Tuesday, October 28, 2008

अगले 6 माह हिन्दुओं के लिये अपमानजनक और हिन्दू संगठनों के लिये परीक्षा के होंगे…

Hindu Organizations and Hindu Bashing for General Elections in India
मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी ने जब “राष्ट्रीय अनेकता परिषद” में सांप्रदायिकता का राग अलापा था उससे भी पहले से कांग्रेस में आत्ममंथन का दौर शुरु हो चुका था। आतंकवाद काबू में नहीं आ रहा, महंगाई आसमान छू रही है, शेयर मार्केट तलछटी में बैठ गया है, नौकरियाँ छिन रही हैं, केन्द्र की कांग्रेस सरकार जैसे-तैसे अमरसिंह जैसों के सहारे पर अपने दिन काट रही है। ऐसे में कांग्रेस और “सेकुलरों” को चिंता खाये जा रही है अगले आम चुनावों की। उन्हें भाजपा के सत्ता में लौटने का खतरा महसूस हो रहा है, इसलिये यह तय किया गया है कि पहले चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को पटखनी दी जाये और फ़िर लोकसभा के चुनावों में उतरा जाये।

“अनेकता परिषद” में जानबूझकर आतंकवाद का मुद्दा ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, लेकिन “सांप्रदायिकता” पर जमकर हल्ला मचाया गया, उसी समय आभास हो गया था कि अब चुनाव सिर पर आ गये हैं और कांग्रेस, “सेकुलर” तथा उनकी कठपुतली मीडिया सभी एक सुर में हिन्दुओं, हिन्दुत्व और हिन्दू संघटनों पर हमला करने वाले हैं। हवा में अचानक एक शब्द सुनाई देने लगा है, “हिन्दू आतंकवाद”, साध्वी प्रज्ञा सिंह और उनके साथी गिरफ़्तार किये गये, फ़िर खबरें छापी जाने लगी हैं कि “हिन्दू कट्टरपंथियों को भी विदेशों से बड़ी मात्रा में धन मिलता रहा है…”, विश्व हिन्दू परिषद पर प्रतिबन्ध लगाने की माँग भी जोर-शोर से उठने लगी है, कहने का तात्पर्य यह है कि बीते एक महीने में ही केन्द्र की कांग्रेस सरकार अचानक सक्रिय हो गई है, कानून-व्यवस्था चाक-चौबन्द करने के लिये कमर कसने लगी है, हिन्दुओं को बदनाम करने की साजिश शुरु हो चुकी है। यह सब आने वाले आम चुनावों का भय है और कुछ नहीं… इसलिये आने वाले अगले छह माह हिन्दुओं के लिये बेहद अपमानजनक और हिन्दूवादी संगठनों के लिये परीक्षा की घड़ी साबित होने वाले हैं।



