Thursday, July 15, 2010

रेड्डी बन्धुओं का वीभत्स खनन भ्रष्टाचार - मजबूर येद्दियुरप्पा, बेबस मनमोहन सिंह… ...Reddy Brothers Karnataka, Mining Scam

पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक में खनन माफ़िया और अरबों के लौह अयस्क घोटाले को लेकर घमासान मचा हुआ है। कर्मठ और ईमानदार छवि वाले जस्टिस संतोष हेगड़े ने लोक-आयुक्त के पद से इस्तीफ़ा भी दे दिया था, जो उन्होंने आडवाणी की मनुहार के बाद वापस ले लिया, मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा भी इस सारे झमेले से काफ़ी परेशान हैं लेकिन कुछ नहीं कर पा रहे हैं। पूरे मामले के पीछे सदा की तरह "बेल्लारी के कुख्यात" रेड्डी बन्धु हैं, जिन्हें भाजपा सहित सभी पार्टियाँ निपटाना चाहती हैं, लेकिन उनकी ताकत से सभी भयभीत और आशंकित भी हैं।

आईये देखते हैं कि आखिर मामला क्या है और रेड्डी बन्धु इतने ताकतवर कैसे हैं कि कोई उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ पा रहा है - कर्नाटक के लोकायुक्त श्री संतोष हेगड़े ने पिछले कुछ माह से इन दोनों भाईयों के खिलाफ़ जाँच की है और पाया कि बिलिकेरे बन्दरगाह से 35 लाख टन का लौह अयस्क "गायब" कर दिया गया है। आप भी पढ़कर भौंचक हुए होंगे कि 35 लाख टन का लौह अयस्क कैसे गायब हो सकता है? लेकिन ऐसा हुआ है और भारत जैसे महाभ्रष्ट देश में कुछ भी सम्भव है। आपको याद होगा कि जादूगर पीसी सरकार ने एक बार ताजमहल "गायब" कर दिया था, लेकिन रेड्डी बन्धु उनसे भी बहुत बड़े जादूगर हैं, इन्होंने 35 लाख टन का अयस्क गायब कर दिया।


पहले आप यह जान लीजिये कि 35 लाख टन लौह अयस्क के मायने क्या हैं - न्यूयॉर्क की प्रसिद्ध एम्पायर स्टेट बिल्डिंग का वज़न अंदाजन साढ़े तीन लाख टन होगा, दूसरे शब्दों में कहें तो रेड्डी बन्धुओं ने लगभग दस एम्पायर स्टेट बिल्डिंग को हवा में "गायब" कर दिया है, कहाँ लगते हैं पीसी सरकार? मोटे तौर पर इसकी कीमत का अंदाज़ा भी लगा लेते हैं - आज की तारीख में लौह अयस्क की अंतर्राष्ट्रीय कीमत लगभग 145 डालर प्रति टन है, यदि इसे हम 130 डालर भी मान लें और इसमें से 30 डालर प्रति टन ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चों के तौर पर घटा भी दें तब भी 35 लाख टन के 100 डालर प्रति टन के हिसाब से कितना हुआ? चकरा गया दिमाग…? अभी रुकिये, अभी और चक्कर आयेंगे जब आपको मालूम पड़ेगा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा ने लिखित में स्वीकार किया है कि सन् 2007 में (जब भाजपा सत्ता में नहीं थी) 47 लाख टन लौह अयस्क का अवैध खनन और तस्करी हो चुकी है। है ना मेरा भारत महान…? तो ये है रेड्डी बन्धुओं की "असली ताकत", मधु कौड़ा तो इनके सामने बच्चे हैं। "अथाह और अकूत पैसा" ही सारे फ़साद की जड़ है, रेड्डी बन्धुओं की जेब में कई विधायक हैं जो जब चाहे सरकार गिरा देंगे, ठीक उसी तरह जैसे कि विजय माल्या और अम्बानी की जेब में कई सांसद हैं, जो उनके एक इशारे पर केन्द्र सरकार को हिला देंगे, सो इन लोगों का कभी कुछ बिगड़ने वाला नहीं है चाहे कई सौ की संख्या में ईमानदार येदियुरप्पा, मनमोहन सिंह, शेषन, खैरनार, किरण बेदी आ जायें। बहरहाल, वापस आते हैं इस केस पर…

