई भी बढे...
धन्यवाद

सुज्ञ said...

बहुत बहुत बधाई बंधु!!

दीपक बाबा said...

बहुत बहुत हार्दिक बधाई .........

हमारे लिए ये जरूरी नहीं की आप कम लिखते हैं, अपितु आप बढिया लिखते है.

आपका एक एक लेख शर्मनिरपेक्ष नेताओं और बुद्धिजीवी लोगो पर इतना भरी पड़ता है की महीनो अपना गाल मलते रहते हैं.......

परमात्मा आपकी लेखनी को और सशक्त करे और आपको उर्जावान बनाए.

रचना said...

सुरेश आप का ब्लॉग पसंदीदा ब्लोग्स मे से एक हैं । जब यहाँ आयी थी तो आप के ब्लॉग पर कई बार प्रगतिशील नारी इत्यादि पोस्ट भी पढी थी । सबसे पहली पोस्ट जो आप कि पढ़ी थी वो शायद "पिल" पर थी फिर आप कि बाकी पोस्ट पढ़ी और क्युकी आप "दिल से हिन्दू" लगे सो उस पोस्ट को इग्नोर किया । पर आप ने मुझ नहीं इग्नोर किया क्युकी आप को आधुनिक नारी कि क्षेणी मे लगी थी मै । लेकिन धीरे धीरे नारी आधारित मुद्दों पर मेरा व्यवहार आप को "पचने " लगा और हम एक दूसरे के मुद्दों कि गंभीरता को समझते हुए एक दूसरे को पढते रहे । मन किया तो कमेन्ट किया अन्यथा नहीं । मै भी "दिल से हिन्दू " हूँ पर रुढ़िवादी नहीं और आप भी मुझे कहीं से भी राष्ट्रवादी या रुढ़िवादी नहीं लगे ।
मुझ बहुत ख़ुशी हुई आप कि ये पोस्ट देख कर । कम ब्लोगर ऐसे है जो नैतिकता कि ना केवल बात करते हैं अपितु उस पर अमल भी करते हैं । आप मुझ उनमे से एक आगे व्यक्तिगत तोर पर ।

आशा ही नहीं पूर्ण विशवास हैं कि आप ऐसे ही लिखते रहेगे ।

रचना said...

आप मुझ उनमे से एक आगे व्यक्तिगत तोर पर ।
=
aap mujh unmae sae ek lagae vyaktigat tor par

जयराम “विप्लव” JAYRAM VIPLAV said...

सबसे पहले तो बधाई !
भाई जी , जब तक हिंदी ब्लोगिंग में पैसा नहीं आता है तब तक इसके वैकल्पिक मीडिया के रूप में उभर कर आने के प्रति कुछ कहा नहीं जा सकता | वैसे तो हर दिन बीस -पच्चीस ब्लॉग बन रहे हैं लेकिन जबसे ब्लोगवाणी बंद हुआ है एक आपस में बहस जो होती थी उस में शिथिलता जरुर आई है जो स्थापित ब्लोगर हैं उन तक तो लोग पहुँच जाते हैं लेकिन नये लोगों के लिए समस्या है | मुझे ऐसा महसूस हो रहा है हिंदी ब्लोगिंग अपने आरंभिक काल खतरे से जूझ रहा है |
वैसे सही बताएं तो सुरेश भाई बहुत कम ब्लॉग हैं जो वैकल्पिक मीडिया के रूप में काम कर रहे हैं बाकि जगह तो बस छपास की भूख मिटाई जा रही है |
चलिए जो भी है....... आपको देखकर लोग प्रेरणा ले रहे हैं उनके लिए भी शुभकामनायें !

ajit gupta said...

सुरेश जी,
जब समाचार जगत आया था तब पत्रकार बड़ी निष्‍ठा से कार्य करते थे लेकिन जैसे ही आर्थिक लाभ की बात आयी, सभी जगह पीत पत्रकारिता प्रारम्‍भ हो गयी। इसी प्रकार मीडिया में तो खुली लूट हो ही रही है। इसलिए जिस दिन ब्‍लाग जगत में भी पैसा आ जाएगा उस दिन इसका स्‍वरूप तो सबसे अधिक घृणास्‍पद होगा। व्‍यक्ति किसी का भी चरित्र हनन करेगा। इसलिए मैं तो इस पक्ष की हूँ कि यहाँ पैसा कभी नहीं आए।

gg1234 said...