सभी को याद होगा कैसे गत गुजरात चुनावों के ऐन पहले सारा का सारा बिका हुआ मीडिया नरेन्द्र मोदी के खिलाफ़ जहर उगलने लगा था, लगभग 3-4 माह तक लगातार नरेन्द्र मोदी को, उनकी नीतियों को, अहमदाबाद के दंगों को, भाजपा को, प्रवीण तोगड़िया को, संघ को सोच-समझकर निशाना बनाया गया था। NDTV जैसे “सेकुलर”(?) चैनल लगातार अपने-अपने महान पत्रकारों को गुजरात भेजकर नकली रिपोर्टिंग करवाते रहे, जब नतीजा सामने आया और मोदी भारी बहुमत से फ़िर मुख्यमंत्री बन गये तो सभी लोग वापस अपने-अपने बिलों में घुस गये। लगभग यही रणनीति इन चार विधानसभा चुनावों के पहले से ही शुरु कर दी गई है, और “हिन्दू आतंकवाद” नाम का शब्द इसी बड़ी रणनीति का हिस्सा है। बटला हाऊस पर मंडराते गिद्धों से आतंकित कांग्रेस ने मुस्लिम वोटों को गोलबन्द करने के लिये “गुजरात पैटर्न” पर काम करने का फ़ैसला लिया है। कौन कहता है कि “सिमी” और “अल-कायदा” का नेटवर्क बहुत मजबूत है? उस नेटवर्क से ज्यादा मजबूत है कांग्रेस-सेकुलर-मानवाधिकारवादी-मीडिया का मिलाजुला नेटवर्क… यकीन नहीं आता हो अगले कुछ ही दिनों में आपको इस नेटवर्क का असर महसूस होने लगेगा, शुरुआत की जा चुकी है, इलेक्ट्रानिक मीडिया, अखबार, ब्लॉग आदि के सहारे हिन्दुओं और हिन्दुत्ववादियों जमकर गरियाया जायेगा, उन्हें “जंगली बहुसंख्यक”, “आततायी”, “कट्टर”, “भेड़िये” आदि के खिताब दिये जायेंगे। मीडिया में चारों ओर “अल्पसंख्यकों पर अत्याचार” के किस्से आम हो जायेंगे, किसी बड़े हिन्दू संत या महात्मा के चरित्र पर कीचड़ या उनके बारे में कोई दुष्प्रचार किया जायेगा, आडवाणी, मोदी, विहिप, संघ आदि के बारे में अनाप-शनाप खबरें अखबारों में “प्लांट” की जाने लगेंगी… गरज कि सारे के सारे हथकण्डे अपनाये जायेंगे। NDTV, CNN-IBN, Times समूह जैसे “सेकुलर” मीडिया से कांग्रेस का मजबूत गठबंधन होने का जमकर फ़ायदा उठाया जायेगा। अफ़ज़ल गुरु को गोद में लेकर बैठने वाली कांग्रेस, भाजपा को पाठ पढ़ायेगी, सिंगूर-नन्दीग्राम में बेकसूरों को भूनने वाले वामपंथी नरेन्द्र मोदी को विकास पर लेक्चर देने लग जायेंगे, राज ठाकरे जैसे क्षुद्र स्वार्थी छुटभैये नेता कांग्रेस की छत्रछाया में मिलाजुला गेम खेलेंगे, और यदि किसी को यह सब कपोल-कल्पना मात्र लग रही हो तो वह जल्दी ही इसे वास्तविकता में बदलता हुआ देख लेगा। कांग्रेस के लिये यह आने वाले 6 महीने बहुत-बहुत महत्वपूर्ण हैं, उसके अस्तित्व पर भी प्रश्न चिन्ह लगने का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में वह “हर जरूरी” घटिया राजनैतिक कदम अवश्य उठायेगी, वरना आज कांग्रेस अकेले के दम पर सिर्फ़ आंध्रप्रदेश, हरियाणा और असम में है, हो सकता है कि कल ये भी ना रहे।

लेकिन आखिर में सभी को जनता के पास ही आना है, कोई कितने ही प्रयास कर ले आखिरी फ़ैसला तो जनता को ही करना है, हिन्दुओं के सामने विकल्प बहुत ही सीमित हैं। हालांकि जब 60 साल में कांग्रेस को पूरे देश से धकियाकर सिर्फ़ तीन-चार राज्यों में सीमित कर दिया गया है तो हो सकता है कि अगले 40 साल में कांग्रेस का कोई नामलेवा ही न रहे। 2 अक्टूबर को गाँधी जयन्ती के अवसर पर निकलने वाली प्रभात फ़ेरी में इस बार कुल 13 कांग्रेसी थे, जबकि 15-20 दिन बाद दशहरे पर निकलने वाले संघ के पथसंचलन में 130 बाल-सेवक और 1300 स्वयंसेवक ही थे। हिन्दुओं को विचारधारा का यह विशाल अन्तर लगातार और निरन्तर बनाये रखना होगा, जमीनी स्तर पर अपना काम करते रहना होगा, जिस तरह वक्त आने पर “मीडिया प्रायोजित दुष्प्रचार” को गुजरात की जनता ने जवाब दिया, वैसा ही जवाब आने वाले लोकसभा चुनाव में जनता दे तभी कोई बात बनेगी। देश को जितना बड़ा खतरा आतंकवादियों या जेहादियों से नहीं है, उतना अपने ही बीच में सेकुलर के भेष में बैठे हुए “घर के भेदियों” से है। अंग्रेजी का एक शब्द है “Enough is Enough”, तो अब भारत का स्वाभिमान जगाने तथा उसे “इंडिया” से “भारत” बनाने का समय आ रहा है… लेकिन उसके लिये सबसे पहले हिन्दुओं का एकजुट होना जरूरी है, और कुछ ताकतें इसके लिये काम करने वाले संगठनों को तोड़ना-मरोड़ना चाहती हैं…