मामले की शुरुआत तब हुई, जब एक और ईमानदार फ़ॉरेस्ट अफ़सर आर गोकुल ने कर्नाटक के बिलिकेरे बन्दरगाह पर 8 लाख टन का लौह अयस्क अवैध रुप से पड़ा हुआ देखा, उन्होंने तत्काल विभिन्न कम्पनियों और रेड्डी बन्धुओं पर केस दर्ज कर दिया। नतीजा - जैसे 35 लाख टन लौह अयस्क गायब हुआ, आर गोकुल को भी दफ़्तर से गायब कर दिया गया, उन्हें गायब किया रेड्डी बन्धुओं के खास व्यक्ति यानी "पर्यावरण मंत्री" जे कृष्णा पालेमर ने, जिन्होंने अपने मालिकों की शान में गुस्ताखी करने वाले भारत सरकार के नौकर को निलम्बित कर दिया। लोकायुक्त श्री हेगड़े जो कि अपने ईमानदार अफ़सरों का हमेशा पक्ष लेते रहे हैं, उन्होंने मामले में दखल दिया, और कर्नाटक सरकार को रेड्डी बन्धुओं पर नकेल कसने को कहा। अब भला येद्दियुरप्पा की क्या हिम्मत, कि वे रेड्डी बन्धुओं के खिलाफ़ कुछ कर सकें, उन्होंने मामले को लटकाना शुरु कर दिया। खुद येद्दियुरप्पा भले ही कितने भी ईमानदार हों, रेड्डी बन्धुओं के दबाव में उन्हें उनके मनचाहे मंत्री और अफ़सर रखने/हटाने पड़ते हैं, पिछली बार हुए विवाद में येद्दियुरप्पा सार्वजनिक रुप से आँसू भी बहा चुके हैं, लेकिन यह बात उन्हें भी पता है कि जिस दिन रेड्डी बन्धुओं का बाल भी बाँका हुआ, उसी दिन कर्नाटक सरकार गिर जायेगी, जैसे पिछली कुमारस्वामी सरकार गिरी थी, जब उन्होंने रेड्डी बन्धुओं से पंगा लिया था।


खैर, बार-बार आग्रह करने के बावजूद जब कर्नाटक सरकार ने हेगड़े की बातों और सुझावों पर अमल नहीं किया तो हताश और निराश हेगड़े साहब ने गुस्से में इस्तीफ़ा दे दिया, और भूचाल आ गया। कांग्रेस-जद(एस) को मुद्दा मिल गया और उन्होंने विधानसभा में धरना दे दिया, मानो वे सारे के सारे दूध के धुले हुए हों और भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल में ही सारा का सारा लौह अयस्क गायब हुआ हो, इस नौटंकी में देवेगौड़ा और उनके सुपुत्र से लेकर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री धर्मसिंह और एस एम कृष्णा जैसे दिग्गज भी परदे के पीछे से खेल कर रहे हैं, जबकि इन सभी ने रेड्डी बन्धुओं की कृपा से करोड़ों का माल बनाया है, मीडिया भी इसे इतनी हवा इसीलिये दे रहा है क्योंकि यह भाजपा से जुड़ा मामला है, वरना मीडिया ने कभी भी सेमुअल रेड्डी के खनन घोटालों पर कोई रिपोर्ट पेश नहीं की। खैर जाने दीजिये… हम तो इस बात को जानते ही हैं कि मीडिया किसके "पंजे" में है और किसके हाथों बिका हुआ है। जस्टिस हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि चूंकि गोआ, विशाखापत्तनम और रामेश्वरम बन्दरगाह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, इसलिये वहाँ की जाँच का जिम्मा सम्बन्धित राज्य सरकारों का है (और इन तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है), परन्तु मीडिया ने सिर्फ़ कर्नाटक की सरकार को अस्थिर करने की योजना बना रखी है।