Badhai ho!!!

संजय बेंगाणी said...

हिन्दी ब्लॉग जगत में वाह वाह और बधाई की कमी नहीं है. चाहे उतनी तोल दूँ, बोलो कित्ती लोगे? :)

1000 बधाइयाँ तो बनती ही है.

जिस दिन कमाई होने लगेगी ब्लॉग भी दल्लों से भर जाएगा.

एक अछूत विचारधारा के ब्लॉग को 1000 पाठक वाकई मायने रखता है.

हर कोई कुछ न कुछ कहने वाला है. हम तो एक शब्द कहेंगे. "वन्दे-मातरम".

सम्वेदना के स्वर said...

ढेर सारी शुभकामनायें सुरेश जी! आपका लेखन हौसला बढाता है, सच को सच कहने के लिये भी आजकल हौसले की जरुरत जो हने लगी है।

अजीत गुप्ता जी और संजय बेगाणी जी की बात से सहमत, बिना पैसा के ब्लोगिंग स्वच्छ है अन्यथा यहाँ भी मायाजाल ही फैलेगा!

इधर इलेक्ट्रानिक मीडिया के भेद खुल रहे थे तो आप को याद कर रहें थे,हम दोनों?
कुछ "सुरेश-लीक्स" अभी भी अपेक्षित हैं आपसे!

JANARDAN MISHRA said...

सुरेशजी
आपकी लेखनी में इतना दम है, कि वो एक जिंदगी का भाग बनचुका है, रोज आप कि नई लेखनी का इंतजार रहता है, आप कमसे कम अपनेलिए नहीं तो हम पाठकों केलिए जरुर लिखते रहिये.....

abhishek said...

bahut bahut shubha kamanye...........nishchit rup se adrsh ke liye kasht me rahana padata hai,achchhi bat ke liye svym ko jhokana padata hai,aap likhate rahiye savera hone hi vala hai.........

Akhtar Khan Akela said...

suresh ji mubark ho . akhtar khan akeal kota rajsthan

मिहिरभोज said...

रहे समक्ष हिम शिखर,तुम्हारा प्रण उठे निखर
भले ही जाये जन बिखर,रुको नहीं झुको नहीं
बढे चलो बढेचलो
घटा घिरी अटूट हो,अधर मैं काल कूट हो
वही सुधा का घूंट हो
जिये चलो ,मरे चलो
बढे चलो बढे चलो
वंदेमातरम्

निशाचर said...

सुरेश जी हार्दिक बधाई. आप लिखते रहे यही शुभकामना है.

राहुल पंडित said...

हार्दिक शुभकामनाएं

परमजीत सिँह बाली said...

आपको बहुत बहुत बधाई

Vivek Rastogi said...

बहुत बहुत बधाई आपको, इसी तरह से आप लिखते रहें.. आपके पाठकों की संख्या बड़ती रहे।

RAJAN said...

मुबारक हो सुरेश जी रचना जी की तरह मेरे विचार भी कई मामलों में आपसे नहीं मिलते लेकिन ये तो मानना पडेगा जब भी गलत को गलत कहने की बारी आई तो आप मुझे सबसे आगे खडे दिखाई दिये बिना अंजाम की परवाह किये लेकिन अब इस विषय से हटकर एक बात........ कुछ लोग ब्लॉगजगत में है जो अभी भी आपको मुस्लिम विरोधी मानते है, हो सकता हैं कि उन लोगों ने आपके किन्ही कमेंटस जो आपने प्रतिक्रीया स्वरूप ही दिये हो को ध्यान में रखकर आपके प्रति यह धारणा बनाई हो अब इस क्रम में खुद आपको क्या बात ध्यान में रखनी चाहिये ये आप खुद तय करें आप भले ही सेकुलरीज्म के विरोधी हों लेकिन कई बार थोडा सा गुस्सा हमारे किये कराये पर पानी फेर देता है मुझे ये सब कहने का हक है या नहीं पता नही लेकिन आज मौका सही लगा तो कई दिन से मन में अटकी पडी बात कह दी उम्मीद हैं आप इसे सकारात्मक ढंग से लेंगे भविष्य के लिये शुभकामनाऐं

राज भाटिय़ा said...

