Friday, December 17, 2010

क्या आप हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद के प्रचार-प्रसार के लिये अपनी वार्षिक आय में से एक दिन की कमाई दे सकते हैं? (भाग-1)

कुछ दिनों पूर्व ही मेरे ब्लॉग के 1000 सब्स्क्राइबर्स हो गये, अर्थात पूरे भारत और विदेशों में कुल मिलाकर 1000 से अधिक लोग मेरा ब्लॉग सीधे अपने ई-मेल पर प्राप्त करेंगे… ज़ाहिर है कि जहाँ मेरे लिये पाठकों का यह स्नेह बल देने वाला है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारी बढ़ाने वाला भी है। इससे सम्बन्धित पोस्ट में मैंने ब्लॉगिंग को विराम देने अथवा एक अवकाश लेने सम्बन्धी बात कही थी, जिसके जवाब में मुझे कई ई-मेल एवं फ़ोन कॉल्स प्राप्त हुए, जिसमें कई मित्रों एवं स्नेहियों ने ब्लॉगिंग को जारी रखने सम्बन्धी अनुरोध किया। आगामी 26 जनवरी 2011 को इस ब्लॉग के चार वर्ष पूर्ण हो जायेंगे, इस अवसर पर मैं एक प्रोजेक्ट आपके सामने रखने का प्रयास कर रहा हूं…

मैंने उस पोस्ट में समय एवं धन सम्बन्धी कमी का ज़िक्र किया था, हालांकि मेरी भी तीव्र इच्छा यह थी कि इस राष्ट्रवादी कार्य को न सिर्फ़ जारी रखा जाये बल्कि और विस्तार किया जाये… परन्तु संकोचवश इस प्रस्ताव को मैंने किसी के समक्ष ज़ाहिर नहीं किया, लेकिन अवकाश लेने सम्बन्धी उस पोस्ट के बाद जिस प्रकार की प्रतिक्रिया मिली, उससे मुझे विश्वास हुआ कि यदि हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद के प्रचार-प्रसार के लिये जनता के सहयोग से ही कोई बड़ा प्रोजेक्ट चलाया जाये तो वह निश्चित रुप से सफ़ल होगा… इस विचार ने ही मेरे उस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिये सभी पाठकों के समक्ष रखने की हिम्मत दी।

प्रस्तावना बहुत हुई… अब आते हैं उस प्रोजेक्ट के मूल बिन्दुओं पर –

सबसे पहले मैं उन सभी सहयोगकर्ताओं को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने पिछले एक वर्ष में अपने आर्थिक सहयोग से मेरे इस ब्लॉग को चलाये रखने में मदद की। अब तक मैंने यह बात किसी को बताई नहीं थी, परन्तु अब खुलकर बिना झिझके यह बात बताने का समय आ गया है, कि दरअसल मैं पिछले साल ही इस ब्लॉग को बन्द करके अपने व्यवसाय में अधिक समय देने का मन बना चुका था, परन्तु मित्रों की सलाह पर मैंने अपने ब्लॉग में DONATE सम्बन्धी पे-पाल साइट का बटन एवं नेट बैंकिंग का खाता क्रमांक दिया (दायें साइड बार में सबसे ऊपर), ताकि कुछ आर्थिक सहयोग मिलता रहे और यह ब्लॉग चलता रहे। वह DONATE का बटन एवं बैंक का खाता क्रमांक लगाने का भी एक वर्ष पूर्ण होने को है और मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इस एक वर्ष के दौरान मेरे चाहने वालों ने कुल 20,000 रुपये भेजे। मैं सहयोगकर्ताओं में से नाम किसी का भी नहीं लूंगा, परन्तु मैं सभी का आभारी हूं… (इसमें से भी एक सज्जन ने अकेले ही 5000 रुपये का चेक मेरे घर आकर दिया), एक अन्य सज्जन ने ब्लॉग को डॉट कॉम का स्वरूप दिया एवं इसका जो भी वार्षिक शुल्क लगता है वह चुका दिया, कुछ लोगों ने सीधे बैंक खाते में पैसा ट्रांसफ़र किया, जबकि कुछ अन्य ने अपना नाम गुप्त रखते हुए जितना सहयोग कर सकते थे, किया। इस आर्थिक सहयोग से मैं वाकई चकित भी हूं और अभिभूत भी…। प्राप्त हुए इन 20,000 रुपयों से मेरा वर्ष भर का इंटरनेट का खर्च भी निकला एवं मुझे कुछ पुस्तकें खरीदने का सुअवसर भी प्राप्त हुआ (जो कि ज़ाहिर है कि यदि मुझे जेब से खर्च करके खरीदना होतीं तो नहीं ले पाता…)।

