Saturday, December 6, 2008

क्या तारीखें कुछ कहती हैं? - एक माइक्रो पोस्ट

पहला SMS

13 मई – जयपुर विस्फ़ोट
जून माह – खाली
26 जुलाई – अहमदाबाद विस्फ़ोट
अगस्त माह – खाली
13 सितम्बर – दिल्ली विस्फ़ोट
अक्टूबर माह – खाली
26 नवम्बर – मुम्बई फ़ायरिंग और विस्फ़ोट
दिसम्बर माह – खाली (???) (उम्मीद पर दुनिया कायम है)

13 जनवरी को क्या होने वाला है?
कृपया 13 जनवरी को बहुत सावधान रहें… चौकन्ने रहें और चारों तरफ़ ध्यान रखें…

दूसरा SMS

क्या 26 तारीख भारत के लिये बहुत बुरी है?
26 दिसम्बर – सुनामी
26 जनवरी – कच्छ का भूकम्प
26 फ़रवरी – गोधरा काण्ड
26 जून – गुजरात की भयानक बाढ़
26 जुलाई – मुम्बई ट्रेन ब्लास्ट
26 सितम्बर – अहमदाबाद धमाके
26 नवम्बर – मुम्बई फ़ायरिंग और विस्फ़ोट

कौन- कौन से महीने खाली बचे हैं, उनकी तारीखों पर अपना खयाल रखियेगा…

SMS की दुनिया वाकई निराली है, लेकिन इससे एक बात साबित होती है कि उच्च शिक्षा का “अंकज्योतिष” से कोई लेना-देना नहीं होता तथा लोगों के पास इस तरह का विश्लेषण करने का समय भी होता है… मैंने भी सोचा कि एक माइक्रो-पोस्ट ठेल ही दूँ…

19 comments:

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

तारीखों का खेल कुछ कुछ समझ आ रहा है .

कुश said...

तारीख़े कह नही रही है.. डरा रही है

दीपक कुमार भानरे said...

सुरेश जी आपका विश्लेषण जरूर कुछ कहता है . यह जरूर गौर करने वाली बात है .

Himwant said...

मैने देखा है की एक शहर मे एक अपराधी गिरोह सप्ताह के किसी खास दो दिन अपराध करता था। वैसे ही इन जिहादीयो का भी कोई अन्धविश्वास हो सकता है, आतंकवाद निरोधी निकायो को अनुसंधान करना चाहिए .... लेकिन शायद ही उन्हे दुष्ट राजनेताओ के इशारे पर निर्दोष साधुओ को प्रताडीत करने के काम से फुर्सत मिले।

Anil Pusadkar said...

सही कह रहे हैँ कुश.

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

कौन- कौन से महीने खाली बचे हैं, उनकी तारीखों पर अपना खयाल रखियेगा....................

दिलीप गर्ग said...

निश्चित ही अगर ऐसा है तो अगली १३ जन. को ज्यादा सतर्कता की जरूरत है......

cmpershad said...

छः दिसम्बर तो शांत गया। देखें संकरान्त्री के पर्व पर क्या गुल खिलता है आपके गणित के हिसाब से!

Udan Tashtari said...

१३ जनवरी को लेकर इस गणित ने तो डरा ही दिया है. ह्म्म!!

prakharhindutva said...

dada,

26 yani 2+6=8
13 yani 1+3=4

4 rahu ka ank hai aur 8 shani ka, dono grah mlechch musalmano ke hain isliye yeh inhi dates par hamla karte hain...

visit my blog and comment

www.prakharhindu.blogspot.com

खैर अब सिद्ध करने या तर्क देने की कोई आवश्यकता नहीं क्योंकि कम्युनिस्टों का भेद अपने आप खुल चुका है।

इसलिए हे देशभक्तों!! जनता को रोटी कपड़ा और मकान को अहमियत और राष्ट्रवाद को ताक पर रखने वाली विचारधारा का अन्त समीप है। तुम्हें अपनी ठोकरों से साम्यवाद की गिरती दीवार पर प्रहार करके उसका खात्मा करना है।

sareetha said...

इस विश्लेषण को तुरंत समुंदर में डाल दीजिए । खुदा ना खास्ता अगला धमाका इन्हीं तारीखों में किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में हो गया , तो वहां की एटीएस आपके बीसियों नार्को करा डालेगी । आपके ब्लाग पर टिपियाने वालों की भी खैर नहीं होगी ।

ई-गुरु राजीव said...

डरे हुए लोगों को काहे डरा रहे हैं, प्रभु :)

ई-गुरु राजीव said...

वैसे ये गणित बिल्कुल ही सही है 4 और 8 वाली.

ई-गुरु राजीव said...

एक लेख लिख रहा हूँ उसके लिए आपकी सहायता चाहता हूँ यदि आप आपने ब्लॉग की पहली रचना (26 जनवरी वाली पूरी रचना) मुझे इ-मेल कर दें, तो अति कृपा होगी. आपको लिंक देकर प्रकाशित कर दूँगा और अन्य कई बड़े चिट्ठाकारों के लेख भी लिए गए हैं.

आपका विभास said...

mere blog per aapka sandesh padha... dhanyawaad...

aapne sahi soch per waar kiya hai... shayad ab aise bhi hone lage ki in taarikhon ke jaal mein police bhi ulajh jaye aur shayad sirf 13 ya 26 tarikh ko hi sangeeno k saaye dikhai dein...

sahi baat hai... is fer se ubarne ki zarurat hai...

COMMON MAN said...

पता नहीं क्या सही क्या गलत है, लेकिन जिस देश में लोग पुंसत्व विहीन और अपना स्वाभिमान और गरिमा खो चुके हों वहां कोई भी तारीख तेरह और छब्बीस बन सकती है.

G M Rajesh said...

vakai badi mehanat ki hai tareekhon ke maamle men

main blog par kafisamay se hun aur
http://rajeshghotikar.blogspot.com par lagaataar bana hua hun
aapne my father ko open kiya hai dhanywaad ki pitashre se aap vakif hue

ताऊ रामपुरिया said...

हमको तो डर लगने लगा है अभी से !

आशीष कुमार 'अंशु' said...

ANDHAVISHVAS KO BADHANE KE LIY .....

KYA KAHOO.