Monday, November 22, 2010

"लाल झण्डे" का इस्लाम प्रेम विकृत रुप ले चुका है… (दो खबरें) … Muslim Appeasement Communists Kerala

जैसा कि सभी जानते हैं वामपंथी भले ही सिद्धान्तों की कितनी भी दुहाई दे लें, कितनी ही शाब्दिक लफ़्फ़ाजियाँ हाँक लें परन्तु उनका "असली रंग" गाहे-बगाहे सामने आता ही रहता है, और वह असली रंग है वोटों की खातिर मुस्लिमों के सामने आये दिन नतमस्तक होने का…। वैसे तो देश के सौभाग्य से अब यह कौम सिर्फ़ दो ही राज्यों (केरल और पश्चिम बंगाल) में ही जीवित है, तथा अपने कैडर की गुण्डागर्दी और कांग्रेस द्वारा मुस्लिम वोटों के शिकार के बाद जो जूठन बच जाती है उस पर ये अपना गुज़र-बसर करते हैं। पश्चिम बंगाल और केरल के आगामी चुनावों को देखते हुए इन दोनों "सेकुलर चैम्पियनों" के बीच मुस्लिम वोटों को लेकर घमासान और भी तीखा होगा। पश्चिम बंगाल में देगंगा के दंगों में (यहाँ देखें…) हम यह देख चुके हैं… हाल ही में केरल से दो खबरें आई हैं जिसमें वामपंथियों का "सेकुलर नकाब" पूरी तरह फ़टा हुआ दिखता है…


1) मुस्लिम बच्चों को मुफ़्त कोचिंग क्लास सुविधा, स्कॉलरशिप एवं मुफ़्त होस्टल की सुविधा, मौलवियों को पेंशन तथा पाकिस्तान को पाँच करोड़ का दान देने जैसे "सत्कर्म" करने के बाद केरल की वामपंथी सरकार ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी करके सभी राशन दुकानों को आदेश दिया है कि राज्य के सभी गरीब मदरसा शिक्षकों को दो रुपये किलो चावल दिया जाये। जैसा कि सभी जानते हैं केरल के कई इलाके लगभग 70% मुस्लिम जनसंख्या वाले हो चुके हैं और कई सीटों पर स्वाभाविक रुप से "जेहादी" निर्णायक भूमिका में हैं, हाल ही में ईसाई प्रोफ़ेसर का हाथ काटने वाली गैंग में शामिल एक अपराधी, जेल से पंचायत चुनाव जीत चुका है तथा कई नगर निगमों अथवा जिला पंचायतों में मुस्लिम लीग व PFI (पापुलर फ़्रण्ट ऑफ़ इंडिया) के उम्मीदवार निर्णायक स्थिति में आ गये हैं… तो अब हमें मान लेना चाहिये कि वामपंथियों ने प्रोफ़ेसर का हाथ काटने के "उपलक्ष्य" (यहाँ देखें...) में इनाम के बतौर मदरसा शिक्षकों को दो रुपये किलो चावल का तोहफ़ा दिया होगा।

उल्लेखनीय है कि केरल में "देवस्वम बोर्ड" के गठन में नास्तिक(?) वामपंथियों की घुसपैठ की वजह से मन्दिरों के पुजारियों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब चल रही है, जहाँ एक तरफ़ पुजारियों को यजमानों से दक्षिणा लेने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ़ पुजारियों की तनख्वाह मन्दिर के सफ़ाईकर्मियों के बराबर कर दी गई है।

2) दूसरी खबर वामपंथियों की "सेकुलर बेशर्मी" के बारे में है - पिछले कई साल से केरल के वामपंथी राज्य में "इस्लामिक बैंक" स्थापित करने के लिये जी-जान से जुटे हुए हैं, वह तो भला हो डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी का जिनकी याचिकाओं के कारण केरल हाईकोर्ट ने इस्लामिक बैंक पर रोक लगा दी है (यहाँ देखें…), वहीं दूसरी तरफ़ हाल ही में रिज़र्व बैंक ने एक आदेश जारी करके यह कहा कि केरल में किसी भी प्रकार के इस्लामिक बैंक को अनुमति प्रदान करने का सवाल ही नहीं पैदा होता, क्योंकि इस्लामिक बैंक की अवधारणा ही असंवैधानिक है।

