Monday, June 25, 2007

बीबियाँ ऐसे धमकाती होंगी ?

हमेशा उत्सुकता होती है कि किसी प्रोफ़ेशन को लेकर बीबियाँ कैसे अपने-अपने पतियों को धमकाती होंगी ?

पायलट को : उडा़कर रख दूँगी
मन्त्री को : बस बहुत हुए आश्वासन
शिक्षक को : मुझे मत सिखाओ
पेंटर को : चेहरा लाल कर दूँगी
कारपेंटर को : ठोक कर सीधा कर दूँगी
डेंटिस्ट को : दाँत निकालकर हाथ में दे दूँगी
अभिनेता को : बस बहुत हुआ तुम्हारा नाटक
किराने वाले को : मुझे पुडिया मत दो, मैं तुम्हें खूब समझती हूँ
कम्प्यूटर वाले को : खबरदार, सारी हार्ड डिस्क फ़ॉरमेट कर दूँगी
ठेकेदार को : क्या मैंने तुम्हारा ठेका लिया है
मैकेनिक को : सारे नट-बोल्ट कस के रख दूँगी
धोबी को : ज्यादा चूं-चपड की तो धोकर रख दूँगी

और अन्त में...
ब्लॉगर को : तुम्हारा कच्चा चिठ्ठा खोलकर रख दूँगी..

ब्लॉगर बन्धु अपने-अपने "अनुभवों" पर आधारित टिप्पणियाँ इसमें जोड़ सकते हैं.... :)

8 comments:

Udan Tashtari said...

टिप्पणिकार को-ज्यादा न टिपियाओ!!

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव said...

अच्छा रिसर्च किया है। जिन बीवियों को अभी तक नहीं पता है, उनके लिए तो बहुत ही फायदेमंद

Mired Mirage said...

हाय ! बड़ी आस लेकर आई थी कि आज तो कैसे धमकाऊँ सीख ही जाऊँगी । पर यहाँ तो अपने काम का कुछ भी नहीं है । शायद हमारे पतिदेव के प्रोफेशन वालों को कोई बीबी नहीं
धमकाती ।
घुघूती बासूती

अरुण said...

टिपियाना बाद मे.पहले ये बताओ खाने का क्या जुगाड किया है,सुरेश भाइ तुम भाभी से ऐसे ही पंगा लेने वाले नही हो

mamta said...

लो आपने तो हमारी आशाओं पर पानी ही फेर दिया। रिसर्च कुछ अधूरा सा लग रहा है।

संजय बेंगाणी said...

घुघुतीजी व ममताजी अपने अपने "उनके" प्रोफेशन के बारे में बतायें, सुरेशजी आपका मार्गदर्शन करेंगे.
वैसे इस प्रकार मार्गदर्शन करना भी एक प्रोफेशन हो सकता है :)

विकास कुमार said...

मार्गदर्शक को: सीधे रास्ते आ जाओ वरना...!
कवि को: जिंदगी कल्पना बना दूँगी।
लेखक को: थोबडे पर लेख लिख दूं क्या??
शिक्षक को: आ तुझे लात मारना सिखाती हूँ... :P

sunita (shanoo) said...

बेकार की बात है ये सब अपने-अपने बिल में चूहा भी देखो तो शेर होता है...धमकाने की बात छोडो़ आजकल नखरो की बात करो जनाब...अगला टोपिक लिखिये...पतियों के नखरे...:)


शानू