Monday, June 7, 2010

जानिये “तहलका” के कुछ स्टिंग ऑपरेशनों के बारे में, जो कभी नहीं किये जायेंगे…... Tehelka Sting Operation Pramod Muthalik

कुछ दिनों पहले तरुण तेजपाल के “तहलका” और “आज तक” ने कर्नाटक में प्रमोद मुतालिक और उसके साथियों का एक स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें दिखाया गया था कि मुतालिक और उसके आदमी 50 लाख रुपये लेकर दंगे करवाते हैं, रुपयों की खातिर प्रदर्शन-तोड़फ़ोड़ और हिंसा आदि करते हैं। इस आधार पर तहलका ने माँग की कि कर्नाटक की भाजपा सरकार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिये।

भाजपा-संघ-हिन्दुत्ववादी संगठन-विभिन्न हिन्दू धर्माचार्य-नरेन्द्र मोदी-प्रमोद मुतालिक-प्रवीण तोगड़िया इत्यादि लोग हमेशा से इलेक्ट्रानिक और प्रिण्ट मीडिया के निशाने पर रहे हैं। स्टिंग ऑपरेशन होगा तो बंगारु लक्ष्मण का, स्टिंग ऑपरेशन होगा तो दिलीप सिंह जूदेव का, लोकसभा में पैसा लेकर वोट देने में मुरैना के सांसद का भी होगा, चैनल पर लगातार दो-दो दिन तक आलोचना की जायेगी तो नरेन्द्र मोदी की, गुजरात में जाफ़री परिवार को जलाने वाले(?) किसी तथाकथित बजरंग दल कार्यकर्ता(?) का स्टिंग ऑपरेशन तो अवश्य ही होगा… तात्पर्य यह कि अब देश की जनता को स्टिंग ऑपरेशनों की आदत सी पड़ गई है।

हमारा मीडिया, नरेन्द्र मोदी से इस्तीफ़ा माँग-माँग कर थक चुका, एक तो नरेन्द्र मोदी किसी मीडिया वाले को पैसा नहीं खिलाते… भाव नहीं देते, उलटे उन्हें दुत्कार-दुत्कार कर लतियाते अलग से हैं… तो अब मीडियाई जोकरों ने कर्नाटक की तरफ़ रुख किया है।

1) पब में दारू पीती लड़कियों को गुण्डों ने पीटा – भाजपा इस्तीफ़ा दो,

2) प्रमोद मुतालिक का मुँह काला किया गया… भाजपा इस्तीफ़ा दो,

3) प्रमोद मुतालिक के गुण्डे 50 लाख में दंगे करवाते हैं… - भाजपा इस्तीफ़ा दो,

4) रेड्डी बन्धुओं और येदियुरप्पा के बीच खदान लाईसेंस को लेकर साँठगाँठ है… - भाजपा इस्तीफ़ा दो…

फ़िर चैनल पर दिन भर… ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला, बड़-बड़-बड़-बड़-बड़…

पहले गुजरात सरकार और नरेन्द्र मोदी के इस्तीफ़े की माँग सुन-सुनकर कान पक गये थे, अब कर्नाटक सरकार के इस्तीफ़े की माँग सुनते-सुनते दिमाग सुन्न होने लगा है…

लीजिये अब आपकी सेवा में पेश हैं तहलका, नेहरु डायनेस्टी टीवी और 5M (मार्क्स, मुल्ला, मिशनरी, मैकाले, माइनो) के हाथों बिके हुए मीडिया के उन स्टिंग ऑपरेशनों की सूची, जो कभी नहीं होने वाले… न तो कभी इन मुद्दों पर कोई भी एंकर, आड़े-तिरछे मुँह बनाकर भड़ासेगा, न ही कभी कोई इस्तीफ़ा माँगा जायेगा, न ही किसी जवाबदार का इंटरव्यू लिया जायेगा… क्योंकि कम से कम मीडिया को इंटरव्यू के मामले में सोनिया गाँधी की स्थिति नरेन्द्र मोदी जैसी ही है, जहाँ एक ओर नरेन्द्र मोदी मीडिया को हड़काये कुत्ते की तरह दुरदुराते हैं, वहीं दूसरी ओर सोनिया गाँधी, मीडिया को अपने पालतू कुत्ते जैसा रखती हैं, जो उनको छोड़कर बाकी सभी पर भौंकता-काटता है।

1) महंगाई क्यों बढ़ी? इसके लिये कभी भी शरद पवार-मनमोहन सिंह या प्रणब मुखर्जी का स्टिंग ऑपरेशन नहीं होगा।

2) टेलीकॉम घोटाले ने सरकार को सरेआम नंगा किया हुआ है, लेकिन तहलका, कभी भी मनमोहन सिंह, करुणानिधि, राजा बाबू का स्टिंग ऑपरेशन नहीं करेगा।

3) क्वात्रोची को सीबीआई की मदद से क्लीन चिट दिलवा दी, कोई स्टिंग ऑपरेशन नहीं…

4) स्विस बैंक में खरबों रुपया जमा है, किसी एक कांग्रेसी का भी स्टिंग ऑपरेशन नही…

5) लोकसभा में सरकार बचाने के लिये अमरसिंह सहित कई सांसदों को खरीदा गया, कोई इस्तीफ़ा नहीं…

6) चीन द्वारा रक्षा कम्प्यूटरों में सेंध और डाटा हैकिंग के पर्याप्त सबूत मिले, कोई स्टिंग नहीं, प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा भी नहीं…

7) परमाणु समझौता करके अमेरिका और यूरोप से पुरानी सड़ी हुई भट्टियाँ खरीदने के लिये सरकार बेताब है… तहलका सोया हुआ है।

8) यही परमाणु समझौता अब पाकिस्तान जैसे भिखारी को भी मिलने वाला है, "आज तक" के कर्णधार पता नहीं क्या कर रहे हैं…

9) दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या हो गई, चिदम्बरम का स्टिंग ऑपरेशन देखा कभी आपने?