जस्टिस हेगड़े ने मुख्यतः इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करवाया कि समुद्र तट से मीलों दूर अवैध खदानों में अवैध खनन हो रहा है। खदान से बन्दरगाह तक पहुँचने के बीच कम से कम 7 जगह प्रमुख चेक पोस्ट आती हैं, लेकिन किसी भी चेक पोस्ट पर लौह अयस्क ले जा रहे एक भी ट्रक की एण्ट्री नहीं है, ऐसा तभी सम्भव है जब पूरी की पूरी मशीनरी भ्रष्टाचार में सनी हुई हो, और भारत जैसे देश में यह आसानी से सम्भव है। जस्टिस हेगड़े ने अपने बयान में कहा है कि 35 लाख टन अयस्क की तस्करी रातोंरात होना सम्भव ही नहीं है, यह पिछले कई वर्षों से जारी है। मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा कह रहे हैं कि वे पिछले दस साल में हुई लौह अयस्क की खुदाई और तस्करी की पूरी जाँच करवायेंगे, लेकिन जब पिछले कुछ माह में सात-सात चेक पोस्टों से गुज़रकर बन्दरगाह तक माल पहुँचाने वाले ट्रकों की ही पहचान स्थापित नहीं हो पा रही तो दस साल की जाँच कैसे करवायेंगे? कौन सी एजेंसी यह कर पायेगी? राज्य की भ्रष्ट मशीनरी, जिसे रेड्डी बन्धुओं ने पैसा खिला-खिलाकर "चिकना घड़ा" बना दिया है, वह किसी लोकायुक्त, सीबीआई या पुलिस को सहयोग क्यों करने लगी? येद्दियुरप्पा कितने भी ईमानदार हों, जब पूरा सिस्टम ही सड़ा हुआ हो तो अकेले क्या उखाड़ लेंगे? बेल्लारी आंध्रप्रदेश की सीमा से लगा हुआ है, यहाँ से सोनिया गाँधी (और पहले भी कांग्रेस ही) जीतती रही है, और रेड्डी बन्धुओं के सेमुअल रेड्डी और जगनमोहन रेड्डी से "मधुर सम्बन्ध" सभी जानते हैं।

कर्नाटक सहित भारत के सभी राज्यों में लोकायुक्त को सिर्फ़ "बिजूके" की तरह नियुक्त किया गया है, उन्हें कोई शक्तियाँ नहीं दी गईं, जबकि 1984 से ही इसकी माँग की जा रही है, न तो एस एम कृष्णा और न ही धर्मसिंह, किसी ने इस पर ध्यान दिया, क्योंकि उनकी भी पोल खुल सकती थी। उधर कांग्रेस के "दल्ले" राज्यपालों की परम्परा को निभाते हुए हंसराज भारद्वाज ने अपनी "चादर से बाहर पैर निकालकर" येदियुरप्पा को मंत्रियों पर कार्रवाई करने की सलाह दी है, जो कि राज्यपाल का कार्यक्षेत्र ही नहीं है। लेकिन इसमें कोई आश्चर्य नहीं है, क्योंकि देश को गहरे नीचे गिराने में कांग्रेस ने तो 1952 से ही महारत हासिल कर ली थी, तो उसकी संस्कृति में पले हुए भारद्वाज भी बूटा सिंह, रोमेश भण्डारी, सिब्ते रजी जैसी हरकत नहीं करेंगे, तो कौन करेगा? ये बात अलग है कि भारद्वाज साहब में हिम्मत नहीं है कि वे मनमोहन सिंह से शरद पवार, ए राजा और कमलनाथ को मंत्रिमण्डल से बाहर करने को कह सकें, क्योंकि आज जैसे येदियुरप्पा मजबूर हैं, वैसे ही मनमोहन सिंह भी बेबस हैं… यही इस देश की शोकांतिका है।

(भाग-2 में जारी रहेगा……)

Reddy Brothers Mining Scam Karnataka, BS Yeddiyurappa, Karnataka BJP, Samuel Reddy Jaganmohan Reddy and Illegal Mining in Bellary, Justice Santosh Hegde Resignation, Devegowda, Kumarswamy and JD(s), Iron Ore Smuggling from Karnataka Ports, Belikeri Port, कर्नाटक खनन घोटाला, रेड्डी बन्धु, बीएस येदियुरप्पा, सेमुअल रेड्डी जगनमोहन रेड्डी, बेल्लारी में अवैध खनन, जस्टिस संतोष हेगड़े इस्तीफ़ा, लौह अयस्क तस्करी बेलिकेरि बन्दरगाह कर्नाटक, Blogging, Hindi Blogging, Hindi Blog and Hindi Typing, Hindi Blog History, Help for Hindi Blogging, Hindi Typing on Computers, Hindi Blog and Unicode

36 comments:

संजय बेंगाणी said...