इतनी लताड़ खाने के बावजूद, केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा प्रवर्तित अल-बराका इंटरनेशनल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ ने बेशर्मी से दावा किया उसे "इस्लामिक बैंक" बनाने की मंजूरी मिल गई है। "अल-बराका" द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रस्तावित बैंक पूर्णतः "शरीयत कानून" पर आधारित होगा। खाड़ी देशों में कार्यरत "कुछ खास गुट" ऐसी इस्लामिक बैंक बनवाने के लिये पूरा जोर लगा रहे हैं ताकि जो पैसा उन्हें हवाला अथवा अन्य गैरकानूनी रास्तों से भेजना पड़ता है, उसे एक "वैधानिकता" हासिल हो जाये। इसी में अपना सुर मिलाते हुए केरल सरकार ने कहा कि "इस्लामिक बैंक" पूरी तरह से सेकुलर है…। वामपंथ के लिये यह एक स्वाभाविक सी बात है कि जहाँ "इस्लामिक" शब्द आयेगा वह तो सेकुलर होगा ही और जहाँ "हिन्दू" शब्द आयेगा वह साम्प्रदायिक… जैसे कि मुस्लिम लीग सेकुलर है, विश्व हिन्दू परिषद साम्प्रदायिक… मजलिस-इत्तेहाद-ए-मुसलमीन सेकुलर है लेकिन शिवसेना साम्प्रदायिक… इत्यादि।

(चित्र में - वरिष्ठ वामपंथी नेता विजयन, कोयंबटूर बम विस्फ़ोट के आरोपी अब्दुल नासेर मदनी के साथ मंच शेयर करते हुए)

पहले भी एक बार वामपंथियों के पूज्य बुज़ुर्ग नम्बूदिरीपाद ने अब्दुल नासेर मदनी की तुलना महात्मा गाँधी से कर डाली थी, जो बाद में कड़े विरोध के कारण पलटी मार गये। तात्पर्य यह कि वामपंथियों के नारे "धर्म एक अफ़ीम है" का मतलब सिर्फ़ "हिन्दू धर्म" से होता है (यहाँ देखें…), मुस्लिम वोटों को खुश करने के लिये ये लोग "किसी भी हद तक" जा सकते हैं। शुक्र है कि ये सिर्फ़ दो ही राज्यों में बचे हैं, असली दिक्कत तो कांग्रेस है जिससे इन्होंने यह शर्मनिरपेक्ष सबक सीखा है।

चलते-चलते एक अन्य खबर महाराष्ट्र से - जवाहरलाल नेहरु अन्तर्राष्ट्रीय बन्दरगाह (ज़ाहिर है कि अन्तर्राष्ट्रीय है तो इसका नाम नेहरु या गाँधी पर ही होगा…) पर कुवैत के एक जहाज को सुरक्षा एजेंसियों ने जाँच के लिये रोका है। तफ़्तीश से यह साबित हुआ है कि जहाज के कर्मचारी बन्दरगाह पर इस्लाम के प्रचार सम्बन्धी पुस्तकें बाँट रहे थे। 12 पेज वाली इस पुस्तक का मुखपृष्ट "निमंत्रण पत्र" जैसा है जहाँ लिखा है "उन्हें एक बेहतर धर्म "इस्लाम" की तरफ़ बुलाओ, जो हिन्दू धर्म अपनाये हुए हैं…"। CGM एवरेस्ट नामक जहाज के कैप्टन हैं सैयद हैदर, जो कि कराची का निवासी है। 12 पेज की यह बुकलेट कुवैत के इस्लामिक दावा एण्ड गाइडेंस सेण्टर द्वारा प्रकाशित की गई है, तथा जहाज के सभी 33 कर्मचारियों के पास मुफ़्त में बाँटने के लिये बहुतायत में उपलब्ध पाई गई।

