Monday, May 31, 2010

नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में मुसलमानों पर इतने अत्याचार किये कि मनमोहन सिंह ने खुश होकर उन्हें ईनाम दे दिया… … Narendra Modi, Muslims in Gujarat, Planning Commission

मुझे पता है कि शीर्षक पढ़कर आप चौंकेंगे, लेकिन यह सच है। गुजरात से बाहर रहने वाले मुस्लिम सोचते होंगे, कि पता नहीं गुजरात में नरेन्द्र मोदी नाम का आदमी उनकी कौम पर कितने ज़ुल्म ढाता होगा और तीस्ता “जावेद” सीतलवाड जैसी समाजसुधारिका(?) तथा राजदीप और “बुरका” दत्त जैसे स्वनामधन्य(?) पत्रकार दिन-रात जिस खलनायक(?) को गरियाते हुए नहीं थकते, पता नहीं संघ-भाजपा यह व्यक्ति गुजरात में मुस्लिमों पर कितने अत्याचार करता होगा।

लेकिन अब समूचे भारत के नकली सेकुलरों और फ़र्जी लाल झण्डे वालों को यह सुनकर बड़ा दुख होगा कि योजना आयोग ने गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यों से खुश होकर गुजरात के योजना व्यय को बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये कर दिया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 6,500 करोड़ रुपये ज्यादा है… अर्थात गुजरात की 50वीं वर्षगाँठ पर उसे लगभग 25% का अतिरिक्त पैकेज दिया गया है। ऐसा नहीं कि यह सब इतनी आसानी से मिल गया, इसके लिये नरेन्द्र मोदी ने गुहार लगाई और प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा, वरना योजना आयोग की सदस्या मैडम सईदा हमीद ने "गुजरात में मुस्लिमों से भेदभाव" का बहाना बनाकर इसमें अड़ंगे लगाने की भरपूर कोशिशें कर ली थीं, यह मैडम पूर्व में जब राष्ट्रीय महिला आयोग में थीं तब भी इन्होंने गुजरात की योजनाओं में काफ़ी टंगड़ी मारी थी।

http://www.narendramodi.in/news/news_detail/733

गत दिनों योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और नरेन्द्र मोदी की बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए अहलूवालिया ने कहा कि “गुजरात योजना व्यय में हुई इस बढ़ोतरी का हकदार भी है और वह इस विशाल व्यय को झेलने की क्षमता भी रखता है…”। मोंटेक ने आगे बताया कि गुजरात का राजस्व गत वर्ष के 74% से बढ़कर 81% हो गया है तथा VAT कलेक्शन में 42% की जबरदस्त उछाल आई है। हाल ही में राज्य विधानसभा ने “स्वर्णिम गुजरात” योजना के तहत उत्तरी गुजरात में 500 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाला एक सौर ऊर्जा प्लाण्ट लगाने, 82 तहसीलों में अंडरग्राउण्ड सीवेज लाइन बिछाने की बड़ी योजना पर काम शुरु करने को हरी झण्डी दे दी है।

(जब देश में चारों तरफ़ एक से बढ़कर एक निकम्मे मुख्यमंत्री और लुटेरे IAS अफ़सरों की गैंग, भारत के विकास में अड़ंगे लगाती दिखाई देती है ऐसे में पिछले 10 साल से गुजरात की भलाई हेतु अनथक काम करता नरेन्द्र मोदी नामक यह राष्ट्रवाद का योद्धा सहज ही ध्यान आकर्षित कर लेता है…)


इसी के साथ केन्द्र सरकार ने सरदार सरोवर से सम्बन्धित 39240 करोड़ रुपये के संशोधित योजना व्यय को भी मंजूरी दे दी। अब कांग्रेस का अदभुत विकास और गरीबों का साथ देखिये - कच्छ और सौराष्ट्र के ढाई करोड़ लोगों के पेयजल के लिये इस योजना को 1986-87 में बनाया गया था, तब अनुमान था कि इसकी लागत 6406 करोड़ रुपये होगी, लेकिन राजनीति, श्रेय लेने की होड़ (योजना का नाम किसी गाँधी के नाम पर करने) तथा लालफ़ीताशाही ने 23 साल में भी इसे पूरा होने नहीं दिया और अब इसकी लागत बढ़कर 39240 करोड़ रुपये हो गई है। (अंग्रेजी में "PRO" का विपरीत शब्द होता है "CON", इसलिये कोई आश्चर्य नहीं कि "PROGRESS" का उलटा होता है "CONGRESS"...…)

http://www.livemint.com/2010/05/27231219/Gujarat-to-get-more-funds-afte.html?d=1

चलिये आईये अब देखते हैं कि आखिर गुजरात में मोदी ने मुसलमानों पर कौन-कौन से अत्याचार किये हैं, जिसका ईनाम उन्हें मिला है –

पेश किये जा रहे आँकड़े और तथ्य मनगढ़न्त नहीं हैं, बल्कि केन्द्र सरकार द्वारा गठित सच्चर कमीशन की रिपोर्ट में से लिये गये हैं। जी हाँ, “गुजरात में मुस्लिमों पर इतने ज़ुल्म ढाये गये हैं कि गुजरात के मुसलमान देश के बाकी सभी हिस्सों के मुसलमानों के मुकाबले शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मामले में आगे निकल गये हैं…”।