सब से पहले तो आप को बधाई जी यह संख्या लाखो तक पहुचे, बाकी आप को पढने वाले लाखॊ हे तो फ़िर चिंता किस बात की, वेसे भी ब्लांग से कमाई नही हो सकती, अग्रेजी ब्लांग पर भी नही, मेरे बच्चो ने खुब बनाऎ, लेकिन कमाई नही...बस इतना ही कहुंगा कि दुर के ढोल सुहावने लगते हे... आप लिखते रहे, आप की कमाई आप को चाहने वाले ही हे. धन्यवाद

abhishek1502 said...

हार्दिक शुभ कामनाये
लख लख बधाइयां जी ,
आप ऐसे ही अपनी लेखनी से इन नालायक सेकुलर गधो को इसी प्रकार धोबी पछाड़ देते रहे और हम नए ब्लागरो का मार्गदर्शन करते रहे

abhishek1502 said...

ये देखिये अरब समाज का असली चेहरा
ये है कट्टरता की पोल
http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/12/101208_saudia_parties_wikileaks.shtml

Jeet said...

Congratulation Bhaiiji, परमात्मा आपकी लेखनी को और सशक्त करे और आपको उर्जावान बनाए.

Ravindra Nath said...

सुरेश जी को बहुत बहुत बधाई। यह संख्या और आपकी लोकप्रियता बताती है कि आज का मानस किस प्रकार का विचार रखता है भले ही आज का दृश्य श्र्व्य मीडीया इससे अलग विचार रके और बताने का प्रयत्न करे, पर जल्द ही यह सत्य सूर्य की भांति सर्व व्याप्त होगा।

उन्मुक्त said...

बधाई।

नारायण भूषणिया said...

सुरेश जी
आपको बहुत बहुत बधाई के साथ शुभकामनाएं. आने वाला साल आपके लिए बहुत सी सौगाते लेकर आये यही प्रार्थना है ईश्वर से.
नारायण भूषणिया

Gitesh uppal said...

Har har mahadev

Wishes to you

Gitesh

Man said...

वन्देमातरम सर ,
हिन्दुत्व और रास्ट्रवाद के इस नायक और सेनापति को अभी तो और नेत्र्तव करना हे ,आखिरी विजय तक ,हमें नेत्रत्व चाहिए होसलो के साथ ,जो की आप दे सकते हे |
शुभकामना के साथ मान सिंह अजयमेरु

नया सवेरा said...

... badhaai va shubhakaamanaayen !!!

श्रुति अहलूवालिया said...

सुरेश आपको इसके लिए हार्दिक बधाई !

आप ब्लॉग नहीं लिख रहे है आप एक भभकती हुई क्रांति के सैनिक है बस आपकी सोच ऐसी ही रहे भगवान करें ऐसी सोच को ग्रहण न लग जाए वामपंथी या सेकुलर वादी षड़यंत्रों का, भगवान आपकी रक्षा करें

श्रुति अहलूवालिया
श्रेष्ठभारत

kaverpal said...

Dear Sureh ji mai manta hun ki paise chahiye parantu aap paise ke karan apna lekh likhna band mat karna aane wale samay me pathak bhe badenge aur paise ka bhi intjaam hoga meri yehi subh kamnayen apke saath hain

प्रतुल वशिष्ठ said...