ठीकाने सबको लगाया जा सकता है, अलगाववादी हो, नक्सली हो या रेड्डी बन्धू हो...बस क्यों और कैसे, यही महत्त्वपूर्ण है.

DEEPAK BABA said...

दादा, हमारे इस 'महाभ्रस्ट' देश में प्रत्येक साल कोई न कोई सुखराम, लालू, मधु कोड़ा, और अब रेड्डी बंधू पैदा हो जाते हैं. भारत माँ की गर्भ से बाकि आदिवासी भाइयों का कितना हिस्सा ये लूटेंगे... पता नहीं.

Bhavesh (भावेश ) said...

सुरेशजी ये कोई हैरानी की बात नहीं है क्योंकि हमारे देश में इन रेड्डी बंधुओ जैसे कई बड़े बड़े बाजीगर है. हो सकता है कुछ इनसे भी बड़े छुपे रुस्तम हो.
आप ही देख लीजिए, अभी देश को आजाद हुए ६३ साल ही हुए है और केवल स्विस बैंक में हमारे देश के ७० लाख करोड रूपये काले धन के रूप में जमा पड़े है. अन्य देशो में भी जमा अगर देश के काले धन को जोड़े तो उसे गिनने के लिए शायद सुपर कंप्यूटर की जरुरत पड़े. सोचिये कितने सारे बाजीगर देश को चुना कत्था और पता नहीं क्या क्या लगा रहे है.

Anonymous said...

sarkaar bJP ki aur dosh lagaye jaa rahe hai duniya per .. dono manitriyo ko hata kyo nahi dete.. kya satta ke lie kuch bhi kar lenge.????????/

honesty project democracy said...

ये रेड्डी बंधुओं का कमाल नहीं बल्कि हमारे देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का निकम्मापन है | आज यह देश पूरी तरह दलालों के चंगुल में है और इस देश में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पद की गरिमा व महत्व नहीं रह गयी है | हमें शर्म आती है ऐसे देश का नागरिक होने पर जहाँ सरकार,सरकारी जाँच व्यवस्था और दोषियों को सजा देने की व्यवस्था है ही नहीं | यहाँ सत्य,न्याय,देशभक्ति और इमानदारो को सजा दी जाती है और दलालों को सम्मान ,वाह रे इण्डिया ...

त्यागी said...

diplomatic stand.

http://parshuram27.blogspot.com/2010/07/blog-post_13.html

Anonymous said...

pehle apni jaankari durust kariya sahab, reddy bandhu BJP se jude huye hai, bellari jab sushma swaraj ne chunav lada tha tabhi se inke BJP aur sushme se acche rishte hai, pichle vidhansabha chunav me bjp ko sabse zyada chanda inhine diya tha, aur bechara (?) yedurappa sirf sarkar girne ke dar se koi karywahi nahi kar raha hai, besharmo kuch to sharam karo, matlab sarkar bachane ke liye tum kisi bhi had tak gir sakte ho, kaha gaye tumhar sangh ki shakhao ke tathakathit sanskar. un par imandari se karywahi kyu nahi karta hai bjp ke paas to pura bahumat hai phir sarkar kaun girayega, iska matlab bjp ke vidhayak bhi unke haatho bike huye hai, to aapke liye yeh to aur bhi sharam ki baat hai, jaao shipra mayya me jaakar samadhi lelo, bevkufo ko isme bhi congress ki chal hi dikhti hai

उम्दा सोच said...

देखना है हम भारतीय कबतक लुट लुट कर नंगे होंगे या फ़िर कभी हमारा भी स्वाभिमान जागेगा।

हिंदुत्व और राष्ट्रवाद said...

