Thursday, March 29, 2007

क्रिकेट का भविष्यवादी दुःस्वप्न

दिनांक 10 मार्च 2010
भारत की टीम पाँच देशों के टूर्नामेण्ट में खेल रही है, अन्य चार देश हैं सूडान, लीबिया, फ़िजी और आईसलैंड । आज भारत की क्रिकेट टीम का बहुत ही महत्वपूर्ण मैच है, उसे सूडान को हर हालत में हराना है, यदि वह आज का मैच जीत जाती है तो उसे 2011 में होने वाले विश्व कप में 35 वीं रैंक मिल जायेगी..मैच की सुबह गुरु ग्रेग और राहुल ने मैच की रणनीति बनाने के लिये टीम मीटिंग बुलाई । बहुत महत्वपूर्ण मैच था इसलिये गम्भीरता से टीम मीटिंग शुरु हुई... कमरे के एक कोने में ग्रेग और राहुल बैठे थे, धोनी एक तरफ़ अपने बालों में कंघी कर रहा था, सहवाग अपने गंजे सिर पर हाथ फ़ेर रहा था... तेंडुलकर अपने नये विज्ञापन का कॉन्ट्रेक्ट पढने में मशगूल था, सौरव सोच रहा था कि मुझे आज मीडिया में क्या बयान देना है... मतलब यह कि बहुत ही महत्वपूर्ण मीटिंग चल रही थी । गुरु ग्रेग सबसे पहले बोले - बॉयज.. आज हमारा एक खास मैच है, तो आओ हम बैटिंग लाइन-अप और गेंदबाजी के बारे में अपनी रणनीति बना लें... सौरव तुम ओपनिंग करोगे ?
सौरव - यह आप मुझे बता रहे हैं या मुझसे पूछ रहे हैं ? इसका जवाब मुझे पता नहीं है, लेकिन सूडान का एक गेंदबाज लगातार मेरी छाती और कमर को निशाना बना कर गेंदें फ़ेंकता है । अब इस उमर में मैं 50-60 मील प्रति घंटा की गेंदबाजी नहीं झेल सकता हूँ ।
ग्रेग - ठीक है कोई बात नहीं.. तुम हिट विकेट आऊट होकर आ जाना और बाद में मीडिया को कोई बयान दे देना, वैसे हमारी टीम की इमेज इतनी जोरदार है कि कोई भी बॉलर शॉर्टपिच गेंद नहीं फ़ेंकेगा... फ़िर भी..राहुल सौरव के साथ किसे भेजना चाहिये ओपनिंग के लिये ?
राहुल - मुझे लगता है सहवाग सही रहेगा, क्योंकि उसने बीस मैचों के बाद पिछले मैच में चार चौके लगाये थे, इससे लगता है कि वह अपने पुराने फ़ॉर्म में लौट आया है..क्यों सहवाग ?
सहवाग - जी सर
ग्रेग - चलो बढिया.. सचिन आप नम्बर चार पर जायेंगे ? मतलब आपकी जैसी मर्जी...
सचिन - मुझे 11 बजे शॉपिंग करने जाना है तो मैं दस ओवर के बाद ही जाऊँगा..
ग्रेग - ठीक है, सहवाग और सौरव छः ओवर तो निकाल ही लेंगे, फ़िर आप चले जाना..और अपना नैसर्गिक खेल खेलना..चलो धोनी तुम कीपिंग करोगे...
धोनी - मैं इस बार कीपिंग नहीं करूँगा, पिछले मैच में मैने चार घंटे कीपिंग की थी उसके कारण मेरे धूप से मेरे बाल खराब हो गये है और उसमें जूँए पड़ गई हैं.. मैं तो बल्लेबाज के तौर पर खेलूँगा..
ग्रेग - प्लीज एक बार आज के लिये कीपर बन जाओ.. यह हमारा बहुत महत्वपूर्ण मैच है..
धोनी - ठीक सिर्फ़ आज, लेकिन शाम को मुझे मॉडलिंग के लिये रैम्प पर भी उतरना है, इसलिये आगे से ध्यान रखना
इस बीच गुरु ग्रेग ने पिछले रिकॉर्ड के अनुसार देखा कि राहुल सबसे अधिक देर तक क्रीज पर टिका रहता है, तो ग्रेग चैपल ने कहा, राहुल तुम इन्हें बताओ कि कैसे तुम क्रीज पर टिके रहते हो...
