Friday, January 26, 2007

२६ जनवरी

भाईयों और बहनों,
२६ जनवरी के इस पावन मौके पर मैने भी श्री रवि रतलामी और अन्य ब्लोगरों से प्रेरणा लेकर अपना एक ब्लोग पेज आरम्भ करने की कोशिश की है. मुझ अग्यानी को फ़ूलने / पकने और टपकने मे अभी थोडा वक्त लगेगा... लेकिन मुझे विश्वास है कि मैं शीघ्र ही इस विधा को जानने - समझने लगूँगा... आखिर आप विद्वान लोगों का साथ भी तो मुझे मिलेगा ना....फ़िर डरने की क्या बात है... बस दिल की भडास निकालने का इससे अच्छा और क्या साधन हो सकता है.... अभी इतना ही... देखूँ तो सही ब्लोग पर यह कैसा दिखता है....

6 comments:

Raviratlami said...

वाह! बहुत बढ़िया, और आपका चिट्ठा जगत् में स्वागत है.

नियमित और ढेर सारा लिखने के लिए शुभकामनाएँ.

संजय बेंगाणी said...

अगर मन पक्का कर लिखना शूरु किया है तो, आप भी दो-चार पोस्टो में ही मंजे हुए खिलाड़ी बन जाएंगे. हमारी शुभकामनएं.
सहायता के लिए पुरा चिट्ठाकार समुह मौजुद है. बस दनादन लिखना शुरू करदें. शरूआती दिन भी आपने शुभ चुना है. बधाई.

Suresh Chiplunkar said...

प्रिय संजय भाई,
हौसला-अफ़जाई के लिये बहुत-बहुत धन्यवाद.
शुरुआत में मै बहुत घबरा रहा था, झिझक रहा था, कि इतने बडे और अच्छे लिखने वालों के बीच मैं कैसे लिखूँगा, कहीं लोग मजाक तो नहीं उडायेंगे, लेकिन अब मुझे लगता है कि सब कुछ अच्छा ही होगा... वैसे भी सीखने की कोई उम्र नही होती, और सीखने में शर्म कैसी...
एक बार और धन्यवाद कबूल हो...

उडन तश्तरी said...

स्वागत है हिन्दी चिट्ठा परिवार में, अब लेखन जारी रखें.शुभकामनायें,

Shrish said...

स्वागत है आपका सुरेश जी, चिट्ठा महाजाल में। देर से ही सही स्वागत करना जरुरी था। आश्चर्य है सही समय पर मेरा ध्यान नहीं गया आपके चिट्ठे पर।

अवधेश पाण्डेय said...

Shubhkamnaon ke sath badhai sweekar karen. aapke pahale post par aakar accha laga.