1) गुजरात में मुस्लिमों का साक्षरता प्रतिशत 73%, जबकि बाकी देश में 59%।

2) ग्रामीण गुजरात में मुस्लिम लड़कियों की साक्षरता दर 57%, बाकी देश में 43%।

3) गुजरात में प्राथमिक शाला पास किये हुए मुस्लिम 74%, जबकि देश में 60%।

4) गुजरात में हायर सेकण्डरी पास किये मुस्लिमों का प्रतिशत 45%, देश में 40%।

शिक्षा सम्बन्धी सारे के सारे आँकड़े मुस्लिम हितों की कथित पैरवी करने वाले, मुस्लिम हितैषी(?) पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और बिहार से कोसों आगे हैं।

1) गुजरात के जिन गाँवों में मुस्लिम आबादी 2000 से अधिक है वहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की उपलब्धता है 89%, जबकि बाकी देश में 70%।

2) जिन गाँवों में मुस्लिम आबादी 1000 से 2000 के बीच है वहाँ स्वास्थ्य केन्द्र का प्रतिशत 66% है, जबकि देश का औसत है 43%।

3) जिन गाँवों में मुस्लिम आबादी 1000 से कम है वहाँ 53%, राष्ट्रीय औसत है सिर्फ़ 20%।

शायद राहुल गाँधी आपको बतायेंगे, कि उनके पुरखों ने बीते 60 साल में, भारत के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिये कितने महान कार्य किये हैं।

1) गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में मुस्लिमों की प्रति व्यक्ति आय 668 रुपये हैं, पश्चिम बंगाल में 501, आंध्रप्रदेश में 610, उत्तरप्रदेश में 509, मध्यप्रदेश में 475 और मीडिया के दुलारे जोकर यानी लालू द्वारा बर्बाद किये गये बिहार में 400 रुपये से भी कम।

2) गुजरात के शहरों में भी मुस्लिमों की बढ़ती आर्थिक सम्पन्नता इसी से प्रदर्शित होती है कि गुजराती मुस्लिमों के बैंक अकाउंट में औसत 32,932 रुपये की राशि है, जबकि यही औसत पश्चिम बंगाल में 13824/- तथा आसाम में 26,319/- है।

“लाल झण्डे वाले बन्दर” हों या “पंजा छाप लुटेरे’, इनकी राजनीति, रोजी-रोटी-कुर्सी इसी बात से चलती है कि किस तरह से भारत की जनता को अधिक से अधिक समय तक गरीब और अशिक्षित बनाये रखा जाये। क्योंकि उन्हें पता है कि जिस दिन जनता शिक्षित, समझदार और आत्मनिर्भर हो जायेगी, उसी दिन “लाल झण्डा” और “परिवार की चमचागिरी” दोनों को ज़मीन में दफ़ना दिया जायेगा। इसीलिये ये दोनों शक्तियाँ मीडिया को पैसा खिलाकर या उनके हित साधकर अपने पक्ष में बनाये रखती है, और नरेन्द्र मोदी जैसों के खिलाफ़ “एक बिन्दु आलोचना अभियान” सतत चलाये रखती हैं, हिन्दू आराध्य देवताओं, हिन्दू धर्मरक्षकों, संतों और शंकराचार्यों के विरुद्ध एक योजनाबद्ध घृणा अभियान चलाया जाता है, लेकिन जब गुजरात सम्बन्धी (उन्हीं की सरकार द्वारा गठित टीमों द्वारा पाये गये) आँकड़े और तथ्य उन्हें बताये जाते हैं तो वे बगलें झाँकने लगते हैं। ढीठता और बेशर्मी से बात तो ऐसे करते हैं मानो भारत के इतिहास में सिर्फ़ गुजरात में ही दंगे हुए, न पहले कभी कहीं हुए, न अब कभी होंगे

गुजरात के विकास के लिये नरेन्द्र मोदी को क्रेडिट देते समय मीडिया वालों का मुँह ऐसा हो जाता है, मानो उन्हें किसी ने उन्हें अरंडी के बीज का तेल पिला दिया हो। तीन-तीन चुनाव जीते हुए, दस साल से एक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे किसी व्यक्ति के खिलाफ़ इतिहास में आज तक कभी ऐसी उपेक्षा-अपमान-आलोचना नहीं आई होगी, न तो 15 साल में बिहार को चरने वाले लालू के… न ही दस साल राज करके मध्यप्रदेश को अंधेरे में धकेलने वाले दिग्गी राजा के…, परन्तु नरेन्द्र मोदी की गलती सिर्फ़ एक ही है (और आजकल यही सबसे बड़ी गलती भी मानी जाती है) कि वे हिन्दुत्ववादी-राष्ट्रवादी शक्तियों के साथ हैं। मजे की बात तो यह है कि गुजरात के इन नतीजों के बावजूद सच्चर कमेटी ने मुसलमानों को पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण की सिफ़ारिश कर दी है, जबकि सच्चर साहब को केन्द्र सरकार से सिफ़ारिश करना चाहिये थी कि नरेन्द्र मोदी के “थोड़े से गुण” देश के बाकी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय मंत्रियों के दिमागों में भरे जायें…

बहरहाल, मुझे डर है कि योजना आयोग द्वारा गुजरात की तारीफ़ तथा इस शानदार बोनस और प्रमोशन के कारण कहीं मनमोहन सिंह अपनी “नौकरी” न खो बैठें। जी हाँ नौकरी… क्योंकि वैसे भी वे आजीवन “यस-मैन” ही रहे हैं, कभी रिजर्व बैंक के, कभी वित्त मंत्रालय के, कभी IMF के, कभी विश्व बैंक के… और अब “भरत” की तरह खड़ाऊं लिये तैयार बैठे हैं कि कब “राहुल बाबा” आयें और उन्हें रिटायर करें…

सन्दर्भ : http://www.indianexpress.com/news/hard-facts-to-face/622193/1

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49 comments:

Ganesh Prasad said...