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निर्लिप्त और निष्पक्ष भाव से कर्तव्य निभाने वालों को कहीं तो अर्थ के दर्शन हों.
भ्रष्ट सत्ता विरोधी स्वर के रहते रोज़गार कमाना वैसे भी मुश्किल है.
आदरणीया अजित जी बेशक सहमत न हों लेकिन
आज के समय में समाज को दिशा देने वाले साधुओं को कोई भिक्षा नहीं देता और
न ही उन्हें सामाजिक कार्यों को करने पर उपयुक्त पारिश्रमिक मिलता है.
मुझ पर नौकरी है अथवा
मेरी किराने की दुकान जोरों पर चलती है अथवा
मुझपर पैत्रिक दौलत भरपूर है अथवा
मैं कोई मोटा गबन किये बैठा हूँ
तो कह लेता हूँ कि
ब्लॉग-मीडिया में कमाई होने पर प्रिंट-मीडिया की तरह ही पीत-युग फिर लौट आयेगा.

मैं हमेशा से मानता रहा हूँ कि सुरेश जी का ब्लॉग
— जन-क्रान्ति का वाहक है.
— पांचजन्य का शंखनाद है.
— गुप्त-घोटालों का दर्पण है.
— तथ्यों को सार्वजनिक करने वाली डंके की चोट है.
ब्लॉग-जगत में ऐसे ब्लॉग होने से ब्लॉग-जगत की सार्थकता बढ़ जाती है.

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Kirtish Bhatt, Cartoonist said...

badhai badhai!!!!

Sanjeet Tripathi said...

badhai, badhai aur badhai prabhu,
aapka blog aise hi aage badhta rahe, yahi shubhkamnayein

बी एस पाबला said...

बधाई व हार्दिक शुभकामनाएं...

लक्ष्य पूर्ण हो

Pranay Munshi said...

बहुत बहुत बधाई...
आप ये न सोचे की आपके ब्लोग्स को पड़ने वाले केवल १००० ही है ....
पाठको की संख्या कही अधिक है क्योंकि बहुतेरो को पता ही नहीं होता की subscribe करने से क्या होता है. यदि यदि आप उस subscribe button को ब्लिंक करते हुए रखेंगे एवं उसका स्थान ऐसा कर देंगे जहाँ से उस button पर सरलता से दृष्टी चली जाये तो आप देखेंगे की शीघ्र ही subscribers की संख्या बड़ जाएगी. एवं उस button का label subscribe के स्थान पर नियमित लेखो के लिए क्लिक करें. क्योंकि प्रारंभ में मैं भी चाहता था की जैसे ही आपका नया लेख आये और मुझे तुरंत पता लगा जाये परन्तु आईटी Field से होने के बाद भी मुझे ये जानने में बहुत समय लगा की इसके लिए subscribe करना होता है .

sanjay patel said...

सुरेश भाई,बधाई.आपने तो हिन्दी ब्लॉग को विस्तार दिया ही है मुझ जैसे लोगों को भी तकनीकी सहयोग देकर ब्लॉग लेखन का रास्ता दिखलाया है. हिन्दी को आप जैसे समर्थ और सह्रदय शब्द-प्रेमियों की सख़्त दरकार है. हाँ एक शिकायत ज़रूर है कि इस लेखन के साथ व्यंग्यकार सुरेश चिपलूणकर को भी ज़िन्दा रखें. आपके तीख़े व्यंग्य नईदुनिया में पढ़ने को मिले थे उसके बाद ये क्रम रूक गया है. उस सामग्री को भी ब्लॉग पर लाइये...चाहें तो एक अलग नाम का ब्लॉग बनाकर...बहरहाल....बहुत बधाई...और चलते रहें...यूँ ही....बेधड़क....

p k surya said...

हार्दिक शुभकामनाएं

दिवाकर मणि said...

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400 अनुगामी, 500 पोस्ट और 1000 सबस्क्राइबर पूर्ण होने पर मेरी कोटिशः हार्दिक बधाइयाँ स्वीकारें. ईश्वर आपके मनोरथ को सदा सबल बनाए रखे.

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
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Anand G.Sharma आनंद जी.शर्मा said...