10) मधु कौड़ा, सुनन्दा पुष्कर, ललित मोदी, सेमुअल राजशेखर रेड्डी, नीरा राडिया, कणिमोझी के कितने स्टिंग ऑपरेशन देखे हैं आपने?

11) टेलीकॉम घोटाले के दस्तावेजों में “बुरका” दत्त और वीर संघवी के नाम आये हैं… अपनी बिरादरी के खिलाफ़ स्टिंग ऑपरेशन की हिम्मत है तहलका में?

12) गृह मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि देश के 180 जिलों में माओवादियों का गहरा प्रभाव है… कभी किसी मंत्री को शर्म आई? या किसी ने इस्तीफ़ा दिया? क्या शर्म और इस्तीफ़ा सिर्फ़ नरेन्द्र मोदी के लिये ही रिजर्व है?

13) नंदीग्राम और सिंगूर में माकपा के गुण्डों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा, कभी किसी ने बुद्धदेव भट्टाचार्य का स्टिंग ऑपरेशन देखा हो तो बतायें…

14) पश्चिम बंगाल और असम के कई जिले पिछले 10 साल में अचानक मुस्लिम बहुल कैसे बन गये? तरुण तेजपाल कभी उधर जाते भी हैं या सिर्फ़ गुजरात में ही बैठे रहते हैं?

15) कश्मीर में सेना के जवानों पर पत्थर फ़ेंकने के लिये “गुमराह लड़कों”(?) को जो पैसा दिया जाता है, उसमें उच्च स्तर पर लेन-देन हुआ है… NDTV ने कभी किसी स्टिंग के जरिये, कश्मीर की वास्तविक ज़मीनी स्थिति जानने की कोशिश की है?

16) अफ़ज़ल गुरु की फ़ाँसी वाली फ़ाइल को किसने चार साल तक रोके रखा? तरुण तेजपाल जी, कभी शीला दीक्षित का भी स्टिंग ऑपरेशन कर डालिये… कश्मीरी पण्डित वर्षों से नारकीय जीवन जी रहे हैं, कभी भाजपा से फ़ुरसत मिले, तो राहुल गाँधी से उनके "राजनैतिक ज्ञान" के ब्यौरे का स्टिंग ही कर डालिये…

17) कॉमनवेल्थ नामक “गुलामी के खेलों” पर खरबों रुपया बहाया जा चुका है, इसमें से कलमाडी ने कितना, शीला ने कितना और बिल्डरों ने कितना खाया, NDTV-आज तक वाले कभी इस पर भी स्टिंग ऑपरेशन करेंगे क्या?

18) मणिपुर की जनता पिछले 2 माह से राशन-पानी के लिये त्राहि-त्राहि कर रही है, इटली की महारानी ने समूचा उत्तर-पूर्व, ईसाई उग्रवादी संगठनों को दान में देने की ठान ली है… तेजपाल जी, अपना स्टिंग लेकर, कभी उधर की ठण्डी हवा भी खाकर आईये ना… कर्नाटक और गुजरात के मुकाबले अच्छा मौसम है उधर।

लिस्ट तो बहुत लम्बी है, लेकिन दुर्भाग्य से इसमें से एक भी स्टिंग ऑपरेशन आप कभी भी नहीं देख पायेंगे, क्योंकि जैसा कि पहले ही कहा गया है,  स्टिंग ऑपरेशन कांग्रेस और सहयोगी दलों के लिये नहीं होते हैं। तो क्या यह माना जाये कि “तहलका” और NDTV जैसे सरकारी चमचे, सिर्फ़ कांग्रेस और सोनिया गाँधी की चापलूसी ही करते रहेंगे? ठीक नवीन चावला की तरह, जिसे उसके तमाम काले कारनामों के बावजूद “एक विशेष मकसद” के लिये मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया गया है?

मुझे पूरा भरोसा है कि जिस दिन स्विस बैंक द्वारा भ्रष्ट भारतीयों की लिस्ट जारी की जायेगी (हालांकि ऐसा कभी होगा नहीं), तो उसमें तरुण तेजपाल का नाम भी निकलेगा। अब यह पता करने के लिये, कि आखिर तहलका, NDTV इत्यादि को कांग्रेस से कितना पैसा मिलता रहा है, एक अदद स्टिंग ऑपरेशन की सख्त जरूरत है। कोई है? जो यह करे…
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चलते-चलते : तहलका ने आरोप लगाया है कि प्रमोद मुतालिक, 50 लाख रुपये लेकर दंगा करवाता है… क्या आपको ये "रेट्स"(?) ज्यादा नहीं लगते? 50 लाख तो बहुत ज्यादा होता है यारों…… जब सिर्फ़ “इस्लाम खतरे में है…” सुनकर, या 72 हूरों के “काल्पनिक लालच” भर से बरेली और हैदराबाद में जमकर फ़्री-फ़ोकट में जमकर दंगे हो रहे हैं, तो ऐसे में दंगे करवाने के लिये 50 लाख देने वाला कोई बेवकूफ़ ही होगा… है ना?


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47 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

सुरेश जी, यह मानकर चलिये कि विभाजन की नींव रख दी गयी है... पूर्वोत्तर में जिस तरह के हालात बनवा दिये गये हैं, वही पूरे देश में बनाये जा रहे हैं. राजनीतिबाज जो करते हैं वह तो करते ही हैं, लेकिन इस देश की अवनति का पूरा श्रेय निकम्मे अफसरों के नाम होगा जो नेताओं की आड़ में अपने स्वार्थ सिद्ध करते रहते हैं...
साहब व्यापारियों से क्या उम्मीद रखते हैं आप, हर व्यक्ति व्यापारी बन चुका है बिना नफा नुकसान की गणना किये यहां कोई कार्य किया ही नहीं जाता... मोती बिखेर दिये...

उम्दा सोच said...

नहीं भाई मजाल है जो ये कहे स्टिंग आपरेशन हो सके, लीवर से प्रचार मिलना जो बन्द हो जायेगा ॥

हिन्दू को दमित करने का कारण है कि उन्हे पता है की हिन्दू कभी एक नही रह सकते छोटे छोटे निहित स्वार्थो मे बट जाते है।

दिवाकर मणि said...

