Sunday, October 5, 2008

सभी ब्लॉगर इस विवाह में आमंत्रित हैं… (अम्बुमणि रामदौस के साथ)

No Smoking Act Ambumani Ramdaus
2 अक्टूबर से नशामुक्ति अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने पर प्रतिबन्ध लग गया है। अतः इस अवसर पर सभी ब्लॉगरों से एक विवाह में शामिल होने का अनुरोध किया जाता है…

शुभ विवाह……… शुभ विवाह………… शुभ विवाह……
||अमंगलम् गुटखा खाद्यम धूम्रपानं, अमंगलं सर्वव्यसनम्||
||कराग्रे वसते बीड़ी, करमध्ये चुरुटम्, करमूले स्थितो गुटखायाः प्रभाते कर दर्शनम्||


दुर्भाग्यवती – बीड़ी कुमारी उर्फ़ सिगरेट देवी

कुपुत्री श्री तम्बाकूलाल एवं श्रीमती तेंदूपत्ता बाई
निवासी – 420, यमलोक हाऊस, दुःखनगर…

के संग

मृतात्मा – कैंसर कुमार उर्फ़ लाईलाज बाबू

कुपुत्र – श्री गुटखालाल जी एवं श्रीमती भांगदेवी
निवासी – गलत रास्ता, व्यसनपुर (नशाप्रदेश)

का अशुभ विवाह बड़े ही अमंगल समय पर तय हुआ है। अतः इस भयानक प्रसंग पर चाचा गांजासिंह, चाची अफ़ीम देवी, दादा हुक्काराम, दादी सुल्फ़ीदेवी, मामा चरसराम, मामी शराब देवी, देवर ड्रग कुमार, नाना चाय सिंह, नानी कॉफ़ीदेवी, ताऊ चूनाराम, फ़ूफ़ा जर्दाराम, जैसे खतरनाक बुजुर्गों की उपस्थिति में नवदम्पति को अभिशाप प्रदान करने हेतु सादर आमंत्रित हैं…

विवाह समय – अनिश्चित काल
विवाह स्थल – श्मशान घाट मैरिज गार्डन, चिन्ता भवन, कष्ट मोहल्ला, दुर्गति गली, दुःखनगर (जिला परलोकपुर)

दर्शनाभिलाषी
सेठ दमादास, श्रीमती टीबी बाई,
श्रीमती खांसीबाई एवं समस्त नशे की गोलियाँ
हेरोईन के सभी इंजेक्शन तथा कुख्यात पिच्च-थू परिवार

बाल मनुहार : “हमाली बदबूदाल बुआजी की छादी में जलूल-जलूल आना” - कटी-छिली सुपारी



बारातियों के लिये नोट –
1) बारात एम्बूलेंस से कैंसर अस्पताल होते हुए काल घड़ी में श्मशान घाट मैरिज गार्डन पहुँचेगी।
2) बारातियों का स्वागत चिलम के एक-एक सुट्टे से किया जायेगा व यमराज महाशय का आशीर्वाद मुफ़्त में मिलेगा।

आगंतुकों से अनुरोध है कि वे चाहें तो अपने ईष्ट मित्रों को भी साथ ला सकते हैं…

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16 comments:

दीपक भारतदीप said...

बहुत बढि़या लिखा है। मजेदार व्यंग्य।
दीपक भारतदीप

दिलीप कवठेकर said...

हम बड़े ही प्रसन्न हुए आपके यहां की शादी का आमंत्रण पाकर, मोगांबो तो बडा़ ही खुश हुआ होगा.

मगर बड़े ही सुख के साथ यह कहते हुए हमें दुख हो रहा है की हम इस शादी में आ नहीं सकेंगे.हम इस बिरादरी में त्याज्य है, अछूत है.(या यूं कहें कि इस समाज में हमारा हुक्का पानी बंद है!-literally)

मगर मेरे कुछ मित्र गण अवश्य पधारेंगे, वे थोडा़ अम्बुदास को गाली देनें के पावन कार्य में व्यस्त है.समय(?) आते ही वे ज़रूर शामिल हो जायेंगे.तब शायद आपको इनका भी लगे हाथ सामुहिक विवाह कराने का प्रेशर आ जाये!!

सतीश सक्सेना said...

आनंद आगया इस निमंत्रण को पाकर , इस कार्ड का और प्रचार होना चाहिए, सो आप इजाज़त दें कि आपके नाम के साथ इसकी चर्चा और जगह की जाए !

jitendra said...

Aapke Nimntran me nahi a sakte lekin khane ki vyavstha ho to jarur bataeyega...
Aapka Chitamani

रचना said...

excellent

neeshoo said...

बहुत सुन्दर लिखा आपने। पढ़कर मजा आ गया। अच्छी जानकरी पूर्ण

नितिन व्यास said...

बहुत ही बढिया! मेरे कुछ मित्र जरुर शामिल होंगे।

Satyajeetprakash said...

क्या खूब कहते हैं, क्या सुंदर लिखते हैं
फिर से कहें, फिर से लिखें
अच्छा लगता है. हिंदी ब्लॉगिंग सपना सच्चा लगता है..

Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा..क्या तरीका इज़ाद किया है इतना महत्वपूर्ण संदेश देने का. बधाई.

E-Guru Rajeev said...

बहुत ही करुण प्रसंग है. मुझे तो विदाई के नाम से ही चक्कर आ जाते हैं. इसके पहले की बिदाई की बात शुरू हो, मैं फूट लेता हूँ.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

भागो रे भागो... कोई लाल कार्ड इधर आता दिख रहा है।

(डरी हुई सिसकी)

PD said...

कहीं पढा हुआ सा लगता है.. शायद कहीं से फार्वार्डेड मेल के रूप में आया था साल-दो साल पहले..
धन्यवाद जो आपने इसे सभी तक पहूंचाया..

संजय बेंगाणी said...

बारात में जाने से चुक गया :)

COMMON MAN said...

bahut achcha nimantran hai, mahodaya

Suresh Chandra Gupta said...

बहुत खूब. हमारी अमंगल अकामनाएं.

Manoj K said...

नशे के दुष्परिणामों का चित्रण बहुत ही प्रभावी ढंग से, बधाई.