हालांकि पहले सुरक्षा एजेंसियों की निगाह से यह छूट गया था, लेकिन बन्दरगाह के ही एक भारतीय कर्मचारी द्वारा पुलिस को यह पुस्तिका दिखाने से उनका माथा ठनका और जहाज को वापस बुलाकर उसे विस्तृत जाँच के लिये रोका गया। जहाज महाराष्ट्र के कोंकण इलाके की तरफ़ बढ़ रहा था, यह वही इलाका है जहाँ दाऊद इब्राहीम का पैतृक गाँव भी है एवं मुम्बई में ट्रेन विस्फ़ोट के लिये इन्हीं सुनसान समुद्र तटों पर RDX उतारा गया था। जहाज के कैप्टन की सफ़ाई है कि वे भारतीय तट पर नहीं उतरे थे, बल्कि जो लोग जहाज में बाहर से (यानी भारत की ज़मीन से) आये थे उन्हें बाँट रहे थे। अधिकारियों ने जाँच में पाया कि अन्तर्राष्ट्रीय जल सीमा में "धार्मिक प्रचार" का यह पहला मामला पकड़ में आया है, तथा यह बुकलेट मजदूरों और कुलियों को निशाना बनाकर बाँटी जा रही थी तथा पूरी तरह हिन्दी में लिखी हुई हैं…

तात्पर्य यह कि हिन्दुओं पर "वैचारिक हमले" चौतरफ़ा हो रहे हैं, और हमलावरों का साथ देने के लिये कांग्रेस-वामपंथ जैसे जयचन्द भी इफ़रात में मौजूद हैं…

मीडिया द्वारा अपनी "सेकुलर इमेज" बनाये रखने के तरह ऐसी खबरों को जानबूझकर दबा दिया जाता है ताकि "कुम्भकर्णी हिन्दू" कभी असलियत न जान सकें, रही बात कई राज्यों में सत्ता की मलाई चख रहे भाजपाईयों की, तो उनमें से किसी में भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी जैसी लगन और हिम्मत तो है ही नहीं… (उल्लेखनीय है कि डॉ स्वामी ने अकेले दम पर याचिकाएं और आपत्तियाँ लगा-लगा कर इस्लामिक बैंक की स्थापना में अड़ंगे लगाये, रामसेतु टूटने से बचाया, इटली की रानी के नाक में दम तो कब से किये ही हैं, अब राजा बाबू के बहाने “ईमानदार बाबू” पर भी निशाना साधा हुआ है…), शायद “थकेले” केन्द्रीय भाजपा नेताओं को डॉ स्वामी से कोई प्रेरणा मिले…

Source : http://www.financialexpress.com/news/ship-docked-in-mumbai-invites-hindus-to-convert-to-islam/710021/


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27 comments:

सुज्ञ said...

खालिश सत्य निष्कर्ष!!
यही सच है।

संजय बेंगाणी said...

बहुत मुश्किल है. प्रताप, शिवाजी जैसे लोग उदय हो कर रोशनी दिखा कर अस्त हो जाते है. वैसे ही हिन्दुओं के लिए काम करने वाले भी हुए जा रहे है. वृहद वर्ग आँख, कान बन्द किये रहता था और रहता है.

इन दिनों स्वामी का प्रसंशक बन गया हूँ. भगवाधारी हरामखोरों से तो यह व्यक्ति लाख गुना काम कर रहा है.

नया सवेरा said...

... prabhaavashaali post !!!

man said...

वन्दे मातरम सर ,
जिस तरह स्वामी जी अकेले हो के भी ,कांग्रेस और और उसकी ताई जी चरित्र चित्रण का करने में लगे हुवे उनको कोटि कोटि साधुवाद ,साथ में आप को भी साहब जो पवित्र कार्य इन सुप्तो को जगाने में कर रहे हे |

nitin tyagi said...

डॉ स्वामी ko koti koti pranam

bjp is no more hindutva party

they r same as congress

aik bada bhai aur aik chota bhai

राहुल पंडित said...

वन्देमातरम,
इनको भी तो पैसा अल-कायदा और isi ही देते हैं..तो अल कायदा का सपोर्ट तो करना ही पड़ेगा.

Poorviya said...