बहुत ही अच्छी और सच्ची रिपोर्ट, देश के अन्य राज्यों के मुसलमान भाइयो के अन्धविश्वाश को दूर करने का एक सफल और सच्चा लेख !

पर सायद इसमें भी कुछ मुसलमान भाइयो को झोल ही नजर आएगा.. पर आशा करता हूँ की वे इस लेख को काला चस्मा ( कट्टरता ) पहन कर नहीं पढेंगे ! ..आमीन...

पी.सी.गोदियाल said...

"“लाल झण्डे वाले बन्दर” हों या “पंजा छाप लुटेरे’, इनकी राजनीति, रोजी-रोटी-कुर्सी इसी बात से चलती है कि किस तरह से भारत की जनता को अधिक से अधिक समय तक गरीब और अशिक्षित बनाये रखा जाये। क्योंकि उन्हें पता है कि जिस दिन जनता शिक्षित, समझदार और आत्मनिर्भर हो जायेगी, उसी दिन “लाल झण्डा” और “परिवार की चमचागिरी” दोनों को ज़मीन में दफ़ना दिया जायेगा।"

100 Agreed. दुर्भाग्यवश यही सच्चाई है !

संजय बेंगाणी said...

स्थानिय निकायों के चुनाव सर पर है. कॉंग्रेस को डर है कि इस बार एक मिथक टूटेगा की मुसलमान भाजपा को वोट नहीं देंगे. और इसलिए अहमदाबाद में चार दिन तक दंगे करवाने की कोशिशें हुई. दाल नहीं गली यह और बात है. शेष कॉंग्रेस के नामांकरण पर मजेदार बात कही.

kunwarji's said...

"जबकि सच्चर साहब को केन्द्र सरकार से सिफ़ारिश करना चाहिये थी कि नरेन्द्र मोदी के “थोड़े से गुण” देश के बाकी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय मंत्रियों के दिमागों में भरे जायें…।"

तो अभी क्या देर हो गयी है....और दुसरे मुख्यमंत्री क्या इतने अनजान होंगे कि वो गुजरात की स्थिति से अनभिज्ञ ही होंगे....

और अन्य राज्यों की जनता पता नहीं क्यों आँखे मूँद लेती है हर बार चुनावों में....जो जागरूक कहते है खुद को पता नहीं कब जागेंगे.....

जय हिन्द,

कुंवर जी,

Shah Nawaz said...

मतलब आपका कहना है कि लादेन अगर अपने जुर्म को छुपाने के लिए गरीबों के कल्याण के कार्य करने लग जाए तो उसे किसी देश का प्रधानमंत्री बना देना चाहिए?

awyaleek said...

हिंदुओं ने तो हमेशा कमजोरों पर दया ही की है उसे कभी सताया नहीं,,,जिस व्यक्ति में हिन्दुत्व का गुण जितना ही ज्यादा होगा वो उतना ही ज्यादा देशभक्त होगा,वो उतना ही ज्यादा अच्छा इन्सान होगा....तो नरेन्द्र जी की इस उपलब्धि पर कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए..

व्योम said...

आप भड़काओ और हम न भड़कें, ये भी कोइ बात हुयी| हम भड़क रहे हैं, आपका लेखन व्यर्थ नहीं जाएगा सुरेश भाई| कीप भडकायिंग|

SANJEEV RANA said...

मैं चिपलूनकर साहब का इसलिए भी कायल हूँ की वो जब भी कोई बात लिखते हैं तो पढ़ने वाले के लिए ऐसा कुछ भी नही छोड़ते हैं की वो कोई प्रशन उठा सके उनके विरूद्ध क्योंकि सुरेश जी हर बात सबूतों के साथ कहते हैं.


आपसे सहमत हूँ और आभारी के साथ साथ आशा भी करता हूँ की लोग अच्छे और गलत का खुद फैसला करेंगे.

आनंद जी.शर्मा said...

इतना कडुआ सच ? आक थू !!!
बाप रे बाप - किस सेक्युलर को पचेगा ? कैसे पचेगा ?
पढ़ते ही चक्कर आने लगते हैं |
पीने की बात तो दूर - चखने से भी डर लगता है |
सुरेश जी, मीडिया की तरह कुछ मनभावन, मनमोहक, कर्णप्रिय, स्निग्ध, मीठा मीठा, सुपाच्य लिखा करो ना |

Mahak said...

गुजरात के विकास के लिये नरेन्द्र मोदी को क्रेडिट देते समय मीडिया वालों का मुँह ऐसा हो जाता है, मानो उन्हें किसी ने उन्हें अरंडी के बीज का तेल पिला दिया हो।


