Friday, April 13, 2007

'सर्किट' की शादी का विज्ञापन

सर्किट भाई को भी शादी करना है लेकिन कोई लडकी उनकी टक्कर की नहीं मिल रही, इसलिये उन्होंने मुम्बई के एक लोकल अखबार में शादी के लिये विज्ञापन दिया है... पढें और लडकी सुझायें..
सलाम भाई लोग.. अपुन सर्किट !! उम्मर तीस साल, वजन अस्सी किलो और छः फ़ुट हाईट है...क्या..! अबी वो बोले तो क्या है के अपुन को भी लाईफ़ में सेटल होना मांगता है, इसके वास्ते ये एड्स दे रयेला है छापे में... अपुन मानता है ना के अपुन भी टपोरी है, बहोत लोग का पुंगी बजायेला है, मगर क्या है ना बाप..अपुन का भी इज्जत है मारकीट में.. अपुन को भी पब्लिक शादी-आदी में बुलाती है, बडा-बडा बिल्डर लोक के पास में अपुन बैठता है ना..साल भर में पाँच-छः पेटी तो आराम से अन्दर कर डालता है..बुरी आदत बोले तो दारू और बीडी.. अब वो कोन नईं पीता होयेंगा.. अक्खा बडा लोग भी अपुन पार्टी में टुन्न होता देखा है.. साला वो लोग भी अपुन से ज्यादा चडा लेता है.. अब छोकरी..बोले तो.. अपुन को अईसी चईये के साथ में निकले तो पब्लिक की जल के राख हो जावे..बोले तो एकदम पटाखा.. थोडी पढी-लिखी भी मांगता है, क्योंकि साला ये चुनाव में फ़ोरम भरने वास्ते पच्चीस लोग का हात जोडना पडता है..अपुन शादी के बाद एकदम सुधर जायेंगा..ईमान से..अपुन का बच्चा लोग को भी पढा-लिखा टपोरी बनायेंगा..बोले तो टपोरी इंजीनियर, टपोरी कम्पूटर वाला..और एक बात.. देखो बाप अपुन को शादी के बाद में छोकरी के फ़ेमेली का लफ़डा नई मांगता है, खाली फ़ुकट साला कबाब में हड्डी.. अब्बी ये सभी जमता होयेंगा तभी कोन्टेक्ट करने का.. खामखा दीमाक का पाव-भाजी नहीं बनाने का..क्या समझे..पता नीचू दियेला है (कोन्टेक्ट का टाईम रात १२.०० से २.००) धन्धे के टाईम पे फ़ोन किया तो कान के नीचे आवाज निकालेगा..चल पता लिख ले...
सर्कीट भाई
पप्पू पेजर का राईट हैण्ड
मुन्ना भाई का लेफ़्ट हैण्ड
शानपती नगर, हैरान गली, खोली नम्बर ४२०
भाई का एरिया, मुम्बई
मोबाईल - 9-2-11-420-420

5 comments:

abhinav said...

marvelous we want more

Shrish said...

बहुत खूब सुरेश भाई, सर्किट के वास्ते तो बोत स्पैशल लड़की ढूंढना मांगता है। सभी भाई लोग से रिक्वेस्ट है कि अईसी लड़की ढूंढने का और सर्किट भाई को बताने का। ईनाम में सर्किट भाई शायद एकाध पेटी दे ही दे। :)

Udan Tashtari said...

हा हा, सही है.हम भी बारात में चलेंगे. :)

अनामदास said...

ऐ चिपलू चलता है कि बजाउँ कान के नीचे, भाई बुलाएला है, एड्स झकास लिखेला है, सरकिट तो सेटल हो गया, आजूबाजू मत देख काटून नेटवक, मुन्ना भाई का एड्स लिख डाल, फटाफट...उसको भी सेटल होना माँगता है...छोकरी मस्त गाँधी बाबा इश्टाइल की होनी चाहिए...लिखता है या दूँ गुलाब का फूल...

joglikhisanjaypatelki said...

जोग लिखी संजय पटेल का राम राम कुबूल होवे.अपरन्च समाचार ये है कि भोत इच अच्छा खयाल है बीडू.सरकिट उड गया अपुन का.जै हो गान्धी बाबा की.