Thursday, January 24, 2008

ब्लॉगिंग का एक वर्ष – शुक्रिया पाठकों और दोस्तों

Blogs and Hindi Blogging

26 जनवरी 2007 को मैंने अपना सबसे पहला ब्लॉग लिखा था, तब से आज तक इसकी लत बदस्तूर लगी हुई है, और “लत” कोई भी हो आसानी से छूटती भी नहीं और चैन से रहने भी नहीं देती। बीते एक वर्ष में काफ़ी कुछ लिखा (शायद अच्छा भी और बुरा भी)। कई नये दोस्त बने, काफ़ी कुछ सीखने को मिला, नये-नये औजार पता चले, कुछ ब्लॉगरों (सागर नाहरजी, दीपक भारतदीप जी, भुवनेश शर्मा जी) से व्यक्तिगत मुलाकात भी हुई। कुल मिलाकर मेरी नजर से यह पहला साल हलचलों भरा रहा, एक वर्ष में लगभग 175 से ज्यादा पोस्ट लिखीं। सन 1991 से “नईदुनिया” में एक शौकिया लेखक के रूप में काफ़ी लिख चुकने के कारण और सभी विषयों में रुचि होने के कारण विविध रंगों में, विभिन्न विषयों पर लिखा।

हालांकि मेरे पसन्दीदा विषय राजनीति, समाज, फ़िल्में, क्रिकेट, अंधविश्वास आदि हैं, फ़िर भी मैंने व्यंग्य लिखे, हास्य लिखे, पर्यावरण सम्बन्धी एक-दो लेख भी लिखे… गरज कि जिस किसी विषय ने मेरे दिल को छुआ, मन को मथा, दिमाग को झनझनाया…मैंने सभी पर लिखा…। किसी भी विषय पर लिखते समय मैंने हमेशा यह ध्यान रखा कि विषय का कोई भी सिरा अधूरा सा न लगे, या कोई पहलू छूट न जाये, इसके चलते मेरे सभी लेख काफ़ी लम्बे-लम्बे बन पड़े हैं, कुछ लेखों को तो मुझे श्रृंखलाबद्ध रूप में देना पड़ा। “सोनिया गाँधी एवं गाँधी परिवार” के बारे में, “ज्योतिष, ज्योतिषी और अंधविश्वास” के बारे में, “भाषा, वर्णमाला और उच्चारण” सम्बन्धी लेखमाला (देखें ब्लॉग का साइड बार) पर काफ़ी वाद-विवाद हुए, कई अच्छे-बुरे ईमेल मिले, सुझाव मिले, लेकिन कुल मिलाकर बहुत मजा आया।

इस अवसर पर मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ अपने 38 सब्सक्राईबर पाठकों का और अन्य लगभग 14000 बार क्लिक करने वालों का, जिनके विश्वास और प्रेम के बल पर मेरा यह शौक परवान चढ़ रहा है। साथ ही धन्यवाद है सभी दोस्तों (सर्वश्री उड़न तश्तरी, ई-पंडित, संजीत त्रिपाठी, अरुण अरोरा, सागर नाहर, मैथिली जी, प्रमेन्द्र प्रताप सिंह, जीतू, शास्त्री जी सारथी, अनुनाद सिंह, काकेश, संजय पटेल, संजय बेंगाणी, यूनुस भाई, रजनीश मंगला, शानू जी, अनीता कुमार जी आदि) का जिन्होंने समय-समय पर मेरा मार्गदर्शन किया, तकनीकी मदद दी, मेरा हौसला बढ़ाया…उम्मीद है कि आप सभी की शुभकामनायें और सलाह मेरे साथ आगे भी रहेंगी…

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15 comments:

प्रमेन्‍द्र प्रताप सिं‍ह said...

सर्वप्रथम बधाई स्‍वीकार कीजिऍं, आप दिनों दिन लिखे और हम सब को पढ़ाते रहे बस यही कामना है।

आपके ब्‍लागवा पर आपन नाम देख के अच्‍छा लगा, बधाई

Gyandutt Pandey said...

आपका ब्लॉग और आपका सटायर तो सदा याद रहता है। बहुत इम्प्रेसिव है आपका लेखन। बधाई।

yunus said...

बधाई हो । इसी तरह सिलसिला जारी रहे । हृदय से शुभकामनाएं ।

Manisha said...

वर्ष पूरा करने पर आपके बधाई। ऐसे ही लिखते रहिये।

मनीषा
हिंदीबात

अविनाश वाचस्पति said...

आपके ब्लोगिंग के एक वर्ष
पूरा होने से 2 दिन पहले
भरपूर बधाई लो.

उन्मुक्त said...

सालगिरह मुबारक।

भुवनेश शर्मा said...

बधाई.

जारी रखिए...मुरीदों में हम भी हैं.

anitakumar said...

सुरेश जी बधाई हो एक साल का हो गया आप का ब्लोग्…भगवान करे आप का ब्लोग सौ साल जिए

mamta said...

एक साल पूरा करने की बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

Sanjeet Tripathi said...

देखो "प्रभु" ऐसा है कि आपकी लेखनी से ही आक्रोश से ही झलकता है, अपने आसपास से,व्यवस्था से आक्रोशित। तो आपका यह आक्रोश सदा ऐसे ही जीता रहे, आपका आक्रोश जितने दिन बना रहेगा हमें आपकी लेखनी से वैसा ही पढ़ने को मिलता रहेगा
बधाई व शुभकामनाएं
"सुनील" ;)

Mired Mirage said...

एक साल पूरा करने के लिए बधाई । आशा है आप ऐसे ही लिखते रहेंगे ।
घुघूती बासूती

Raviratlami said...

बधाई. आपसे आशाएँ बहुत हैं. उम्मीद है अगले साल दोगुना लिखेंगे.

संजय बेंगाणी said...

हिन्दी ब्लॉगिंग के लिए आप बहुत मूल्यवान है. वर्षगाँठ पर बहुत बहुत बधाई, शुभकामनाएँ.

संगीता पुरी said...

बधाई स्‍वीकार कीजिए।

arun arora said...

बधाईया जी हम यादो में सही आप के साथ है और हमेशा रहेगे भी .
बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी
मेल से ही सही पर बात तो होगी
आपका
अरुण अरोरा