अगर देश के हर राज्य में एक नरेन्द्र मोदी पैदा हो जाए तो हमारे भारत देश को महाशक्ति बनने में ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा . उन पर मुस्लिम विरोधी होने का झूठा आरोप लगाया जाता है लेकिन सच क्या है ये सुरेश जी ने आकड़ों के साथ बहुत अच्छे से बता दिया और साथ ही कभी गुजरात के वाडनगर में जाकर देखिएगा,वहां के मुस्लिम भगवान् मानते हैं नरेन्द्र मोदी को ,उसे ये कांग्रेस के हाथों बिका हुआ मीडिया बिलकुल नहीं दिखाता ,पूरे देश में जो एक व्यक्ति टिका हुआ है इस भ्रष्ट समाज में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार आदि के विरुद्ध उसका होंसला बढाने की बजाये दुष्ट मीडियाकर्मी उसका होंसला हर बार गिराने की कोशिश करते हैं लेकिन ये व्यक्ति भी कमाल है हर बार उनके मूंह पर तमाचा मारकर आगे बढ़ता जाता है . जैसे आप और हम राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ हैं चाहे वे हिन्दू हों या मुसलमान वैसे ही मोदी जी भी इन्ही तत्वों के खिलाफ हैं लेकिन फर्क सिर्फ इतना हो जाता है की मोदी जी दोषियों को किसी भी कीमत पर माफ़ नहीं करते हैं और उनके विरुद्ध action लेने में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरह votes की चिंता नहीं करते हैं .मोदी जी जो भी कहते हैं उसे करके दिखाते हैं.
इस निराशा के घनघोर अन्धेरें में सिर्फ नरेन्द्र मोदी और स्वामी रामदेव जी, इन 2 लोगों से ही इस system को बदलने की उम्मीद की जा सकती है, hope की 2014 में मोदी जी केंद्र में आयें और हमारे देश के प्रधानमंत्री बनें.
सुरेश जी ,आपको इतनी अच्छी और सच्ची पोस्ट लिखने के लिए बहुत-२ धन्यवाद.

modi ji was best , modi ji is best and modi ji will remain best forever

जय हिंद

महक

मनुज said...

सही कहा आपने.

कौन कहता है की आसमान में सूराख नहीं हो सकता.
एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो..

बस इसी तबियत का अभाव है देश के राजनीतिक पटल पर.

महफूज़ अली said...

शानदार पोस्ट..... मैंने तो यह भी सुना है कि नरेन्द्र मोदी ने जहाँ से चुनाव लड़ा है.... वहां के ज़्यादातर एरिये मुस्लिम बहुल हैं..... और एक गाँव ऐसा था मुसलमानों का ......जहाँ पानी ही नहीं था..... वहां नरेन्द्र मोदी ने सरकारी मार्का हैंडपंप गडवाये हैं.....

Sugya said...

कितनी ही प्रतिकूलताओ के बावजूद विकास कर दिखाया, वाकई शेर है नरेन्द्र मोदी.

सुनील दत्त said...

भाई साहब सेकुलर गद्दारों का काम है आकतंवादियों का साथ देकर आम लोगों का खून बहाना व देशभक्तों को बदनाम करना।इन गद्दारों के कारनामे जनता के सामने रखकर ही इनका भारत से नमोनिशान मिटाया जा सकता हैं।
आपने बहुत अच्छी जानकारी दी इसके लिए बधाई

Rajendra jangid said...

Kya baat h Saheb,

FIR LIKH KE FFAAAD DI>>

JAI HIND<,,
JAI SURESHJI,

Rajendra

Anonymous said...

कुत्ते कमीने तू हमेशा मुसलमानो की माला जपता रहता है

Tarkeshwar Giri said...

Narendra Modi ek mahan Rajnitigya hai. main unhe kisi bhi engal se galat nahi manta. Gujrat vikash ki daud main aage badhta jaa ra hai . U.P. ki CM sahiba ab arabpati banne ja rahi hain, Lalu ne itna chara kha liya ki abhi bhi HARI-HARI ghas toilet se nikal rahi hai.

Gujrat main agar koi doshi hai to wo hai Arabiyan soch rakhne wale anktwadi.

man said...

सर एक बार फिर आप ने इस रंडी छाप मिडिया की हकीकत ,लाल गां के लंगूरों की उछल कूद ,हमेशा उपर नीचे खूजली खुजाने वाले पंजे की सचाई को सामने करके एक साहसिक लेख लिखा हे ,आप को धन्य वाद ....सर जिस तरह मिदनापुर बॉम्बे ट्रेन आन्त्न्की हमले पर और उस से पहले इन चुन्दाल चोकडी में नक्सलवाद नक्सलवाद का खेल खेला जा रह हे ,इस से साबित हो गया की सत्ता और वोट के लिए ,ये संडास के कीड़े ,कोई एक की ओल्लाद तो नहीं हे ,ये सत्भेली ओलादे पैदा हुई हे ,इस भारत के दामन पे ,,|इस निराशअ में एक ही बन्दे का सहारा हे भाई नरेन्द्र मोदी ,मेरी सबसे सुबह पहले जगदम्बे भवानी से ये ही अरदास होती हे की माँ भारत माता की सेवा का मोका उन्हें दो ,जो सेवा कर सके ना की उन बदजातो को जो उसकी सेवा में शहीद होने वालो जवानो का अपमान करते जा रहे हे ,किसानो और आम जनता का तो gang rape कर रहे हे ,थू हे इन कुतो पे और इनको टूकडे डालने वालो पर

सुनील दत्त said...

सुरेश जी लगता है सेकुलर गद्दारों को काफी खुजली हुई ये लेख पड़कर इसीलिए चले आए वेनामीबनकर गाली निकालने।
इन हरामजादों का दम हमारे ब्लाग पर गाली निकालने का नहीं होता क्योंकि जानते हैं हमारे बलाग पर आते ही इनकती पोल खुल जाती है।
हमें हैरानी है आप ने इनका नाम जानते हुए भी कु। नहीं कहा क्योंकि वो सुविधा तो आपके वलाग पर भी है।
खैर छोड़ों मुसलिम आतंकवादियों के पालतु सेकुलर गद्दारों से और उम्मीद भी क्या कर सकते हैं।

Suresh Chiplunkar said...