मैं जानता हूँ कि कुछ पाठक क्या सोच रहे होंगे, परन्तु आज इस बात को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैंने आज तक संघ या भाजपा से किसी भी प्रकार की कोई आर्थिक मदद नहीं प्राप्त की है, लोग भले ही यह आरोप लगाते रहे हों कि मैं हिन्दुत्ववादी संगठनों से पैसा लेकर लेख लिखता हूं, लेकिन मेरी आत्मा गवाह है और मेरा क्षुद्र सा बैंक बैलेंस सबूत है, कि मैंने आज तक भाजपा या अन्य किसी संगठन से कोई पैसा नहीं लिया… पिछले चार वर्ष से सिर्फ़ और सिर्फ़ “विचारधारा के प्रसार” के लिये अपने श्रम और समय को स्वाहा किया है। जिस प्रकार किसी महिला से उसकी आयु नहीं पूछनी चाहिये उसी प्रकार किसी पुरुष से उसकी आय नहीं पूछनी चाहिये, इसीलिये मैं सिर्फ़ इतना बताना चाहूंगा कि मेरे “तथाकथित सायबर कैफ़े” के सिर्फ़ दो कम्प्यूटरों (जिसमें से एक पर तो मैं ही ब्लॉगिंग के लिये कब्जा किये रहता हूं) एवं एक फ़ोटोकॉपी मशीन पर एक अकेला व्यक्ति 10 घण्टे काम करके जितना कमा सकता है उतना ही मैं कमाता हूं, इस बात के गवाह कई ब्लॉगर्स एवं कई पाठक हैं जो मेरे कार्यस्थल पर आकर मुझसे रूबरु मिल चुके हैं।

इसलिये जब 1000 सब्स्क्राइबर्स होने के उपलक्ष्य में लिखी गई पोस्ट के दौरान यह विचार बना कि हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद के प्रचार-प्रसार के लिये एक सक्रिय और समर्पित वेबसाइट हिन्दी में होना बेहद आवश्यक हो गया है। आज के दौर में जबकि हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद पर चौतरफ़ा हमले हो रहे हों, देश की स्थिति बद से बदतर होती जा रही हो, सेकुलर सूचनाओं का विस्फ़ोट हो रहा है, हिन्दू धर्म के खिलाफ़ साजिशें रची जा रही हैं… तब हिन्दुओं के लिये एक सतत चलने और जल्दी-जल्दी अपडेट होने वाली एक विस्तृत वेबसाईट की सख्त आवश्यकता है। जिस प्रकार से मीडिया 6M (मार्क्स, मुल्ला, मिशनरी, मैकाले, मार्केट और माइनों) के हाथों में खेल रहा है, तब इंटरनेट ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा इनके कुचक्र को तोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।

विगत चार साल से मैंने अपने ब्लॉग के माध्यम से अपने स्तर और अपने सामर्थ्य के अनुसार हिन्दुत्व जागरण करने की छोटी सी कोशिश की है, परन्तु मेरी भी कुछ सीमाएं हैं, आर्थिक संसाधन-मानव संसाधनों की कमी की वजह से यह कार्य करना मेरे अकेले के बूते से बाहर है… अतः जो प्रस्ताव मैं पेश करने जा रहा हूं उस पर सभी पाठक गम्भीरतापूर्वक विचार करें और अपनी प्रतिक्रिया मुझे ईमेल पर दें, न कि यहाँ टिप्पणियों के माध्यम से…

