Monday, March 26, 2007

गाँधीजी के तीन आधुनिक बन्दर

आपने गाँधीजी के तीन बन्दर तो देखे ही होंगे....

ये हैं "ओरिजिनल" वाले....







और अब देखिये आधुनिक बन्दर...


जो हमसे कह रहे हैं... "बुरा (भारत की हार) मत देखो, बुरा (प्रशंसक क्या कहते हैं) मत सुनो और बुरा (हार का स्पष्टीकरण) मत कहो"

11 comments:

notepad said...

बढिया फ़ोटू ढूढ लाए हो भाई!
मज़ेदार सच!

सर्जक said...

फोटो बहुत शानदार है, वाकई में इनको हार-जीत से ज्‍यादा विज्ञापनों से कमाई की चिंता रहती है।

परमजीत बाली said...

बहुत तेज नजर है आप की । बधाई।

संजय बेंगाणी said...

लाजवाब!

उन्मुक्त said...

बहुत ठीक

Shrish said...

बहुत खूब सुरेश भाई एकदम सही फोटू लाए। वाकई तीनों बंदर यही कहते हैं।

आशा said...

गांधी जी के बंदरों पर सही विचार |
आशा

सुनीता शानू said...

आपकी धमाकेदार रचना के साथ प्रस्तुत है आज कीनई पुरानी हलचल

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

:):) सही है ..

देवेन्द्र पाण्डेय said...

चित्र अच्छा ढूंढे मगर ये आधुनिक भारत के महान खिलाड़ी हैं। समय की मार क्या दिन दिखाती है!

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

क्या बात है... लाज़वाब...:))