आओ सभी एक सुर में गायें

भारत भाग्य विधाता.......


इत्ता कुछ करने के बाद भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी नेपथ्य में अकेले हैं..... ये तो देशभक्त लोगो को सोचना चाहिए....

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बड़ी परेशानी तो सूडो सेकुलर हिन्दुओं और जयचन्दों से है....
इतने पर आंखें नहीं खुलतीं तो हिन्दू धर्म का ्गर्त में जाना तय है...

ZEAL said...

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सुरेश जी,

अफ़सोस तो तब होता है जब , कायर हिन्दू इनकी चापलूसी करते हुए मिलते हैं।

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abhishek1502 said...

लाल झंडे वाले मुर्खता और देशद्रोह के कार्य को परम पुनीत कर्तव्य मानते है .
पाकिस्तान के जन्म में दाई की भूमिका निभाने वाले ये लोग सबसे पहले वहा से मार मार कर निकले गए . आज वहा इन का कोई नाम भी नही लेता
अगर यही हाल रहा तो सश्मिर और पूवोत्तर राज्य भारत से अलग होजाएंगे वो भी शरियत के हिसाब से .
व्यापारी हिन्दुओ सोते रहो ,और तब तक सोना जब तक की आतंकवाद की ये आग तुम्हारे घर तक न पहुच जाये .अगली पीड़ी जब गालिया दे की क्या आप लोग तब झक मार रहे थे तो क्या जबाब दोगे ????????????
हम हजार साल इसी लिए गुलाम रहे की पड़ोस में कुछ भी होता है हमारा क्या जाता है और आज भी यही है .न कोई कश्मीरी पंडितो की सुनने वाला है और न ही कोई बंगलादेशी हिन्दुओ की .
नीचे दिए लिंक देखो और अपनी आने वाली पीड़ी के साथ क्या हो सकता है सोचो
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=144178202284678&set=a.144178065618025.14920.139083049460860

Tarkeshwar Giri said...

Jai Ho Bharat desh, Ki afsos hota ki gaddar bhi hamare apne hi hain, sirf paisa aur rajniti ke litye apni ijjat bhi dnv par ye sale log laga dete hain

krishnakumarsoni (RAMBABU) said...

सुरेश जी,
वामपंथी व कांग्रेस दोनों धर्मनिरपेक्षता का अर्थ अपने स्वार्थ के लिए अलग ही निकलती रही है.सही मायने में ये धर्मनिरपेक्ष हैं ही नहीं. इनको जहाँ भी मौका मिलता है, हिन्दुओं के हितों पर कुठाराघात करने से नहीं चूकते. हिन्दुओं को अब सोचना ही पड़ेगा कि उनका हितेषी कौन है, और दुश्मन कौन है.

Hrishikesh said...

Aap sahi likh rahe ho lekin sangh aur BJP ke bareme jo likha hai vah purna satya nahi hai. Dr Swamy jo karya kar rahe hai vah anokha hai lekin vahi karya sanghatan ke madhyam se nahi ho sakta yah bhi sabhi ne janana chahiye.
hum sangh ka virodh karke ya bjp ka virodh karke congress ke virodhiyo ko aapas me baat rahe hai aur congress uska maja le raha hai. Sangh ne kabhi kisi ke karya padhati par ungali nahi uthai Aapko jo kahna hai vah jarur kaho lekin aapas me hum log hi ek dusare ke virodhi ho aisa karya na kare to achha hai
vande Mataram

प्रतुल वशिष्ठ said...

..

शहरीकृत गावों में गिरगिट दिखना बंद हो ही गये थे. लेकिन शुक्र है वामपंथी पार्टी का अभी उसमें वे नज़र आ रहे हैं.

..

रूपेश मिश्र said...

सुरेश जी प्रणाम, आपका लेख बेहद सधा हुआ और तार्किक होता है, अभी कुछ सप्‍ताहों से आपको पढना चालू किया हैा धीरे धीरे सारे पिछले लेख पढ रहा हूंा बेहद अच्‍छा और उद़धेलित महसूस हो रहा हैा आपको अपनी सुरक्षा का ध्‍यान रखना चाहिएा क्‍योंकि जिस तरह का माहौल बनता जा रहा है वह हमारे लिए खतरनाक हैा यह लेख भी अापके पिछले लेखों की तरह बेबाक हैा

Amit said...