सुरेश जी, हार्दिक बधाई |
विकिलीक्स तो अभी अभी चर्चा में आया है | आपका "सुरेशलीक्स" (संवेदना के स्वर द्वारा उद्धृत)तो २६ जनवरी २००७ से ही सज्जनों को आनंदित एवं दुर्जनों को मानसिक रूप से संतप्त कर रहा है | अगला मत्वपूर्ण पड़ाव : १,००० अनुसरणकर्ता, १,००० पोस्ट एवं १०,००० सब्सक्राइबर्स है | लॉक किया जाय ?

Rupesh said...

suresh bhaiya, bahut bahut badhai. bade din baad aye. roj apka blog khol kar intazar kar raha tha.

Man said...

जाजम उठाऊ कांग्रेसी यंहा देखे अपनी स्थिति
http://jaishariram-man.blogspot.com/2010/12/blog-post_05.html

वन्दना said...

हार्दिक शुभकामनाएं...

sanjay jha said...

hey bhau....apan to ma saraswati se
prathna karte hain ke har saal apka
subscriber 100% badhe..............

bhau...apan bhi sab tarah ke blog par
jata hoon kaion se man-hi-man bhaichare ka sambandh bhi rakha hai
....par aap akele ka subscribe hoon..
aur ispar hame garv hai.....

jai hind-jai bloging.

ayurvedic solutions said...

suresh ji bahut bahut bdhai
aap lgataar likhte rahiye
amdani kee chinta chhodiye
apka lekhan bahuton ko prerit karta hai
rashtravadi lekhak bahut thode hai
ek aur baat ydi niswarth bhav se likhenge to lekhni me dhaar bhi rahegi

sudarshanshishulkar said...

हार्दिक शुभकामनायें
इस वर्ष में आपके सब्सक्राइबर का आंकडा 100000 को छुये यही दुआ है। sudarshan shishulkar sewa bharti Ujjain

Ratan Singh Shekhawat said...

बधाई व हार्दिक शुभकामनाएं
"वन्दे-मातरम"

honesty project democracy said...

बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनायें....

Manisha said...

बहत बहुत बधाई. आप से आशा है कि सदा ही हिंदी ब्लागिंग में बने रहेंगे।

www.hindi-blog.com

Vinayak said...

बहुत बहुत हार्दिक बधाई .........

Kajal Kumar said...

भाई आपके ब्लाग से सब्सक्राइबर व फालोअर्स चुराने की कोई विधि हो बताइए न :)

GirishMukul said...

haardik badhaaiyaaM

सतीश सक्सेना said...

हार्दिक शुभकामनायें सुरेश भाई !

aarya said...

कोई चलता पदचिन्हों पर कोई पदचिन्ह बनाता है
है वही शूरमा इस जग में दुनिया में पूजा जाता है|

आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं !

dschauhan said...

ढेर सारी शुभकामनायें|

{-BHAGAT SINGH-} said...

6 दिसम्बर के ऐतिहासिक दिन पर आपकी इस उपलब्धि के लिये आपको बहुत बहुत बधाईयाँ
आपने बिना रुके ,बिना थके, बिना बोर हुये जिस तरीके से लगातार लेखन जारी रखा वो वाकई काबिलेतारीफ है.
क्यो कि ब्लाग खोलना और उस पर महिने चार महिने लिखना तो बहुत आसान है .परन्तु इस तरह से लगातार साल दर साल ब्लाग पर गुणवत्ता युक्त पोस्ट प्रकाशित करना आसान काम नही है.
आगे भी आप ऐसे ही लिखते रहे.

kamal said...

Sureshje aap ek kaam karo sabhi member se ek neymet rashi ke maag kare jase 100 rs jise ham jase student be aasani se de sakte hai.

सुलभ § Sulabh said...

सुरेश जी,
सर्वप्रथम आपको बधाई!!!
हालांकि भारत की विशाल जनसंख्या अौर इंटरनेट रीडर्स के हिसाब से ये आकड़ा कम है, मगर वर्तमान हिंदी ब्लागजगत के मद्देनज़र ये आकड़ा उत्साहजनक है. जैसा कि कुछ पाटको ने कहा ये ब्लाग "जनक्रांति का वाहक" है. भारत के पुनर्निमाण के लिये आप समर्पित हैं तो बहुत से पाठक भी आपके साथ है.