एक बार पहले भी दीवाली के दिन ही शंकराचार्य को गिरफ़्तार करके एक खेल खेला गया था, अब भी दीवाली से ही “अनर्गल प्रचार” नाम का खेल शुरु किया गया है… सो अगले 6 माह के लिये इन “जयचन्दों” की गालियों, शब्दबाणों, उपमाओं आदि को झेलने के लिये तैयार हो जाईये… अधिकतर मुसलमान तो अपने ही भाई हैं, लेकिन यदि आप अपने देश से प्रेम करते हैं तो “कांग्रेसी और सेकुलर” नाम के दो लोगों से सावधान हो जायें…

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21 comments:

COMMON MAN said...

bilkul theek likh rahe hain aap, lekin isme kuchh hamare dalit bhaion ko bhi samjhana padega, kyonki jaise hi ek hone ki baat ki jaati kuchh swarthi tatv turant ise sawarn banaam dalit ka naam de dete hain, lekin yah baat theek hai ki agar ab bhi nahi chete to astitiva hi mit jaayega.

Udan Tashtari said...

आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

समीर लाल
http://udantashtari.blogspot.com/

ummed Singh Baid "saadahak " said...

यह घर दो का वास है, बेटा और जमाई.
हिन्दू माँ का लाल है, मुसलमान जमाई.
मुसलमान जमाई,उसको कुछ मत कहना.
चाहे जितने जुल्म करे पर चुप ही रहना.
कह साधक कवि,राजनिती को यही रास है.
बेटा और जमाई यह घर दो का वास है.

वेद रत्न शुक्ल said...

"कौन कहता है कि 'सिमी' और 'अलकायदा' का नेटवर्क बहुत मजबूत है? उस नेटवर्क से ज्यादा मजबूत है कांग्रेस,सेकुलर,मानवाधिकारवादी और मीडिया का नेटवर्क है..." लाल झण्डा वाले तानाशाह भी इस सिंडीकेट की अहम कड़ी हैं। उसी में मुलायम और लालू जैसे कुर्सी प्रेमी और सिद्धान्तविहीन नेता भी शामिल हैं।

Mired Mirage said...

समय की यह भी पुकार है कि हम सब एकजुट होकर उन सभी को, जो भारतीयों को, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या प्रदेश के हों, मूर्ख समझकर आपस में भिड़वा रहे हैं, यह दिखा दें कि हम मूर्ख नहीं हैं ।
आपको व आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ।
घुघूती बासूती

संजय बेंगाणी said...

इसकी आशंका पहले से ही थी. चुनाव परिणाम भारत का भाग्य तय करेंगे. मीडिया को लोग नेताओं से ज्यादा विश्वसनीय नहीं मानते.

Anil Pusadkar said...

सत्य वचन भाऊ।शुभ-दीवाली।

Gyan Dutt Pandey said...

अभी प्रारम्भ है। देखें आगे क्या होता है।

main chup nahi rahonga said...

तुष्टिकरण कौन नहीं कर रहा . हिन्दू का हितेषी कौन ? कोई नहीं . भाजपा भी मुस्लिम वोटो के किये मुख्तार नकवी ,शहबुदीन जैसे लोगो को दमाद का दर्जा देते है

चन्दन चौहान said...
This comment has been removed by the author.
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

अच्छी पोस्ट...।
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!॥!दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!॥!
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Satyajeetprakash said...

सुरेश जी,
यदि एनडीटीवी के विनोद दुआ, विकास के साबुन से गुजरात दंगों के खून धोने की बात नहीं करते तो उन्हें पद्मश्री कैसे मिलती,
आपने इस संत का नाम तो लिया ही नहीं.
ये महाशय, साध्वी प्रज्ञा सिंह के गिरफ्तार होते ही,
अपने मुख-तोप से, मुख में राम- बगल में बम के गोले छोड़ने लगे.
इनकी हिम्मत है तो अफजल जैसे आतंकवादी को फांसी देने की बात करते.
प्रज्ञा सिर्फ गिरफ्तार हुई है, उस पर आरोप लगा है, कोर्ट ने अभी तक उसे दोषी नहीं ठहराया है, लेकिन हमारी महान सेक्युलर मीडिया ने तो हिंदू आतंकवादी के नाम से दर्जनों घंटे का एपीसोड चला दिया.
एनडीटीवी, सीएनएन-आईबीएन, आईबीएन-7 जैसे चैनल तो इसी दुष्प्रचार के लिए पैदा ही हुए हैं.

सुमन्त मिश्र ‘कात्यायन’ said...