@ शाहनवाज़ भाई - आपके कमेण्ट का मतलब समझ नहीं आया, कि क्या आप लादेन को Defend कर रहे हैं? या मोदी की आलोचना कर रहे हैं? क्योंकि दोनों के कामों और प्रवृत्ति में ज़मीन-आसमान का अन्तर है।

इस पोस्ट का मकसद सिर्फ़ यही बताना है कि मीडिया और कांग्रेस को मोदी के अच्छे काम कभी नहीं दिखते, गुजरात में मुस्लिमों की तरक्की नहीं दिखती, पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों की बदहाली नहीं दिखती, लालू की नौटंकियों में उलझना याद रहता है… आदि-आदि।

सवाल सिर्फ़ एक और सीधा सा है कि क्या 2002 के गुजरात दंगों से पहले और बाद में कभी भारत में दंगे नहीं हुए और आगे नहीं होंगे? तथा 2002 से पहले हुए दंगों में कौन दोषी था? क्या कभी किसी कांग्रेसी मुख्यमंत्री का इस प्रकार लगातार मीडिया ट्रायल हुआ है, जैसा मोदी का होता है?

शाहनवाज़ भाई, मुद्दे की बात कीजिये…। हम तो इतिहास भी देखते हैं, आप भी देखिये और सोचिये कि कांग्रेस ने मुस्लिमों को अब तक कितनी बार बेवकूफ़ बनाया है।

SHIVLOK said...

कांग्रेस इस देश की सबसे बड़ी कम्यूनल पार्टी है, यह एक असभ्य, शातिर और चालबाज पार्टी है| मुस्लिम हित की बात करना धर्मनिरपक्षता, हिंदू हित की बात करना सांप्रदायिकता, हिंदू विरोध धर्मनिरपेक्षता, न्याय की बात करने का मतलब सांप्रदायिकता, वाह रे दुष्ट कॉंग्रेसी नेताओं, क्यों देश की जनता के दिलो में जहर घोल रहे हो| ज़रा आंखें खोल कर विश्वपरिदृश्य को देखो, भारत में मुसलमान जितने सम्मानित, सुरक्षित, प्रसन्न जीवन जी रहे हैं, विश्व के किसी भी देश में मुसलमान इतना स्वतंत्र और सम्मानित नहीं हैं जितना भारत में हैं| जहां तक नरेंद्र मोदी का सवाल है तो उन्होने गोधरा कांड में वह सब कुछ किया जो कोई भी ज़िम्मेदार मुख्यमंत्री करता| मोदी की न्यायप्रियता तो इसी बात से सिद्ध हो जाती है कि उन्होने सैकड़ो अनाधिकृत मंदिर तुड़वा दिए, है कोई और इस तरह की मिसाल| मोदी को हिंदूवादी नेता कहना भी ग़लत है, यदि ऐसा होता तो वो मंदिरों को तोड़ने का आदेश नहीं देते| केवल मुसलमानों के वोट के लालची उल्टी सीधी बात करते हैं|

@@@@@@@@शाहनवाज़ जी,
पिछले 60 वर्षों में जीतने भी दंगे हुए है सब कांग्रेस प्रायोजित हैं |हिंदू आतंकवादी हो ही नही सकता,इसका विश्लेषण बड़े आराम से हो सकता है, आज भी भारत में मोटे तौर पर बहुसंख्यक हिंदुओं की जनसंख्या मुसलमानों से चार गुणी है, सारे देश के पुलिस थानो में दर्ज अपराधों में से 75 प्रतिशत से ज़्यादा मुसलमानो द्वारा किए जाते है, ये हाल तो तब है जब इनकी जनसंख्या कम है, जिन देशों में इनकी जनसख्या अधिक है, वहाँ का हाल क्या है यह सारा विश्व देख रहा है , मुसलमान प्राकृतिक रूप से असहिष्णु , लड़ाकू और अपराधिकवृत्ति वाले होते है जबकि हिंदू सहनशील, विनम्र और सहयोगी प्रवृत्ति का होता है, तथाकथित धर्मंनिरपेक्ष लोग रेकॉर्ड उठा कर देखें तो अक्ल ठिकाने आ सकती है

aarya said...

सादर वन्दे !
भाई जी, जिन लोगों ने अपना जमीर बेचकर ही राजनीति में कदम रखा है उनसे उम्मीद नहीं की जा सकती | क्योकि ये जितना नरेन्द्र मोदी को गाली देंगे उतने सेकुलर टाइप के कहलायेंगे, अपनी तो कोई करनी है नहीं इसलिए खुद को मशहूर करने के लिए यही रास्ता अपनाते हैं. समस्या हमारे देश के उन तथाकथित बुद्धिजीवियों की है जो सब जानते हुए भी गलत लिखते हैं और बोलते हैं | इलाज तो इनका होना चाहिए, इन्ही की बुद्धि पाकर ये गदहे नेता राजिनितिज्ञ हो जाते हैं|
इन लालफीताशाही और ......अंग्रेजों की औलादों को थप्पड़ मारकर झनझनाते हुए चेहरे की तस्वीर दिखाने के लिए धन्यवाद |
रत्नेश त्रिपाठी

SHIVLOK said...