मेरे विचार से वर्तमान मीडियाई फार्मूले के तर्ज पर ब्लागिंग से कमाई बहुत से ब्लागरों को अपने उद्देशय से भटका सकती है. इससे तो कहीं बेहतर होगा, ईमानदारी से अपने पाठकों से सहयोग राशि ली जाय, जैसे बहुत से पत्रिकाएं लेती है.

यदि १० प्रतिशत सब्सक्रकईबर्स भी वार्षिक चंदे इस महाजाल "ब्लाग पत्रिका" की सदस्यता राशि रूप मे भुगतान करते हैं तो आनेवाले समय मे पर्याप्त कमाई हो जायेगी. यह राशि ५० - ६० रू० सालाना हो सकती लेखकीय उर्जा को प्रखर रखने व अन्य डाटा सहायकों रिपोर्टरों के खर्चे उठाने के लिये एेसी व्यवस्था करना उचित कहलाएगा.

भ्रामक इंटरनेट विग्यापणों एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के विपरित चलने वाले घटिया कम्पनियों के प्रोडक्ट बैनरों का प्रदर्शन करने से अच्छा होगा हम पाठक आपको सीधे सहयोग राशि पहुंचायें.

एेसा करने से दुसरे अच्छे ब्लागर भी प्रेरित होंगे जो फिलहाल कमाई के शार्टकर्टस् ढूंढ रहे हैं.

शुभकामनाअों सहित
सुलभ

Paathey said...

अभिनन्दन आपको इस सफलता पर हमारी हार्दिक शुभकामनाएं | भले ही कितना भी लम्बा अंतराल आ जाए विचारों में समन्वय और प्रेम में प्रघाड़ता सदैव बनी रहेगी

Anirudh Pratap Singh Yadav said...

सुरेश जी,सर्वप्रथम आपको बधाई!!! में टिप्पणी करने में थोडा लेट हो गया पर फिर भी कर रहा हु आशा है आप छाप देंगे मेरे घर पर ही नेट का कन्नेकसन हे और में रोज नेट पर समय बिताता हु और रोज में नेट चालू करते ही सबसे पलहे आप का ब्लॉग देखता हूँ नये लेख के लिए

Bhavesh (भावेश ) said...

सर्वप्रथम आपको मेरी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं !!
जैसा कई सुधि पाठकों ने कहाँ है ठीक वैसे ही मेरा भी ये मानना है कि जिस दिन ब्लॉग से कमाई होने लग जायेगी यहाँ पर भी अन्य मीडिया जगत के, चील और गिद्ध आ जायेंगे और इससे ब्लॉग की पवित्रता और निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लग जायेगा.

शैलेन्द्र कुमार said...

सुरेश जी आप को बहुत बहुत बधाई आज ही मैं आपके लक्ष्य की पूर्ति में सहयोग करता हूँ आपका १००१वां सब्सक्रायीबर बनकर
आप देश के महान सपूत है धन आज कितनी बड़ी भी सच्चाई हो लेकिन देश सेवा के आगे गौड़ है और आप जो लिखते है वो आपका पेशा नहीं कर्तव्य है
आप कितने दिन भी बाद लिखे हम इन्तेजार करेंगे

Amit said...

Hardik Badhai sir !

I'll try to help you my level best to achieve your goals.

Chandra Prakash Dubey said...

सुरेश जी
बधाई हो,
समसामयिक मुद्दों पर सारगर्भित ,सटीक, सशक्त और बेबाक लेखन आज कल तिरोहित होता जा रहा है, पर चाँद चितेरे आज भी है जो पत्रकारिता को अपना धर्म मानते है, कुछ ऐसी तरह की अनुभूति आप का ब्लॉग पढ़ कर होती है . आप का लेखन पुष्ट आंकड़ो से लैश होता है, जो ब्लॉग की प्रमाणिकता का पोषक है. लेखन के लिए साधुवाद.