सुरेश भैया, काहे पीछे पड़े हैं। इनकी मर्जी है, ये जैसा चाहे वैसा स्ट्रिंग ऑपरेशन करें। आखिर ये सच्चे पत्रकार हैं। आपके ये फालतू वाले स्ट्रिंग ऑपरेशन करने से इनको क्या मिलेगा? फ्री में ये कुछ भी नहीं करते। बाकि आप पैसा दें तो ये अपने परिवार वालों का भी स्ट्रिंग ऑपरेशन कर दें।

संजय बेंगाणी said...

पैसे दो तो स्टिंग ऑपरेशन भी कर देंगे. वैसे दोष हमारा है हम बिकाऊ माल खरीद नहीं सके, न ही अपना कोई उत्पाद बनाया.

honesty project democracy said...

सार्थकता से भरी पोस्ट ,पैसे लेकर झूठ और सिर्फ झूठ के लिए तहलका मचाने का काम ही रह गया है ऐसे पैसे के लिए अपना जमीर बेचने वालों के पास ,चुल्लू भर पानी में डूब क्यों नही जाते हैं ऐसे लोग ?

देशीबाबू said...

अरे महाराज!! आप का कहना सही है.. मीडिया तो हमेशा राष्ट्रवादी ताकतों के पीछे पड़ा रहता है. ब्लॉग जगत का धन्यवाद है कि कम से कम कुछ लोगों को तो सच्चाई पता चल रही है. वर्ना अख़बारों में खबरों पर दिए गए तीक्ष्ण किन्तु वास्तविक टिप्पणियां प्रकाशित नहीं की जाती या फिर काट छाँट कर प्रकाशित कि जाती हैं. लेकिन आप लोग लगे रहें. पाठकों के द्वारा ये खबरे अग्रसरित होती रहती हैं.

Victor unicorn said...

सुरेश जी इस साल जाति आधारित जनगणना की माँग तो सब तरफ से आ रही है , लेकिन इनके फार्मो से धर्म वाला कालम गायब कर दिया गया है ,
ठीक ही तो है अगले दसा साल बाद जब हम हिन्दू अल्प सख्यक हो जाएँगे तो यही तो .....
चलते चलते आपको बता दू , कि अपनी सरकारी सेवा मे हम आंध्र प्रदेश गए थे , हम और हमारे सैकंडो दोस्तो ने पाया कि वहा गाँव के गाँव ईसाई बना दिये गए है , और इन जनगणना और सरकारी फार्म मे वे हिंन्दू बताते है अपने आप को ...
कुछ समझ मे आया ???

Anonymous said...

‘कंपटीशन शुरू हो गया है जीटी रोड के किनारे मंदिर, मस्जिद, मजार बनाकर जमीन हड़पने का. वे भी हड़प रहे हैं, लेकिन तुम्हारे मुकाबले वे कहीं नहीं हैं. मस्जिद खड़ी करने में तो समय लगता है, यहां तो एक ईंट या पत्थर फेंका, गेरू या सेनुर पोता, फूल-पत्ती चढ़ाया और माथा टेक दिया- जै बजरंग बली. और दो आदमी ढोलक-झाल लेकर बैठ गए- अखंड हरिकीर्तन! भगवान धरती फोड़कर प्रकट भए हैं..'

काहे इतना गुसियाते हैं. ये भी पढ़िए और आंखें खोलिए...
http://www.tehelkahindi.com/indinon/national/590.html

Anonymous said...

ये कोने में बैंक एकाउंट नंबर किस दिवालिएपन का प्रतीक है. या हिंदुत्व के नाम पर कमाई का जरिया है या कि विचारधारा को दरिद्रई का पैमाना बनाने का विचार है. इसका भी स्टिंग ऑपरेशन होना चाहिए. इश पैसे से कौन सा राष्ट्रनिर्माण हो रहा है.

सुनील दत्त said...

सुरेश जी IBN7,AAJ tak,NDTV जैसे चैनल पाक समर्थक मुसलिम आतंकवादियों,चीन समर्थक माओवादी आतंकवादियों व धर्मांतरण समर्थक ईसाई आतंकवादियों के मालिकों के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं ।तहलका जैसे लालचीयों को चन्द टुकड़े डालकर भारत के दुश्मन जो चाहते हैं इन सबसे करवा लेते हैं।
बस दुख है तो इस बात का कि हमारे पढ़े लिखे लोग खुले में खेले जा रहे गद्दारी के इस खेल को नहीं पहचान पाते परिणामस्वारूप वही दोहराते रहते हैं जो ये विकाऊ चैनल उनसे कहलवाना चाहते हैं।
आपने अपने बैद्धिक गुलाम हिन्दूओं को जागरूक करने वाली ये पोस्ट लिख कर देशहित में बहुत बढ़ा काम किया है।
भगवान ने चाहा तो बहुत जल्दी इन गद्दारों का अन्त हम अपने हाथों से करेंगे।

सुनील दत्त said...

I hope the so called secular gaddars will understan this conspiracy

Anonymous said...

मान्यवर आप सभी को याद होगा की गुजरात में चुनावों के ठीक पहले यही लोग एक और सनसनीखेज समाचार लाए थे. लेकिन गुजरात की प्रजा ने उसे पूरी तरह से नकार दिया था. और तब जो सज्जन उछल उछल कर वो रिपोर्ट दे रहे थे. गुजरात चुनावों में मोदी के जीत के बाद उन सज्जन को आजतक ने निकाल बाहर किया और अब वो सज्जन किसी और चॅनेल के लिए काम करते है.

बिनोद, भारत

पी.सी.गोदियाल said...

ये सब जितने है अपनी रोटियाँ सकने में लगे है देशसे इन्हें कुछ नहीं लेना देना !

man said...