Parche baantne walon ka kuch nahin hone wala Sir. Jab ek Kasab khule aam logon ko mar kar bhi yahan par Biryani kha raha hai (Jo usko Pakistan main naseeb nahin thi) to sirf parche banta no koi jurm nahin hai. Jo Ship se aaye hain vo "Masoom aur Bhatke hue" Naujawan hain. Aur rahi bat BJP ke jagne ki to Unko jaagne ki jarurat abhi nahin hai. Election to hone nahin hain abhi esliye Sarkar main aa nahin sakte. Tau kyon faltu main apne "Madhur Sambandh" kharab karen.
Aapko Sadar Pranaam !

SHIVLOK said...

सुब्रहमण्यम स्वामी निश्चित ही महान देशभक्त हैं, प्रसंशणीय हैं , अभिनंदनीय हैं, आदरणीय, सम्माननीय, पूजनीय हैं | इनके प्रयास सराहनीय हैं , मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि स्वामी जी अपने उद्देश्य में सफल हों |

आपको भी नमन|

Shiv Ratan Gupta
9414783323

सुलभ § Sulabh said...

स्वामी एंव उन जैसे देसभक्तों को नियमित प्रोत्साहन की जरुरत है. वर्तमान किसी भी पार्टी से देशहित मे कोई उम्मीद नही दिखाई देती.
राष्ट्रीय स्वाभीमान को सर्वोच्च मानने वाले व्यक्तियों जैसे गोविंदाचार्य, बाबा रामदेव अादि को नेत्रित्व सौंपने की जरुरत है. वर्ना हमले होते रहेंगे अौर विशाल भारत का अस्तित्व मिट जायेगा.

Pranay Munshi said...

जितने डॉ. सुब्रनियन स्वामी महान है, उतने ही आप भी... यदि सुरेशजी आप नहीं होते तो ना तो हमें डॉ सुब्रमनियन जी के बारे में पता लगता और ना ही की आज यह राष्ट्र संकट में है ... आप के सभी लेख पड़कर दुःख भी होता है की आज देश की यह स्थिति हो गयी है और प्रसन्नता भी की आप जैसे लोग सोये हुए लोगो को जगाने में लगे हो ...
आप के लेख पड़कर रातो को नींद नहीं आती है ... तो आपके बारे में तो सोच ही नहीं सकता .... आप की क्या स्थिति होगी .....
वन्दे मातरम

अजय सिंह said...

चिपुलिनकर जी सादर प्रणाम !
भाजपा अब देश के लिए नही अब यह गद्दी के लिए आरी जा रही है | ओ सेवक क्या जो किसी गद्दी के लिए भारत माँ को भूल जाय और गद्दी पर आ जाय तो सेवा ही करेगा ? विपच्छ में रह क्र भी देश कि सेवा उतना ही किया जा सकता है जितना कि सत्ता में रहा कर|

Anonymous said...

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himanshu said...

muje yah lekh kaafi pasand aaya,,,, mann to karta hai ki inn congress & muslims ko goli maar doon,,,,,,,,,,bus koi support karne wala mil jaye............
**********JAI BHAVANI**********

rk said...

isase bhee bade kamin hain ye

avenesh said...

कौम को नष्ट करने वाला ..........कौमनिष्ट

Common Hindu said...

भगवाधारी हरामखोरों से तो यह व्यक्ति (डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी ) लाख गुना काम कर रहा है.

इत्ता कुछ करने के बाद भी डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी नेपथ्य में अकेले हैं..... ये तो देशभक्त लोगो को सोचना चाहिए....

अरविन्द said...

सुरेश जी
नमस्ते
आपके द्वारा प्राप्त जानकारी के लिए धन्यवाद

JANARDAN MISHRA said...

अगर इशी तरह चलता रहा तो लाल झंडे वालों कि भारत कि जनता अपो आप लाल कर्देगी,