Friday, July 13, 2007

टेलीमार्केटिंग से बचने के तरीके

आजकल टेलीमार्केटिंग कम्पनियों का जमाना है, रोज-ब-रोज कोई ना कोई बैंक, इंश्योरेंस, फ़ाईनेंस एजेन्सी आदि-आदि फ़ोन कर-कर के आपकी नींद खराब करते रहते हैं, ब्लडप्रेशर बढाते रहते हैं, और आप हैं कि मन-ही-मन कुढते रहते हैं, कभी-कभी फ़ोन करने वाले को गालियाँ भी निकालते हैं, लेकिन अब पेश है कुछ नये आईडिया इन टेलीमार्केटिंग कम्पनियों से प्रभावी बचाव का - इनको आजमा कर देखिये कम से कम चार तो आपको पसन्द आयेंगे ही -

(१) जैसे ही टेलीमार्केटर बोलना बन्द करे, उसे तत्काल शादी का प्रस्ताव दे दीजिये, यदि वह लड़की है तो दोबारा फ़ोन नहीं आयेगा, और यदि वह लड़का है तो शर्तिया नहीं आयेगा ।
(२) टेलीमार्केटर से कहें कि आप फ़िलहाल व्यस्त हैं, तुम्हारा फ़ोन नम्बर, पता, घर-ऑफ़िस का नम्बर दो, मैं अभी वापस कॉल करता हूँ..
(३) उसे, उसी की कही तमाम बातों को दोहराने को कहें, कम से कम चार बार..
(४) उसे कहें कि आप लंच कर रहे हैं, कृपया होल्ड करें, फ़िर फ़ोन को प्लेट के पास रखकर ही चपर-चपर खाते जायें, जब तक कि उधर से फ़ोन ना कट जाये..
(५) उससे कहिये कि मेरी सारे हिसाब-किताब मेरा अकाऊंटेंट देखता है, लीजिये उससे बात कीजिये और अपने सबसे छोटे बच्चे को फ़ोन पकडा़ दीजिये...
(६) उससे कहिये आप ऊँचा सुनते हैं, जरा जोर से बोलिये (ऐसा कम से कम चार बार करें)..
(७) उसका पहला वाक्य सुनते ही जोर से चिल्लाईये - "अरे पोपटलाल, तुम... ! माय गॉड, कितन दिनों बाद फ़ोन किया,,,, और,,,,, और,,,,,, बहुत कुछ लगातार बोलिये... फ़िर वह कहेगा कि मैं पोपटलाल नहीं हूँ, फ़िर भी मत मानिये, कहिये "अरे मजाक छोड़ यार...." । अगली बार फ़ोन आ जाये तो गारंटी...
(८) उससे कहिये कि एकदम धीरे-धीरे बोले, क्योंकि आप सब कुछ हू-ब-हू लिखना चाहते हैं, फ़िर भी यदि वह पीछा ना छोडे, तो एक बार और उसी गति से रिपीट करने को कहें....
(९) यदि ICICI से फ़ोन है तो उसे कहिये कि मेरे ऑफ़िस के नम्बर पर बात करें और उसे HSBC का नम्बर दे दें...

आजमा कर देखिये और मुझे रिपोर्ट करें (फ़ोन पर) :)

3 comments:

अरुण said...

सुरेश भाइ ये तुम दिन भर लोगो को मेरा न. दे रहे हो गलत बात है,मै अब समझा की जो फ़ोन आता है सुरेश जी बोल रहे है. क्यो पूछते है..?बहुत ही सिरे से गलत बात है,देना है तो समीर भाइ का दो,..:)

Udan Tashtari said...

हा हा, मजेदार तरीके. इसी पर कभी हमने भी लिखा था वो भी अजमा लेना:

http://udantashtari.blogspot.com/2007/05/blog-post.html

:)

Sanjay Tiwari said...

कारगर नुख्से.
कुछ का पालन जरूर करेंगे. सोचते हैं इसको छापकर भी कुछ लोगों में बांट दिया जाए.