वन्देमातरम सर ,
पालतू कुते वफादार होते हे ,इन शवानो का तो एक मात्र उपाय इनकी नसबंदी ही हे |जेसे की चाइना ने मिडिया नामक शवान की पूंछ काट के नसबंदी कर रखी हे ,वेसे यंहा भी जरूरत हे |तरुण तेज पाल जेसे पत्रकार रिपोर्टर का नजरिया एक तरफ़ा होने क्या कारन हो सकता हे?पैसा ,भक्ती , या नस्ल में मिलावट ? जो भी हो पाले हुवे कुते ये नहीं देखते हे ,अपना मालिक क्या गलत सही कर रहा हे ,उसके आस पास क्या गलत सही हे ?बस वो कह देता की शू ,,भोकना शुरू ,उसको पता लग जाता हे की अगला नसबंदी के ओजार पान्डे ले के बेठा हे तो भोकना बंद ?भोंके जावो ?

सुलभ § Sulabh said...

स्टिंग ओपरेशन हीट हो या फ्लॉप बनाने के पैसे तो मिलते ही हैं... सो ये लगे हुए हैं अपने धंधे में. रही बात कांग्रेसियों और इनके साथी बिल्डरों की वे तो यहाँ की(पूर्वोत्तर और अन्य सीमा क्षेत्र) जमीन का सौदा कर अपने लिए लन्दन, अमेरिका, यूरोप में घर बना ही चुके हैं. अब देश बंटे या दंगा में जले इनके परिवार वहां सुरक्षित रहेंगे.

स्टिंग ओपरेशन में बहुत लागत आती है जनाब... छोटे मोटे निर्माताओं का काम नहीं है ये. इसके लिए ऊँचे विदेशी संपर्क चाहिए और हम ठहरे हिंदी भाषी देशभक्त...

jai hindu said...

bahot acha bhai ji aap ne to midiya ka balatkar kardiya sali esi ke layak hai pata hia bhai ji ye midiya congress ki vesaya hai jab congress midiya ko bulaye gi vo uske paas chali jaygi pata hai bhai ji progress ka aposit congress hi to hai oye teri midiya ki to balatkar ho gayi......

Ratan Singh Shekhawat said...

संजय बैंगाणी जी की टिप्पणी से सहमत |

sanu shukla said...

bhaisahab kya ham us media se koi ummeed kar sakte hai jo videshi paise par pal rahi hai ..jo rajysabha me ek ticket pane ke liye apni pagdi netao ke charano me rakh dete hai...kyai aise media hamara aur apka sach likh sakti hai..?

aarya said...

सादर वन्दे |
शाम होते ही शराब और अपने चैनल की लड़कियों के साथ बिस्तर गरम करने वाले ये दलाल क्या इस देश के बारे में सोचेंगे | मै तो कहता हूँ सबसे पहले इन चैनलों का ही स्टिंग आपरेसन होना चाहिए,यकीन मानिये कुत्ते की स्थिति हो जाएगी इनकी , ना घर के ना घाट के !
थू हैं इन भारत माँ के दलालों पर !
रत्नेश त्रिपाठी

psudo said...

Now , I wonder if the mangalore incident was sponsred by Congress to screw up BJP?

ANAND said...

यदि आपके द्वारा कहे गये स्टींग ऑपरेशन नहीं हो रहे है तो यह भाजपा / विपक्ष की कमजोरी है. उन्हे मिडिया manage करना नहीं आता. वैसे तो वर्तमान राजनितीक माहौल में भाजपा व कांग्रेस में कोई फर्क नहीं है, भाजपा उन्नीस है तो कांग्रेस बीस यही इस बात से साबीत होता है.

लेकीन ’उनका’ स्टींग ऑपरेशन न होना क्या प्रमोद मुतालिक के कृत्य को सही ठहराता है ?

राकेश सिंह - Rakesh Singh said...

तरुण तेजपाल या NDTV को पत्राकारिता या जौर्नालिजम से क्या वास्ता ? भाई इनका तो एक ही धर्म है वो है कांग्रेस की चमचागिरी |

अब तो पाठक और दर्शक भी तरुण तेजपाल या NDTV जैसे चमचागिरी का आदि हो गया है ...|

Suresh Chiplunkar said...

@ Anand - आपने जो बात कही, ठीक वही बात बेंगाणी जी कह चुके हैं…। यह बात बिलकुल सही है कि भाजपा और हिन्दुत्ववादी संगठनों को पत्रकार-मीडिया "खरीदना" नहीं आया, लेकिन इसमें "धर्म" वाला एंगल आप भूल रहे हैं, क्योंकि यदि भाजपा पत्रकारों और मीडिया को "सही कीमत" दे भी दे, तब भी "हिन्दुत्व" के पक्ष में लिखने वाले उन्हें इतनी आसानी से नहीं मिलेंगे, क्योंकि "उस तरफ़" पैसों के साथ-साथ "धर्म विशेष को श्रेष्ठ मानने वालों और दूसरे (यानी हिन्दुत्व) को हीन मानने वालों" की बड़ी सेकुलर-कॉन्वेंटी जमात भी है, उससे कोई कैसे निपटेगा?

सिर्फ़ पैसा ही सब कुछ नहीं है, देश में कई बातें ऐसी हो रही हैं… जिनका दूरगामी प्रभाव पड़ने वाला है… और ये काम तो कई लोग उड़ीसा-झारखण्ड-छत्तीसगढ़ के दूरदराज इलाकों में बिना पैसों के भी कर रहे हैं।

इसलिये यह कहना, कि भाजपा और हिन्दुत्ववादी संगठन मीडिया को "मैनेज" नहीं कर पा रहे… "अर्धसत्य" है।

हाँ ये बात जरूर पूर्णसत्य है, कि "5M" से मुकाबला करने के लिए, हिन्दुत्ववादी संगठन अपना स्वयं का शक्तिशाली मीडिया समूह नहीं खड़ा कर पाये… और यही एक रास्ता भी है ऐसे दुष्प्रचार से निपटने का, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस काम हो नहीं रहा।

राकेश सिंह - Rakesh Singh said...

