Tuesday, February 27, 2007

गाय पर निबन्ध (सन २०४०)

समय तेजी से बदल रहा है । भारतीय संस्कृति व उससे जुडे़ प्रतीक पार्श्व में चले जा रहे हैं । गोवंश धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है... जगह-जगह गौवंश के वध हेतु (Slaughter Houses) बनते जा रहे हैं... ऐसे में आज से तीस-चालीस साल बाद सन २०४०-२०५० में कक्षा दूसरी-तीसरी के बच्चे को "गाय" पर दस वाक्य लिखने को कहा जाये तो वह क्या लिखेगा...
१. गाय एक जानवर होता है, जो गाँव में कहीं-कहीं पाया जाता है ।
२. गाय शहर में नहीं रह सकती, क्योंकि हमारी कालोनी में घास नहीं है ।
३. गाय दूध भी देती है, लेकिन हम दूध "डेरी" से ही लेते हैं ।
४. अमेरिका में लड़के को "गाय" कहते हैं ।
५. मेरी "ग्रैण्डमा" के पास गाँव में गाय थी, हम यहाँ नहीं रख सकते, "लायसेंस" नहीं है ।
६. गाय के गोबर को हम "शिट" कहते हैं ।
७. गाय के दो सींग होते हैं, जो मारने के काम आते हैं ।
८. गाय का चेहरा मेरे दोस्त की "मॉम" से मिलता है ।
९. पुराने जमाने में गाय को माता कहते थे, पता नहीं क्यों ?
१०. "डैड" कहते हैं कि गाय और जंगल बहुत काम के हैं... लेकिन मैने दोनों नहीं देखे ।

4 comments:

Shrish said...

बहुत खूब एकदम सही कल्पना की आपने। लेकिन इस लाइन में गड़बड़ कर गए।

"४. अमेरिका में लड़के को "गाय" कहते हैं ।"

सन २०४० में भारत में भी लड़के को 'गाय' ही कहा जाने लगेगा। :)

उडन तश्तरी said...

"डैड" कहते हैं कि गाय और जंगल बहुत काम के हैं... लेकिन मैने दोनों नहीं देखे ।

--बहुत गहन सोच और संदेश-अभी भी संभल जायें तो कुछ नहीं बिगड़ा है. इस संदेश हेतु आपको साधुवाद.

नितिन व्यास said...

बढिया!!

Abhishek said...

बहुत अच्छा और मज़ाकिया लिखा है । लेकिन इसके पीछे का सन्देश भी बहुत गम्भीर है । भगवान करे ऐसा ना हो और भविष्य के बच्चे भी गाय पर निबन्ध लगभग वैसा ही लिखें जैसा हम लिख लिख कर बड़े हुए हैं ।

:-)