@@@@@शाहनवाज़ जी ,
गोधरा दंगो में नरेंद्र मोदी निर्दोष हैं यह बात 3 तरह से सिद्ध हो जाती है :-
१. किसी न्यायालय ने उन्हें दोषी नहीं माना|
२. किसी जाँच एजेन्सी ने उन्हें दोषी नहीं पाया|
३. उपरोक्त दोनों बातें छोड़ भी दें तो मेरी तीसरी बात इतनी दमदार है की उससे तो निश्चित ही नरेंद्र मोदी निर्दोष सिद्ध हो जाते हैं :-
"" केंद्र में कांग्रेस की सरकार है जो की नरेंद्र मोदी की घोर विरोधी है, यदि
मोदी ज़रा भी ग़लत होते तो अब तक कांग्रेस उन्हें कभी का निपटा चुकी होती | सच में इतनी ताक़त होती है की सारे के सारे राजनीतिक दल मोदी से पूरी खार खाते हुए भी उनका कुछ भी नहीं बिगड़ पाए | सारे सेक्युलर तुच्छे राजनेता पूरा ज़ोर लगा कर भी मोदी पर कोई कार्यवाही नहीं करा पाए| "" इससे एक ही बात सिद्ध होती है क़ि नरेंद्र मोदी निर्दोष हैं|
अगर मोदी में थोडा सा भी दोष होता तो सारे के सारे सेक्युलर एक साथ मिलकर उन्हें कभी का निपटा देते | लेकिन निर्दोष आदमी बेहद शक्तिशाली होता है | सत्य क़ि ताक़त करोड़ों झूठों क़ि ताक़त से ज़्यादा बड़ी होती है| अगर आपको ये बात समझ में नहीं आती तो फिर भैंस के आगे बीन बजाने वाली कहावत लागू होती है|

impact said...

मुसलमानों की तरक्की तो नज़रों में चुभ रही है. अपनी तरक्की भी तो बताओ!

Akhtar Khan Akela said...

bhaai jaan aapki prstuti men nrendr modi kaa gungaan he lekin men khtaa hun ke nrendr modi insaan achche nhin hen lekin yeh bhi ktu sch he ki viddhtaa,kushlprbndhn,vikaasvaaditaa,netrtv men unkaa koi muqaablaa nhin he or isiliyen agr saamprdaayiktaa ki buraai agr voh tyaag den to nischit tor pr aaj unke muqaable kaa netaa desh men nhin he modi ne yojnaa aayog ko vikaas btaakr mdd dene ke liyen mjboor kiyaa he mnmohn singh ne koi gujraatr pr aehsaan nhin kiyaa he. akhtar khan akela kota rajsthan

SHIVLOK said...

(अंग्रेजी में "PRO" का विपरीत शब्द होता है "CON", इसलिये कोई आश्चर्य नहीं कि "PROGRESS" का उलटा होता है "CONGRESS"...…)

“गुजरात में मुस्लिमों पर इतने ज़ुल्म ढाये गये हैं कि गुजरात के मुसलमान देश के बाकी सभी हिस्सों के मुसलमानों के मुकाबले शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के मामले में आगे निकल गये हैं…”।

vah vah vah maja aahi gaya
vah vah vah maja aahi gaya

पलक said...

सच ! अभी पुरुष में इतनी ताकत नहीं, जो मेरा सामना करे, किसमें है औकात ? http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/05/blog-post_31.html मुझे याद किया सर।

narayan said...

APNE AAP KO MANMOHAN KAHALANE SE KOI KISI KA MAN NAHI MOH SAKATA PARANTU NARO(MEN) MAIN INDR KE SAMAN NARENDR HI HO SAKATA HAI,YAH YOJANA AAYOG NE PRAMANIT KAR DIYA HAI.KOI KITNA BHI JOR LAGA LE SURAJ KO BADLO MAI NAHI CHUPAYA JA SAKTA.KISI NE KAHA HAI SACCHAI CHUP NAHI SAKATI...KHUSHBU AA NAHI SAKTI KABHI KAGAJ KE PHOOLO SE..
NARAYAN BHUSHANIA

skmeel said...

padit ji narendar modi ka gungaan karne ke kitane paise milte hai?

narender shing said...

मतलब आपका कहना है कि लादेन अगर अपने जुर्म को छुपाने के लिए गरीबों के कल्याण के कार्य करने लग जाए तो उसे किसी देश का प्रधानमंत्री बना देना चाहिए (shah nawaz ) ye chand muslim bhi ye nehi chahate hai ki des aage bhade shah nawaz pehale ye batao ki सभी मौलवी लोग.. अपने धर्म से सम्बंधित फतवे समय समय पर जरी करते है... लेकिन कोई भी मौलवी भारत के हित के लिए कोई फतवा कभी जारी नहीं करता..kyo nahi karta
eska javab do pehale kon laden hai or kon प्रधानमंत्री banega ye taye karne vale tum kon hote ho des ke liye blog likha to aag lag gayi tere or tu jo faltu ke blog likhata hai vo kuch nahi time par sabh samaj jao ge ...................?

पाक हिन्दुस्तानी said...

नरेन्द्र मोदी पर आरोप सिर्फ आरोप हैं. गुजरात के दंगो और उन दंगो में मुसलमानों की मौत के जिम्मेदार नरेन्द्र मोदी नहीं गोधरा के वो भेड़िये हैं जिन्होंने ट्रेन में लोगों को ज़िन्दा जलाया. क्या यह मैंने गलत कहा है?

न तो मीडिया, न मुस्लिम समाज, किसी ने भी गोधरा के उन कातिलों की भर्त्सना नहीं की सिर्फ नरेन्द्र मोदी पर पिल पड़े.

अगर ट्रेन के जलाने के बाद हुये दंगे गलत थे, तो मस्जिद तोड़ने (जिसमें किसी मुसलमान की जान नहीं ली गई) के बाद हुये दंगे जो कि इससे कई गुना ज्यादा वीभत्स थे के लिये मुसलमानों को दोषी क्यों न माना जाये? उसके लिये तो सभी मुसलमान सफाई दे देते हैं कि मस्जिद टूटने की वजह से ऐसा हुआ.