एक “हिन्दू मीडिया समूह” (जिसका एकमात्र लक्ष्य हिन्दू जागरण एवं सेकुलरों-वामपंथियों को बेनकाब करना हो) का निर्माण करने की दिशा में इसे पहला कदम माना जा सकता है। हालांकि पूरे तौर पर हिन्दू हित की बात करने वाले चन्द ही अखबार बचे हैं जैसे पायोनियर, ऑर्गेनाइज़र, पांचजन्य, स्वदेश अथवा कभीकभार जागरण… लेकिन न तो इन अखबारों की पहुँच व्यापक जनसमूह तक है और न ही युवा पीढ़ी जो इंटरनेट की व्यसनी है उस वर्ग तक इनकी पहुँच है। इधर पिछले कुछ वर्षों में कुछेक वेबसाइटें इस दिशा में काम करने के लिये शुरु की गईं, परन्तु या तो वे धनाभाव के कारण जारी न रह सकीं, अथवा “पोलिटिकली करेक्ट” बनने को अभिशप्त हो गईं अथवा उनका “सामग्री” (कण्टेण्ट) का स्तर वैसा नहीं रहा जिसे हम “हिन्दूवादी” कह सकें…

(भाग-2 में जारी रहेगा…)
(भाग-2 में कार्ययोजना के बारे में विस्तार से…)

37 comments:

indian citizen said...

jo bhi karenge chupchaap karenge..

Suresh Chiplunkar said...

जो मित्र चुपचाप रहकर सहयोग करना चाहें उनका भी स्वागत है…

कुछ शासकीय कर्मचारी भी सहयोग करना चाहेंगे, वे यदि अपना नाम गुप्त रखना चाहते हों तो वैसा ही होगा…

Anonymous said...

सर, आपकी योजाना का इतजार हे

प्रखर हिन्दू said...

क्यों नहीं, बिलकुल देंगे
बाबाओ, गुरु घंटालों और नकली प्रवचनकारों को देने की बजाय इस काम के लिये देंगे
पेहले योजना तो बताओ

ajit gupta said...

आपका ईमेल आई डी नही मिल रहा है। अब कहाँ लिखे अपने मन की बात। आप कार्य करते रहें, इस देश में केवल कार्य की ही कमी हैं, अर्थ की बिल्‍कुल नहीं। आपने जिन संस्‍थाओं का जिक्र किया है वे संस्‍थाएं देती नहीं है, बस आपको काम के लिए प्रेरित करती हैं इसलिए हम सब जानते हैं यह बात तो। सुरेश जी अब क्‍या लिखें, हमें तो बहुत दुख होता है कि हमने अपनी नौकरी इसीलिए छोडी थी लेकिन लोगों ने हमारा उपयोग नहीं किया। लेकिन आपको निराश नहीं होने देंगे।

abhishek1502 said...

आप योजना बनाईये
हम आप के साथ है

Suresh Chiplunkar said...

@ डॉ अजित गुप्ता जी - मेरा ईमेल आईडी suresh.chiplunkar @gmail.com है, सभी इच्छुक सहयोगकर्ता इस मेल आईडी पर सम्पर्क करें…

JANARDAN MISHRA said...

सुरेश जी
आप ने अपने दिलकी बात कह कर हमारा उत्साह बढ़ा दिया है, और हमें खुशी है कि कोई तो हिन्दुओं कि बात करने के लिए निडरता और ईमानदारी से तैयार हुआ,,,,,,,, जहाँ तक एक दिन कि कमी का सवाल है, तो वह देने में हम अपना सौभाग्य समझे गें,,,,,,,,,,, और दोस्तों को भी इस सुभ कार्य में सम्मलित करें गे...... कृपया आप आगे बढ़ो........

Anonymous said...

सुरेश जी, मैं आपके साथ हूं. आपकी आगामी योजनाओं के लिये शुभकामनायें

Anonymous said...