सुरेशजी,

मैं इस मुद्दे पर लिखने वाला ही था अच्छा किया आपने लिख दिया.. आप कि धारदार लेखनी के मायने ही अलग है...

लेकिन मैं आपका ध्यान कुछ मुद्दों पर उठाना चाहूँगा,,,

"रेड्डी बंधुओं" को पाला किसने .. "देवगोडा और उसके नौटंकीबाज बेटे कुमारस्वामी ने". रेड्डी बंधुओं को तब ज्यादा पाला गया जब कोलार कि NGF "नेशनल गोल्ड फैक्ट्री" को वहां से उठाया गया.. इसका टेंडर जान बूझकर "रेड्डी भाइयों" को दिया गया.. जबकि अमेरिका कि "विल्सन & लार्से" कि बोली सब से अधिक थी. और ये टेंडर 900 करोड़ का था// ..तब ये "बिका हुआ मीडिया क्यूँ नहीं बोला."

------

"कुमारस्वामी" ने कर्नाटक का मुख्यमंत्री रहते हुए "रेड्डी भाइयों" को बेल्लारी कि बहुमूल्य खानें "कोडियों" के भाव बेच दी.. "मीडिया नहीं बोला".

------

रामनगरम (जहाँ "शोले" फिल्म कि शूटिंग हुई थी") में आजकल "गब्बर" के हंटर कि आवाज़ नहीं सुने देती.. क्यूंकि "कुमारस्वामी" में रेड्डी भाइयों के साथ मिलकर उन पहाड़ियों को तहस - नहस कर दिया.. इनके खिलाफ आवाज़ उठाने वाले "नम्मा चेलुविना" संघटन के नेता श्री बी. वी. वेंकटेश को रातों रात गायब कर दिया गया.. जिनका आजतक पता नहीं चला... तब भी ये मीडिया नहीं बोला..

--

और अब इन्ही रेड्डी बंधुओं के टुकड़ों पर पलकर राजनीति करने वाले "कांग्रेसी चमचे" सिद्धरामय्या और "कुमारस्वामी" जैसे लोग आज इस काण्ड कि जांच सीबीआई से करवाने कि मांग कर रहे है.. जबकि कर्नाटक के "मुख्यमंत्री" श्री येदियुरप्पा कहा चुके जांच ईमानदार लोकायुक्त "श्री संतोष हेगड़े" से करवाएंगे..



क्यूंकि समझदार लोग जानते है सीबीआई "कांग्रेस ब्यूरो ऑफ़ इंवेस्टिगेसन" कि कमान किसके हाथों में है...



"पर ये बिकाऊ मीडिया अपनी हरकतों से बाज क्यूँ नहीं आता ....??????

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

सटीक विश्लेषण. बिहार में एक कहावत प्रचलित है "चलनी दुसे सूप को" और कहावत कांग्रेस और देवगौड़ा पे फिट बैठती है.

इसमें कोई शक नहीं की रेड्डी बंधू अवैध खनन कर रहे हैं और उनपे कारवाही होनी ही चाहिए पर अवैध खनन और निर्माण में कांग्रेस के मंत्री (आंध्र, कर्नाटक, ...)(केन्द्रीय मंत्री भी) भी सामिल हैं. और उनके खिलाफ भी कारवाही होनी चाहिए.

sadinama said...

surshji jangana main dherm bklog sadinama main chhap gaya hain post kar diya gaya hain

अर्श said...

EK BAAT KAHUN BHAI SAAB..!!
APAN KYA HAI KI IS TARAH KE GHOTALON KE ITNE AADI HO CHUKE HAIN KI APAN KO KOI NAYE GHOTALE K BARE MEIN SUNKAR BHI KUCHH NAYA SA NAHI LAGTA..!!
ARE YE SAB TO ROZ KI NAUTANKI HAI,,!!
KABHI LALOO, TO KABHI KODA..
KOI JAM K KHAYE..TO KOI THODA THODA..
IN DALLON NE KISI KO NAI CHHODA..
MERA BAS CHALE TO MARUN SABKE SAR PE HATHAUDA.. !!