असल में गलती भीड़ की है. उस भीड़ की जिसने गोधरा में लोगों को जलाने से पहले उसके परिणामों के बारे में नहीं सोचा.

और यह मत सोचिये कि उसका परिणाम सिर्फ गुजरात के उस समय के दंगे या मोदी है. उसका परिणाम बड़ा दूरगामी होगा. और आने वाले दशकों तक हिन्दुस्तान उसकी कीमत चुकायेगा.

ताली एक हाथ से नहीं बजती. सभी धर्म के मानने वालों को अब थोड़ा आत्मचिंतन करना चाहिये.

arya said...

नरेन्द्र मोदी जी की जय हो.
भगवान करे वह इस रास्ट्र के अगले नायक बने

Anonymous said...

गर्मी मे पकाओ नही समझे की नही समझे चिपलूनकर .जब देखो पकाया करता है

अवध said...

सुरेश जी, बहुत सही बात कही है आपने, शुभकामनायें.
@ शाहनवाज़ भाई
मोदी और लादेन की तुलना करने से पहले लादेन को किसी अदालत के सामने पेश करो और सिद्ध करो कि उसे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास है.
गुजरात में जो कुछ हुआ उसे कहीं से भी उचित नहीं कहा जा सकता लेकिन कम से कम उपमा देने से पहले थोडा दिमाग पर जोर डाल लिया करो.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

मोदी यदि देश के प्रधानमन्त्री न बन सके तो देश का और मुसलमानों का भी सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा.. जो असलियत नहीं स्वीकार कर सकते वही मोदी के नाम से उलटी करने लगते हैं...
वैसे हमारे कुछ भाई मन ही मन चाहते होंगे कि लादेन को राष्ट्रपति बना दें...

नवीन प्रकाश said...

ये चीजें थोड़ी उलझी हुयी हैं किसी के अच्छे कामो को सिर्फ इसीलिए नजर अंदाज नहीं किया जा सकता की उसके कार्यकाल में कोई एक बड़ी गन्दी घटना हुयी थी
पर नरेन्द्र मोदी इस जिम्मेदारी से भी नहीं भाग सकते की उनके शासनकाल में ऐसी वीभत्स घटना हुयी और वो इसे रोकने में नाकाम रहे .
किसी और के कार्यकाल में भी ऐसी घटनाएं हुयी और वो बचकर निकल गए तो क्या मोदी को इससे ये अधिकार मिल जाता है की वो भी अपनी जिम्मेदारी से भाग लें ?
पर उन सब से उबरकर जो गुजरात विकास की दौड़ लगा रहा है उसे भी कैसे नकारें ?
उनके लिए जिन्होंने इसे सहा है क्या वो कभी इसे भूल पाएंगे ? पर जो बीत गया उसे लेकर आखिर कब तक रोते रहें ?
उलझी हुयी बातें है
आसान है तो बस एक और खड़े होकर दुसरे को झुठलाना पर आप किसी भी तरफ हों दिल तो दुखेगा ही

lokendra singh rajput said...

बहुत ही शानदार प्रस्तुति और अच्छी जानकारी। लेकिन, कुतर्कियों को कोई भी कुतर्क करने से नहीं रोक सकता। मोदी का विकासवादी मुहं किसी को नहीं दिखता। खैर मोदी को मुस्लिम विरोधी समझने वालों के लिए करारा जवाब है।

man said...

नवीन परकाश जी एक बात बता दू की २००२ से पहले गुजरात में हर शुक्रवार दंगे होते थे माहोल ख़राब रहता था ,विकास ठप पड़ा रहता था ,में आपको एक ट्रक चालक की जुबानी बताता हूँ की
एक ट्रक ड्राईवर की जबानी की सन20002 से पहले जब भी वो गुजरात जाता तो हाई वे अहमदाबाद की मुस्लीम बस्ती से निकलता था ...उस १५ किमी के हाई वे को पार करने में २ से ३ घंटे लग जाते थे ,,क्योकि कोई टेम्पो सड़क के बीच में खड़ा हे तो ..वो खड़ा ही रहता ..किसी की मजाल नहीं उसे हटने के लिए कह दे ..मर्डर हो जाते थे ...कोई मोहतरमा सड़क बीचक खडी हे तो खडी रहती थी मजाल कोई होर्न बजादे....लकिन दो हजार दो के दंगो में उसका ट्रक वंहा से निकला तो उसके ६ टायर खून से लाल हो गए थे????
२००२ का गोधरा कांड नहीं दिखा आपको ,जिन्दा जलाना क्या होता हे ?किर्या की परती किरिया होना स्वाभाविक हे |जब जनता सड़क पर उतरती हे तो उसे किसी भी शाशन के bus में नहीं होता हे ,आप मुझे बताये की वो ही नरेन्द्र मोदी उसके बाद नो साल से शाशन कर रहे हे ,अब तो नहीं होते हे दंगे ?हिन्दू पब्लिक अभी भी वंहा ज्यादा हे ,वंहा क्यों शांती का माहोल हे ,?बरेली दंगो में नंगा नाच होता रहा ,कंहा गए सेकूलेर ,?क्यों दोषी नहीं ठराया नीली बहनजी को क्या नरेन्द्र मोदी ही सभी के निशाने पर हे .आप कोन होते हे उन्हें गुनहगार ठह राने वाले वाले ?

Anonymous said...

http://blog.sureshchiplunkar.com/2009/05/new-10-rs-coin-and-evangelical.html

man said...