आप अपनी कार्य योजना विस्तार से बताएं.
आर्थिक पहलू की चिंता न करें.
योजना प्रभावशाली और राष्ट्र-हित में लगी तो ज्यादा तो नहीं बस दस-ग्यारह लाख आपके एकाउंट में पहुँच जाएगा.

पद्म सिंह said...

मै "हाँ" कहना चाहूँगा ... आप आगे बढिए

Anupam said...

योजना बनाईये
हम आप के साथ है
Anupam Sharma Berasia
Bhopal
9827669333

संजय बेंगाणी said...

मेल करता हूँ

Satish Chandra Satyarthi said...

छात्र हूँ, अभी अध्ययनरत हूँ, इसलिए वार्षिक आय जैसी कोई चीज तो नहीं है पर अपनी छात्रवृति से कुछ पैसे जरुर निकल सकता हूँ इस शुभ कार्य के लिए..
मुझे हमेशा ग्लानि होती है कि जहां अन्य धर्मों के लोग जोर-शोर से उसके प्रचार प्रसार में लगे हैं(कुछ गलत तरीकों से भी) वहीं हम अपने को हिंदूवादी बोलने में शर्म क्यों महसूस करते हैं. आप काम शुरू कीजिये.. इस बात को समान विचारधारा के अन्य मित्रों तक भी पहुंचाता हूँ. मेरी हार्दिक शुभकामनाएं..
ब्लॉगिंग: ये रोग बड़ा है जालिम

Anonymous said...

suresh ji paise ki chinta na kare aap keval chintan kare likhe. har sambhav madad milegi


aapka mitra
vimal singh

MAHESH said...

SIR JI JO SIRF HINDUTAVA KE BARE ME KAHE AUR NA KARE WO PAPI HAI AAP KEHNE WALO MAIN SE NAHI AAP KARNE MAIN VISHWAS RAKHTE HAI AUR MAIN AAP KI AUR APNE DESH KE RELIGION KE MADAD KE LIYE TAIYAR HU KAB AUR KAISE KARNA HAI DETAILS DEJIYEGA

JAI SHRI RAM JAI SHRI KRRISHNA

Pranay Munshi said...

आप जैसा चाहेंगे वैसे ही होगा...
बहुत बहुत धन्यवाद्

संजय तिवारी said...

सबसे पहले तो आपको बधाई कि आपका विचार धारा बनने की ओर अग्रसर है. ब्लाग को आपने अपने कर्म का मार्ग बनाया. और अब उसका परिणाम भी सामने आने लगा है. आप वेबसाइट की ओर आगे बढ़ रहे हैं.


लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि खूब पक्का कर लीजिए कि आप कर ले जाएंगे तभी इस दिशा में आगे बढ़िए.

सुलभ § Sulabh said...

सुरेश जी,
आपने मन की बात कह दी. मेरी भी कुछ ऐसी अपेक्षा थी कि आप खुल कर सामने आएं.
मैं पिछले टिप्पणियों में भी कह चुका हूँ, पाठकों से सीधा सहयोग लिया जाये तब ही बात बनेगी.
आप जारी रहें...

sanjay jha said...

jiska mujhe tha intazar.......

aapka cadar banne ka prastav to main
pahle hi de chuka hoon.....

jahan tak is post ka mantavya hai....
sahmati hai.....aur sahyog bhi....

pranam.

हिंदुत्व और राष्ट्रवाद said...

@ सुरेशजी,
"प्रखर हिन्दू" की बात से १००% सहमत, नकली बाबाओं और गुरु घंटाल जेबकतरों को देने से अच्छा है.. की आप का सहयोग किया जाये...क्यूंकि पहली बार आपके ब्लॉग पर आकर जाना की वास्तव में "हिंदुत्व" को किस तरह से निगला जा रहा है.. हम आपका सहयोग करेंगे.. ये वादा रहा.. और साथ ही मैं आह्वान करना चाहूँगा की हर कोई आकर यहाँ सहयोग करे,,
-- आप योजना बनाइये हूँ मैं आपके साथ हूँ..
धन्यवाद--
हिंदुत्व और राष्ट्रवाद,,,

Man said...