बन्धु,तीन व्यक्ति आप का मोबाइल नम्बर पूँछ रहे थे।मैनें उन्हें आप का नम्बर तो नहीं दिया किन्तु आप के घर का पता अवश्य दे दिया है।वे आज रात्रि आप के घर अवश्य पहुँचेंगे।उनके नाम हैं सुख,शान्ति और समृद्धि।कृपया उनका स्वागत और सम्मान करें।मैने उनसे कह दिया है कि वे आप के घर में स्थायी रुप से रहें और आप उनकी यथेष्ट देखभाल करेंगे और वे भी आपके लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे।प्रकाश पर्व दीपावली आपको यशस्वी और परिवार को प्रसन्न रखे।

Suresh Chandra Gupta said...

आपने बहुत सही विश्लेषण किया है. मैं तो हमेशा से यही मानता हूँ कि कांग्रेस इस देश की सब से बड़ी साम्प्रायिक पार्टी है. साम्प्रादायिकता का बीज इस ने बोया, अपने शासन काल में खूब खाद-पानी दे कर उसे एक पौधा बनाया, और अब उस पौधे के फल खाने की कवायद शुरू कर दी है. पिछले पाँच वर्षों में एक विदेशी महिला की रहनुमाईं में कांग्रेस ने भारतीय समाज में हर मूल्य का अवमूल्यन किया है, आम आदमी की जिंदगी को कठिन और कठिन बना दिया है. मुसलमान कांग्रेस को वोट देंगे या नहीं, यह तो वक्त बताएगा, पर उन के वोटों के लिए यह पार्टी कितना नफरत का जहर उगलेगी उस की कोई सीमा नहीं होगी. आप सच कहते हैं कि आने वाला समय हिन्दुओं के लिए एक कठिन परीक्षा का समय होगा.

आपमान तो हिन्दुओं और उन के धर्म का कोई क्या करेगा, पर सावधान रहने की जरूरत है. हिन्दुओं को याद रखना चाहिए कि हिंदू धर्म के विरोधी सूरज पर थूक रहे हैं, उनका थूक उन के मुंह पर ही गिरेगा.

कोई कितना भी उकसाय , हिन्दुओं को अपना संयम नहीं खोना चाहिए. हिंदू धर्म की परस्पर प्रेम और आदर की परम्परा बनाये रखनी चाहिए. ईश्वर एक है, अलग-अलग लोग उसे अलग-अलग नामों से पुकारते हैं. रास्ते अलग हो सकते हैं पर मंजिल सभी की एक है. कोई किसी भी रास्ते से जाय, ईश्वर उसे समभाव से स्वीकार करेगा.

Ghost Buster said...

बढ़िया लताड़. शानदार लेखन. दिमाग से सोचने वालों के लिए असहमति की कोई गुंजाईश नहीं.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

आपकी बेबाक लेखनी की धार का जवाब नहीं है। बहुतेरे राष्ट्रप्रेमियों की आत्मा की आवाज है इस आलेख में। लिखते रहिए...।

इलेक्ट्रानिक मीडिया के अधिकांश चैनेलों का स्वांग अब खुल चुका है। नंगी होकर भी निर्लज्जता से नाच रही है यह। अब केवल पैसा कमाना इसका उद्देश्य रह गया है; और कांग्रेस के पास अब भी बहुत पैसा है।

pradeepmalikhandwa said...

बहुत अच्छा लिखा है ये वही मीडिया और सरकार है जो अभजल गुरु को सजा मिलने के बाद भी बेकसूर मानती है और बचाने की कोशिस में लगी रहती है । लेकिन एक छात्र की चोरी गई गाड़ी का कही बम विस्फोट में स्तेमाल होने पर छात्र को तथा एक भाषण के वीरांगना की तरह भाषण देने पर एक साध्वी को एवं साध्वी की सभा में जाने पर जाने वालो को आतंकवादी साबित कर देती है एक बम विस्पोट में किसी हिंदू पर शक होने भर पर समस्त हिंदूवादी को आतंकवादी साबित कर देती है, पर सिमी के गुंडों के लिए वकीलों की व्यवस्ता करने लगती है इस सरकार और मीडिया से और क्या उम्मीद की जा सकती है इसके रहनुमाओ को हिंदू कहलाने में सरम आती है पर आतंकवादियो से सहानुभूति रखते समय सरम नही आती ये तो सच ही कहा है आपने की आने वाला समय हिन्दुओ तथा राष्ट्रवादियों के लिये अपमानजनक तथा परीक्षा के होंगे पर हम चाहिए की इन सब बातो को चुपचप सहन नही करना है और ईट का जवाब पत्थर से देना है तब ही धर्म तथा राष्ट्र की रक्षा है नही तो ये लोग एक ऐसा भारत बना देगे जिसकी कोई पहचान नही होगी तथा ये भारतमाता के टुकड़े टुकड़े कर देगे पर हमें चाहिए की हम उनकी नापाक कोसिस को कभी कामयाब नही होने दे । और हम एक अखंड भारत के लिए प्रयतनशील रहे और इस बिकी हुई मीडिया के बहकावे में न आए

