Friday, April 27, 2007

कुछ मजेदार (३)

(१) एक बार कश्मीर पर वार्ता करने मुशर्रफ़ साहब दिल्ली तशरीफ़ लाते हैं....
वाजपेयी-मुशर्रफ़ वार्ता शुरू होती है... दस मिनट पश्चात ही मुशर्रफ़ साहब पसीना पोंछते हुए बाहर आते हैं... वाजपेयी जी भी बाहर आकर पत्रकारों के सामने घोषणा करते हैं... कि मुशर्रफ़ ने कश्मीर पर अपना दावा छोड दिया है... पत्रकार हैरान... जो समस्या पचास-साठ साल में हल नहीं हुई वह दस मिनट में कैसे हो गई... वाजपेयी जी ने कहा... भाईयों जमाना मार्केटिंग और स्कीमों का है... मैने मुशर्रफ़ जी से कह दिया कि कश्मीर चाहते हो तो साथ में बिहार भी स्कीम के तहत मुफ़्त में लेना होगा...

(२) स्वर्ग में सभी लोग अपनी माँगें रख रहे थे....
सद्दाम हुसैन ने कहा - मैं चाहता हूँ कि इराक युद्ध में मैं जीत जाऊँ...
भगवान बोले - तेरी पूरी जिन्दगी में यह सम्भव नहीं होगा.... सद्दाम रोते हुए चले गये
फ़िर मुशर्रफ़ पहुँचे और बोले - मैं चाहता हूँ कि पूरा कश्मीर पाकिस्तान में मिल जाये...
भगवान बोले - तेरी पूरी जिन्दगी में यह सम्भव नहीं है... मुशर्रफ़ रोते हुए चले गये...
फ़िर लालू जी का नम्बर आया - मैं चाहता हूँ कि बिहार पूर्ण साक्षर, खुशहाल, जातिवाद से मुक्त और औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य बन जाये....
अब भगवान रोने लगे और वहाँ से चले गये....

3 comments:

अरुण said...

यू पी के बारे मे भी भगवान से बात करे

Mired Mirage said...

बेचारा भगवान !
घुघूती बासूती

DEEPAK said...

suresh jee bhagwan ka toh pata nahi par bihar ki janata ne yeh bardan khud ko de diya