तरुण तेजपाल या NDTV को पत्राकारिता या जौर्नालिजम से क्या वास्ता ? भाई इनका तो एक ही धर्म है वो है कांग्रेस की चमचागिरी |

अब तो पाठक और दर्शक भी तरुण तेजपाल या NDTV जैसे चमचागिरी का आदि हो गया है ...|

बुरके वाली said...

JAI HO

महफूज़ अली said...

आपकी मैं हर बात से सहमत हूँ.... सार्थक पोस्ट....

ajit gupta said...

इस दर्द को दिल में छिपाकर ही घूमते हैं क्‍योंकि जो इस रोग के विशेषज्ञ डाक्‍टर हैं वे भी केवल पैसा और शोहरत कमाना ही सीख चुके हैं। पूरे भारत में ऐसा कोई नेता नहीं जो इस भारत को बचाने के लिए प्रयासरत हो। सारे ही बड़े नाम केवल नाम बनकर रह गए हैं, असल में इन्‍होंने कुछ भी मेनेज नहीं किया। जब हम देश की धुरी विधायिका, न्‍याय पालिका और कार्य पालिका को मानते हैं तब हम क्‍यों नहीं इनपर ध्‍यान देते। और आज चौथा खम्‍बा पत्रकारिता बन बैठी है, उस ओर तो हमारा ध्‍यान ही नहीं है। केवल आपके और हमारे चिल्‍लाने से कुछ होने वाला नहीं है। बस हम लोग केवल दर्द ही बांटते हैं हमारे पास दवा नहीं है। हम भी बहुत ही आशा के साथ सब कुछ छोड़कर आए थे, लेकिन यहाँ किसी को भी कुछ करने वालों की दरकार नहीं है। बस सारी दुनिया ही दिखावे तक सिमट गयी है। कई बार तो लगता है कि ये गाली देने वाले पत्रकार ही हिन्‍दुत्‍व की शक्ति को बढ़ा चढ़ाकर बताते हैं वास्‍तव में यदि ये ना हों तो असलियत सामने आ जाए कि आज कुछ भी शेष नहीं बचा है। बस एक दिखावा भर है।

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

ये बात जरूर पूर्णसत्य है, कि "5M" से मुकाबला करने के लिए, हिन्दुत्ववादी संगठन अपना स्वयं का शक्तिशाली मीडिया समूह नहीं खड़ा कर पाये…

यही मैं भी कहना चाहता था। सबके बावजूद आज की तारीख में हिन्दुस्तान में हिन्दुओं की संख्या तो सबसे अधिक है ही। फिर भी सेकुलर-कन्वेन्टी गिरोह हमें हर मौके पर नीचा दिखाने में सफल हो जा रहा है तो यह हमारी कमजोरी को प्रदर्शित तो करता ही है।

मेरे खयाल से हमारी सहिष्णुता हमारी दुश्मन है। बल्कि हम काहिल, लापरवाह और आरामतलब प्रकृति के हैं। दूसरों को क्या दोष देना?

सुज्ञ said...

पंच-मकार ((मार्क्स, मुल्ला, मिशनरी, मैकाले, माइनो)वाममार्गी मीडिया वास्तव में लोकतंत्र का स्तंभ नहीं, स्वयं भ्रष्ट व आलोकतांत्रिक है।

इसको 'मेनेज'करना सीखने की बजाय इसे लोकतान्त्रिक बनने को मजबूर करने के उपाय किए जाने चाहिए।

वीरेन्द्र जैन said...

क्या दूसरों के पापों से प्रतियोगिता करके अपने पापियों को बचाने का हास्यास्पद प्रयोग करते रहते हैं जिन पर आरोप लगा रहे हैं उन पर स्वतंत्र रूप से आरोप लगाइए और प्रमोद मुथालिक जैसे बंगारुओं वगैरह की वकालत करने से आपकी वाहवाही इन्हीं स्थानीय कीर्तनियों से ही मिलेगी किसी ईमानदार समझदार से नहीं मिल सकती।
2- जब मीडिया संघियों को उघाड़ने लगा तो बैइमान हो गया और जब बोफोर्स, अंतुले आदि को दिखाया था तो सिर पर बिठाने लायक हो गया।
3- भोले भाले या कहें कि मूर्खों को ही यह कह कर बहला सकते हो कि मीडिया में संघ विरोधी अधिक हैं, अन्यथा मीडिया के लोग सब जानते हैं कि सबसे ज्यादा किस पक्ष के हैं, अलग से मीडिया सैल किसका है, सबसे ज्याधा मीडिया पर धन कौन लुटाता है, और सबसे अधिक झूठ कौन लिखता है।
4- स्टिंग आपरेशन छद्म झूठ और पाखण्ड का ही होता है नंगी डकैती करने वालों का स्टिंग करने की क्या ज़रूरत
5- आपके बारे में कोई गलतफहमी नहीं आप सच समझते हैं, इसी लिए सफलता से झूठ और गफलत पैदा कर सकते हैं, और करते रहते हैं, किंतु आत्मा के किसी कोने में ज़रूर सोचते होंगे कि आप क्या गर्हित कर्म कर रहे हैं
6- हिन्दू एकता का रोदन करने वालो पहले जाति प्रथा तोड़ कर हिन्दुओं को एकता के मैदान में तो ला कर दिखाओ, तब हिन्दू एकता का सपना देखना

Suresh Chiplunkar said...

@ वीरेन्द्र जैन साहब -
1) मैंने कहीं भी यह नहीं कहा है कि प्रमोद मुतालिक निर्दोष है।

2) आपकी परिभाषा के अनुसार मीडिया चाहे तो "संघियों" को भी उघाड़े, लेकिन दिक्कत यह है कि मीडिया कभी भी Balance नहीं बनाकर रखता।

3) पिछले 5-7 साल में नरेन्द्र मोदी के खिलाफ़ जितना और जैसा लिखा-बोला गया है उस वजह से मीडिया को नंगा करना मेरा कर्तव्य है, क्योंकि नरेन्द्र मोदी से सौ गुना पाप तो कांग्रेसियों के पूरे "परिवार" ने किये हैं।

4) यदि संघ मीडिया को पैसा खिलाता होता, तो उसकी हर बैठक और प्रत्येक स्वयंसेवक सम्मेलन का सीधा प्रसारण होता।

5) अलग से मीडिया सेल क्या सिर्फ़ भाजपा-संघ का ही है? वामपंथियों के जो "कीर्तनकार" (आपका ही प्रिय शब्द है) JNU जैसे सैकड़ों संस्थानों के कब्जा जमाये बैठे हैं वे क्या मीडिया सेल से कुछ कम हैं?