pradeepmalikhandwa said...

बहुत अच्छा लिखा है ये वही मीडिया और सरकार है जो अभजल गुरु को सजा मिलने के बाद भी बेकसूर मानती है और बचाने की कोशिस में लगी रहती है । लेकिन एक छात्र की चोरी गई गाड़ी का कही बम विस्फोट में स्तेमाल होने पर छात्र को तथा एक भाषण के वीरांगना की तरह भाषण देने पर एक साध्वी को एवं साध्वी की सभा में जाने पर जाने वालो को आतंकवादी साबित कर देती है एक बम विस्पोट में किसी हिंदू पर शक होने भर पर समस्त हिंदूवादी को आतंकवादी साबित कर देती है, पर सिमी के गुंडों के लिए वकीलों की व्यवस्ता करने लगती है इस सरकार और मीडिया से और क्या उम्मीद की जा सकती है इसके रहनुमाओ को हिंदू कहलाने में सरम आती है पर आतंकवादियो से सहानुभूति रखते समय सरम नही आती ये तो सच ही कहा है आपने की आने वाला समय हिन्दुओ तथा राष्ट्रवादियों के लिये अपमानजनक तथा परीक्षा के होंगे पर हम चाहिए की इन सब बातो को चुपचप सहन नही करना है और ईट का जवाब पत्थर से देना है तब ही धर्म तथा राष्ट्र की रक्षा है नही तो ये लोग एक ऐसा भारत बना देगे जिसकी कोई पहचान नही होगी तथा ये भारतमाता के टुकड़े टुकड़े कर देगे पर हमें चाहिए की हम उनकी नापाक कोसिस को कभी कामयाब नही होने दे । और हम एक अखंड भारत के लिए प्रयतनशील रहे और इस बिकी हुई मीडिया के बहकावे में न आए

sareetha said...

पिछले डेढ हज़ार सालों से हिन्दू यही सब झेल रहा है । हाल के बरसों में इलेक्ट्रानिक मीडिया खुद को तरक्की पसंद साबित करने की जद्दोजहद में कब इस कुत्सित प्रयास का हिस्सा बन गया ,उसे भी मालूम ही नहीं चला । साध्वी प्रज्ञा सिंह को हिन्दू आतंकवादी साबित कर कांग्रेस मूल मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है । लेकिन दुखद है कि हिन्दूओं के कंधों पर चढकर सत्ता पाने वालों ने साध्वी से किनारा कर लिया है । संस्कारों की दुहाई देने वाले हिन्दूओं की दोहरी मानसिकता ही सारे फ़साद की जड है ।

lata said...

bat yahan hindu aur musalman ki nahi hai, ek aam admi vo chahe hindu ho ya musalman sabhi ek jaise hi apne kam se kam rakhne wale hain. sachet to hame congressiyon aur kathit dharmnirpekshon se hona hai.
ab to had hi ho gai hai is ghatiya congress sarkar ki, na koi sharm hai na hi JANTA ka koi dar, besharmon ki tarah desh ko todne aur bechne me vyast hain, kisi ki koi jawabdehi nahi ki desh me jo roz-roz bomb-blast ho rahe hain aur aam admi mara ja raha hai uska uttardayi kaun hai. 5sal se baith ke malai vo kha rahe hain aur aam admi sadak par mara ja raha hai. In besharmon ko to inke pure khnadan sahit bengal ki khadi me fenk dena chahiye. Deshtoduon ko kuch nahi mila to ab duniya me HINDU AATANKWADI paida kar ke dikha rahe hain. Sachmuch ab hame ekjut hone ki sakht zarurat hai.

Yusuf said...

jab tak hinduon ka apmaan nahi hoga bjp ko samany hinduon ka vote kaise milega