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Sunday 6 January 2008

स्टीव बकनर पगला गये हैं और शरद पवार…???

Bucknor Umpiring Sharad Pawar Indian Cricket

जिस किसी ने सिडनी का टेस्ट मैच देखा होगा, वह साफ़-साफ़ महसूस कर सकता है कि भारत की टीम को हराने के लिये ऑस्ट्रेलिया 13 खिलाड़ियों के साथ खेल रहा था दोनों अम्पायर जिनमें से स्टीव बकनर तो खासतौर पर “भारत विरोधी” रहे हैं, ने मिलकर भारत को हरा ही दिया पहली पारी में चार गलत निर्णय देकर पहले बकनर ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को ज्यादा रन बनाने दिये, और आखिरी पारी में दो गलत निर्णय देकर भारत को ऑल-आऊट करवा दिया सबसे शर्मनाक तो वह क्षण था जब गांगुली के आऊट होने के बारे में बकनर ने पोंटिंग से पूछ कर निर्णय लिया वैसे ही बेईमानी के लिये कुख्यात ऑस्ट्रेलियाई कप्तान क्या सही बताते? ठीक यही बात हरभजन के नस्लभेदी टिप्पणी वाले मामले में है, साफ़ दिखाई दे रहा है कि यह आरोप “भज्जी” को दबाव में लाने और फ़िर भारतीय टीम को तोड़ने के लिये लगाया गया है खेल में ‘फ़िक्सिंग’ होती है, होती रहेगी, लेकिन खुद अम्पायर ही मैच फ़िक्स करें यह पहली बार हुआ है शंका तो पहले से ही थी (देखें सायमंड्स सम्बन्धी यह लेख) कि इस दौरे पर ऐसा कुछ होगा ही, लेकिन भारत से बदला लेने के लिये ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इस स्तर तक गिर जायेंगे, सोचा नहीं था…

इस सबमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि “महान भारत की महान की परम्परा”(??) के अनुसार भारत के कंट्रोल बोर्ड ने अम्पायरिंग की कोई शिकायत नहीं करने का फ़ैसला किया है नपुंसकता की भी कोई हद होती है, और यह कोई पहली बार भी नहीं हो रहा है… याद कीजिये पाकिस्तान में हुए उस मैच को जिसमें संजय मांजरेकर को अम्पायरों ने लगभग अन्धेरे में खेलने के लिये मजबूर कर दिया था, लेकिन हमेशा ऐसे मौकों पर भारतीय बोर्ड “मेमना” बन जाता है जरा श्रीलंका के अर्जुन रणतुंगा से तो सीख लेते, कैसे उसने मुरली का साथ दिया, जब लगातार अम्पायर उसे चकर घोषित कर रहे थे और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस पर नस्लभेदी टिप्पणी कर रहे थे रणतुंगा समूची टीम के साथ मैदान छोड़कर बाहर आ गये थे और फ़िर आईसीसी की हिम्मत नहीं हुई कि जिस मैच में श्रीलंका खेल रहा हो उसमें डेरेल हेयर को अम्पायर रखे

लेकिन कोई भी बड़ा और कठोर निर्णय लेने के लिये जो “रीढ़ की हड्डी” लगती है वह भारतीय नेताओं में कभी भी नहीं थी, ये लोग आज भी गोरों के गुलाम की तरह व्यवहार करते हैं… शर्म करो शरद पवार… यदि अब भी टीम का दौरा जारी रहता है तो लानत है तुम पर…तुम्हारे चयनकर्ताओं पर जो अब ऑस्ट्रेलिया घूमने जा रहे हैं… और दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड के अरबों रुपये पर…

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