6) फ़िर से दोहराता हूं, मीडिया जब तक खबरों में, स्टिंग ऑपरेशनों में, भण्डाफ़ोड़ों में, बैलेंस बनाना नहीं सीखता, सत्ता के खिलाफ़ कुत्ते जैसा भौंकना नहीं सीखता, सत्ता के पक्ष में "पालतू कुत्ता" बनना नहीं त्यागता, तब तक उसकी नीयत पर हमेशा शक किया जाता रहेगा।
==========

नोट - इतने भोले तो आप भी नही हैं, कि यह नहीं जानते हों कि मीडिया "5M (मार्क्स, मुल्ला, मिशनरी, मैकाले, माइनो)" के हाथों कैसे बिका हुआ है, इसके बारे में न जानते हों।

1) समूचा उत्तर-पूर्व धीरे-धीरे मिशनरी के कब्जे में जा रहा है, मीडिया कैटरीना कैफ़ की खबर दे रहा है।

2) राजा बाबू (टेलीकॉम) से लेकर कमलनाथ (सड़क परिवहन) तक सारे मंत्री करोड़ों बनाने के खेल में लगे हैं, मीडिया को इस बात की चिन्ता है कि गडकरी क्या करेंगे-क्या नहीं करेंगे।

3) चीन हमें चारों तरफ़ से घेरता जा रहा है, हमारे आर्थिक और ऊर्जा स्रोतों को बन्द करने / रुकवाने की जुगत में लगा है, हमारा मीडिया थरूर और सुनन्दा के पीछे पड़ा हुआ है।

4) जैन साहब क्या आप बतायेंगे कि देश की "असली" शासक, सोनिया गाँधी के कितने इंटरव्यू आपने पढ़े-सुने-देखे? इससे क्या साबित होता है?

5) अफ़ज़ल गुरु की फ़ाँसी रुकवाने का मामला हो या भोपाल गैस काण्ड का वीभत्स न्यायिक फ़ैसला, मीडिया ने कभी भी सही प्रकार से "सत्ता" को कटघरे में खड़ा ही नहीं किया।

(6) आपने खुद कहा कि "स्टिंग आपरेशन छद्म झूठ और पाखण्ड का ही होता है नंगी डकैती करने वालों का स्टिंग करने की क्या ज़रूरत…" यानी आप मानते हैं, कि भाजपा-संघ-हिन्दुत्ववादी उतने बड़े डकैत नहीं हैं, जितने बाकी लोग हैं, फ़िर मीडिया ने "डकैतों" का क्या बिगाड़ लिया?

तात्पर्य यही है कि सैकड़ों उदाहरणों से साबित किया जा सकता है (किया जा रहा है, किया जाता रहेगा) कि भारत का वर्तमान मीडिया, सत्ता और "धर्म विशेष" का पालतू कुत्ता है…

यदि मैं अपने पूरे जीवनकाल में 1000-2000 लोगों को भी, भारत की सबसे घृणित पार्टी कांग्रेस, भ्रष्टाचार की माँ कांग्रेस के खिलाफ़ कर पाया तो मैं समझूंगा कि मैंने देश के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा किया है।

चूंकि सत्ता में अधिकतम समय कांग्रेस ही रही है और उसने मीडिया को पूरी तरह से अपने वश में कर रखा है तो स्वाभाविक ही मीडिया के "दोहरे मापदण्डों" के खिलाफ़ लिखना भी मेरा राष्ट्रीय कर्तव्य ही है, इसलिये मेरे मन में किसी भी प्रकार की गर्हित कर्म की भावना नहीं है, न कभी आयेगी।

Sulabh said...

@वीरेंद्र जैन जी
आप उम्र के साठवे पडाव पर हैं.
आपका कहना है की..."मैं एक फीचर एजेन्सी के माध्यम से हिंदी के सभी समाचार पत्रों के लिए लिखता हूँ व साहित्यिक पत्रिकाओं के लिए व्यंग्य लिखता हूँ"
आप सिर्फ लिखने के लिए लिखते हैं. कभी देश और जनता के लिए लिखा होता तो बात समझ में आती की आप पत्रकारिता के सच्चे सिपाही हैं.

वैसे भाजपा एवं अन्य हिन्दुत्ववादी नेताओं के खिलाफ लिखना बहुत आसान काम है. अगर मुश्किल है तो ये की विदेशी ताकतों और उनके घृणित साजिशों से टूटते देश को बचाना.

संजय बेंगाणी said...

"हिन्दू एकता का रोदन करने वालो पहले जाति प्रथा तोड़ कर हिन्दुओं को एकता के मैदान में तो ला कर दिखाओ, तब हिन्दू एकता का सपना देखना "

चिंता न करे जैन सा'ब. सपना भी देखते है तो केवल देखते ही नहीं है, उसको सच करने का हौसला भी रखते है.

निर्झर'नीर said...

sarthak post ...suresh ji aap kam-s-kam haqiqat se ru-b-ru kara dete hai ye hamare liye bahut badii nbaat h ..

vaise inko pata chal gaya ki aap aaina lekar ghoomte hai to ye aapka sting jaroor kara denge

man said...