वन्दे मातरम सर ,
स्वागत हे आप का

राहुल पंडित said...

आप योगना शुरू करिए...
आज तन मन और जीवन धन सभी कुछ हो समर्पण
राष्ट्रहित की साधना में हम करेन सर्वस्व अर्पण..

की भावना के साथ हम आप का इंतजार कर रहे हैं.

प्रतुल वशिष्ठ said...

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कोई बढ़ा आश्वासन नहीं वायदा नहीं, देश-धर्म के लिये मेरी कलम और मैं स्वयं आपके निर्देशों की प्रतीक्षा करेंगे. मैं अपनी किञ्चित कमाई को बड़ी किफायत से व्यय करता हूँ उसके कुछ अंश की आपके महती मिशन में आहुति दे सकूँ इसके लिये पहले कान्तासम्मित उपदेश लूँगा.
आपके लेखों से मेरी मानसिकता प्रपंची और कपटी महापुरुषों के प्रति बदली है.
आपकी दी जानकारियाँ मेरे भीतर आक्रोश के लावे का स्टोर करती हैं.

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Anonymous said...

I am an IAS officer and cant reveal my identity but I will support you by my one day salary every year .

SHIVLOK said...

बहुत सही बात है सुरेश जी आपको निश्चित ही सहयोग करेंगे |
चिंता कि बात ये है कि अभी तक मात्र 20000 का ही सहयोग आपको प्राप्त हुआ, ये तो बेहद कम सहयोग प्राप्त हुआ है |
सभी मित्रों को चाहिए कि स्वयं सहयोग करें और दूसरों को सहयोग के लिए प्रेरित करें
कोई भी आंदोलन हो बिना आर्थिक मजबूती के सफल नहीं हो सकता है |


एक बात और है सुरेश जी,
मुझे तो आपका ब्लॉग हिंदूवादी से ज़्यादा राष्ट्र वादी लगता है |
आप भी मुझे हिंदू प्रेमी से ज़्यादा राष्ट्रप्रेमी लगते हो|
हमें राष्ट्रवादी याने राष्ट्रप्रेमी ही होना चाहिए,
खैर मैं भाषा और शब्दों का अच्छा जानकार नहीं हूँ कुछ ग़लती हो गयी हो तो माफ़ करें |

SHIVLOK said...

मंदिरों में, कथाओं में, गुरुओं, बाबाओं को, थोथे कर्मकांडों में सहयोग या खर्च करने के बजाय आपका सहयोग किया जाना चाहिए | ये सभी राष्ट्रप्रेमियों का कर्तव्य बनता है|

Anonymous said...

Har Har Mahadeva...
Ready to go.

BHU-Varanasi

Anonymous said...

अब तो हम भारतीयों को आप पर ही विश्वास है। आप जो करेंगें पूरा सहयोग मिलेगा।
वंदे मातरम

सौरभ आत्रेय said...

सुरेश जी मैं आपकी सक्रियता से बहुत अधिक प्रसन्न हूँ आप लगातार अपने ब्लॉग पर देश को जानने लायक समाचार निरन्तरता से देते रहते हैं यह बहुत ही अच्छी बात है, जोश सबको आता है किन्तु कुछ समय में ठण्डा हो जाता है या बाकी सब बातों में उसको भुला देते हैं किन्तु आप अपने इस ब्लॉग समाचार कार्य में सक्रीय रहते हैं जोकि अत्यधिक आवश्यक है, मैं भी इस निरन्तरता को अपने ब्लॉग पर बनाये रखना चाहता हूँ किन्तु अपने को समझा लेता हूँ कि अभी मुझे समय नहीं मिल रहा है पर सच बताऊँ तो हमारा आलस्य ही होता है जो अपने रूप बदल कर हमारे सामने आता रहता है और हम उससे हारते रहते हैं. ईश्वर साक्षी है मैं यहाँ फिलहाल यु. एस. में कार्यरत तो हूँ किन्तु मुझे रह-रह कर अपने पर ग्लानी और देश की चिंता सताती रहती है कभी-२ नींद भी नहीं आती इस उहापोह में लेकिन फिर ये सोचता हूँ कि किसी तरह अपने को इतना सक्षम बना ले और कुछ बहुत बड़े स्तर पर कुछ कर किन्तु अभी तो कुछ रास्ता नहीं समझ नहीं आ रहा है, देखते हैं खैर क्या होता है भविष्य में या तो कायरो और कीडो-मकोडो की तरह मैं भी मर जाऊंगा या फिर देश के काम आता हूँ कि नहीं.

