सेकुलरों और वामपंथियों के लिये एक खुशखबरी है… Kerala Terrorism Communists and Secularism
केरल के अलप्पुझा से खबर आई है कि पकड़े गये आतंकवादी नज़ीर से नज़दीकी सम्बन्ध रखने, बंगलोर बम ब्लास्ट तथा तमिलनाडु में बस जलाये जाने के मामले की मुख्य आरोपी सूफ़िया मदनी (जो कि वामपंथियों के परम सहयोगी अर्थात कोयम्बटूर बम धमाकों के मुख्य आरोपी अब्दुल नासेर मदनी की पत्नी भी है) को सिर्फ़ एक दिन बाद ही जेल से अलप्पुझा के मेडिकल कॉलेज में शिफ़्ट कर दिया गया है। इस खास मेहमान के लिये केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष निर्देशों पर वह एसी कमरा खुलवाया गया है जिसमें मंत्रियों और विधायकों का इलाज किया जाता है (क्योंकि हो सकता है कल वह मंत्री भी बन जाये)। सामान्यतः अपराधियों को अस्पतालों में एक विशेष सेल में रखा जाता है, लेकिन चूंकि सूफ़िया ने “जेहाद” के प्रति अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर दी है, इसलिये उसे विशेष 5 स्टार ट्रीटमेण्ट देना केरल सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
केरल के गृहमंत्री के बेटे जो कि रात में NDF के सदस्य होते हैं और दिन में SFI के सामाजिक कार्यकर्ता होते हैं, सूफ़िया की देखभाल करने हेतु उनकी विशेष नियुक्ति की गई है, ज़ाहिर है कि मेडिकल कॉलेज के सुपरिन्टेण्डेण्ट की क्या औकात है कि इनके निर्देश मानने से इनकार कर दे। सूफ़िया को अस्पताल में तीन-तीन मोबाइल रखने की सुविधा प्रदान की गई है, और जब वह फ़ोन पर बात कर रही होती है तब डीन को भी कमरे के बाहर आधा घण्टा इन्तज़ार करना पड़ रहा है। हाल ही में “मदनी साहब” अपनी पत्नी से मिलने अस्पताल आये थे तो उनकी सुरक्षा के लिये 45 मिनट तक अस्पताल में आम आदमी का प्रवेश रोका गया और एक्सीडेण्ट में घायल एक युवक को अपना प्राथमिक इलाज करवाने के लिये बाहर एक घण्टा इन्तज़ार करना पड़ा…।
सोचा कि जल्दी से जल्दी यह खबर सेकुलरों और वामपंथियों को दे दूं, वे खुश हो जायेंगे कि उनका काम बराबर चल रहा है। सेकुलर इसलिये खुश होंगे कि सूफ़िया भी एक महिला है और साध्वी प्रज्ञा भी और दोनों को यथायोग्य ट्रीटमेंट मिल रहा है, जबकि वामपंथी इसलिये खुश हो जायेंगे कि जिस मुख्यमंत्री (शायद चूतियानन्दन या ऐसा ही कुछ नाम था) ने NSG कमाण्डो उन्नीकृष्णन के परिवार का अपमान किया था, वह मदनी की बीवी का बराबर खयाल रख रहा है…
बाकी हमारा-आपका क्या है, हम तो टैक्स देने और महंगाई झेलने के लिये ही पैदा हुए हैं, ताकि केरल का अस्पताल हो या मुम्बई की विशेष कसाब सेल… उनके AC में कोई खराबी न आने पाये…
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(इस खबर का सोर्स जानकर क्या करेंगे भाई, जिसे भरोसा हो वह मान ले, जिसे भरोसा न हो तो भाड़ खुली है शौक से जाये, मैं रोकने वाला नहीं)







26 comments:
यह कोई खबर है ही नहीं. खबर तब होती जब इन महानुभावों के साथ अपराधियों वाला व्यवहार होता. बाकी यह तो सेक्युलर सरकार के लिए सामान्य बात है.
nice post
मदनियों का ही राजकाज तो है !