Vivek Rastogi said...

दिमाग सन्ना गया भ्रष्टाचार की महागाथा पढ़कर।

वीरेन्द्र जैन said...

सुषमा जी और अडवानीजी कुछ नहीं बोल रहे हैं आखिर ये मुँह में दही क्यों जमा रक्खा है?

पद्म सिंह said...

स्तब्ध रह जाना होता है इन जैसे दलालों के बारे मे पढ़ कर, जिन्होंने पूरा का पूरा सिस्टम खरीद रखा है... शर्म शर्म

सतीश सक्सेना said...

आपकी पोस्ट पढ़कर लगता है कि सरकार का कोई महत्व ही नहीं ...यकीन सा नहीं होता सुरेश भाई ! मगर यह आपका तथ्य पूर्ण लेख , सन्न सा रहा गया हूँ ! शुभकामनायें आपको !

Anonymous said...

mere upar ke comment ka kisi bhi "sanghi" ke koi jawab hai ki nahi, kya reddy bandhu ke bjp ke rishte ko juthla sakte ho

nitin tyagi said...

congress should be banned

Suresh Chiplunkar said...

वीरेन्द्र जैन साहब एवं Anonymous साहब - आपकी बातों का जवाब अगली कड़ी में देने की "कोशिश" करूंगा… :)

Victor unicorn said...

Kyo sahab hamara comment out of context to thaa lekin aapne gor to kar liya naa?

PN Subramanian said...

जन्म दिन पर आपको हार्दिक शुभकामनाएं.

Ravindra Nath said...

सुरेश जी पुनःश्च एक जोरदार लेख। आपको वीरेन्द्र जैन साहब एवं Anonymous साहब की बातों का जवाब देने कि आवश्यकता है क्या? इनमे से एक तो Anonymous हैं, पहचान छुपा कर बातें बनाने वाले। और आपने कम से कम BJP को उसकी गलती दिखाई तो सही, congress की तरह तो नही जहाँ मात्र चरण वंदन ही एक मात्र कार्यक्रम रह गया है।

अभय तिवारी said...

धारदार रपट है.. उम्मीद है अगली कड़ी में आप इस मामले के उलझे तारों को और विलागयेंगे..

सुलभ § Sulabh said...

पहले भी बहुत कुछ बाहर आया है, आगे भी आएगा...

मुद्दा तो बस यही है, कार्रवाई कहाँ से शुरू होगी और कौन शुरू करेगा इस महाभ्रष्ट देश में

man said...

सादर वन्दे सर .
पोल में ढोल बज रहे दबा के ,सरकारी माफिया ,दल्ले ,भर्स्ट उद्योग पति ,शवान के अंस भर्स्ट नेता ,सभी देश की अस्मिता के साथ गेंग रेप कर रहे हे ,जनता के पीछे से हाथ बन्ध के खम्भे से बांध दिया गया दीखता हे ,या वो जान कर सोयी हुई हे ,सभी कांग्रेसी कार्य स्नास्कर्ती का परिणाम हे ,इसका नाम तो ""भारतीय घालमेल पार्टी""" होता तो सार्थक होता ,क्योकि घाल मेल बगेर इनके नेता कार्य करतावो को मजा नहीं आता हे और उदेश्य प्राप्ति का भी यही एक मात्र हथकण्ड अपनाती हे कांग्रेस ?सभी चीजे गुड्ड मुडद दिखती हे ?क्या करे बी जे पि पर भी इसका सियारी रंग चढाने लग गया हे |

अमित शर्मा said...

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये!

अमित शर्मा said...

स्तब्ध रह जाना होता है इन जैसे दलालों के बारे मे पढ़ कर, जिन्होंने पूरा का पूरा सिस्टम खरीद रखा है...

Gourav Agrawal said...

जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनायें

Gourav Agrawal said...

अमित भाई के कमेन्ट से पता चला की आज आपका जन्म दिन है इसलिए पहली बार आपके ब्लॉग पर कमेन्ट कर रहा हूँ

rahul said...

बहुत अच्छा लेख
आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाये
आप दिन 100 गुनी और रात हजार गुनी तरक्की करे.

