Tuesday, March 20, 2007

ब्लोग लेख हेतु आचार संहिता - बहस

कल ही मैने एक ब्लोग लिखा था, जो कि किसी भाई का पहले से लिखा हुआ था... दरअसल हुआ यूँ कि बहुत पहले मैने एक लेख पढा था और मुझे बहुत अच्छा लगा था, उसे मैने ब्लोग पर डाला, परन्तु मुझे उसके लेखक के बारे में नहीं मालूम था.... इसलिये मैने उसमें उनका उल्लेख नहीं किया... हालांकि उसमें मैने यह लिखा था कि "यह लेख मेरा नहीं है..."
फ़िर भी यदि किसी की भावनाओं को चोट पहुँची हो तो मैं माफ़ी चाहता हूँ... आगे से ऐसे किसी लेख को ब्लोग पर डालते समय मैं उसमें यह भी लिख दूँगा कि "मुझे यह जानकारी नहीं है कि यह लेख किसका है, परन्तु यह मेरा नहीं है..."
एक और विषय इसी से जुडा हुआ - चुटकुलों पर क्या किसी का कॉपीराईट हो सकता है ? क्योंकि जब मैने एक चुटकुले को ब्लोग पर डाला तो भाई लोगों ने उसमें भी "आपने चुराया है" लिख मारा... अब बताईये क्या किया जाये ?

6 comments:

आशीष श्रीवास्तव said...

सुरेश जी,

लेखो के संबध मे मेरा यह विचार है कि आप श्रोत का उल्लेख कर दें। यदि श्रोत का उल्लेख रहे तो अधिकतर चिठ्ठाकार उसके पुनः प्रकाशन का बूरा नही मानेंगें। मैने आपसे यही अनुरोध किया था कि आप श्रोत का उल्लेख कर दें। [आपमे पोष्ट ही हटा दी]।
रहा प्रश्न का जोक या चुटकुलो का मै नही समझता की उनपर कोई कॉपीराईट हो सकता है।

आशीष

संजय बेंगाणी said...

सुरेशजी बुरा न माने, यह सर्वसाधारण नियम है की जहाँ से लेख लिया गया हो वहाँ का उल्लेख करें.

चुटकुलो पर किसी का कोपीराइट नहीं है, फिर भी आप देखेंगे कई ब्लोगर यह जरूर लिखते है की फलाँ जगह पढ़ने को मिला.

इस ओर भी विचार करें कि कोई और आपके लेख को भी ज्यों का त्यों अपने ब्लोग पर सजा सकता है :)

Suresh Chiplunkar said...

संजय जी एवं आशीष जी,
सच में मुझे यह नहीं मालूम था कि इसका लेखक कौन है.. इसीलिये मैंने उसमें साफ़-साफ़ लिखा था कि "यह लेख मेरा नहीं है..." अतः भविष्य में भी इसे ही आचार संहिता बना दिया जाये.. क्योंकि यह जरूरी नहीं कि प्रत्येक लेख के बारे में किसी को उसके लेखक या सोर्स के बारे में जानकारी हो... अतः सिर्फ़ इतना ही लिखना पर्याप्त होगा कि "उक्त लेख मेरा नहीं है...यह कहीं और से लिया गया है" ...और यह घोषणा लेख शुरू होने की सबसे पहली लाईन होनी चाहिये... आपका क्या विचार है ? यही बात चुटकुलों पर भी लागू की जा सकती है.. बाकी जैसा आप वरिष्ठ लोग तय करें...वैसे मैंने तत्काल ही उस लेख को अपने ब्लोग से हटा दिया...

सागर चन्द नाहर said...

सुरेश जी
अगर आप किसी पोस्ट के लेखक का नाम नहीं जानते हैं तो लेख की एक पंक्ति को कॉपी कर गूगल बार में पेस्ट करें।
गूगल महाराज उस लेख की पूरी जन्म पत्रिका आपको बता देंगे। :)

Shrish said...

स्त्रोत का उल्लेख ज्ञात हो तो अवश्य करें। लेकिन कई ब्लॉगर इसके बावजूद भी अपना पूरा लेख अन्यत्र नहीं देखना चाहेंगे।

बाकी स्त्रोत का पता लगाने को सागर भाई वाला तरीका भी सही है। लेकिन अगर वो लेख एकाधिक जगह दिखे तो जिसने पहले प्रकाशित किया हो अधिक संभावना यही है कि वही मूल लेखक होगा।

Shrish said...

सुरेश जी इसी विषय पर मेरी आज की पोस्ट यहाँ पढ़ें।