$#$^%&* हिन्दू न कभी चेते हैं न कभी चेतेंगे. इन *ऽ%@#$%^% को गुलामी में ही मजा आता है. इस बार जब गुलामी झेलेंगे मुस्लिम देश बनने के बाद जब इनके पिछवाड़े सुलगेंगे तभी मजा आयेगा.
सुरेश जी ,
दिल्ली से गल्ली तक देशद्रोह का कुचक्र फैला है . किया क्या जाये ? जहां एक निशान ,एक विधान ,एक देश ,एक जनता एक जैसा हक़ और एक ही जैसी सजा होनी चाहिए वहां सत्ता और सत्तालोलुप शक्तियों का महाजाल फैला है . चलिए कुछ लोग तो मुखर हैं .
आप धन्यवाद के अधिकारी हैं .
सूफ़िया को सुविधा नही मिलेगी तो किसे मिलेगी . आखिर थोक वोट की मालकिन है . और वोट जो ना कराये थोडा है
बाकी हमारा-आपका क्या है, हम तो टैक्स देने और महंगाई झेलने के लिये ही पैदा हुए हैं, ताकि केरल का अस्पताल हो या मुम्बई की विशेष कसाब सेल… उनके AC में कोई खराबी न आने पाये…
Ab kya kahe hum.
आपने सच्ची खबर को सही परिप्रेक्ष्य में रख दिया है । अब फैसला देश की जनता करे जिस बार-बार धोखा खाना अच्छा लगता है । कांग्रेसी और वामपंथी अधिकांशत: नपुंसक हिन्दु हैं....जिनके लिए हिन्दुत्व महज़ गाली देने के लिए है । यहां होने वाली टिप्पणियों को देख कर ही समझ जाईए कि पडौसी के सडे माँस का भक्षण करने वाले लालची लोग अपने ही घर में भर पेट खा कर भी रुदन करते रहते हैं...
लगता है इस देश में राजनीति सबसे ऊपर है, शायद देश से भी ऊपर।
समान विचारधर्मी बहुत सारे लोग है उन्हे एक प्लेट्फ़ार्म की आश्यकता है जिस दिन मिलजायेगा उस दिन हमारे सपने सच होगें। प्रयत्न जारी रहे ।
They came...we sleep..and they conquered.
Alas...what to say.
हमें तो इस खबर की विश्वसनीयता पर पूरा भरोसा है जी.....बल्कि हम तो इस देश में इससे भी अधिक की उम्मीद करते हैं ।
इस खबर का सोर्स जानकर क्या करेंगे भाई, जिसे भरोसा हो वह मान ले, जिसे भरोसा न हो तो भाड़ खुली है शौक से जाये, मैं रोकने वाला नहीं
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भाड़ कहां है? देखना है वहां कौन कौन गया! :)
भारतीय नागरिक जी..हिन्दुओ के जब सुलगेगे तब सुलगेंगे.शायद आप के आपके अभी से सुलगने लगे..मजा आया कि नहीं..
हाजमा खराब हो चुका है आपके ब्लौग पर सच पढ़-पढ़ कर.. आज के जमाने में सच्ची में सच हजम नहीं होता है.. कितनी बार सच्ची बात लिखेंगे?
शिखंडियों की सरकारें शिखंडियों की ज़मात ! शिवराज पाटिल हो या चिदम्बरम । कोई थोडा तो कोई ज्यादा । जब तक मर्दों की सरकार नही बनती, देश की बिकवाली की सारी तरकीबें यूं ही होती रहेंगी बल्कि सिर पर चढी रहेंगी । मैने आपको यू ट्यूब पर देखी एक क्लिप भेजी थी जो सोशल साइट फेसबुक पर सर्कुलेट की जा रही थी । ज़रा इस पर अपने कमेंट दीजिये और देश से शिखंडीपन का निवारण कीजिये । क्लिप इस लिंक पर है : http://www.youtube.com/watch?v=tPIr0V3rDcw
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मानवाधिकारवादियों को बता दो केरल मे सब ठीक है और गुजरात सरकार को केरल से सीखने की अनुशंसा हो जाये तो तिस्ता एण्ड कंपनी को भी मज़ा आ जाये।
पकडे़ जाने के बाद हर अपरीधी का स्वास्थ खराब हो जाता है और उसे अस्पताल में पांच सितारा सुविधा दी जाती है :)
सादर वन्दे
इन देश के गुनाहगारों से बड़े इस देश के हरामखोर नेता हैं, उनका सोचना है देश चाहे भाड़ में जाये हमारी तो जेब भर ही रही है, अरे ये तो अपने माँ बेटियों को गिरवी रखने वाले लोग हैं, और ये सब तो इनके लिए सामान्य सी बात है.