{ BHAGAT SINGH } said...

बार बार ये दिन आये
आप जियो हजारो साल .
साल के दिन हो एक लाख.

जन्मदिन मुबारक हो
आपके लेखो की धार दिन प्रतिदिन और तेज हो.

Anonymous said...

lo bhai aapke imandar? yedurappa ka bayan suno : yedurappa ne avaidh khanan aur loh ayask ke atyadhik niryaat ke aaropo ka samna kar rahe G Janardan Reddy aur G karunakar reddy ko paak-saaf karar dete hoye sanwaddatao se kaha - "mai 101% vishwas se keh raha hu ki unke (reddy bandhuon) ke khilaf koi pukhta aarop nahi hai, vipaksh ko highcourt ki sharan me jaane dijiye"

Ab kya kehna hai aapka, agli post me aap mera jabaw dene ke liye ab kya munh lekar is baare me likhoge

Anonymous said...

yeh link open kar ke khabar ki pushti kar sakte hai : http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=49&edition=2010-07-19&pageno=7

Mahak said...

@आदरणीय, प्रिय एवं गुरुतुल्य सुरेश जी

सबसे पहले तो आपको जन्मदिन की ढेर सारी बधाईयाँ ,भगवान् आपको लम्बी उम्र दे

अब आपसे एक बात जानना चाहूँगा, आपकी पिछली पोस्ट पर मैंने एक प्रस्ताव रखा था एक ऐसा मंच create करने का एक साझा ब्लॉग के रूप में जहाँ पर हमारे देश की बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी समस्या का समाधान किया जा सके और एक सही व्यवस्था का निर्माण किया जा सके आपसी बहस और फिर मतदान के द्वारा

लेकिन इस सम्बन्ध में ना तो मुझे आपकी स्वीक्रति प्राप्त हुई और ना ही खंडन ,सुरेश जी इस ब्लॉग जगत में आपके अलावा शायद ही कोई ऐसा ब्लॉगर होगा जिसने इस भ्रष्ट व्यवस्था और गलत नीतियों के बारे में इतना कुछ विस्तार से लिखा लेकिन जब उसका विकल्प और हल निकालने की बारी आई है तो आप हिचकिचा रहें हैं ऐसा क्यों ? , आप जैसे व्यक्ति की और आपके अनुभव की इस ब्लॉग को बहुत आवश्यकता है

हो सकता है आपकी आपत्ति ये हो की इस ब्लॉग पर कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनसे आपके वैचारिक मतभेद हैं ,तो सुरेश जी मतभेद हों तो कोई बात नहीं लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए ,ये हम सबका देश है और हमें ही इसे फिर से ऊपर उठाना है

इसलिए मेरी फिर से आपसे प्रार्थना है की इस ब्लॉग का सदस्य बनें और अपनी महत्वपूर्ण राय और तर्कशील जवाबों से हम सबको लाम्भान्वित करें और इस देश के लिए एक सही व्यवस्था खोजने और उसका निर्माण करने में सहायता करें

आपके जवाब का इंतज़ार रहेगा
अपनी हाँ अथवा ना मुझे बताने के लिए मेरी e -mail id पर मेल करें
mahakbhawani @gmail .com

और आपसे एक प्रार्थना और हैं की अपना निर्णय लेने से पहले एक बार इस ब्लॉग को देख ज़रूर लें
http://blog-parliament.blogspot.com/

आभार

महक

Anonymous said...

kya huwa suresh ji mera link wala comment abhi tak publish nahi kiya?
zara sachai to samne aane do, is link par bhi jaakar dekho aapki deshbhakt, rashtravadiyo aur pata nahi kya-2 wali party BJP ke "IMANDAR"? yedurappa ki besharmi

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/6183883.cms

aur haan comment jarur publish karna plzzzzz

radharaman said...

नमस्ते सुरेश जी,
पहली बार आपका ब्लॉग पड़ा. मन मे अति प्रसन्नता हुई कि राष्ट्र भाषा मे हम इतनी अधिक जानकारी दे पा रहे है. आज राष्ट्र को इस तरह के ब्लॉग की आवश्यकता है