आप चाहते थे की सम्प्र्दय्किता की आग में गुजरात धीरे सुलगता रहता ,एक कोढ़ी के शरीर की तरह नास्सूर हो जाते गुजरात के ?जेसे भारत के अन्य हिस्सों में हो रहा हे .कम्पेयर करे ,गुजरात को अन्य हिस्सों से ,एक खतरनाक साजीश की तीवर परती किरिया थे गुजरात दंगे दंगे ,इसका असर तो अभी रहने वाला हे ,लकिन मोदी पर इतना फोक्स इस लिए की उनकी छवी एक स्टील नेता की हे ,एक मर्द नेता जो भारत की बागडोर मिलने पर सभी झूठे मिथक तोड़ सकता हे ,और इस लिए एक लूजर के परधान मंत्री बन ने में सबसे बड़ी बढा ये मर्द हे |बाकी कोई २००१४ में उसको रोकने वाली देश विदेशी ताकते गां तक जोर लगा लगी तो भी उसे नहीं रोक पाएंगी ,क्योकि 2014 में कोई मर्द ही बेठेगा राज करने |

Deepesh said...

भरत की तरह खड़ाऊ...

क्या बात है। लिखते रहिए...

काशिफ़ आरिफ़/Kashif Arif said...

सुरेश जी,

आपने जो आकंडे पेश किये है उन्के बारे में मैं कुछ नही कहुंगा क्यौंकि गुजरात की इस तरह की जानकारी मेरे पास नही है ।

इसमे शक की कोई गुन्जाईश नही है कि नरेन्द्र मोदी ने काम किया है इसी वजह से गुजरात इतना सम्पन्न राज्य है ।

लेकिन इसका मतलब ये नही है कि नरेन्द्र मोदी २००२ मे जो किया या जो वो अब कर रहे है वो सही है....इतने बडे पद पर होते हुये तथा इतनी जातियों और धर्मों के लोगों के मुख्यमंत्री होते हुये भी...वो लोगों के दिल में नफ़रत भरने का काम कर रहे हैं...

उन्होने आम आदमी के दिल में इतनी न्फ़रत भर दी है की लोग एक दुसरे का चेहरा देखना भी पसन्द नही करते हैं....

Shah Nawaz said...

सुरेश जी मैंने मोदी की तुलना लादेन से नहीं की, मेरी नज़र में तो दोनों ही अपराधी हैं. यह अवश्य है की लादेन की तरह मोदी सुनियोजित तरीके से केवल आतंकवाद में ही न लगा हुआ है. लेकिन हजारों लोगों की हत्याओं का वह ज़िम्मेदार है. चश्मदीदों के गवाहों, स्टिंग ओप्रशन की फिल्मों तथा वहां के उस समय के हालात देख कर सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है, की वह दंगे पूर्व नियोजित और सरकार के समर्थन की वजह से हुए थे.

मेरे उदहारण देने का तात्पर्य केवल इतना था की अगर कोई गुनाहगार आदमी अपने गुनाह छुपाने के लिए कुछ अछे कार्य करने लगे तो उसके गुनाह माफ़ नहीं किये जा सकते हैं. वैसे आपको बताता चलूँ, जाफरी साहब, जो कि इन्ही दंगो की भेंट चढ़े थे वह मेरे पिता जी के मित्र थे.

खैर छोडिये आपको तो केवल विकास नज़र आरहा है, उसके पीछे की लोगो की आहें थोड़े ही नज़र आएंगी? वैसे भी दुःख उसे होता है जिसका कोई खोता है.

abhishek said...

1947 me 20 lakh hindu kat diye gaye,congress ke hath me tha shashan,1967 me 3000 muslim mare gaye dango me congressy cm hitendra desayi tha,1984 me 3500 ke lagbhag sikh mare gaye,congressy pradhan mantri tha,bhagalpur me mare gaye muslim cm koe non bjp tha,1990 me 4 lakh hindu bahar nikale gaye non bjp ki sarkar thi.en sab mamamlo me dosh kisi mukhiya par nahi gya to modi ke pichhe hi kyo pada he sara congerss,sc,ngo,muslims etc.?????saty bat to yah he ki 2002 ke bad muslamano ki dadagari khatm ho gayi gujrat me,jo gunde pahale vikash ki raftar ko thame huve the un par modi ne lagam laga di,bharstachar ko bahut kam kar diya,samany adami ki puchh hone lagi,hinduo par ankh uthana ab asan nahi raha,natija bjp jit rahi he,to muslim kattar panthiyo ko dukh to hoga hi na???
muslaman aj tak yah sochate he ki unhone raj kiya he es desh par so fir se raj karane ke sapane dekhate he,or congress ko es liye support karate he ki unako support kar vo kam se kam hindu raj ko to satta se bahar rakh sakate he.

Common Hindu said...

Hello Blogger Friend,

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suyash said...

गुजरात मे मुस्लिमो के विकास के आँकडे प्रस्तूत करने के लिए धन्यवाद ।

JANARDAN MISHRA said...

gujrat ka jo vikash hua hai vo kuch logo ke aankhy nahai dekh sakti aur isiliye vo bar bar narendra modi ko godhra kand se jod kar dekh te hai unhe 1984 ke sikh dange kabhi yad nahi aate hai kya.....

भरतसिंह बावरला said...

सुरेश भाई आपकी कलम और आपके जज्बे को हम तह दिल से सलाम करते है.....

Tejas parmar said...

Koi kuch bhi kahe lekin jo jesa karega vesa bhugtega...