(१)इतने बड़े बड़े नक्सलवादी हमले हुवे ,एक दिन के हले के बाद मिडिया की खोमिशी ,से लोग विस्मित हे ,आखिर जबान पे ताला क्यों पड़ गया मिडिया के ?
(२)एक तरफ लोग और पूरा देश महंगाई से झूझ रहा था ,मिडिया सानिया के घर के बाहर शहनाई i baja रहा था ,फोटो ग्रफेर बचा खाना खाने वाले भिखारियों की तरह ,निरंतेर ताक रहे थे ,ऐ बाबा बाईट ?
(३)बरेली में दंगे हुवे ,हजारो हिंदुवो बेघर कर दिया ,कंही मैन फ्रंट पर पढ़ा क्या ?फिर सफ़ेद खून का केसे कहल्वायेगा ?ये ही गुजरात या बी.जे.पि के राज्यों में होता तो ?
(४)अभी थोड़े दिन पहले शानदार राज्य गुजरात का सव्र्निम म्हातोसव एक विराट स्टार पर मना गया ,याद आ रही कोई खबर तस्वीर ,ये शिला दिक्स्त करती तो ,ब्राजील का कार्निवल फ़ैल हो जाता ?
( 5))असम के सीमाई सभी jile मुस्लिम बहुल हो चुके हे ,कभी कोई रिपोर्ट सुनी इलेक्ट्रिक मीडिया में जो इनके खतरों को आगाह करती हो ,प्रिंट वाले भी कभी जगह बचने पर देदेते हे ?

man said...

इंटर net के बढ़ते परचलन से मिडिया खुद की मोत खुद मरेगा .४ साल में खतम मामला ??????????

aarya said...

इन देश के दलालों का क्या करें जो सब जानते हुए भी गलत बात की पैरवी करते हैं !

sunil patel said...

सुरेश जी आप १००% सही कह रहे है.

Rajendra jangid said...

Thank You Sureshji, Kya FFAADI hai Virendra Jain Ki..

Virendra Jain,
MAIN BATATA HUN TUME MEDIA KYUN & KAISE ""5M"" Ke hato BIKA HUA HAI..

1). SEMUAL RAJASEKAR Jab Kutte ki maut mara to Media ne Usse bhagwan bana ke pracharit Kiya... Kyunki MAINO MADAM ka hukm tha warna usko Sant ki upadi kaise milti..aur uske naam se ISAIYAT ke prachar ke liye Hyderabad, Kurnool, Rayalseema main Uske Smark pe bade bade CROSS kaise lagaye jate.
-------
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2). Jis samay SEMUAL Rajsekar reddy ki maut Hui Usi samay (1 -2 Day) main Karnataka ke shrengeri aashram me AADINATH SANKHRACHYA ke Shisye CHENNPAGIRI ne samadhi li..uska media main kahin jikar nahi Hua,, kyunki wo hindu the ..!!?

---------
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3). Rajasthan me AJMER BLAST ke liye ek SHANGHI ko Griftaaar Kiya gaya (jhoote aarop Lagakar)To media ne BHAGWA AATANKWADD ka naam le le ke MUllao & Secularon ke dil ko Thndak paunchayee. Lekin Wahi Jaipur Blast ka AAropi AJMER ka ROSHAN ALI, Jab Girftaar HUA.(??) to media me Iski charcha na ke barabar thi.
------
------

4). ITALIYAN PILLA jaha bhi jata hai waha par media Apni MAAND ke khara ho jata aur uske samne Dum hilata hai.. RAHUL BABA ne chaapal Uatari, Rahul Baba Muskaraye ye Breaking News Ho jati hai.. wahi Narendraji Modi, Varun Ghandi kitne bhi apne aap ko Samajseva me Ghis le media covarage nahi deta.. Janta hai VIRENDRA Kyun,,?? Kyunki media ko waha chaat nahi milata.

5). 2 Din pahale Indian Katpootali Manmohan Kashmir gaya to chennals ne vishes Covarage diya, Jabki Narendra Modi ne ussi din GUJRAT me SAMUHIK VIVAH SAMELLAN ME 150 VIVAH SAMPAN Karwaye uska media me jikar hi nahi hai..
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6). Kashmir me 2 Ladko ki farji muthbed me media ne itna hungama kiya ki puchho mat, jabki Uski muthbhed me shaheed 2 Jawaan aur 1 Officer saheed hua..To Ye Farji mthbhed kaise thi..
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7) Shashi Throor Congress me ho rahe gharbarjhale ke khilaaf bole ye BIkAWU Media aur VIRNDRA JAIN jaise Bikawu chintak unke pichhe pad kar unka rajnitik carrer hi khatam kar diya.. Wahi RAJABABU & Neera RANDIA, ka kahi jikar nahi hua..

TO BATA VIRNDRA JAIN KYA YE MEDIA KI DOHARI MANSIKATA NAHI HAI,,

TU BUDDHA ho gaya h isliye tera dimaag Sathiya Gaya hai.. AB Iss Umar me MAINO MADAM Ki chamchagiri Chod aur BHAGWAAN Ka BAJAN KAR ...

Ye raay muft me de raha hun le lena,
Samjhe.

Rajendra jangid said...

Thank You Sureshji, Kya FFAADI hai Virendra Jain Ki..

Virendra Jain,
MAIN BATATA HUN TUME MEDIA KYUN & KAISE ""5M"" Ke hato BIKA HUA HAI..

1). SEMUAL RAJASEKAR Jab Kutte ki maut mara to Media ne Usse bhagwan bana ke pracharit Kiya... Kyunki MAINO MADAM ka hukm tha warna usko Sant ki upadi kaise milti..aur uske naam se ISAIYAT ke prachar ke liye Hyderabad, Kurnool, Rayalseema main Uske Smark pe bade bade CROSS kaise lagaye jate.
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2). Jis samay SEMUAL Rajsekar reddy ki maut Hui Usi samay (1 -2 Day) main Karnataka ke shrengeri aashram me AADINATH SANKHRACHYA ke Shisye CHENNPAGIRI ne samadhi li..uska media main kahin jikar nahi Hua,, kyunki wo hindu the ..!!?