चलो आप अभियान चालू रखे मैं आपके साथ हूँ अभी मैं कोई बहुत अमीर आदमी तो हूँ नहीं और अभी-२ बेहद ही खराब आर्थिक परिस्तिथि से गुजरा हूँ और धीरे-२ संभल रहा हूँ लेकिन फिर भी यह अवश्य कहता हूँ आपको कभी भी आपातकाल में आर्थिक सहायता की आवश्यकता हो तो मुझ से सम्पर्क कर लेना अधिक नहीं तो अभी थोड़ी-बहुत तो आपकी आवश्यकता पूरी कर ही सकता हूँ और मेरी तरह बहुत लोगो के रक्त में उबाल अवश्य होगा इसीलिए यदि वास्तव में आप कुछ अपने ब्लॉग की तरह सक्रियता से धरातल पर भी कुछ करेंगे तो निश्चित काफी लोग इस दिशा में साथ में आयेंगे.

अभी के लिये कुछ मात्र धन मैंने आपके बैंक अकाउंट में सहायता हेतु डाल दिया है.

सौरभ आत्रेय said...

शिवलोक जी हिन्दुवाद है तो राष्ट्रवाद है अन्यथा उसका अस्तित्व ही न हो इस बात को सभी लोग समझे सनातन वैदिक हिन्दू धर्म की जब तक जड़ें मजबूत नहीं की जाएँगी तब तक इस देश का भला करना असम्भव है यह बात अपने सत्य शास्त्रों को पढ़ कर जानो भारत के लोगो नहीं तो अर्थ का अनर्थ होना तय है.

(~BHAGAT SINGH~) said...

हर संभव मदद की जायेगी और दूसरे लोगो को भी प्रेरित किया जायेगा
ये हिँदुओ की चुप्पी का ही नतीजा है कि अब इटली वालो और उनके कांग्रेसी चमचो ने खुलेआम ताल ठोक कर हिँदुओ को उन्ही के देश मे बदनाम कर दिया है केवल इन गददार मुल्लो के वोट के पीछे.
अब कुछ भी बर्दाश्त नही किया जायेगा. बहुत हो गया.

betu said...

SURESH G, AAP TO YOJNAO KO PURI KARNE ME LAG JAIYE.ARTHA KI BILKUL BI CINTA NA KARE ME OR MERE MITRA AAP KE SAT HE.

samir said...

Suresh Ji,Mei software engineer hoon..aapko koi bhi technical help ki jaroorat ho tou bata deejiyega......
Samir Jain

P K SURYA said...

मुझे तो आपका ब्लॉग हिंदूवादी से ज़्यादा राष्ट्र वादी लगता है |
आप भी मुझे हिंदू प्रेमी से ज़्यादा राष्ट्रप्रेमी लगते हो SURESH BHAIYA, ap bus chalu rahiye ishwar k ashirwad se hum sub ka support ap tak phuchega he pahuchega, jai BHARAT

Rupesh said...

suresh bhiya, hum sab apke sath hain. bus ap ise ek andolan ka rup dijiye. aisa andolan jisme dhunva na ho par jalan bharpur ho. hamse har tarah se apko sahyog karenge. jab chahenge haajir ho jayenge.

mukul harne said...

mai bi aapke saath hu aur yatha shakti madad karunga suresh bhai..