राहुल - सच बात तो यह है कि मेरी बीबी बहुत ही बदसूरत है इसलिये मैं कोशिश करता हूँ कि अधिक से अधिक देर तक उससे दूर रह सकूँ और पिच ही वह जगह है जहाँ मैं सुकून से रह सकता हूँ, आपको याद होगा कि पिछले मैच में मैने ९३ गेंदों पर 4 रन बनाये थे और मैं बहुत खुश था... सभी खिलाडियों ने तालियाँ बजाईं..
ग्रेग ने कहा - चलो ठीक है.. गेंदबाजी की शुरुआत जहीर करेगा, क्योंकि वही सबसे कम वाईड फ़ेंकता है.. पिछले मैच में उसने सिर्फ़ 12 वाईड फ़ेंकी थीं । फ़िर गुरु ने कहा कि मैं देख रहा हूँ कि राहुल पर कप्तानी का बोझ कुछ ज्यादा ही पड़ रहा है, इसलिये मैने नया प्रयोग करने की सोची है, जिसके तहत टीम में अब तीन कप्तान होंगे, बैटिंग कप्तान, फ़ील्डिंग कप्तान और बॉलिंग कप्तान.. कैसा आईडिया है.. किसी ने कोई जवाब नहीं दिया..मैने देखा कि मुनाफ़ पटेल पिछले तीन मैचों से नॉट आऊट रहा है, इसलिये उसकी बैटिंग प्रतिभा को देखते हुए उसे मैं उसे बैटिंग कप्तान बनाता हूँ..सौरव लगभग १५० रन आऊट करवाने में शामिल रहा है, लेकिन खुद कभी रन आऊट नहीं हुआ, इसलिये मैं उसे फ़ील्डिंग कप्तान बनाता हूँ.. राहुल ने आपत्ति उठाई - लेकिन सौरव ने पिछले मैच में ही तीन कैच छोडे थे...गुरु ने कहा - लेकिन उसने बिलकुल सही दिशा में डाईव किया था, यही बहुत है । मैने देखा है कि पिछले तीन साल से अनिल कुम्बले लगातार टीम से बाहर रहा है, लेकिन उसने जम्हाई लेने के अलावा अपना मुँह कभी नहीं खोला, मैं उसकी खेल भावना की कद्र करते हुए उसे बॉलिंग कप्तान बनाता हूँ...
अन्त में गुरु ग्रेग ने टीम में जोश भरते हुए कहा - उठो लड़कों तुम्हें सूडान को हराना ही होगा.. बाहर लाखों लोग यज्ञ-हवन कर रहे हैं, बाल बढा रहे हैं, मन्दिरों में मत्था टेक रहे हैं.. चलो उठो..
वैसे मीडिया की जानकारी के लिये बता दूँ कि विश्व कप के बाद भारत के अगले चार अभ्यास मैच इस प्रकार से हैं -
12 अप्रैल - सरस्वती विद्या मन्दिर
15 अप्रैल - विक्रम हाई स्कूल
17 अप्रैल - स्टेन्फ़ोर्ड गर्ल्स कॉलेज
20 अप्रैल - सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल...
इस सम्बन्ध में राहुल का कहना है कि हमारी पहली प्राथमिकता सरस्वती विद्या मन्दिर को हराने की होगी, क्योंकि मैने सुना है कि उनके पास कुछ युवा और जोशीले खिलाडी है... तो आईये हम भी हू..हा..इंडिया के लिये प्रार्थना करें...

3 comments:

Akhil said...

Too good. I seems you are very frustrated :). Cool.... I hope team india will not go to that extend.

Shrish said...

"कमरे के एक कोने में ग्रेग और राहुल बैठे थे, धोनी एक तरफ़ अपने बालों में कंघी कर रहा था, सहवाग अपने गंजे सिर पर हाथ फ़ेर रहा था... तेंडुलकर अपने नये विज्ञापन का कॉन्ट्रेक्ट पढने में मशगूल था, सौरव सोच रहा था कि मुझे आज मीडिया में क्या बयान देना है..."

जवाब नहीं। बहुत खूब लेकिन ये हाल २०१० में नहीं आज ही हो चुका है। :)

K. S. Dwivedi said...

Suresh Ji,

Sun rahe hain aap??