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3). Rajasthan me AJMER BLAST ke liye ek SHANGHI ko Griftaaar Kiya gaya (jhoote aarop Lagakar)To media ne BHAGWA AATANKWADD ka naam le le ke MUllao & Secularon ke dil ko Thndak paunchayee. Lekin Wahi Jaipur Blast ka AAropi AJMER ka ROSHAN ALI, Jab Girftaar HUA.(??) to media me Iski charcha na ke barabar thi.
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4). ITALIYAN PILLA jaha bhi jata hai waha par media Apni MAAND ke khara ho jata aur uske samne Dum hilata hai.. RAHUL BABA ne chaapal Uatari, Rahul Baba Muskaraye ye Breaking News Ho jati hai.. wahi Narendraji Modi, Varun Ghandi kitne bhi apne aap ko Samajseva me Ghis le media covarage nahi deta.. Janta hai VIRENDRA Kyun,,?? Kyunki media ko waha chaat nahi milata.

5). 2 Din pahale Indian Katpootali Manmohan Kashmir gaya to chennals ne vishes Covarage diya, Jabki Narendra Modi ne ussi din GUJRAT me SAMUHIK VIVAH SAMELLAN ME 150 VIVAH SAMPAN Karwaye uska media me jikar hi nahi hai..
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6). Kashmir me 2 Ladko ki farji muthbed me media ne itna hungama kiya ki puchho mat, jabki Uski muthbhed me shaheed 2 Jawaan aur 1 Officer saheed hua..To Ye Farji mthbhed kaise thi..
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7) Shashi Throor Congress me ho rahe gharbarjhale ke khilaaf bole ye BIkAWU Media aur VIRNDRA JAIN jaise Bikawu chintak unke pichhe pad kar unka rajnitik carrer hi khatam kar diya.. Wahi RAJABABU & Neera RANDIA, ka kahi jikar nahi hua..

TO BATA VIRNDRA JAIN KYA YE MEDIA KI DOHARI MANSIKATA NAHI HAI,,

TU BUDDHA ho gaya h isliye tera dimaag Sathiya Gaya hai.. AB Iss Umar me MAINO MADAM Ki chamchagiri Chod aur BHAGWAAN Ka BAJAN KAR ...

Ye raay muft me de raha hun le lena,
Samjhe.

उम्दा सोच said...

और सुनिये महाराज ।
इन्डिया टीवी हाल मे अपने कार्यक्रम के माध्यम से भ्रष्ट लोगो को ट्रेनिंग दे रहा था कि स्टिंग आपरेशन से कैसे बचें।
हद है शायद वेश्या भी धन्धे का कोई ईमान मर्यादा रखती होगी ।

Anonymous said...

lagta hai aapka bhi sting operation karna hoga ki aapko israil ki mosad se sangh ke indresh ke dwara kitna paisa pahuchta hai apni zehrili soch likhne ke liye. agar unka sting operation nahi hota to kya aap bhagwo ka gunah kam ho jaata hai.

- Apke ujjain se 15 Km. dur tajpur ka niwasi

उम्दा सोच said...

Anonymous का क्या मतलब होता है ??? जिसका नाम न हो … वैध बापो के औलाद बेनाम भला कैसे हो सकते है??? समझ नही आता॥

Common Hindu said...

Hello Blogger Friend,

Your excellent post has been back-linked in
http://hinduonline.blogspot.com/

- a blog for Daily Posts, News, Views Compilation by a Common Hindu
- Hindu Online.

सच का बोलबाला, झूठ का मुँह काला said...

Anonymous = Aslam kasmi

-Islam = Sex+Terrorism

-इस्लाम अय्याशी (चार निकाह, जन्नत में 72 हूरें) और आतंक (जिहाद) का पाठ पढाता है

-ये लोग अपनी बहनो को भी नहीं छोडते, उनसे निकाह करके बिस्तर में ले जाते हैं

-कोई मुसलमान हिन्दू धर्म की प्रशंसा कर दे तो उसे मजहब से निकाल देते हैं

-हिन्दू धर्म ग्रथों को जलाना, मन्दिरों को तोडना, देवी-देवताओं के अश्लील चित्र बनाना, उनके बारे में अपशब्द बोलना इनकी घृणित मानसिकता का प्रमाण है

- हिन्दुओं को मिटाने या मुसलमान बनाने पर इनको जन्नत रूपी अय्याशी का अड्डा मिलता है

-मुसलमान (ना)मर्दों को बुरका बहुत भाता है, क्योंकी बुरके में छिपकर ये "बहुत कुछ" करते हैं

- मुसलमान फर्जी नामों का बुरका पहनकर भौंकते फिरते रहते हैं

-कुल मिलाकर इस्लाम (ना)मर्दों का मजहब है

सच का बोलबाला, झूठ का मुँह काला said...

कैरान्वी , सलीम, जमाल घोटा एक चेले Anonymous का बुरका पहन कर आ गए



-Islam = Sex+Terrorism

-इस्लाम अय्याशी (चार निकाह, जन्नत में 72 हूरें) और आतंक (जिहाद) का पाठ पढाता है

-ये लोग अपनी बहनो को भी नहीं छोडते, उनसे निकाह करके बिस्तर में ले जाते हैं

-कोई मुसलमान हिन्दू धर्म की प्रशंसा कर दे तो उसे मजहब से निकाल देते हैं

-हिन्दू धर्म ग्रथों को जलाना, मन्दिरों को तोडना, देवी-देवताओं के अश्लील चित्र बनाना, उनके बारे में अपशब्द बोलना इनकी घृणित मानसिकता का प्रमाण है

- हिन्दुओं को मिटाने या मुसलमान बनाने पर इनको जन्नत रूपी अय्याशी का अड्डा मिलता है

-मुसलमान (ना)मर्दों को बुरका बहुत भाता है, क्योंकी बुरके में छिपकर ये "बहुत कुछ" करते हैं

- मुसलमान फर्जी नामों का बुरका पहनकर भौंकते फिरते रहते हैं

-कुल मिलाकर इस्लाम (ना)मर्दों का मजहब है

ललित शर्मा said...

रतन सिंग शेखावत जी से सहमत