लेकिन हमारा जागना भी जरुरी है,
रत्नेश त्रिपाठी
तुझे क्या कहें ऐ दोस्त मेरे, तेरा शहर ही कुछ अजीब है !!!
हमारे देश की ड्राइविंग सीट पर वे लोग बैठे हैं, जिन्हे अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए अपनी मां-बहन-पत्नी-बेटी की इज्जत भी नीलाम करने से कोई गुरेज नहीं...
ये मदनी और उसकी आतंकवादी पत्नी की ही सेवा नहीं करते, अपितु बस किसी मुल्ला के द्वारा घोषणा हो जाए कि "कसाब को बहुत दिनों से नारी स्वाद नहीं दिया जा रहा है, यह हम अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का हनन है" तो यूं जानिए, ये शिखंडी कांग्रेसी-मुलायमों-लालूओं इत्यादि में कसाब के लिए जेल में अपनी मां-बहन-बेटी भेजने की भी होड़ लग जाएगी। और ये सारे गला फाड़ते हुए चिल्लाना शुरू कर देंगे कि "हमीं हैं मुस्लिमों के सच्चे रहनुमा। देखो, हमीं ने सबसे पहले कसाब के कष्ट को देखते हुए अपनी मां-बहन-पत्नी-बेटी" को उसके पास भेजा है।"
पचास साल बाद जब कभी कसाब की स्वाभाविक मौत होगी और उसकी मज़ार पर लिखा होगा.. हज़रत मोहम्मद अजमल आमिर कसाब र.अ. 'मुंबई के ग़ाज़ी बाबा'जिन्होंने काफ़िरों को मौत देकर दीन का परचम बुलंद किया.
वहां हरेक साल बाक़ायदा उर्स होगा और कुल फ़ातेहा पढ़ी जाएगी जनाब. नेताजी आकर चादर चढाएंगे.
मदनी तो सपरिवार राष्ट्र की सेवा में लगा हुआ है भैये.
नीरज जी
सिर्फ़ नेता ही कसाब बाबा की मज़ार पर चादर नहीं चढाएंगे, हमारे और आपके बच्चे भी (अगर तब तक हिंदू रहे तो) वहां चादर चढाते और दुआ मांगते दिखेंगे. इंशाल्लाह. यह दुआ- "देश में इसी तरह धर्मनिरपेक्षता फलती-फूलती रहे. देश की गंगा-जमुना तहज़ीब कायम रहे."
SURESH JII
DESH KO EK AISE NAYE VIKALP KII JAROORAT HAI JO
SANSKAARII HO
LAALCH RAHIT HO
DESH SE PYAR KARTAA HO
BAHAADUR HO , AAPKE JAISA
DEKHO ISHWAR KYA CHAAHATAA HAI
नीरज बाबु ने सही लिखा है. लेकिन वे दिल्ली वाले हज़रत मोहम्मद अफज़ल गुरू साहब का उल्लेख करना भूल गए लगते हैं. वे भी बन जाएंगे, चादर वहीं चढाएंगे.
I am totally agreed with Neerajji, The.. & Pankaj Bangani.
नीरज दीवान सा'ब की टिप्पणी पढ़ कर मूँह खूला रह गया :) सा'ब आपने ही टिप्पणी की है न? विश्वास नहीं हो रहा.
बाकि आपकी बात से सहमत हूँ.
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